बॉयफ्रेंड को बर्थ-डे पर चूत का तोहफ़ा दिया

हाय दोस्तों, Antarvasna मेरा नाम मीनल है और मैं पटना की रहने वाली हूँ दोस्तों मैं भी आप सभी की तरह ही कामलीला डॉट कॉम की एक नियमित पाठिका हूँ और यह मेरी पहली सेक्स कहानी है जो कि मेरे एक बॉयफ्रेंड और मेरे बीच की है मेरी उम्र 22 साल है और मैं अभी अपने कॉलेज की पढ़ाई करती हूँ मेरा फिगर साइज़ 32-28-34 का है और मैं दिखने में बहुत खूबसूरत हूँ मैं ज़्यादातर जीन्स और टी-शर्ट ही पहनती हूँ मैं जब अपने कॉलेज जाती हूँ तो सब लड़के मुझे देखकर ना जाने क्या-क्या कहते है।

मेरा एक बॉयफ्रेंड है जिसका नाम सुमित है वह भी दिखने में बहुत अच्छा है और वह मुझसे 2 साल बड़ा है वह रोज जिम जाता है जिसकी वजह से उसका शरीर भी एकदम फिट है और मेरे कॉलेज की कई लड़कियां उससे बातें करने के लिए या दोस्ती करने लिए मरती है पर वह तो मुझ पर फिदा है क्यूंकि मैं हूँ ही ऐसी अब आपका ज़्यादा समय ना लेते हुए मैं सीधे अपनी कहानी पर आती हूँ।

आप यह कहानी कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

मैंने जब कॉलेज में नया-नया दाखिला लिया था तब से ही मुझे वह बहुत पसंद था पर मैं उस समय उससे बात नहीं करती थी लेकिन एक दिन वह खुद ही सामने से मेरे पास आया और बोला कि हाय आप यहाँ कॉलेज में नई आई हो ऐसा लगता है तो मैंने भी कहा कि हाँ और फिर उसने मुझसे बातें करना चालू किया और बताया कि मेरा नाम सुमित है और कॉलेज में मेरा यह दूसरा साल है तो मैंने कहा कि मेरा नाम मीनल है फिर उस दिन के बाद से मैं और वह हम दोनों ही खूब बातें करने लगे और फिर धीरे-धीरे हमारी दोस्ती हो गई।

फिर हम दोनों ही बाहर भी घूमने जाने लगे और साथ में कॉफ़ी पीने या फ़िल्म देखने जाने लगे फिर एक दिन उसने मुझसे बोला कि मीनल तुम बहुत ही खूबसूरत हो और मैं तुमको प्यार करने लगा हूँ आई.लव.यू. तो मैंने भी जवाब में उसको कहा कि आई.लव.यू.टू. तो वह एकदम से पागल सा हो गया और उसने मुझे बहुत-बहुत धन्यवाद कहा और फिर तो अब हम दोनों की बातें फ़ोन पर देर रात तक होने लगी थी।

फिर हम खूब प्यार की बातें करते थे और कई बार तो फ़ोन सेक्स भी करते थे फिर एक दिन उसका जन्मदिन आया तो हम दोनों हमारे कुछ दोस्तों के साथ उसका जन्मदिन मनाने के लिए बाहर गये और फिर हमने वहाँ पार्टी में खूब मस्ती करी और उसी शाम को उसने मुझे कहीं अकेले में मिलने के लिए भी कहा तो मैं उसे मिलने के लिए गई और हम पार्क में बैठे थे और बातें कर रहे थे तब उसने मुझसे कहा कि मेरे जन्मदिन का तोहफा कहाँ है? तो मैंने उससे कहा कि तुम जो मांगोगे वही मिलेगा। तो उसने कहा कि एकबार सोच लो जो मैं मांगूंगा तुमको वही देना पड़ेगा। तो मैंने हाँ कर दी तब उसने मुझसे कहा कि मुझे तुम्हारे साथ सेक्स करना है और मैं तुमको जी भर के प्यार देना चाहता हूँ।

