नौकर का पकड़ा बॉयफ्रेंड से झगड़ा पार्ट 1

हाय दोस्तों Antarvasna मेरा नाम प्रियंका है Kamukta और मेरी उम्र अभी 28 साल की है और मैं दिल्ली के पास ही यमुनानगर की रहने वाली हूँ कामलीला के प्यारे पाठकों मैं यहाँ पर आप सभी के लिये अपनी पहली चुदाई की दास्तान लेकर आई हूँ उस समय मेरी उम्र 22 साल की थी और हमारे घर पर मोनू नाम का एक नौकर काम करता था उसकी उम्र लगभग 30 साल की थी वह गाँव का रहने वाला था और वह बहुत ही ताकतवर दिखता था उसका बदन किसी पहलवान के जैसा था और वह हमारे घर पर ही रहता था मेरे मम्मी-पापा उस पर बहुत विश्वास करते थे जब कभी भी मेरे मम्मी-पापा को घर से बाहर जाना होता था तब वह मुझे उसके साथ ही घर पर अकेला छोड़ जाते थे।

एक दिन मेरे मम्मी पापा 6-7 दिनों के लिए घर से बाहर चले गये थे और घर पर मैं और हमारा नौकर ही रह गये थे उस दिन शाम को उसने खाना बनाया और मुझे खिलाने के बाद ही उसने खुद भी खाया उस समय रात के करीब 9.30 बज रहे थे वह और मैं बैठकर टीवी देख रहे थे फिर कुछ देर बाद मुझे नींद आने लगी और मैंने टीवी बंद कर दिया फिर मैं अपने बेड पर सो गई और वह भी हमेशा की तरह मेरे बेड के पास ही ज़मीन पर सो गया था फिर रात के 1.30 बजे के लगभग मैं बाथरूम जाने के लिए उठी तो मेरी निगाह उस पर पड़ी उसकी धोती हटी हुई थी और उसका लंड उसकी धोती के बाहर निकला हुआ था वह लगभग 7.5 इंच लम्बा और 3 इंच के लगभग मोटा था वह बहुत गहरी नींद में सो रहा था और खर्राटे भी भर रहा था मैं खुद को रोक नहीं पाई और बड़ी देर तक उसके लंड को देखती रही क्योंकि मैंने इतना लम्बा और मोटा लंड पहले कभी नहीं देखा था मैं जवान तो थी ही और उसका वह लंड देखकर मुझे और भी जोश आ गया था और मैंने मन ही मन उससे चुदवाने की ठान ली थी फिर मैं बाथरूम से होकर वापस आकर बेड पर लेट गयी और सोचने लगी की उससे कैसे चुदवाया जाए मेरे मन में ऐसे ख़याल आते रहे और मैं पता नहीं कब सो गई।

फिर जब सुबह हुई तो मोनू ने मुझे जगा दिया और वह मेरे लिये चाय बनाने चला गया फिर थोड़ी देर के बाद उसने मुझे बेड पर ही चाय लाकर दी फिर मैं चाय पीने के बाद फ्रेश होने के लिये बाथरूम में चली गई और बाथरूम से नहाकर निकलने के बाद मैं बाथरूम के बाहर ही ज़मीन पर लेट गई और ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाने लगी उस समय मैंने केवल एक टावल ही लपेट रखा था मेरी आवाज सुनकर मोनू दौड़ता हुआ मेरे पास आया और मुझे देखकर बोला कि क्या हुआ बेबी तो मैंने उससे कहा कि मैं नहाकर निकली तो मेरा पैर फिसल गया और मैं नीचे गिर पड़ी और अब मैं उठ नहीं पा रही हूँ तो तुम मुझे सहारा देकर बिस्तर तक ले चलो तो फिर मोनू ने मेरा हाथ पकड़कर मुझे सहारा दिया लेकिन मैं खड़ी नहीं हो पा रही थी तो मोनू ने अब मुझे अपनी गोद में उठा लिया और उठाकर बेड पर ले जाने लगा तो मेरा टावल खुलकर नीचे गिर गया और मैं उसके सामने एकदम से पूरी नंगी हो गई थी पर वह मुझे उसी तरह उठाकर बेड पर ले गया उस समय उसकी आँखों में एक अजीब सी चमक आ गई थी और मैं समझ गई कि अब मेरा काम बन जाएगा।

