बीवी का बिस्तर सहेली ने गरम किया भाग-2

हाँ तो दोस्तों बीवी Antarvasna का बिस्तर सहेली ने गरम किया कहानी के दूसरे भाग में आपका स्वागत करता हूँ आशा करता हूँ कि आपको इस कहानी का पहला भाग जरूर पसंद आया होगा अब मैं आपके लिये इस कहानी का अगला भाग लेकर आया हूँ तो कहानी पढिये और आनन्द लीजिये।

आप यह कहानी कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है..

हाँ तो दोस्तों मेरी ऊँगली की चुदाई से अब वह बहुत ही गरमा गई थी और बडबड़ाने भी लगी थी हाय मेरी जान मेरी चूत को तुम्हारे इस लंड की बहुत ज़रूरत है तुम अपनी ऊँगली को मेरी चूत में से हटाकर उसमें अपना यह मोटा लंड घुसा दो और मेरी चूत को अपने इस लंड से भर दो मैं चुदाई करवाने के लिए मरी जा रही हूँ जल्दी से मुझको बिस्तर पर डालो और मेरे पैरों को अपने कंधों पर रखकर मेरी चूत की चुदाई जल्दी से चालू करो मैं कब से सेक्सी कहानियाँ पढ़-पढ़कर अपनी चूत में से रोज़ ही पानी निकालती आ रही हूँ मुझे तुम्हारे इस लंड की बहुत जरुरत है जान मुझको अपना लंड मेरी चूत में घुसाओ और मुझे जोर-जोर से रगड़कर चोदो।

और फिर मैंने उसकी गांड पर हाथ रखकर उसको अपनी बाहों में उठा लिया और उसको बिस्तर पर डाल दिया बिस्तर पर डालने के बाद मैंने उसके एक बब्स को अपने मुहँ में भरकर चूसना शुरू किया और दूसरे बब्स को अपने हाथों से मसलने लगा प्रीती तब मेरे सिर को अपने हाथों से अपने बब्स पर दबाने लगी और मैं भी करीब 10-12 मिनट तक उसके बब्स को चूसता रहा और इस दौरान प्रीती मुझसे उसकी चूत में लंड डालने को कहती रही और अब मैं उसकी दोनों टाँगों के बीच में आकर उसकी चूत को चाटने लगा और फिर थोड़ी देर के बाद वह मुझसे बोली कि मुझको भी तुम्हारा लंड चूसना है और फिर प्रीती मेरे लंड को अपने रसीली होठों में भरकर चूसने लगी तो मैं भी अपनी कमर को हिला-हिलाकर अपना पूरा का पूरा खडा लंड उसके मुहँ में घुसाने लगा उस समय प्रीती एक रंडी की तरह से मेरा लंड अपने मुँह में भरकर चूस रही थी।

अब मुझे लगा कि मेरा पानी निकलने वाला है और यह बात मैंने प्रीती से कही कि मेरा लंड अपने मुँह से निकाल दो लेकिन उसने मेरी गांड को जोरदार तरीके से पकड़ लिया और मेरे लंड को अपने दाँतों से हल्के-हल्के काटने भी लगी इससे मेरी गर्मी और बढ़ गई और मेरे लंड ने उसके मुँह को अपने पानी से भर दिया और उसने मेरा लंड अपने मुँह से बिना निकाले ही मेरे लंड का सारा पानी पी लिया और मेरे लंड को अपनी जीभ से चाट-चाटकर साफ कर दिया कसम से क्या लड़की थी वह इतनी तड़प तो मैंने अपनी पत्नी में भी नहीं देखी थी जिनती प्रीती में थी।