दोस्तों मैं भी तो यही चाहती थी क्यूंकि उसने मुझे भी कई बार फ़ोन सेक्स करके बहुत तडपाया था वह जब भी फोन सेक्स करता था तो मेरी पैन्टी गीली हो जाती थी तो मैंने उसको हाँ कर दी और फिर वह मुझे एक होटल में लेकर गया और वहां पर जाकर एक कमरा बुक किया और फिर मैं और वह हम दोनों ही कमरे में चले गये। और जैसे ही हमने उस कमरे के अन्दर कदम रखा तो उसने मुझे पीछे से पकड़ लिया और मेरे गले पर किस करने लगा और मेरे बब्स को मेरी टी-शर्ट के ऊपर से ही दबाने लगा और फिर उसने मुझे पीछे घुमाया और मेरे होठों पर किस करने लगा इसमें मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा था।

फिर थोड़ी देर तक किस करने के बाद उसने मेरी टी-शर्ट को भी उतार दिया तो मैंने अन्दर काले रंग की ब्रा पहन रखी थी और उसने भी अपनी शर्ट को उतार दिया और फिर हम दोनों ही एक-दूसरे को किस करने लगे और वह मेरे बब्स को भी दबा रहा था फिर उसने मेरी ब्रा को भी उतार दिया और मुझे अपने हाथों में उठाकर वह मुझे बेड पर लेकर गया और अपनी पेन्ट को उतारने लगा फिर वह अपनी पेन्ट को उतारने के बाद मेरे ऊपर आया और मुझसे बोला कि तुम आज तो बहुत खूबसूरत लग रही हो और बहुत सेक्सी भी लग रही हो तुम्हारे बब्स तो दूध से भी ज़्यादा सफ़ेद है मैं उसके मुहँ से यह सब सुनकर गर्म हो रही थी।

अब वह मेरे ऊपर आ गया और मेरे बब्स को दबाने लगा और मेरे एक बब्स को अपने मुहँ में लेकर चूसने लगा और अपने दूसरे हाथ से मेरे दूसरे बब्स को मसलने लगा उसके ऐसा करने से मुझे हल्का सा दर्द हो रहा था और मैं उस दर्द से आह…आहह…कर रही थी फिर थोड़ी देर वह मेरे बब्स चूसने के बाद मेरी नाभि को चाटने लगा और मैं भी बहुत गर्म हो रही थी फिर थोड़ी देर बाद वह उठा और मेरी जीन्स को खोलने लगा मेरी जीन्स बहुत टाईट थी तो उससे जल्दी नहीं खुल रही थी मैं कपड़े ज़्यादा टाईट ही पहनती हूँ फिर थोड़ी मुश्किल के बाद उसने मेरी जीन्स को उतार दिया।

अब वह मेरी काले रंग की पैन्टी को देखकर दंग रह गया उसने अब झट से मेरी पैन्टी को भी उतार दिया और मेरी चूत को देखने लगा ऐसा लग रहा था कि मानो पहले उसने कभी किसी की चूत ही नहीं देखी हो शायद अब वह मेरी तरफ मुस्कुरा के देखने लगा और बोला कि तुम्हारी चूत तो बहुत ही टाईट है जान कब से इसे संभाल कर रखा है तो मैं बोली कि मेरी जान यह तुम्हारे लिये ही है आज इसकी प्यास को बुझा दो मेरी जान और फिर वह अपना मुहँ मेरी चूत के पास लाकर उसको सूंघने लगा और बोला कि ओह मेरी जान क्या भीनी-भीनी खुशबू आ रही है तुम्हारी इस चूत में से और फिर वह धीरे से अपना हाथ नीचे ले जाकर मेरी चूत के ऊपर घुमाने लगा हाय उसके ऐसा करने से मेरी तो जान ही निकली जा रही थी फिर वह मेरी दोनों टाँगों को फैलाकर उनके बीच में बैठकर मेरी चूत को चाटने लगा मेरी चूत तो पहले से ही गीली हो चुकी थी और वह पूरी गुलाबी दिख रही थी फिर दोस्तों वह मेरी चूत में अपनी पूरी जीभ अन्दर तक डाल रहा था और मेरे चूत के दाने को भी चूस रहा था जिससे मुझे हल्का सा दर्द भी हो रहा था और मैं आहह….ईस्स्स…उफ्फ्फ… कर रही थी फिर वह मेरे ऊपर आ गया और मुझे मेरे होठों पर किस करने लगा और उसके बाद वह मुझसे बोला कि जान जरा तुम भी तो मेरे लंड का स्वाद देखो कैसा लगता है तुमको।