मुझे बेड पर लेटाने के बाद उसने मेरा टावल मेरे ऊपर डाल दिया और मुझसे बोला कि कहाँ चोट लगी है बेबी तो मैंने अपने घुटनों की तरफ इशारा कर दिया और वह जाकर आयोड़ेक्स ले आया और बोला लाओ मैं तुम्हारी मोच पर आयोड़ेक्स लगा देता हूँ तो मैंने उससे कहा कि ठीक है लगा दो फिर उसने मेरे घुटनों पर से टावल को थोड़ा ऊपर कर दिया और वह वहां पर आयोड़ेक्स को लगाकर मसलने लगा मेरे शरीर पर उसके हाथ फिरने से मुझे अब कुछ अजीब सा होने लगा तो मैंने उसको कहा कि थोडा और ऊपर भी लगा दो वहाँ भी दर्द हो रहा है तो फिर उसने मेरा टावल थोड़ा और ऊपर सरका दिया और मेरी जाँघो पर भी मालिश करने लगा तो मैं और भी जोश में आ गई और मैंने देखा कि वह एक हाथ से कभी-कभी अपने लंड को भी मसल रहा था क्योंकि अब उसको भी जोश आ रहा था अब मालिश करते हुए वह धीरे-धीरे थोड़ा और ऊपर की तरफ अपने हाथों को बढ़ाने लगा तो मैं भी अब और भी ज़्यादा जोश में आ गई और उत्तेजना से अपनी आँखें बंद कर ली मोनू अपने हाथों से मेरी चूत से केवल 6-7 इंच की दूरी पर ही मालिश कर रहा था और मेरी चूत अभी भी टावल से ढकी हुई थी मैं उससे चुदवाना चाहती थी इसलिए मैंने उसको कुछ भी नहीं कहा और मोनू अब धीरे-धीरे अपने हाथ को थोड़ा और ऊपर की तरफ बढाने लगा और थोड़ी ही देर में मेरी चूत पर से वह टावल हट गया और वह अब मेरी चूत को निहार रहा था मालिश करते हुए बीच-बीच में मोनू अपनी ऊँगली से मेरी चूत को भी छू रहा था।

उसका लंड उसकी धोती के अन्दर अब पूरी तरह से तन चुका था और थोड़ी देर तक वह मेरी चूत को अपनी ऊँगली से छूते हुए मेरी मालिश करता रहा जिससे मैं अब और भी जोश में आ गई थी और मैंने उसे बिल्कुल भी रोका नहीं जिससे उसकी हिम्मत और भी बढ़ गई थी अब उसने अपने दूसरे हाथ से भी मेरी चूत को सहलाना शुरू कर दिया था तो मैंने उसको कहा कि यह तुम क्या कर रहे हो? तो वह बोला कि कुछ भी तो नहीं मुझे यह अच्छी लग रही थी तो मैं इसको छूकर देख रहा था और फिर मैंने भी उसको कहा कि मुझे भी यह सब अच्छा लग रहा है तुम बस ऐसे ही मालिश करते रहो थोड़ा उस पर भी मालिश कर देना मोनू समझ गया और बोला कि ठीक है बेबी मोनू अब अपने एक हाथ से मेरी चूत को सहलाते हुए अपने दूसरे हाथ से मेरी जांघों पर मालिश करता जा रहा था और थोड़ी देर बाद उसने अपनी एक ऊँगली को मेरी चूत में डाल दिया और उसको मेरी चूत में अन्दर बाहर करने लगा तो मेरे मुहँ से सिसकारियाँ निकलने लगी और मैं एकदम से मस्त हो गई थी और मैंने उसे बिल्कुल भी रोका नहीं तो उसकी हिम्मत अब और भी बढ़ गई और उसने मुझसे कहा कि तुम्हारा बदन बहुत ही खूबसूरत है और मैं इसको पूरा देखना चाहता हूँ तो मैंने उसको कहा कि देख लो तुमको अब किसने रोका है मेरे ऐसा कहते ही उसने मेरे ऊपर से टावल हटाकर फेंक दिया और मैं उससे कुछ भी नहीं बोली और अब उसके सामने मैं बिल्कुल नंगी थी और मोनू अपने एक हाथ से मेरी जाँघ की मालिश करता रहा और दूसरे हाथ की ऊँगली को मेरी चूत के अंदर बाहर करता रहा मैं जानती थी की वह एक मर्द है और अपने सामने एक नंगी और कुँवारी लड़की को देखकर ज़्यादा देर तक खुद को नहीं रोक पाएगा।

