मैडम की चूत का फायर फाइटर

हाय दोस्तों, Antarvasna मेरा नाम मुकुल है Kamukta और मैं 25 साल का हूँ और मैं जयपुर का रहने वाला हूँ मैं भी आप सभी की तरह ही इस वेबसाईट का नियमित पाठक हूँ मैंने अभी तक इसकी सारी ही सेक्स कहानियाँ पढ़ी है और मुझे इसकी सभी कहानियाँ बहुत ही अच्छी लगी है इसलिये मैं भी अपनी एक प्यारी सी कहानी को आपके सामने लेकर आया हूँ और मेरी यह चुदाई कहानी 1 साल पुरानी है उस समय मैं अपनी इंजिनियरिंग की ट्रेनिंग पर था।

मैं अपनी ट्रेनिंग एक बड़ी कम्पनी में कर रहा था और हमारे ऑफीस में एक मैडम भी काम करती थी उनका नाम नेहा था वह दिखने में बहुत ही खूबसूरत थी। उसके क्या बब्स थे उसके फिगर का साइज़ 34-30-36 के लगभग का लगता था उनका वह गोरा रंग बड़े-बड़े बब्स उभरी हुई गांड जो भी उनको एकबार देखता था तो वह यही सोचता होगा की काश मेरा लंड एकबार इसकी चूत मैं चला जाए यही सोचकर आहें भरता था। देखने में वह क्या गजब का माल लगती थी ऊपर से नीचे तक एकदम परी के जैसे। क्या सेक्सी थी वह, अब मैं आपको अपनी कहानी बताता हूँ मेरी लम्बाई 5.7 फीट की है और रंग गोरा, मेरा शरीर तो ऐसा है कि जिसे देखकर कोई भी लड़की पहली बार में ही मुझसे दोस्ती करने और मुझसे चुदने के लिए तैयार हो जाए।

मुझे आज भी याद है कि मैं जब एकबार अपने ऑफीस आ रहा था तो नेहा मैडम उस दिन लेट हो गई थी और वह बस स्टॉप पर बस का इंतजार कर रही थी और मैंने उनको देखा तो मैंने अपनी कार रोककर उनसे पूछा की क्या मैं आपको लिफ्ट दे सकता हूँ? तो मैडम ने कहा अच्छा हुआ कि आज मुझे तुम मिल गये मैं आज पहले ही बहुत लेट हो गई हूँ उन्होंने उस समय जो कपड़े पहन रखे थे उनमें वह बहुत ही जबरदस्त लग रही थी मेरा दिल तो कर रहा था कि मैडम के बब्स को ज़ोर-ज़ोर से दबाऊ और अपने मुहँ में लेकर खा जाऊँ लेकिन मैंने अपने आप पर काबू रखा और उनको ऑफीस तक छोड़ दिया तो मैडम ने मुझे धन्यवाद कहा और अपनी सीट पर चली गई और मैं भी अपनी जगह पर जाकर बैठ गया।

नेहा मैडम ने एक फ्लेट किराये पर ले रखा था और वह उस घर में अकेली ही रहती थी वह यहाँ पर सिर्फ नौकरी ही करती थी। मैडम ने मुझे बाद में बताया कि वह रात को अपनी चूत में ऊँगली कर-करके रोज़ ही पानी निकालती थी और उसे रोज़ रात को सेक्स करने की बहुत याद आती थी क्यूंकि वह बिना सेक्स किये हुए नहीं रह सकती थी इसी वजह से वह सुबह ऑफिस के लिये लेट उठकर आती थी।