उसकी उस जबरदस्त लंड की चुसाई से मेरा लंड एकबार फिर से खड़ा हो गया और फिर उसने मुझको उठने के लिए कहा और मैं उठकर उसके पैरों के बीच में बैठ गया और वह भी उठ गई और मेरा लंड पकड़कर बोली कि अब मैं और नहीं रुक सकती जल्दी से अपना लंड मेरी चूत में डाल दो और मेरी चूत को अपने लंड के धक्कों से फाड दो मैंने अब उसकी टाँगों को उठाकर अपने कंधों पर रख लिया और उसकी चूत के मुहँ पर अपना लंड रख दिया उसकी चूत उस समय बहुत ही गीली और गरम हो रही थी उसकी चूत के मुहँ पर अपना लंड रखकर मैं उसके ऊपर ही लेट गया और उसके दोनों बब्स को अपने हाथों से पकड़कर उसके मुँह में अपनी जीभ डाल दी।

प्रीती ने भी मुझे अपने हाथों और पैरों से जकड़ लिया और अपनी गांड को ऊपर उठाने लगी तो मैंने भी उसकी चूत में अपना लंड एक ही झटके से डाल दिया तो उसने मेरे गले पर काट लिया और चिल्ला कर बोली ओह्ह्ह… हाययय… तुम ने तो मेरी चूत को फाड ही डाला रे उसकी चूत बहुत टाईट थी फिर उसने अपनी दोनों टाँगें मेरी कमर के चारों तरफ लपेट दी और मैं उसके बब्स को सहलाने लगा और कभी-कभी उसके निप्पल को भी अपने मुँह में भरकर चूसने लगा और प्रीती चुपचाप लेटी रही और थोड़ी देर के बाद वह अपनी सेक्सी आवाज़ में मुझसे बोली कि अफ… कितना मोटा लंड है तुम्हारा ऐसा लगता है जैसे यह किसी गधे का लंड हो तो फिर मैं बोला कि गधे का लंड इतना छोटा नहीं होता है तुम्हारी चूत ही कुछ जायदा ही टाईट है इसलिये तुमको मेरा लंड इतना मोटा लग रहा है और फिर मैं अपना लंड उसकी चूत के अन्दर बाहर करने लगा और प्रीती मेरी चुदाई शुरू करते ही बोली कि ओह जान अभी मत हिलो मुझे बहुत दर्द हो रहा है पहले मेरी चूत को आपके लंड से दोस्ती कर लेने दो और मेरा दर्द थोड़ा कम हो जाए तो फिर इसको चोदना।

फिर मैंने प्रीती की बात को सुनते हुए उसकी चूत में अपना लंड दना-दन घुसाता रहा और अपने दोनों हाथों से उसके बब्स को भी मसलता रहा मैं उस समय प्रीती की चूत एक पागल कुत्ते की तरह चोदता जा रहा था शुरू के 10-15 मिनट तक तो प्रीती ने चुदाई में मेरा साथ दिया और उसके बाद में वह मेरे कंधों पर अपने पैर रखकर आँख बंद करके चुपचाप लेटी रही और थोड़ी देर के बाद जब मैं झड़ने को हुआ तो मैंने अपनी कमर को हिलाना बंद करके उसको कहा कि अब मैं अपना लंड निकालकर तुम्हारे पेट के ऊपर झड़ने वाला हूँ तो प्रीती ने मेरी बात को सुनते ही मुझको और ज़ोर से अपने हाथों से बाँधकर खुद से चिपका लिया और बोली कि खबरदार जो अपना लंड मेरी चूत से बाहर निकाला तो तुम मेरी चूत के अन्दर ही अपना पानी छोड़ो मैं बाद में गोली ले लूँगी मैं तुम्हारे पानी को अपने अन्दर महसूस करना चाहती हूँ तुम अपने पानी से मेरी चूत को भर दो फिर मैंने उसकी इन बातों को सुनकर अपने चोदने की स्पीड को फिर से तेज कर दिया और उसकी चूत में अपना लंड जल्दी-जल्दी से अन्दर बाहर करने लगा और थोड़ी ही देर के बाद मेरे लंड ने प्रीती की चूत के अन्दर एक तेज पिचकारी छोड़ दी और उसकी पूरी चूत मेरे पानी से भरने लगी और प्रीती भी मेरे झड़ने के साथ-साथ ही झड़ गई और वह अपनी चूत से मेरे लंड को दबा-दबाकर उसका पानी निकालने लगी और मैं अपना लंड प्रीती की चूत से बाहर निकाले बिना ही उसके ऊपर लेटा रहा और प्रीती को फिर से चूमने लगा और अपने हाथों से उसके बब्स को दबाने लगा और फिर कुछ देर के बाद प्रीती के एक बब्स को अपने मुँह में लेकर चूसने लगा।