मुझे यह भी पता था कि वह मुझे चोदेगा ज़रूर और मैं भी उससे चुदवाना चाहती थी फिर थोड़ी देर के बाद उसने अपनी ऊँगली मेरी चूत में से निकाल ली और अब वह मेरे बब्स को मसलने लगा और उसने अब मेरी मालिश करना रोक दिया था और अब उसने अपने दूसरे हाथ की ऊँगली मेरी चूत में डाल दी और उसको अंदर बाहर करने लगा तो थोड़ी ही देर में ही मेरी चूत में से पानी निकलने लगा तो उसने अब अपनी जीभ से मेरी चूत को चाटना शुरू कर दिया तो मैं अब उत्तेजना से एकदम बेकाबू सी हो रही थी और वह मेरी चूत को चाटने और चूसने लगा उसका एक हाथ अभी भी मेरे बब्स पर ही था और वह उनको मसल रहा था और मेरे मुहँ से बहुत तेज-तेज सिसकारियाँ निकल रही थी।

फिर कुछ देर तक मेरी चूत को चूसने के बाद वह हट गया और अपनी धोती को खोलने लगा उसकी धोती खुलते ही उसका मोटा और लम्बा लंड बाहर आ गया और बाहर आकर झूलने लगा और उसने अब अपना कुर्ता भी उतार दिया अब वह भी मेरे सामने बिल्कुल नंगा था और फिर वह मेरे करीब आया और उसने अपना लंड मेरे मुहँ के पास कर दिया मैं तो पहले से ही एकदम जोश में थी तो उसके बिना कुछ कहे ही मैंने उसके लंड पर अपनी जीभ को फैरना शुरू कर दिया वह आहें भरने लगा मैं उसका लंड मुहँ में लेकर चूसना चाहती थी उसका लंड बहुत मोटा था और मेरे मुहँ में थोड़ा सा ही जा पा रहा था तो वह बोला कि बेबी ठीक से चूसो ना इसे अब मैं धीरे-धीरे उसके लंड को चूसने लगी और थोड़ी देर तक उसके लंड को चूसने के बाद उसका लंड एकदम टाईट हो गया था अब उसने अपना लंड मेरे मुहँ से बाहर निकाल लिया और वह अब मेरे पैरों के बीच में आ गया तो मैं समझ गई थी कि अब मेरे मन की असली मुराद पूरी होने वाली है।

दोस्तों मैं आज की कहानी को यहीं पर विराम देना चाहती हूँ और इसके लिये आपसे माफ़ी भी मांगती हूँ इस कहानी का अगला और अंतिम भाग लेकर जल्द ही आपके सामने आऊंगी तब तक के लिये मुझे दिये गये आपके अनमोल समय के लिये आपका बहुत-बहुत शुक्रिया।

धन्यवाद मेरे प्यारे पाठकों !!

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