दोस्त की बीबी के साथ अस्पताल में वह सात दिन

हाय दोस्तों, Antarvasna कैसे हैं आप Kamukta सभी लोग? मैं विनोद हूँ और मैं 34 साल का हूँ और मैं पहाड़ों की रानी ऊटी का रहने वाला हूँ यह बहुत ही प्यारी और खूबसूरत जगह है और मैं आप सभी को बता दूँ कि मैं आज कल एक प्राइवेट प्ले-बॉय का काम करता हूँ इससे सेक्स में असंतुष्ट औरतों और भाभियों को अपनी चूत की गर्मी मिटाने का और अपनी गांड की खुजली मिटाने का और अपने बब्स को मसलवाने और चुसवाने का और मेरे लंड को चूस-चूस कर उसका मर्द मक्खन चाटने का वह भरपूर मज़ा भी मिलता है जो आज तक उनको कभी नहीं मिला हो और मुझको कुछ पैसे और उसके साथ अलग-अलग चूतों का मजा भी मिल जाता।

सेक्स के मामले में तो मैं बहुत ही बड़ा चुदक्कड हूँ सभी औरतें और भाभियाँ मुझे बिग शॉट के नाम से जानती है मैं औरत की चूत और गांड से लेकर उनके पूरे शरीर के हर अंग का सपना पूरा कर देता हूँ और वह भी बड़े ही प्यार से मेरे लंड का साइज़ 7” लम्बा और 3” मोटा है जिससे मैं हर तरह की औरतों को संतुष्ट कर सकता हूँ।

हाँ तो मेरे प्यारे दोस्तों मेरे जीवन की यह घटना मेरे और मेरे एक दोस्त की बीबी के साथ घटी थी और उस काम का मैनें कोई पैसा नहीं लिया था उस कारण से आज भी मेरे दोस्त की बीबी मेरी दिवानी है और मुझसे भरपूर चूत ही नहीं अपनी गांड मरवाने से लेकर सब कुछ करवाती है मेरे लंड के रस को तो वह अमृत रस समझती है।

हाँ तो मेरे प्यारे दोस्तों अब मैं आप सभी को बताने जा रहा हूँ मेरे जीवन की वह अविस्मरणीय घटना जो कि कुछ इस प्रकार से है…

मेरा एक बहुत ही करीबी दोस्त है जिसका नाम अभिलाष (बदला हुआ नाम) है वह दिखने में तो ठीक ठाक है मगर सेक्स के मामले में फिसड्डी है यह सब मुझे उसकी बीवी रीमा (बदला हुआ नाम) ने बताया था दोस्तों यह सुखद घटना तब की जब एक दिन अभिलाष बीमार पड़ा तो मैं और रीमा उसे अस्पताल लेकर गये थे वहाँ पर उसकी तबियत ज्यादा खराब होने के कारण उसे भर्ती कर दिया था और हम दोनों को भी रात को वहीं पर रुकना पड़ा था मेरा दोस्त तो बेड पर सो रहा था और उसके बगल में उसकी बीवी और पास में रखी टेबल पर मैं सो रहा था फिर रात को मैंने धीरे से मेरे दोस्त की बीवी के पैर पर अपना हाथ रख दिया और फिर धीरे-धीरे सहलाने लगा तो वह मुझसे कुछ भी नहीं बोली तो मैं समझ गया कि मेरी इस हरकत से उसको भी मज़ा आ रहा है।

अब मैंने हिम्मत करके धीरे-धीरे अपना हाथ थोड़ा और आगे बढ़ाया और उसकी चूत पर रख दिया उसने उस समय साड़ी पहन रखी थी फिर मैंने अपने हाथ को उसकी साड़ी और पेटीकोट के अन्दर से डालकर उसकी पैन्टी पर रखा और ऊपर से ही उसकी चूत को सहलाने लगा तो अब वह भी गरम हो गई थी फिर मैंने उसकी पैन्टी की एक साइड से अपनी एक ऊँगली उसकी चूत में घुसा दी तो उसने अपनी दोनों टाँगे कसकर दबा ली जिससे मेरी ऊँगली उसकी चूत में ही फँस गई थी।

फिर मैंने धीरे-धीरे उसकी टाँगों को फैलाया और फिर से उसकी चूत में अपनी ऊँगली को अन्दर-बाहर करने लगा मैं 10-15 मिनट तक ऐसे ही करता रहा।

