चुदाई से बदनाम हुए रिश्ते

हाय दोस्तों, Antarvasna मेरा नाम सुनील Kamukta है और मैं धनबाद का रहने वाला हूँ दोस्तों मैं आज आप सभी के सामने अपनी एक सच्ची कहानी को सुनाने जा रहा हूँ लेकिन सबसे पहले में कामलीला डॉट कॉम को बहुत-बहुत धन्यवाद देना चाहता हूँ जिससे हम जैसे लोगों को अपनी कहानी आप सभी तक पहुँचाने का मौका मिलता है दोस्तों मैं खुद भी इस वेबसाईट की कहानियों पिछले कुछ महीनों से रोजाना पढ़ता आ रहा हूँ अब तक मैनें इसकी बहुत सारी सेक्सी कहानियाँ पढ़ी है और बहुत मज़े किए है मैनें भी आप सब लोगों की तरह ही सेक्सी कहानियाँ पढ़ते-पढ़ते ही हिम्मत करके आप सभी के साथ अपने अनुभव को बताने का सोचा और आज तो मैं पूरी तैयारी के साथ समय निकाल कर लिख रहा हूँ तो चलो अब आपका कीमती समय ज्यादा ना लेते हुए मैं अपना पूरा परिचय आप सभी से करवा देता हूँ।

मेरे घर में मेरे अलावा मेरे मम्मी-पापा और दो बहिनें और एक बुआ और बुआ का बेटा भी है यह बेटा बुआ को पापा से है मेरी बुआ मीना की उम्र 38 साल की है वह पापा से 5 साल छोटी है और पापा की उम्र 43 साल है और मेरी मम्मी कल्पना की उम्र 40 साल है और मेरी उम्र 19 साल है और मेरी छोटी बहिन नेहा 18 साल की है और बड़ी बहिन सीमा 21 साल की है और बुआ का बेटा नितिन 18 साल का है पापा के साथ रहने के लिए तो बुआ ने अपने पति से तलाक ले लिया था और बुआ अब हमारे ही घर में पापा की पत्नी की तरह रहती है मम्मी और बुआ पापा के साथ एक ही बेडरूम में सोते है और दोनों बहिनें अलग बेडरूम में और मैं और नितिन एक बेडरूम में सोते है और हमारे परिवार में चाचा और चाची और उनकी बेटी है चाचा की उम्र 40 साल और चाची की उम्र 37 साल है और उनकी बेटी की उम्र 19 साल है और वह भी इसी शहर में रहते है और एक मामा-मामी और उनके दो बेटे और एक बेटी है मामा की उम्र 44 साल है और मामी की उम्र 42 साल है और बड़े बेटे की उम्र 22 साल है छोटे बेटे की उम्र 20 साल और बेटी की 19 साल है।

पापा को अपने काम से फ़ुर्सत ही नहीं मिलती थी इसलिए हम भाई बहन, मम्मी और बुआ के साथ ही घूमते फिरते थे हमारे घर में हम भाई बहनों को पूरी आज़ादी थी हम काफ़ी खुले विचारों के है मेरी दोनों बहिनें और बुआ घर में अधिकतर छोटे-छोटे कपड़े पहनकर घूमती है हमारी मम्मी जो कि खुद भी पढ़ी लिखी थी और मॉडर्न विचारों वाली थी इसलिए वह कभी भी दकियानूसी विचारों को नहीं मानती थी उन्होनें कभी भी हम भाई बहिनों में अंतर नहीं रखा इस कारण हम लोग आपस में भी काफ़ी खुले हुए थे कभी भी किसी भी बात पर अपने विचार व्यक्त कर सकते थे।

