गलत कॉल से चुदाई का मौका मिला

हाय दोस्तों, Antarvasna मैं राकेश मध्य Kamukta परदेश का रहने वाला हूँ मैं एक ऑफिस में काम करता हूँ और पार्ट टाईम में एकाउंट्स का काम भी करता हूँ मैंने अपने जीवन में बहुत सी लड़कियां पटाई है और सबसे कुछ ना कुछ मज़ा लिया पर किसी के भी साथ ज़बरदस्ती नहीं की उनकी मर्ज़ी से ही चुदाई करता था।

मैं अपने बारे में बता दूँ की मैं एक सीधा सा दिखने वाला मस्त दिल का बंदा हूँ मेरा लंड उत्तेजित अवस्था में करीब 7 इंच लम्बा और 2.5 इंच मोटा हो जाता है मैं समझता हूँ की मेरा लंड किसी भी लड़की या औरत को संतुष्ट करने के लिए काफ़ी है।

मैं इस साईट का करीब 5 महीने से नियमित पाठक हूँ फिर मैंने भी सोचा की क्यूँ ना अपनी भी कहानी लोगों से सांझा की जाए मैं पहली बार लिख रहा हूँ कुछ गलती हो तो माफ़ कीजिएगा मेरे प्यारे पाठकों।

आप यह कहानी कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

बात आज से 2 साल पहले की है तब मैं एक कपड़े की दुकान पर कंप्यूटर ऑपरेटर का काम करता था उस वक़्त मेरी एक गर्लफ्रेंड थी उसके साथ मैं बड़ा मज़ा करता था लेकिन किसी बात पर उससे मेरा झगड़ा हो गया था जिस दिन उससे झगड़ा हुआ उसी दिन मैं किसी काम से रेलवे स्टेशन गया हुआ था तभी मुझे एक अंजान नंबर से किसी लड़की की कॉल आई और मैंने मूड खराब होने के कारण उसे काफ़ी कुछ सुनाकर फोन काट दिया फिर अगले दिन मैंने सोचा की मैंने उसके साथ ग़लत किया तो मैंने उसे वापस कॉल लगाया तो पहले तो उसने कॉल रिसीव नहीं किया लेकिन फिर कुछ देर बाद लगाने के बाद उसने फ़ोन उठा लिया और अपनी कल की बात के लिए माफी माँगी।

उसने पूछा कल तुम इतना गुस्सा क्यूँ थे? मैंने उसे अपनी गर्लफ्रेंड वाली बात बताई तो वह समझ गई थी उस लड़की का नाम कशिश था वह अहमदाबाद की रहने वाली थी धीरे-धीरे हमारी दोस्ती हो गई और फिर प्यार भी हो गया रोज ही हमारी बातें रात-रात भर होने लगी हम लोग आपस में फोन सेक्स भी किया करते थे एक दिन उसने मुझे मिलने के लिए बुलाया और मैं घर पर ऑफीस के काम का बहाना करके उससे मिलने चला गया मैंने वहां पहुँचकर एक अच्छे से होटल में कमरा लिया और आराम करने लगा दोपहर में 11 बजे उसकी कॉल आई पूछ रही थी की कहाँ हो?

मैंने बता दिया स्टेशन के पास आ जाना मैं वही मिलूँगा फिर दुसरे दिन वह आई क्या बताऊँ दोस्तों, वह पीले सूट में गजब की माल लग रही थी एकदम सफ़ेद गोरी बहुत ही सुन्दर लड़की मेरे सामने थी मेरा मन तो कर रहा था की वही पकड़कर चूम लूँ पर मैंने धीरज रखा और फिर हमनें एकदूसरे को हाय कहा फिर हम एक रेस्टोरेंट में खाना खाकर अपने होटल पहूँचे। कमरे में आकर हम आपस में प्यार की बातें करने लगे बात करते हुए मैंने उससे कहा आओ आराम से लेटकर बात करते है तो वह मुस्कुराकर मेरे साथ लेट गई हम दोनों लेट गए और तभी उसने अचानक मेरे होठों पर अपने नरम गुलाबी होंठ रख दिए मैं उसकी इस पहल से पहले तो सन्न रह गया क्योंकि उसके साथ यह मेरा पहली बार था फिर मैं संभल गया और सोचने लगा इसी को शुरुआत करने दो चलो देखते है आज तो मज़ा आएगा।