फिर करीब 10 मिनिट के बाद प्रीती फिर से मुझको अपने से चिपकाकर चूमने लगी और थोड़ी-थोड़ी देर के बाद मेरे कान पर अपने दाँतों से हल्के-हल्के से काटने लगी और कहने लगी कि मुझे तुम्हारा चुदाई का हथियार और तुम्हारा चुदाई करने का तरीका बहुत पसंद आया और इसी के साथ मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा और वह प्रीती की चूत में जाने के लिए उछलने लगा तब प्रीती मेरे सीने में अपना मुँह छुपाते हुए बोली कि आज तुम मेरी गांड भी मारो मैं तुम्हारा लम्बा और मोटा लंड अपनी गांड में भी लेना चाहती हूँ मुझे तुम्हारा लंड अपनी कुँवारी गांड के अन्दर भी लेना है मैं उसकी यह बात सुनकर बहुत उत्तेजित हो गया और मैंने भी उसके होठों को चूमते हुए उससे बोला कि हाँ मुझे भी औरतों की गांड में लंड डालने में बहुत मज़ा आता है मुझे तुम्हारी मोटी-मोटी गांड के अन्दर लंड डालकर चोदने में बहुत मज़ा आएगा तो वह बोली कि मेरी बहुत से सहेलियों को भी गांड मरवाने का बहुत शौक है लेकिन उनके पति भी उनकी गांड नहीं मारते और प्रीती ने मेरे लंड को देखते ही उसको अपने मुँह में भर लिया और उसको बड़े ही प्यार से चूसने लगी और जब तक प्रीती मेरे लंड को चूस रही थी तो मैं भी अपनी एक ऊँगली को प्रीती की गांड में आगे-पीछे कर रहा था और थोड़ी देर तक मेरा लंड चूसने के बाद प्रीती घोड़ी बनकर पलंग पर उल्टी लेट गई और अपने हाथों से अपनी गांड की फाँकों को खींचकर अपनी गांड को मेरे सामने खोल दिया और फिर वह मुझसे अपने लंड को उसके मुँह के सामने लाने के लिए कहने लगी और मैंने जैसे ही अपना लंड प्रीती के मुँह के सामने किया तो प्रीती ने अपने मुँह से ढेर सारा थूक निकालकर मेरे लंड पर अच्छी तरह से लगाया और प्रीती मुझसे बोली कि आओ मेरी चूत के राजा अब तक तुमने मेरी चूत का आनंद लिया अब तुम मेरी गांड मारकर मुझे गांड से लंड खाने का मज़ा भी दे दो अगर तुमने मेरी गांड मारकर मुझे खुश कर दिया तो मैं अपनी और सहेलियों की चूत और गांड भी तुमसे मरवाऊँगी मेरी बहुत सी सहेलियाँ शादी के बाद अपनी गांड मरवाकर गंडमरी बन गई है चलो अब तुम पहले मेरी गांड तो मारो सहेलिओं की बात तो बाद में होती रहेगी।