हम में किसी प्रकार का कोई परदा नहीं था मम्मी और मेरी बुआ और मेरी बहिन जो की मुझसे करीब 2 साल बड़ी थी उन्होनें कभी मुझसे शर्म या परदा नहीं किया वह घर में मेरे सामने ही कपड़े बदल लेती थी या कभी पीठ कर लेती थी जिस कारण में बड़ी सफाई से निगाहें चुराकर उन दोनों के मस्त बदन का भरपूर दर्शन करता था इसका एक कारण यह था की बचपन से मम्मी और पापा हमारे सामने ही एकदूसरे से प्यार करते थे जब पापा घर पर होते थे तो मम्मी घर पर नंगी ही रहती थी मम्मी के बड़े-बड़े बब्स और मोटी गांड देख-देखकर ही हम भाई और बहिन बड़े हुए है और पापा का लंड 7.5″ लंबा और 3.5″ मोटा है गर्मी में हम सभी घर में नंगे ही रहते थे।

तो दोस्तों यह कहानी जब शुरू हुई तब मैं 2 साल का ही था बुआ की सील पापा ने ही तोड़ी थी जब बुआ 19 साल की थी तब पापा ने बुआ को पहली बार चोदा था ऐसा मुझे मेरी मम्मी ने बताया था हमारे घर में यह नियम था की जब तक लड़की 18 साल की और लड़का 20 साल का नहीं हो जाता तब तक वह चुदाई नहीं कर सकते है लड़की को घर में केवल ब्रा और पैन्टी और लड़के को अंडरवियर ही पहनना होगा मम्मी ने मुझे यह भी बताया कि पापा ने बुआ को पहली बार कैसे चोदा था थोड़ा आप भी उस घटना का मजा लीजिये जब बुआ 19 साल की हुई तब मम्मी ने बुआ के बर्थ-डे वाले दिन बुआ को अच्छी तरह से तैयार किया बुआ को मम्मी ने गुलाबी रंग की ब्रा और जाली वाली पैन्टी पहनाई बुआ उसमें बहुत मस्त लग रही थी रात को पापा ने खाने के बाद बिस्तर लगवाया पापा और मम्मी तो पहले से नंगे थे फिर मम्मी ने बुआ को पापा की गोद में बैठाया और पापा बुआ के बब्स को दबाने लगे थे और थोड़ी देर में पापा ने बुआ को पूरा ही नंगा कर दिया बुआ भी मम्मी और पापा की तरह ही पूरी नंगी हो गई थी फिर पापा बुआ की चूत को देखने लग गए थे बुआ की चूत पर एक भी बाल नहीं था उस दिन सुबह ही मम्मी ने बुआ की चूत को साफ़ कर दिया था फिर पापा ने बुआ की चूत में अपनी एक ऊँगली डाल दी और बुआ की प्यारी सी चूत को चोदने लगे बुआ की चूत टाईट होने से उनकी चोदने की स्पीड बहुत कम थी पापा धीरे-धीरे बुआ कि चूत को चोद रहे थे।

फिर पापा बुआ की चूत को चाटने लगे और मम्मी भी बुआ के बब्स को चूस रही थी बुआ एकदम पागल हो गई थी पापा के चूत चाटने से।

बुआ के बब्स के निप्पल एकदम कड़क हो गये थे फिर बुआ पापा का लंड चूसने लगी और पापा बुआ के ऊपर चढ़ गये और फिर बुआ की चूत पर अपना लंड सेट किया और धीरे-धीरे बुआ की चूत के दानें पर अपने लंड को गोल-गोल घुमाने लगे जिससे बुआ लम्बी-लम्बी सिसकारियाँ लेने लगी और उनकी चूत गीली होने लगी फिर पापा ने बुआ की चूत पर अपना लंड सेट करके एक जोरदार धक्का मारा जिससे बुआ बुरी तरह से चिल्ला उठी और बुआ पापा से कहने लगी जल्दी बाहर निकालो अपने लंड को मुझे बहुत दर्द हो रहा है फिर पापा ने अपना एक हाथ बुआ के मुहँ पर रखा और बुआ की चूत को जोर-जोर से चोदने लगे बुआ को बहुत दर्द हो रहा था फिर पापा अपने लंड को उनकी चूत में अन्दर बाहर करने लगे मम्मी ने यह भी बताया कि उस समय पापा के लंड का आगे का टोपा पूरा ही लाल हो गया था फिर बुआ की चूत कि तरफ देखा तो पता चला उनकी चूत की सील टूट चुकी थी और उनका दर्द भी अब कम होने लगा था।