अब मैं उठी और उसकी अंडरवियर को उतारने लगी तो मैंने देखा कि क्या मोटा और लम्बा लंड था उसका मैं तो उसके लंड को देखकर ही डर गई तो फिर उसने मुझे उसका लंड चूसने को कहा तो मैंने थोड़ा डरते हुए हाँ कह दिया। मैंने यह भी सुना था कि लंड को चूसने में बहुत ही ज्यादा मज़ा आता है तो मैं भी अब उसका लंड अपने मुहँ में लेकर चूसने लगी यह मेरा पहली बार था तो मुझे कुछ अजीब सा भी लग रहा था फिर थोड़ी देर तक मैंने उसका लंड चूसा तो वह पागल सा होने लगा और वह मेरे मुहँ में ही झड़ गया और उसने अपना पूरा माल मेरे मुहँ में ही निकाल दिया और मैं भी वह सारा ही पी गई पर उसका स्वाद कुछ नमकीन सा लग रहा था।

फिर थोड़ी देर तक एक दूसरे को किस करने के बाद मैं फिर से उसका लंड अपने मुहँ में लेकर चूसने लगी और वह फिर से एकदम गर्म हो गया था और अबकी बार मेरे मुहँ में उसका लंड पूरा डालना मुश्किल हो रहा था तो उसने मुझे कन्डोम दिया और उसे अपने लंड पर लगाने को कहा तो मैंने वह कन्डोम उसके लंड के ऊपर लगाया और उसने मुझे बेड पर लेटा दिया और मेरी प्यारी सी चूत पर अपना मोटा लंड रख दिया और एक जोर का झटका मारा जिससे उसका आधा लंड मेरी चूत में चला गया तो मुझे एकदम से बहुत तेज़ दर्द हुआ और मैं जोर से चिल्लाई आहहह … ओह्ह्ह… नहीं… फिर उसने दूसरा झटका मारा तो उसका लंड थोड़ा सा और मेरी चूत में चला गया और मैं फिर से चिल्लाई तो वह मेरे ऊपर आ गया और मेरे होठों को चूसने लगा और फिर ज़ोर-जोर से झटके मारने लगा तो इस बार उसका पूरा का पूरा ही लंड मेरी चूत को फाड़कर उसमें समा गया था।

मेरी चूत से अब खून भी निकलने लगा था और मैं दर्द के कारण जोर-जोर से चिल्लाने लगी और वह मेरी चूत को फाड़ता हुआ मेरी चुदाई करता रहा अब मैं उस तेज दर्द से रोने भी लगी थी पर वह मुझे अनसुना करता हुआ बहुत ही तेज़ तरीके से मेरी चूत की चुदाई किये जा रहा था फिर थोड़ी देर की चुदाई के बाद वह झड़ने वाला था तो उसने अपना कन्डोम निकालकर अपने लंड को मेरे मुहँ में डाल दिया और मैं उसके लंड को बड़े ही प्यार से चूसने लगी थी और फिर थोड़ी ही देर के बाद उसने मेरे पूरे चेहरे और बब्स पर अपना गरमा-गरम माल गिरा दिया और थोड़ी देर के बाद उसने मुझे अपना लंड चुसवाकर साफ कर दिया फिर उसने भी मेरी चूत को चाट-चाटकर साफ़ कर दिया और फिर वह मुझे बाथरूम में ले गया और मुझे अच्छी तरह से साफ किया और फिर हम दोनों वहीँ बेड पर लेट गये।