प्रीती की उन सब बातों से मैं बहुत उत्तेजित हो गया और उसके पीछे जाकर अपना खड़ा लंड लेकर बैठ गया और प्रीती ने अपना चेहरा गांड में होने वाले दर्द के डर से तकिये में छुपा लिया और अपने हाथों से अपनी गांड को पूरी तरह से खोलकर मेरे सामने कर दिया और मैंने भी उसकी गांड के छेद पर अपने मुँह से थोड़ा सा थूक और लगाया और अपने लंड को उसकी गांड के छेद पर रखकर रगड़ने लगा तो प्रीती मेरी तरफ अपना चेहरा घुमाकर बोली कि देखो आज में पहली बार अपनी गांड में किसी का लंड ले रही हूँ और मेरी गांड अभी तक बहुत टाईट है इसलिए तुम पहले बहुत धीरे-धीरे मेरी गांड मारना नहीं तो मेरी गांड फट जाएगी और मुझको बहुत दर्द होगा और करीब 5-7 मिनट तक रगड़ने के बाद मैंने अपना लंड प्रीती की गांड के छेद में घुसाना चाहा लेकिन उसकी अभी तक कुँवारी गांड होने की वजह से वह काफ़ी टाईट थी और मुझको अपना लंड घुसाने में काफ़ी तकलीफ़ महसूस हो रही थी तो फिर मैंने अपने एक हाथ से अपना लंड प्रीती की गांड के छेद पर लगाकर अपने दूसरे हाथ से उसके एक बब्स को ज़ोर से मसल दिया मेरे बब्स को मसलने से प्रीती ज़ोर से चीखी “ऊईईई…” और उस समय उसने अपनी गांड को थोड़ा ढीला छोड़ दिया और मैंने अपने लंड का टोपा एक ज़ोर के धक्के से उसकी गांड के छेद के अन्दर घुसा दिया।

तो प्रीती बोली कि नहीं-नहीं प्लीज़ प्रीती की गांड और मेरा लंड थूक से बहुत चिकने हो गए थे और मेरे लंड का टोपा उसकी गांड में घुस चुका था और फिर मैंने उसके दोनों बब्स को कसकर पकड़कर एक ही धक्के के साथ अपना पूरा लंड उसकी कसी हुई गांड के अन्दर डाल दिया तो मेरा पूरा का पूरा लंड प्रीती की गांड में घुस चुका था और प्रीती ज़ोर से चीखी “ऊईईई… ओह… माँ मैं तो मर गई ऊईईई मेरी गांड फट गई प्लीज़ इसको अब बाहर निकाल लो प्रीती इतना ज़ोर से चीखी थी कि मुझको तो बहुत डर लगने लगा कि कहीं कोई सुन ना ले इसलिये मैंने उसके मुँह पर अपना हाथ रखना चाहा लेकिन प्रीती ने अपना मुँह तकिये में घुसा लिया और वह अब भी दर्द के मारे से सुबक रही थी और बोल रही थी कि तुमने मेरी गांड फाड़ दी ऊंऊंऊं… मेरी गांड फट गई तुम्हारे लंड को बाहर निकालो नहीं तो मैं मर जाऊँगी तो मैं उसके बब्स को फिर से अपने दोनों हाथों से पकड़कर मसलने लगा तो प्रीती फिर से मुझसे बोली कि प्लीज़ बाहर निकालो वरना मैं मर जाऊंगी तो मैंने उसके बब्स को थोड़ा और ज़ोर से दबाया और उससे बोला कि मैं तुमको नहीं मरने दूँगा बस थोड़ी देर में सब ठीक हो जाएगा मैंने उसके बब्स को अपने हाथ से थोड़ा और जोर देकर मसला और अपना लंड और अन्दर तक उसकी गांड में डाल दिया तो वह कहने लगी कि ओह नहीं तुम बिल्कुल मत हिलो मुझे बहुत दर्द हो रहा है बस आराम से अन्दर डालकर ही रुके रहो।

