दर्जी से चुद गई अपनी मर्जी से भाग -1

हाय दोस्तों, Kamukta मैं सोनल, कामलीला Antarvasna वेबसाइट पर एकबार फिर से आप सभी का स्वागत करती हूँ इसबार आपसे बहुत दिनों के बाद मिल रही हूँ आशा करती हूँ कि आप सभी लोग मेरी तरह ही कामलीला की कहानियों का खूब मजा ले रहे होंगें और इसबार मैं भी आपके लिए अपनी एक सहेली सोम्या की कहानी आप सभी के लिए लेकर आई हूँ, सोम्या मेरी एक बहुत ही अच्छी सहेली है, उसने मेरे साथ अपना एक सेक्स अनुभव शेयर किया था, तो मैं आज उसके सेक्स अनुभव को उसी कि सहमती से आप सभी लोगों के साथ शेयर करने जा रही हूँ। आप यह कहानी कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे हो मेरे प्यारे दोस्तों।

आगे की कहानी उसी के शब्दों में…

हाय कामलीला के पाठकों मेरा नाम सोम्या है, और मैं 32 साल की एक शादीशुदा औरत हूँ, और मेरे पति का नाम अमित है, और मेरा रंग गोरा है और मेरा फिगर 34-30-36 का है, मेरी आँखें बड़ी-बड़ी, और मेरे बब्स भी बड़े है, और मेरी गांड भी बहुत उभरी हुई है, तो दोस्तों यह बात मेरी शादी के 2 साल बाद की है।

मेरे पति को सेक्स में ज्यादा रूचि नहीं थी, क्योंकि वह अक्सर अपने काम में ही व्यस्त रहते थे, मेरी एक सहेली ने मुझे बोला कि कहीं तुम्हारे पति का उनकी सेक्रेटरी के साथ कोई चक्कर तो नहीं है ना, पर मैनें ऐसा कभी सोचा नहीं था।

15 दिन हो गये थे अमित ने मेरे साथ सेक्स नहीं किया था, और पिछली बार भी ऐसे ही जल्दी-जल्दी में अपना काम तो कर लिया और मुझे ऐसे ही प्यासा तड़पता हुआ छोड़ दिया था, उसके बाद मैनें बहुत बार कोशिश भी करी, सेक्सी कपड़े पहनकर पोर्न फिल्म लगाकर भी उनको लुभाया।

मैनें उससे यह भी कहा कि आज मैं तुम्हारी नर्स बन जाती हूँ या एक शरारती स्टूडेंट बन जाती हूँ, या फिर तुम पुलिस वाले बनकर मुझे चोरी करते हुए पकड़ो और बदले में मेरी खूब चुदाई करो जैसा कि इन पोर्न फिल्मों में करते है।

पर उनको कुछ भी अच्छा नहीं लगता था वह तो बस खाना खाकर हर रात को ऐसे ही सो जाते थे, और इसी तरह एक रात को मैनें उनको खूब लुभाया, उनके लंड की अपनी नंगी चूत से खूब मसाज करी, पर उन्होनें तो मुझको डॅाटकर अपने ऊपर से हटा दिया, और फिर मैं ऐसे ही रोते हुए सो गई।

फिर सुबह उठकर मैनें रवि (लेडिज टेलर) को फोन किया और कहा कि आज 11 बजे मेरे घर आकर मेरा नाप ले लेना, मुझे कुछ ब्लाउज सिलवाने है, और फिर मैं अमित को ऑफिस के लिए तैयार होने में मदद करने लगी।

रात को चुदाई नहीं होने के कारण मेरी चूत की प्यास अभी अधूरी थी, मेरे मन में बार-बार वही ख्याल आ रहा था, जिससे नाश्ता भी ठीक समय पर नहीं बन पाया था और फिर अमित ऑफीस जाने लगा, और सोम्या… सोम्या… मैं तुमको कितनी देर से आवाज़ लगा रहा था किचन में क्या सो रही थी और अभी तक नाश्ता नहीं बना, चलो आकर दरवाज़ा बंद कर लो, मैं बाहर ही कुछ खा लूँगा।

अमित बहुत गुस्से में था, और वह आजकल मुझे डाँटने भी बहुत लगा था पर मैं भी आजकल कुछ ज्यादा ही लापरवाही बरतने लग गई थी।

उनके ऑफिस जाने के बाद मैं सोफे पर बैठकर रोने लगी और फिर शांत होकर मेज पर रखा पानी पिया, फिर धीरे-धीरे रात की तड़प मुझपर फिर से चढ़ने लगी और मैं अपने गाऊन को ऊपर करके अपनी चूत में ऊँगली करने लगी और मैं ख्यालों में ही कह रही थी कि आह्ह्ह ऊहह अमित चोदो ना मुझे, तुमने मुझे कितने दिनों से नहीं चोदा है फिर अचानक से दरवाज़ा खुला और रवि अंदर आ गया, अमित दरवाज़ा बन्द करने की बोलकर ऑफीस चले गये थे और मैं अपने काम कि वजह से दरवाजा बन्द करना ही भूल गई थी।