फिर तो नेहा मैडम अब रोज़ ही लेट होने लगी थी और मैं उनको अपने साथ रोज़ ऑफिस लाने लगा और अब हम बहुत अच्छे दोस्त भी बन गये थे वह मुझे अपनी सारी बातें बताती और मैं भी उनको अपनी सारी बातें बताने लगा था रविवार को हमारी छुट्टी का दिन रहता था तो नेहा ने मुझसे कहा कि चलो यार कोई फिल्म देखने चलते है तो मैंने सोचा कि हो सकता है फिल्म के बहाने ही उसकी चूत मिल जाए तो मैंने चलने के लिये हाँ कर दी और हम दोनों ही फिल्म देखने के लिए चले गये और जब हम सिनेमाघर में फिल्म देख रहे थे तब नेहा ने मेरा हाथ पकड़ा और कहा कि मुझे फिल्म में बहुत डर लगता है प्लीज़ तुम मेरे पास बैठो ना और फिर मैं उसके पास खिसककर बैठ गया अब उसने कुछ नहीं कहा तो मैंने कुछ देर बाद हिम्मत करी और उसे एक किस कर दिया और उसने मुझे खुद से दूर किया और चुप होकर बैठ गई अब मुझे लगा की वह गुस्सा हो गई है तो मैंने उसको सॉरी कहा तो वह फिर भी कुछ नहीं बोली और फिल्म देखकर हम वहाँ से चले आये।

नेहा ने मुझसे 2 दिन तक बात नहीं करी और फिर तीसरे दिन मैंने उसको एक मेसेज किया। सॉरी नेहा मुझे माफ़ कर दो तुम बहुत सुंदर हो इसलिए मैं खुद को रोक नहीं पाया। अब आगे से दुबारा ऐसा नहीं होगा सॉरी…। अब नेहा का जो उत्तर था उसको सुनकर मैं तो एकदम ही चौंक गया उसने जवाब में लिखा था कि बस किस ही करनी थी क्या? और कुछ नहीं करोगे क्या? उसके मुहँ से यह बात सुनकर मैं तो खुशी से झूम उठा और मुझे लगा कि मेरी तो आज किस्मत ही खुल गई थी अब उसने कहा कि शाम को मेरे घर आ सकते हो क्या? तो मैंने कहा ठीक है और मैं यह भी जानता था वह साली अपनी चुदाई करवाने के लिए ही मुझे बुला रही है।

और जब मैं उसके घर गया तो मैनें देखा कि नेहा ने साड़ी पहनी हुई थी और वह उसमें बहुत ही जबर्दस्त लग रही थी और बहुत सेक्सी भी दिख रही थी मेरा दिल तो कर रहा था कि मैं उसके बब्स को अभी खा जाऊं पर कोई बात नहीं थोड़ा और इंतजार कर लेता हूँ आगे पीछे तो इनका रस मैं ही तो पीऊँगा और फिर उसने मुझे अन्दर बुलाया और हम दोनों ही हॉल मैं बैठ गये वह मेरे सामने थी उसने अपनी साड़ी का पल्लू नीचे गिरा दिया तो उसके मोटे-मोटे बब्स देखकर मुझसे रहा नहीं गया।

वह अपनी चूत मुझे दिखा दे मैं बैठकर यही सोच रहा था इतने मैं वह जूस ले आई और मुझसे पूछा कि पिओगे?

तो मैंने कहा हाँ।

तो फिर नेहा ने कहा कि जैसे मैं पिल्लाऊँगी वैसे ही पीना पड़ेगा।

तो मैंने कहा कि मैं कुछ समझा नहीं।

तो फिर उसने अपनी साड़ी का पल्लू नीचे गिराया और जूस को अपने बब्स पर डाला और अपने पैरों से धीरे-धीरे अपना पेटीकोट नीचे सरकाया और अपनी चिकनी जाँघें मुझे दिखाने लगी और अपने बब्स पर हाथ रखकर बोलने लगी कि इसको पिओगे? तो मैनें हाँ में सिर हिला दिया तो फिर उसने बोला अब इसको पियो तो अब मैं बहुत खुश हो गया और मैंने उसके बब्स को किस करना शुरू किया और मैं उसको बेडरूम में ले गया पहले तो उसने मुझे किस किया और कहा कि मेरी चूत को ठंडा करो इसके अन्दर बहुत आग लगी हुई है तो फिर मैंने उसको कहा कि थोड़ा इंतजार करो आज से तुम्हें मैं ही अपने लंड का मज़ा दूंगा और अब मैं उसको किस करने लगा अब उसने मेरे सारे कपड़े उतारे और मेरे लंड को अपने मुहँ में डालकर ऐसे खाने लगी जैसे वह कोई केला खा रही हो।