फिर मैंने भी उसका साथ दिया और उसे तुरंत नीचे करके उसके ऊपर चढ़ गया और उसे चूमने चाटने लगा हमारे होंठ एक दूसरे के होठों में फसे हुए थे मैंने धीरे से उसकी चूचियों पर हाथ रख दिए किस करने के कारण वह गरम हो चुकी थी तो उसने कोई विरोध नहीं किया मैं उसकी चूचियां मस्ती से दबाने लगा फिर मैं बहुत उत्तेजित हो गया और मैंने उसकी कमीज़ उतार दी आहह.. वह छोटी सी गुलाबी ब्रा में बिल्कुल मस्त माल लग रही थी। मैंने धीरे से उसकी ब्रा को एक तरफ करके उसकी चूचियों को चूसना शुरू किया कभी मैं दाएँ चूचि, तो कभी बाई चूची को चूसता रहा अब धीरे-धीरे मैं नीचे की और बढ़ा और उसकी सलवार खोलने की कोशिश करने लगा मुझसे गाँठ खुल नहीं रही थी तो कशिश ने कहा हटो यार यह मामूली सलवार नहीं जो हर कोई खोल ले। खेर उसने सलवार का नाडा खोलकर खुद ही उतार दिया साथ में अपनी पैन्टी भी निकाल दी वाउ.. उसकी क्लीन शेव चूत को देखकर तो मैं पागल ही हो गया और उसकी चूत में अपनी ऊँगली पेल दी।

उसने कहा क्यूँ जनाब हमें तो नंगी कर दिया और अपनी इज़्ज़त अभी तक बचा कर रखे हो।

तो मैंने कहा लूट लो जान तुम्हें रोका किसने है।

फिर उसने तुरंत उठकर मेरी पेंट को खोलना शुरू किया और मेरे 7 इंच खड़े लंड को बाहर निकाला जो की पेंट के अन्दर तंबू बना चुका था उसने बड़े ही प्यार से उसे खोला और निकालकर खेलने लगी उसे प्यार से ऊपर नीचे करने लगी तब मैंने उससे पूछा क्या तुम पहले भी सेक्स कर चुकी हो? तो उसने कहा नहीं, पर तुम क्यूँ पूछ रहे हो? तो मैंने बताया तुम्हें देखकर लग नहीं रहा है बड़ी अनुभवी लग रही हो। तो उसने कहा नहीं मैंने ब्लू फिल्मों में देखा है ना, और मेरा जो पहले वाला बॉयफ्रेंड था उसके साथ मस्ती भी की है पर सेक्स नहीं किया है यह सुनकर मैं थोड़ा सा उदास हो गया तो उसने देखकर पहचान लिया और कहने लगी अरे मेरे जानू, तुम उदास क्यूँ होते हो अभी जब डालोगे तो खुद ही देख लेना तुम्हें यकीन हो जाएगा।

