एयर होस्टेज को जमकर बजाया

हाय फ्रेंड्स, Antarvasna कभी-कभी हमारे जीवन में Kamukta ऐसा कुछ हो जाता है जो आपको कभी ना भूलने वाले अनुभव का अहसास करवा जाता है आज की मेरी कहानी भी कुछ ऐसी ही है जिसमें मैनें एक एयर होस्टेज की जमकर चुदाई की थी दोस्तों यह एयर होस्टेज होती ही इतनी खूबसूरत है कि वह किसी परी से कम नहीं लगती है।

अब कहानी को सीधे ही शुरू ना करते हुए पहले मैं आप सभी को अपना एक छोटा सा परिचय दे देता तो दोस्तों मेरा नाम रिजवान है और मैं 27 साल का एक जवान लड़का हूँ मैं जामनगर का रहने वाला हूँ और अपने कॉलेज की पढाई पूरी करने के बाद मैं एक प्राइवेट कम्पनी में काम कर रहा हूँ और मेरी नौकरी कुछ ऐसी है जिसमें मुझे पूरे देश में ही घूमना पड़ता है मुझे सफ़र के लिए जो भी साधन मिल जाए जैसे बस, ट्रेन, हवाई-जहाज़, टैक्सी जो मिलता है मुझे वह लेना पड़ता है क्योंकि मुझे सही समय पर सही जगह पर पहुँचना जरूरी होता है और पिछले कुछ समय से तो मेरी बहुत लम्बी-लम्बी यात्राएँ हो रही थी तो मैं ज्यादातर हवाई जहाज से सफ़र कर रहा था मैं बहुत बार तो हवाई जहाज के बिज़नस क्लास में सफ़र करता था वहाँ पर एयर होस्टेज यात्रियों का काफ़ी अच्छे से ख्याल रखती थी एकबार तो मेरा एक ही हफ्ते में एक ही हवाई जहाज से 3-4 बार आना जाना हो गया और हर बार मुझे हवाई जहाज में वही लड़की मिलती थी और वह भी मुझे हर बार देखकर मुस्कुरा देती थी वह मेरा बहुत अच्छे से ख्याल रखती थी पहली दो मुलाकातों में तो हमने सिर्फ़ औपचारिक बातें ही करी लेकिन तीसरी बार में मैनें उसको एक टिश्यू पेपर पर अपना फोन नंबर लिख कर दे दिया और उससे उसका नाम पूछा तो उसने मुस्कुराते हुए अपना नाम नीलिमा बताया और अपना फोन नंबर और वह जहाँ ठहरती थी अपने उस होटल का नाम भी बता दिया।

मैं भी एक रात के लिए उसी शहर में रुक गया था तो मैनें भी उसी होटल में अपने लिए रूम ले लिया और अपना रूम नंबर नीलिमा को मैसेज कर दिया और फिर शाम का समय था और मैं अपने रूम में बैठकर टी.वी. देख रहा था तो तभी मेरे रूम के दरवाजे पर कोई आया उस समय मैनें सिर्फ़ एक टावल ही लपेटा हुआ था क्योंकि मैं नहाने की तैयारी कर रहा था और मुझे तो यह लगा था कि कोई रूम-सर्विस वाला बंदा होगा तो मैनें वैसे ही जाकर दरवाजा खोल दिया और देखा तो बाहर नीलिमा खड़ी थी और उसने एक बहुत ही सुन्दर सी शॉर्ट ड्रेस पहन रखी थी जिसमें वह बहुत ही खूबसूरत लग रही थी और बहुत ही सेक्सी भी लग रही थी और फिर मैनें उसके लिए दरवाजा खुला छोड़ दिया और भागकर बाथरूम में घुस गया और उसको बोला कि बस 2 मिनट रुको और मैं अभी आता हूँ और फिर मैं जल्दी से नहाकर और तैयार होकर बाहर आ गया और मैनें उसको जल्दी से अपनी बाहों में लेना चाहा, तो वह थोड़ा पीछे हट गई और बोली अभी तो ऐसा करने में बहुत समय है चलो पहले कहीं बाहर चलते है तो फिर मैनें होटल के रिसेप्शन को बोलकर एक टैक्सी मंगवाई और फिर हम घूमने निकल गये उसने काफ़ी शॉपिंग करी और फिर हम एक बार में चले गये और वहाँ हमने थोड़ी ड्रिंक करी और उसको थोड़ी ज्यादा होने के कारण वह मेरी बाहों में ही झूलने लगी थी तो मैं ज़्यादा देर ना करते हुए उसको लेकर सीधा होटल में अपने कमरे में वापस आ गया और उसका शॉपिंग का सामान उसके कमरे में भिजवा दिया वह थोड़ी-थोड़ी मदहोश थी और वह मुझे बार-बार चूम रही थी और मेरे कान में धीरे-धीरे कुछ-कुछ फुसफुसा रही थी जैसे कि जानेमन फक-मी प्लीज़ फक-मी मैं बहुत प्यासी हूँ और मैं उसको अपने कमरे में ले गया और अब उसका नशा थोड़ा उतरना शुरू हो चुका था और अब हम दोनों ही मेरे कमरे में थे और उसने दरवाजा बन्द होते ही मुझे पकड़ लिया और मुझे चूमने लगी और बार-बार बोलने लगी कि तुमने मुझे आज बहुत खुश कर दिया है और फिर वह मेरी टी-शर्ट को फाड़ने लगी।