और फिर बुआ भी थोड़ी देर बाद पापा का साथ देने लगी पापा बुआ की जमकर चुदाई कर रहे थे सारी रात पापा बुआ को चोदते रहे इस बीच बुआ जाने कितने बार झड़ चुकी थी और पापा भी बुआ की चूत में ही झड़ गए थे फिर वह सब सो गये थे फिर सुबह जब मम्मी उठी तो पापा बुआ की चूत में लंड डाल कर सो रहे थे पूरी चादर खून से सनी हुई थी और मम्मी नंगी ही घर का काम कर रही थी मम्मी की मोटी गांड और नीचे झुकने से उनके मोटे बब्स हिल रहे थे।

यह तो थी बुआ की पहली चुदाई की कहानी अब शुरू करते है तब की कहानी जब हम भाई बहिन भी जब जवान हो चुके थे।

एक दिन हम सब तैयार होकर स्कूल चले गये फिर दोपहर को हम सब वापस घर आए और हम सबने कपड़े बदल लिए मेरी बहनों ने ब्रा और पैन्टी पहनी हुई थी मैनें भी अंडरवियर पहनी हुई थी पर बुआ और मम्मी नंगी ही थी खाना खाने के बाद बुआ मम्मी के साथ उनके कमरे में सोने चली गई और हम सब अपने कमरे में आराम करने लगे फिर घर की घंटी बज़ी मैनें उठकर दरवाज़ा खोला सामने मामा और मामी थे मैं मामा मामी को मम्मी के कमरे में लेकर गया वहाँ पर बुआ और मम्मी एकदूसरे को किस कर रही थी मामा और मामी को देखते ही मम्मी उठ गई और मामा मामी से गले मिलकर उनको भी किस किया मामा बुआ को गौर से देख रहे थे मामा का एक हाथ मम्मी की चूत पर था मम्मी ने मुझको उनके लिए पानी लेने के लिए किचन में भेज दिया जब में पानी लेकर वापस आया तो मामा-मामी नहाने की तैयारी कर रहे थे इतने में मेरी दोनों बहिनें भी कमरे में आ गई मामा और मामी नहाने के लिए बाथरूम में चले गये जब वह दोनों नहाकर वापस बाहर आए तो दोनों एक दम नंगे थे मामा का लंड 7 इंच का था वह एकदम लोहे की रोड की तरह खड़ा हुआ था।

और मामी के बब्स बिल्कुल गोल-गोल और बड़े थे उनकी गांड भी उभरी हुई और मोटी थी मम्मी ने मामा का लंड अपने मुहँ में ले लिया और उसे चूसने लगी मामा बुआ के बब्स से खेल रहे थे फिर मम्मी ने मामा के लंड पर क्रीम लगाई और मामा बुआ की चूत को चोदने लगे मम्मी और मामी आपस में समलैंगिक सेक्स कर रही थी फिर मम्मी ने अलमारी के अंदर से रबर का 9 इंच लम्बा लंड निकाला और उसे अपनी कमर पर बाँध लिया और मामी को लिटाकर उनकी टाँगें खोल दी और अपना लंड मामी की चूत पर रखकर मामी को चोदने लगी मामा बुआ को फका-फक चोद रह थे और मम्मी मामी को चोद रही थी मामी के झड़ने के बाद मामी मम्मी को चोदने लगी मामा ने बुआ को पूरे दिन में तीन बार चोदा फिर वह नंगे ही लिपटकर सो गये और हम भाई बहिन भी अपने-अपने कमरे में आकर के सो गये फिर शाम को जब पापा घर लोटे तो मामा और मामी को देखकर बहुत खुश हो गये फिर रात को खाना खाने के बाद पापा मामी से लिपट गये और मामा बुआ से मम्मी और मेरी बड़ी बहिन घर का काम कर रही थी बर्तन साफ़ करने के बाद जब मम्मी कमरे में आई तो मामा-मम्मी से लिपट गए और उनके बब्स को चूसने लगे मामा ने मम्मी को बेड पर लिटाया और उनकी टाँगें फैला दी और उनकी चूत को चाटने लगे और मामी बुआ की चूत को चाट रही थी और पापा मामी की चूत चाट रहे थे।