यह सुनकर मैं खुश हो गया और मस्ती करने लगा फिर मैंने उसे लेटाकर उसकी चूत में ऊँगली डालकर उसे गीला किया और अन्दर बाहर करने लगा तभी अचानक 10 मिनिट बाद वह झड़ गई और उसने मेरा हाथ हटा दिया मैं समझ चुका था की अब तवा गर्म है रोटी सेक लो, मैं उठा और उसके ऊपर चढ़ गया और अपना लंड उसकी चूत में पेल दिया वह सच कह रही थी उसका पहली बार था वह दर्द भरी आवाज़ में बोलने लगी श.. पहली बार है आराम से राजा मेरा सूपड़ा ही अंदर गया था की वह तड़पने लगी और मुझे हटाने लगी पर मैंने उसके हाथ को पकड़कर उसके होठों पर अपने हो होंठ रख दिए ताकि वह चिल्ला ना सके अब मैंने एक जोरदार धक्का लगा दिया अभी लंड आधा ही अन्दर गया था। वह दर्द से बहुत तड़प रही थी तो मैंने उसकी चूत में अपने आधे लंड को ही थोड़ी देर अन्दर बाहर किया और उसके कुछ पलों के बाद उसके होठों को आज़ाद किया और उससे पूछा अब कैसा लग रहा है जान? तो उसने कहा दर्द देकर पूछते हो, कैसा लग रहा है? खेर यह बताओ पूरा चला गया ना? मैंने कहा नहीं आधा गया है तो वह बोलने लगी अरे यार जब दर्द दे ही दिया है तो अब पूरा डाल दो ना।

मैंने कहा :- चिल्लाना मत।

उसने कहा :- पहले की तरह मेरे होंठ बंद कर दो ना!

मैंने वैसा ही किया और पूरा लंड अन्दर पेल दिया इस बार उसे ज़्यादा दर्द हुआ क्योंकि वह मेरे होठों को काटने लगी थी फिर थोड़ी देर में सब कुछ नॉर्मल हो गया और वह अपने 36 नाप के चूतड़ों को उठा-उठाकर मज़ा लेने लगी करीब 15 मिनिट की चुदाई के बाद वह झड़ने लगी और उसने मुझे कसकर पकड़ लिया पर मेरा अभी नहीं हुआ था तो मैं उसकी चूत में लंड पेलता रहा जब मेरा होने वाला था तो उसके पहले ही मैं रुक गया और उसके 32 नाप के चूचो को सहलाने लगा बड़ा मज़ा आ रहा था 5 मिनिट के बाद मैंने फिर से उसे चोदना शुरु कर दिया अब मैं चुदाई का खेल समझ गया था मैं उसे खूब चोदता और अपना माल आने के पहले मैं उसकी चुदाई रोक देता था ऐसी ही मैंने कई बार किया और जब तक शाम हो चुकी थी फिर मैंने एक बार अंतिम चढ़ाई की और मैं झड़ने लगा और उसकी चूत में ही झड़ गया था।

इस बीच वह करीब 4-5 बार झड़ चुकी थी अब हम दोनों आराम से लेट गए मैंने देखा उसकी चूत से खून निकल रहा था उसने पूछा क्या देख रहे हो?

मैंने बोला कुछ नहीं तो उसने कहा मुझे पता है मैं हँसने लगा फिर मैंने उसे कहा चलो मेरा लंड चूसो मज़ा आएगा पहले तो वह मना करती रही पर मेरे कहने पर वह मान गई। लेकिन उसने कहा चलो 69 करते है तब मैं उसकी चूत को और वह मेरे लंड को चूस रही थी क्या बताऊँ यारो इतना मज़ा तो उसकी चुदाई करने में भी नहीं आया था जितना उसको अपना लंड को चूसने में आ रहा था करीब 20 मिनिट की चूत लंड की चूसाई के बाद हम दोनों साथ-साथ में झड़ गये। फिर हम दोनों थोड़ी देर आराम करने के बाद फ्रेश हुए और निकलने की सोचने लगे उसकी चूत सूज गई थी और उसे दर्द हो रहा था तो मैं होटल से निकलकर पास के मेडिकल स्टोर से दवा ले आया क्योंकि मैं उसकी चूत में ही झड़ गया था।

मैंने उसे दवा खिला दी और हम लोग निकलकर अपने-अपने घरों की और चल दिए वह अपने घर की तरफ और मैं स्टेशन की तरफ।

धन्यवाद प्यारे पाठकों !!

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