तो मैनें उसे अपनी गोद में उठाया और उसको बेड पर लेटा दिया और मैनें अब अपने पूरे कपड़े उतार दिए और पूरा नंगा हो गया तब तक वह भी अपने कपड़े खोलकर ब्रा और पैन्टी में आ चुकी थी उसका गोरा बदन काले रंग की ब्रा पैन्टी में बहुत ही मस्त लग रहा था और मेरा लंड भी उसके चिकने बदन को देखकर अब छटपटाने लगा था और ज़्यादा इन्तजार किये बिना ही उसकी गुलाबी चूत में जाने को बैचेन हो रहा था अब उसने मेरे लंड को झटके मारते हुए देखकर मुझे आँख मारी और बोली इसको तुमने कब से भूखा रखा हुआ है? और अपने हाथ में मेरे लंड को ले लिया और उसकी खाल को पीछे करके मेरे लंड के टोपे को बाहर आने दिया उसके मेरे लंड को छूते ही मुझे अपने शरीर में एक अजीब सा अहसास हुआ और मेरा लंड अब और भी ज़ोर से फड़कने लगा तो नीलिमा ने अब अपनी जीभ बाहर निकाली और मेरे लंड के टोपे को चाटने लगी उसका अपनी जीभ से मेरे लंड के टोपे को चाटने का अहसास बहुत ही मस्त था ऐसा नहीं था कि मैं पहली बार अपना लंड चुसवा रहा था लेकिन उसमें एक अजीब सी मस्त कर देने वाली कशिश थी और उसकी मस्ती को देखकर मेरी हवस भी मेरे ऊपर हावी हो रही थी अब मैनें अपने हाथ पीछे करके अपने कूल्हों पर रख लिए थे और अब धीरे-धीरे अपने लंड से उसके मुहँ में धक्का मारने लगा और वह भी मेरे लंड को पूरा ही अपने मुहँ में लेकर चूसने लग गई थी उसका मुहँ था या कोई कुआ मेरे लंड को तो वह पूरा ही अपने गले तक उतार गई थी और खूब मस्ती से चाट रही थी बहुत ही कामुक था वह नज़ारा अब उसने मेरे लंड को अपने मुहँ से बाहर निकाला और अब अपनी पैन्टी को भी उतार दिया और नीचे लेट गई और अपनी दोनों टाँगों को मेरी जीभ के लिए फैला दिया और मैनें उसको उसकी ब्रा भी खोलने को कहा तो उसने मना कर दिया और बोली कि मैं अपने बब्स की शेप को नहीं बिगडवा सकती प्लीज़ मज़बूरी है काम के लिए तुम मेरी चूत के साथ कुछ भी कर सकते हो और फिर मैं अपने घुटनों पर आ गया और मैनें अपने हाथों से उसकी टाँगों को थोड़ा और फैलाया और फिर अपने मुहँ को उसकी चिकनी चूत के दाने पर लगा दिया।

मेरे ऐसा करते ही वह एकदम से सिसक उठी और बोली कि थोड़ा धीरे करो ना जान और मैं उसकी चूत के दाने को अपनी एक ऊँगली से रगड़ रहा था और मैनें उसकी चूत के दाने को रगड़ते हुए ही अपनी जीभ उसकी चूत पर लगा दी और उसकी चूत के अंदर घुसा दी और उसकी चूत के अन्दर की दीवारों को चाटने लगा मेरे ऐसा करने से उसकी चूत से चूतरस या पेशाब निकल रहा था क्योंकि मुझे कुछ नमकीन सा अहसास अपनी जीभ पर हो रहा था और उसका शरीर भी अब तेजी से मचल रहा था और उसके हाथ मेरे बालों को पकड़े हुए थे और वह उनको मस्ती में खींच रही थी और फिर कुछ देर बाद वह बोलेने लगी कि बस-बस यार अब तो मेरी चूत को अपने लंड के दर्शन करवाओ अब मैं और इंतज़ार नहीं कर सकती और फिर मैं उठा और अपने लंड को उसकी चूत पर रगड़ने लगा और फिर एक ही जोरदार झटके के साथ मेरा लंड उसकी चूत में चला गया था वह बहुत चुदी हुई लग रही थी इसलिए मेरा लंड एकबार में ही उसकी चूत में घुस गया था और अब मैनें अपनी गांड को ज़ोर-ज़ोर से हिलाकर उसको चोदना शुरू कर दिया था।

वह भी अपनी गांड को हिला रही थी और उसने बेड के किनारों को पकड़ा हुआ था क्योंकि मेरे धक्के बहुत तेज थे और वह मस्ती में खूब चिल्ला रही थी अहहाहा आआ और ज़ोर से चोदो मुझे अहहाहा उसकी यह आवाजें मेरा जोश और भी बड़ा रही थी और मेरे धक्के और भी तेज होते जा रहे थे और फिर 20-25 मिनट की उस जबरदस्त चुदाई के बाद उसका शरीर एकदम से अकड़ गया और वह झड़ चुकी थी और मैनें भी अपने 8-10 ज़ोरदार धक्के मारकर अपना वीर्य उसकी चूत में ही छोड़ दिया और उसने अपने पैरों को मेरी कमर के चारों तरफ लपेटकर मुझे जकड़ लिया और मेरा सारा वीर्य अपनी चूत के अन्दर ही समेट लिया और हम दोनों ही उस पल का पूरा मजा लेते रहे और फिर मैं उसके ऊपर ही गिर पड़ा और उससे चिपककर सो गया उस रात मैनें उसको 3 बार चोदा और सुबह उसको जल्दी जाना था तो वह चली गई अब तो जब भी वह मुझे मिलती है तो हम एक ही रूम में रुकते है और खूब मस्ती करते है।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!

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