मैं अपनी टाँगें फैलाकर अपनी चूत में ऊँगली करे जा रही थी और रवि मुझे आँखें फाड़कर देख रहा था, और मैं दो पल में ही रुक गई, और फिर अचानक से उछलकर खड़ी हो गई।

रवि :- माफ़ करना मेडम दरवाज़ा खुला हुआ था।

मैं :- खुला था तो क्या ऐसे ही अंदर चले आओगे? खटखटाया क्यों नहीं?

रवि :- मुझे पता था की आप…

मैं :- मैं क्या? तुमने कुछ भी नहीं देखा और चुपचाप मेरा नाप लो।

रवि :- ठीक है ब्लाउज कैसा का सिलवाना है?

मैं :- थोड़ा फिट होना चाहिए, और शेप भी अच्छी आनी चाहिए।

फिर रवि मेरा नाप लेने लगा, नाप लेने के बहाने वह मेरे बब्स को भी छू रहा था, उसके हाथों का स्पर्श मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा था, पर वह मेरे बब्स को कुछ ज्यादा ही दबाकर नाप ले रहा था।

मैं :- रवि तुम यह क्या कर रहे हो?

रवि :- मेडम अब आपको टाईट फिटिंग चाहिए तो थोड़ा टाईट तो पकड़ना ही होगा ना, इतना कहकर वह मेरे पीछे चला गया और कहने लगा कि मेडम थोड़ा अपने हाथों को ऊपर करो, और फिर वह पीछे से अपने हाथ को आगे लाया और फीते से मेरे बब्स को दबा दिया और पीछे से मेरे और पास आ गया।

मैं :- रवि अब तुम यह क्या कर रहे हो?

रवि :- नाप ले रहा हूँ मेडम और क्या कर रहा हूँ।

फिर कुछ देर बाद मुझे अपनी गांड पर उसका पैना सा औज़ार महसूस हुआ, मैं तो एकदम से सिहर उठी। उसका हाथ और फीता बार-बार कभी मेरे बब्स पर तो कभी मेरी कमर पर जा रहे थे।

मैं :- हो गया मेरा नाप?

रवि :- नहीं अभी तो बब्स की गोलाई का नाप भी तो लेना है, कप भी तो फिट होने चाहिए ना और फिर रवि ने पीछे से ही पकड़कर फीते को मेरे बब्स की गोलाईयों पर लपेट लिया और ऐसा करते वक़्त मेरे बब्स को अपने पूरे हाथ से छू लिया था।

मैं :- ईसस्सस्स,

रवि :- क्या हुआ मेडम?

मैं :- तुम मेरे पीछे से दूर हटो मुझे कुछ चुभ रहा है।

रवि मुझसे और चिपकते हुए लेने दो ना मेडम वैसे आप भी तो देने के लिए इतना तड़प रही थी ना।

मैं :- यह कैसी बातें कर रहे हो तुम?

रवि :- डर क्यों रही हो मेडम, और दबा-दबाकर नाप लूँ क्या?

मैं :- हाए, मेरे इतने पास मत आओ, मुझे पता नहीं क्या हो रहा है

रवि :- मेडम ब्लाउज के सही नाप के लिए आपके निप्पल तो खड़े करने होंगे और इसके लिए इनको मसलना होगा।

मैं :- आहह, तुम यह क्या कर रहे हूऊऊओ.

रवि :- निप्पल का नाप ले रहा हूँ मेडम, यह टाईट और पैने ही अच्छे लगेंगे इसलिए इनको मसलना पड़ेगा।

मैं :- आअहह ढंग सस्ससे नाप लो ना तुम यह कर रहे हो?

मैं फिर थोड़ा होश में आते हुए मुझे खुद को काबू में रखना है।

रवि :- (मेरे एक निप्पल को मसलते हुए) वह तो ठीक है, पर आप मुझे यह बताइए कि जब मैं आया था तो आप सिसकारियाँ ले कर कह रही थी कि मुझे चोदो अमित, तुमने बहुत दिनों से मुझे चोदा नहीं, क्या तुम सच में चुदने के लिए इतना तड़प रही हो?

हाँ तो मेरे प्यारे दोस्तों मैं अपनी कहानी को बीच में ही रोक रही हूँ क्योंकि मेरे पति ऑफिस से आ गये है और मैं उनके सामने नहीं लिख सकती हूँ तो आप मुझे माफ़ कर देना आगे क्या हुआ यह मैं आपको जल्द ही बताऊँगी तब तक के लिए..

धन्यवाद दोस्तों !!

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