उसके बाद मैं उसके लंड को फिर से पकड़कर हिलाने लगी तो वह फिर से अपना रंग दिखाने लगा और वह फिर से खड़ा हो गया और सुमित भी मुझे देखकर हँसने लगा और मेरे बब्स को देखने लगा और दबाने भी लगा और वह मुझे फिर से चुदाई के लिए मेरे होठों पर और मेरे बब्स पर किस करके तैयार करने लगा और फिर मैं भी अब गर्म होने लगी और फिर मैं उठी और उसके लंड को अपने मुहँ में लेकर तेजी से चूसने लगी और वह भी मेरे बालों को पकड़कर अपने लंड को मेरे गले तक डालने लगा और थोड़ी देर बाद फिर वह उठा और अबकी बार मेरी गांड को चाटने लगा तो मैं उसको मना करने लगी तो भी वह नहीं माना।

और वह मेरी गांड को चाटता रहा उसके थोड़ी देर तक मेरी गांड को चाटने के बाद उसने अपनी एक ऊँगली मेरी गांड में डाल दी तो मैं एकदम से चिल्लाई उईईई… मरररर गई रे…आह्ह्ह… और उधर उसको तो जैसे बहुत मज़ा आ रहा हो वैसे वह मेरी गांड में ऊँगली डालने लगा और फिर थोड़ी देर बाद गर्म होने के बाद वह अपने लंड पर कॉन्डोम लगाकर लंड मेरी गांड पर टीका दिया और चुदने के लिए मुझे तैयार किया और फिर मैं घोड़ी बन गई और लंड को मेरी गांड में डालने के लिए तैयार कर दिया और फिर एक झटका मारकर मेरी गांड में अपना मोटा लंड उतार दिया और मैं चिल्लाने लगी तो उसने एक और झटका मारा तो उसका आधा लंड मेरी गांड में घुस गया था और फिर एक और जोर का झटका मारकर अपना पूरा का पूरा लंड ही मेरी गांड के अन्दर डाल दिया मैंने फिर उसको रुकने के लिए कहा तो वह रुक गया।

और फिर थोड़ी देर में मैं भी अपनी गांड को आगे-पीछे हिलाने लगी तो वह समझ गया की अब मैं भी चुदाई के लिये तैयार हूँ तो वह अब मेरी गांड को अपने लंड के तेज धक्कों से बहुत ही मस्त तरीके से मारने लगा और मैं आहहह… ईस्स्स्स… उफ्फ्फ…करती रही थी और वह ज़ोर-ज़ोर से मेरी गांड की ठुकाई करता रहा तो अब मैंने उसको कहा कि अब और ज़ोर-ज़ोर से करो तो वह अब मुझे और ज़ोर-जोर से चोदने लगा और लगभग 15 मिनट के बाद वह झड़ने लगा तो उसने अपना पूरा माल कन्डोम में ही निकाल दिया और फिर मैंने उसका कन्डोम निकाला और फिर उसने अपना लंड मेरे मुहँ में डाल दिया मुझे तो उसका लंड चूसने में बहुत मज़ा आ रहा था फिर मैंने करीब 5-7 मिनट तक उसका लंड चूसा और फिर लंड चूसने के बाद में उठ गई और उसके बगल में लेट गई।

फिर थोड़ी देर आराम करने के बाद हम दोनों उठे और अपने-अपने घर चले गये उस जबरदस्त चुदाई के बाद मुझसे तो ठीक चला नहीं जा रहा था किसी तरह मम्मी की नज़रों से बचकर मैं अपने बेडरूम में जाकर सो गई और मैंने दर्द ठीक होने की गोली ले ली थी तो दर्द भी अब कम हो गया था और सुबह जब मैं उठी तो सुमित का फ़ोन आया तो उसने पूछा कि अब कैसी तबीयत है दर्द ठीक हुआ या नहीं है तो मैंने उससे कहा की नहीं अब दर्द कुछ खास नहीं है तो उसने कहा ठीक और यह भी कहा कि मेरी जान कल तुमने मुझे बहुत खास तोहफा दिया था और मैं तुमसे बहुत खुश हूँ आई.लव.यू. जान तो मैंने भी उसके जवाब में आई.लव.यू.टू. जान और मैंने फ़ोन रख दिया।

धन्यवाद प्यारे पाठकों !!

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