फिर मामा मम्मी को चोदने लगे और पापा मामी की चुदाई कर रहे थे मामा के झड़ने के बाद मम्मी मामा का लंड चूसने लगी और फिर उनका लंड चाट-चाट पूरा साफ़ कर दिया मामा का लंड फिर से खड़ा हो गया और वह बुआ को चोदने लगे पूरी रात को पापा मम्मी और मामा मामी और बुआ एकदूसरे को बदल-बदलकर चुदाई करते रहे और थककर सो गए फिर सुबह जब मेरी बड़ी बहिन चाय लेकर मम्मी के कमरे में गई तो पापा मामी की चूत में लंड डालकर सो रहे थे और मामा का हाथ बुआ की चूत पर था दूसरी तरफ मम्मी मामा से चिपक कर सो रही थी फिर सबने उठकर चाय पी और सारे एकसाथ मिलकर नहाने लगे।

मामा और मामी दो दिन तक घर पर रहे और दिन रात बस चुदाई ही करते रहे फिर वह दोनों अपने घर चले गये अब पापा रोज़ रात को बुआ और मम्मी को चोदते थे इस तरह बचपन से पापा मम्मी और बुआ और सभी रिश्तेदारों को नंगा देखते-देखते मेरी बड़ी बहिन 21 साल की उम्र में एकदम जवान हो गई थी उसके बब्स 32 साइज़ के थे और चूत फूली हुई और मस्त गांड सीमा के बर्थ-डे वाले दिन मम्मी और बुआ दोनों ने मिलकर बड़ी दीदी को नहलाया और उनकी चूत से बाल साफ किये मैनें पहली बार दीदी की चूत इतने पास से देखी थी पहले तो वह कच्छी पहने रखती थी मम्मी ने दीदी को नई ब्रा और पैन्टी लाकर दी दीदी इस बात से बहुत खुश थी कि रात को पापा उसकी चुदाई करेंगे रात को पापा घर आए पापा आते ही नहाने चले गये और नहाकर आए तो पापा बिल्कुल नंगे थे पापा का लंड खड़ा हुआ था मम्मी और बुआ तो पहले से ही नंगे थे खाना खाने के बाद पापा ने सीमा को अपनी गोद में बैठाया और उसके बब्स को ब्रा के ऊपर से ही दबाने लगे तो दीदी की आँखे बंद होने लगी थी।

फिर पापा ने दीदी की ब्रा उतार दी और उसके बब्स को अपने मुहँ में लेकर चूसने लगे बुआ ने दीदी की पैन्टी को उतार दिया और पापा दीदी की चूत को चाटने लगे तो दीदी के मुहँ से अजीब-अजीब सी आवाजें निकल रही थी मम्मी और बुआ दीदी के एक-एक बब्स को अपने मुहँ में लेकर चूस रही थी फिर मम्मी उठी और पापा के लंड पर क्रीम लगाई और पापा के लंड को पकड़कर दीदी की चूत पर लगाया और पापा ने एक झटका मारा और पापा के लंड का टोपा दीदी की चूत को चीरता हुआ अन्दर चला गया जिससे दीदी एकदम से चिल्ला उठी तो बुआ ने दीदी के मुहँ पर अपना एक बब्स रख दिया और उसको मुहँ में डालकर अपने बब्स को चुसवाने लगी और मम्मी दीदी के बब्स को दबा रही थी अब पापा धीरे-धीरे अपनी स्पीड को बढ़ाने लगे अब दीदी भी थोड़ी शान्त होकर पापा का साथ देने लगी थी 25 मिनट तक पापा दीदी को चोदते रहे फिर पापा ने अपना माल दीदी की चूत में ही डाल दिया और दीदी पापा से चिपक गई उधर बुआ और मम्मी आपस में सेक्स कर रही थी इस तरह सारी रात चारों चुदाई करते रहे अब मम्मी और बुआ की तरह दीदी भी घर पर नंगी ही रहने लगी थी और जब मन करता था सेक्स करती थी।

तो दोस्तों यह थी मेरी सच्ची कहानी…

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