अब में उसकी गांड में अपना लंड धीरे-धीरे अन्दर-बाहर करने लगा प्रीती की गांड इतनी टाईट थी कि मुझे मेरे लंड को अन्दर-बाहर करने में बहुत ताक़त लगानी पड़ रही थी अब प्रीती फिर से चीखी और बोली कि नहीं प्लीज़ बिल्कुल मत हिलना मुझे बहुत दर्द हो रहा है अभी बस ऐसे ही रहो जब मेरी गांड की तुम्हारे लंड से अच्छी दोस्ती हो जाएगी तो फिर हिलना। तो मैंने कहा कि ठीक है और मैंने अपने हाथ उसके पेट के नीचे ले जाकर उसकी चूत में अपनी उंगली डाल दी और फिर थोड़ी देर के बाद मैंने अपने लंड से प्रीती की गांड को अब धीरे-धीरे चोदने की कोशिश करी तो वह फिर से रोने लगी नहीं मैं मर जाऊंगी और मेरी गांड भी फट जाएगी प्लीज़ अभी अपने लंड को मत हिलाओ लेकिन मैंने उसकी एक ना सुनी और उसकी गांड को ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा तो प्रीती बिस्तर पर निढाल होकर लेटी रही और मुझको गालियाँ देने लगी, भोसडी के, फोकट की गांड मारने को मिल गई तो क्या मेरी गांड को फाड़कर ही रहेगा क्या मैं उसकी बातों पर ध्यान ना देते हुए उसकी गांड में अपना लंड दना-दन घुसा रहा था और फिर थोड़ी देर के बाद प्रीती को भी मज़ा आने लगा तो वह भी अपनी गांड को मेरे लंड के धक्कों के साथ आगे-पीछे करने लगी।

और फिर थोड़ी देर तक उसकी गांड मारने के बाद मुझे लगा कि अब मेरा पानी निकलने वाला है तो मैं उसको उसकी गांड पकड़कर अपने पास खींचकर बोला कि ओह मेरी जान अब मैं झड़ने वाला हूँ तो प्रीती अपनी कमर को मेरे और पास लाकर मेरे लंड को अपनी गांड में और अन्दर तक लेते हुए बोली कि अब बहुत मज़ा आ रहा है अपने लंड को मेरी गांड के अन्दर ही झड़ने दो और मेरी गांड को भी अपने लंड के रस से भर दो और इसके साथ ही मैं 5-7 और तेज़-तेज़ धक्के मारकर प्रीती की गांड के अन्दर ही अपने लंड की पिचकारी छोड़ दी तो प्रीती ने भी मेरे झड़ने के साथ ही अपनी चूत का पानी भी छोड़ दिया और मैं थोड़ी देर तक ऐसे ही उसकी पीठ के ऊपर लेटा रहा और फिर मैंने उसकी गांड में से अपना लंड निकाला तो मेरा लंड उसकी गांड में से फच की आवाज़ के साथ बाहर निकल आया और प्रीती जल्दी से उठकर बाथरूम की तरफ भागी और थोड़ी देर के बाद मैं भी बाथरूम में चला गया।

बाथरूम में प्रीती मुझसे कहने लगी कि मेरी चूत को तुम्हारा लंड बहुत पसंद आया है अपनी लम्बी चुदाई से हम दोनों ही अब बहुत थक चुके थे और इसलिए हम दोनों बाथरूम से वापस आकर एकदूसरे को अपने बाहों में लेकर नंगे ही सो गये और करीब 2 बजे जब हम लोगों की आँख खुली और आँख खुलते ही मेरा लंड फिर से प्रीती की चूत में घुसने के लिया खड़ा होने लगा हम लोगों ने एकबार फिर से जमकर चुदाई करी और फिर प्रीती ने नंगी ही उठकर हमारे किचन में जाकर हम लोगों के लिए दोपहर का खाना बनाया और खाना तैयार होने के बाद हम लोगों ने नंगे ही बैठकर खाना खाया अब तक करीब 4 बज चुके थे तो प्रीती बोली कि जान मेरा यहाँ से जाने का मन तो नहीं कर रहा है लेकिन क्या करूँ जाना तो पड़ेगा ही तो मैं बोला कि ठीक है अभी तो अपने घर जाओ लेकिन कल मेरे घर पर फिर से अपनी चूत और गांड ले आना में फिर तुम्हारी चूत और गांड को मेरा लंड का स्वाद चखाऊँगा आओगी ना मेरा लंड खाने? प्रीती बोली ज़रूर मेरे चोदूराजा कल मैं फिर से तुम्हारा प्यारा लंड अपने चूत और गांड को खिलाने आऊँगी और इतना कहकर प्रीती अपने घर पर अपनी चुदी हुई चूत और फटी हुई गांड को लेकर चली गई।

धन्यवाद प्यारे पाठकों !!

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