मेरा दोस्त अभिलाष तो दवाइयों की वजह से गहरी नींद में सोया हुआ था अब रीमा मेरा हाथ पकड़कर अपनी चूत में अन्दर-बाहर करने लगी वह अस्पताल का एक प्राइवेट कमरा था और लेट-बाथ उसमें साथ में ही थे फिर मैंने रीमा को उठकर बाथरूम में चलने का इशारा किया तो वह उठकर बाथरूम में चली गई और फिर मैं भी उठकर उसके पीछे से बाथरूम में चला गया और अन्दर जाकर मैंने दरवाज़ा बन्द कर लिया और रीमा को पीछे से ज़ोर से पकड़कर उसके बब्स को ज़ोर-ज़ोर से दबाने लगा उसके बब्स बहुत ही टाईट थे जब मैं उसके बब्स को दबा रहा था तो उसने अपनी आँखे बंद कर ली थी मैं उसके बब्स को उसके ब्लाऊज के ऊपर से ही दबा रहा था फिर थोड़ी देर बाद मैंने अपने एक हाथ से उसकी साड़ी को ऊपर उठाकर उसकी चूत में अपनी एक ऊँगली डाल दी और अपनी ऊँगली से उसकी चूत की चुदाई करने लगा फिर थोड़ी देर के बाद मैंने उसके सारे कपड़े निकालकर उसको बिल्कुल नंगी कर दिया था और अब रीमा मेरे सामने बिल्कुल नंगी खड़ी थी अब मैंने भी अपनी पेन्ट की चेन खोलकर अपना लंड बाहर निकाला तो वह मेरे लंड को देखकर एकदम से पागल सी हो गई और उसने अपने एक हाथ से ज़ोर से मेरे लंड को पकड़ लिया फिर वह अपने कोमल हाथों से मेरे लंड को सहलाने लगी और बाद में नीचे बैठ गई और मेरे लंड को अपनी जीभ से लोलीपॉप की तरह चाटने लग गई थी।

अपनी जीभ से वह मेरे लंड को बड़े ही प्यार से चाट रही थी अब धीरे-धीरे उसने मेरे लंड को अपने मुहँ में लेना शुरू कर दिया था जिससे मेरा लंड अब पूरी तरह से खड़ा और बड़ा हो गया था अब मेरा लंड उसके मुहँ में पूरा भी नहीं आ रहा था तो मैंने उसके बाल पकड़कर एक जोर का धक्का लगाया तो मेरा आधा लंड उसके मुहँ में चला गया और उसकी आँखों से आँसू निकल आए थे फिर लगभग 15-20 मिनट तक खूब लंड चुसवाने के बाद हम दोनों ही बाथरूम के फर्श पर 69 की पोजीशन में आ गए थे और मैं उसकी फूली हुई साफ़ बिना बालों वाली चिकनी चूत को बड़े ही प्यार से चाटकर चूस रहा था और उधर वह मेरे लंड को गपा-गप अपने मुहँ में अन्दर-बाहर करके चूस रही थी इस बीच उसकी चूत ने एकबार तो अकड़कर अपना पानी छोड़ दिया था और मेरा लंड भी अब पूरी तरह से तन गया था तो मैंने झट से उसको घोड़ी बनने के लिए कहा तो वह अपनी दोनों टाँगें मोड़कर घोड़ी बन गई दोस्तों इस आसान में सभी औरतों को बहुत मज़ा आता है अब मैं भी अपने घुटनों के बल बैठ गया और उसके पीछे से अपना लंड उसकी चूत पर सेट किया और अपने दोनों हाथो से उसके बब्स को पकड़कर एक ज़ोर का शॉट लगाया तो उसके मुहँ से एक जोरदार चीख निकल गई तो मैं अपना लंड उसकी चूत में ऐसे ही डालकर बिना हिले ही उसके बब्स को दबाता रहा और फिर जब उसका दर्द थोड़ा कम हुआ तो अब मैं धीरे-धीरे अपने लंड को उसकी चूत में अन्दर-बाहर करने लगा तो वह धीरे से मुझसे बोली कि आज तुम मेरी इस चूत की सारी प्यास को बुझा दो तो मैंने उससे कहा कि आज तो मैं तुमको ऐसे चोदूंगा की सारी उम्र तू मेरा ही लंड याद रखेगी अब मैं उसको चोदता जा रहा था।

अब वह चुदते समय गालियाँ देने लगी थी और कह रही थी कि मेरे पति के लंड में तो बिल्कुल भी दम नहीं है और उसने यह भी कहा कि तुम मुझे मेरे पति के सामने चोदो तो कम से कम चुदाई कैसे करते है यह तो उसको पता चलना ही चाहिये इस तरह से मैं उसको बहुत तेज रफ़्तार से चोदे जा रहा था और वह भी मन ही मन बड़बड़ा रही थी कसम से दोस्तों उसकी चूत का जो मज़ा मेरे लंड को आया था ना वह आज से पहले किसी और की चूत में नहीं आया था लगभग 25 मिनट तक उसकी चूत की चुदाई के बाद मैंने अपना सारा माल उसकी गरम-गरम चूत में भर दिया और अपने लंड को उसकी चूत से बाहर निकालकर उसके मुँह में दे दिया मेरा और उसकी चूत का जो पानी मेरे लंड पर लगा हुआ था उसको वह बड़े ही प्यार से चाटने लगी थी दोस्तों उस रात को मैंने रीमा को 2 बार और भी अलग-अलग तरीके से चोदा था उसके बाद भी हमारी यह अस्पताल की कामलीला पूरे 7 दिनों तक चली थी जब तक हम वहाँ रहे थे तब तक उसके बाद मेरे दोस्त को छुट्टी मिल गई थी और हम सब घर आ गए थे और रीमा की और मेरी चुदाई अब भी जारी है लेकीन अब तो समय मिलने पर ही चुदाई हो पाती है।

दोस्तों मैं अस्पताल में बिताए उन 7 दिनों को आज भी बहुत याद करता हूँ।

धन्यवाद कामलीला के मेरे प्यारे पाठकों !!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *