Indian Sex Stories Antarvasna यूरोप में मजे किये

Antarvasna यूरोप में मजे किये

Indian Sex Stories Antarvasna यूरोप में मजे किये

मैं ३५ साल, रंग गेहुआ, ५.५ फीट का साधारण सा आदमी हु. मगर बातचीत में अव्वल और मेरी शख्शियत बेजोड़ है. उस लड़की का नाम तानिया था और वो ५ फीट ८ इंच की भरी हुए जिस्म की ब्लोंड लड़की थी. ३८-२८-३८, बेपनाह हुस्न की मल्लिका थी. उसकी उम्र लगभग २६ साल की रही होगी.

एकदिन शाम को क्लास ख़तम करने के बाद, मैं सिटी सेण्टर कांग्रेस स्क्वायर में घूम रहा था, जहाँ मेरी मुलाकात तानिया से हुई. तानिया ने कहा – उसे इंडिया से बहुत प्यार है. एकदिन थर्सडे को उसका फ़ोन आया और उसने पूछा, क्या मैं उसके साथ कॉफ़ी पीने चलूँगा. शाम को ५ बजे मैं कांग्रेस स्क्वायर पंहुचा. उसने कहा, कि उसने इंडिया चाय कभी नहीं पी है. हम दोनों अपार्टमेंट पहुचे और मैंने उसको मसाला चाय बनाकर पिलाई और उसके बाद मैंने उसको बियर और बिरयानी सर्व की. बातो में मुझे पता लगा, कि वो डिवोर्स है.

मेरे इंस्टिट्यूट में छुट्टिया थी और मैंने स्वित्ज़रलैंड में ज़ुरिक में और इन्तेर्लेक्न जाने का इरादा किया और इन्टरनेट से ब्रेड और ब्रेकफास्ट होटल में बुकिंग करवाई. मैंने तानिया से पूछा तो वो भी चलने के लिए मान गयी. नवम्बर में ज़ुरिक में लेक घुमने के बाद, हमने बोट क्रूज़ किया. ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट होटल में वो सोने से पहले नहाने के लिए तैयार होने लगी. उसने मुझसे पूछा, कि क्या मैं भी नहाना पसंद करूँगा? शावर क्यूबिकल में पानी की बूंदों के बीच उसका नंगा तराशा हुआ बदन देखकर मदहोश हो गया और शावर के क्यूबिकल में उसके साथ प्रवेश कर गया. उसने मुझे अपनी बाहों में ले लिया और मैं उसके होठो को चूमने लगा. कुछ देर तक होठो को चूसने के बाद, अब हमारी जीभ एक दुसरे के मुह को एक्स्प्लोर कर रही थी. फिर मैंने थोड़ा सा नीचे झुककर उसके मम्मो को चुसना शुरू कर दिया और उसके निप्पल जीभ से चाटने लगा. उसने दूसरा निप्पल भी मेरे मुह के सामने कर दिया. अब मैं बारी-बारी से उसके निप्पल चूस रहा था और वो भी आहे भरने लगी.

अब मैं थोडा और नीचे की तरफ बढ़ा और उसकी चूत पर अपने होठ ले गया. मैं उसकी चूत के दाने को मुह में लेकर चूसने लगा. उसके चूत के फोल्ड हटाकर उसका पिंक छेद एक खुबसूरत नज़ारा था और मैंने उसकी चूत के छेद में अपनी जीभ को फिराने लगा और उसकी जी-स्पॉट को तलाशने लगा. जैसे ही मैंने अपनी जीभ से और चाटा, वो झड़ गयी. अब उसका ध्यान मेरे ६.१/२ इंच के लंड पर केन्द्रित था. उसने गांड के छेद से शुरू कर, मेरे टटो को चूमने लगी. मेरे लंड को पूरा मुह में ले लिया और होठो को गोल-गोल उसपर फिराने लगी. शावर क्यूबिकल में गल्प-गल्प – स्लैप की आवाज़ भरने लगी थी. लगभग दस मिनट के बाद, मैं झड़ गया. मैंने शावर जेल लेकर उसके मम्मो और निप्पल पर लगाया और साथ ही साथ उसकी कमर भी मल रहा था. इसके बाद, मैंने उसकी चूत भी रगड़-रगड़ कर धोयी. इस बीच वो भी मेरे लंड और गांड को रगड़-रगड़ कर धो रही थी. इस तरह घंटे भर नहाने के बाद, हम बाथरूम से निकले और एक दुसरे के बदन को पौछ्ने लगे.

टॉवल से एक दुसरे के शरीर पूछते हुए, वो मुझसे हिंदी में पेनिस, चूत, बूब्स और ऐस के हिंदी में नाम पूछ रही थी और मैं उसके मम्मो, चूत, गांड को चूमता हुआ उनके नाम भी बताता जा रहा था. हम घूम कर अब ६९ की पोजीशन में आ गये. थोड़ी देर बाद, वो मुझसे कहने लगी. लेट्स गो आल दा वे. उसने कंडोम अपने मुह में लेकर मेरे लंड पर चढाया. मैंने तकिया उसके चुतड के नीचे लगाया और लौड़ा उसकी चूत के छेद पर रख दिया. उसने भी मिशनरी पोजीशन में अपनी टांगो को ऊपर उठा लिया. उसके मुह से सिस्कारिया निकल रही थी और वो मेरी गांड अपनी तरफ कर मानो कह रही थी, कि ले भी लो मेरी और मैं साथ ही साथ उसे किस भी कर रहा था. फिर एक झटके में मैंने अपना पूरा लंड उसकी चूत में डाला और उसको झटका लगा और उसे हल्का सा दर्द महसूस दिया, मगर कुछ झटको के बाद वो भी अपनी गांड हिलाने लगी और मेरा साथ देने लगी.

अब कमरे में ऊऊऊऊह्ह्ह्ह ओहोहोहोहोहो उहुफुफ्फफ्फ्फ्फ़ उफ़ुफ़ुफ़्फ़ुफ़ूफ़ की आवाज़े गूंजने लगी. लगभग २५-३० मिनट बाद, वो झड़ गयी और वो वीमेन ओन टॉप पोजीशन में आ गयी. कसम से कहता हु, गांड उचका – उचका के चूत मेरे लंड पर रगड़ कर आज तक मुझे किसी ने नहीं दी. थोड़ी देर बाद, वो घोड़ी बन गयी और बोली – मुझे हिन्दुस्तानी गालिया देकर और मेरे चुतड पर चांटे-चांटे मार-मार कर लो. गांड ऊपर करके जब वो आगे झुकी और मैंने लंड उसकी चूत में झटके के साथ डाल दिया. अब मैं भी थक चूका था.

मैंने भी धक्को की स्पीड बढ़ा दी और झड़ गया. हम दोनों एक दुसरे के आगोश में खो गये. सुबह नीद खुलने पर वो बोली – डार्लिंग यू हेव एंटर आल माय लव होल्स. वुड यू लाइक तो ट्राई थे अदर वन. प्यार से गांड देने वाली मिलती कहाँ है. नेकी और पूछ-पूछ. मैंने झट से कंडोम चढाया और क्रीम उसकी गांड की कलियों पर लगायी और धीरे से अपनी ऊँगली उसकी गांड में डाल दी. उसकी गांड उसकी चूत से ज्यादा टाइट थी. मैंने धीरे से लंड उसकी गांड में डाला और तीन चार धक्को में लंड उसकी गांड में अन्दर तक चले गया और थोड़ी देर बाद वो गांड मटका-मटका के मजे देने लगी. गांड टाइट होने के कारण मैं जल्दी ही झड़ गया.

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