मैं भी अपने दोनों हाथों से उसके बब्स को दबा रहा था फिर मैंने उसके बब्स को ज़ोर-जोर से दबाना शुरू किया और फिर वह भी मेरे लंड पर किस करने लगी उसने 10 मिनट तक मेरे लंड को ऐसे ही किस किया और अपने मुहँ में ही रखा और मैंने अब उसकी गांड पर किस करना शुरू किया तो वह अपनी चूत पर मेरा हाथ लगवाने लगी और बोलने लगी कि मेरी चूत को भी चाटो और मुझे चोद दो और इतना चोदो की मेरी चूत की आग पूरी ही ठंडी हो जाए बहुत दिनों से तड़प रही हूँ मैं अपनी चूत में ऊँगली कर-करके थक चुकी हूँ इसमें बहुत खुलजी होती है आज मिटा दो मेरी चूत की सारी खुजली प्लीज।

मैं आपको बता दूँ की मैं करीब 20 मिनट तक बिना रुके सेक्स कर सकता हूँ और मेरा लंड 7.5 इंच का है और 3 इंच मोटा है अब मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रखा और धक्का मारा पर मेरा लंड थोड़ा मोटा होने की वजह से अन्दर नहीं जा पा रहा था तो मैंने उसको अपने लंड के ऊपर बैठने को कहा और साथ ही कहा कि अपनी चूत में अब धीरे-धीरे मेरा लंड डालो वह बोलती रही कि जान ज़ोर… से करो ना और जोर-से… तो फिर मैंने उससे कहा कि पहले मेरे लंड को तो डालो अपनी चूत में उसकी सेक्स की भूख़ को देखकर मैं हैरान रह गया था और फिर मैंने उसको नीचे लेटाया और अपना लंड उसकी चूत के अन्दर डालना शुरू किया तो उसकी चूत बहुत टाईट थी इसलिये मुझे भी अन्दर डालने में बहुत मज़ा आ रहा था मेरा लंड अन्दर जाते ही उसकी चूत में से खून निकलने लगा शायद उसकी चूत की सील टूट चुकी थी उसकी चूत की तेज आग के कारण उसको उसकी सील टूटने का भी अहसास नहीं हुआ था अब मैंने अपना लंड जैसे है बाहर निकाला तो वह बोली कि वापस डालो ना पर मैंने मना कर दिया तो उसने मुझे धक्का दिया और खुद मेरे ऊपर आकर मेरे लंड को अपनी बहुत दिनों की प्यासी चूत में डालने लगी और खुद ही ज़ोर-ज़ोर से अन्दर बाहर करने लगी कितना तड़प रही थी वह सेक्स के लिए शायद उसको पहली बार लंड मिला था। मैं तो सिर्फ़ नीच लेटा हुआ था और वह मेरे लंड पर सवार होकर ऊपर नीचे होकर जमकर सेक्स करने लगी और करीब 15 मिनट के बाद उसका सेक्स पूरा हो गया और उसकी चूत ने मेरे लंड पर पानी छोड़ दिया था और वह लेट गई पर मेरा तो बुरा हाल था।

फिर मैंने उसको नीचे सुलाया और उसकी दोनों टाँगो के बीच में बैठकर उनको ऊपर उठाया और अपने कन्धों पर रखकर अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया और फिर नेहा ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाने लगी ऊईईई.. नहिन्न्न…. प्लीज़ तो मैनें उससे कहा कि करने दो ना मुझे भी खुदने तो अपना सेक्स कर लिया अब मुझे भी सेक्स करने दो और मैंने फिर उसको उल्टा लेटाया और उसकी गांड में अपना लंड डाल दिया लंड अन्दर नहीं जा रहा था लेकिन फिर बहुत ज़ोर लगाया तब ही मेरा लंड धीरे-धीरे उसकी गांड के अन्दर चला गया और उसकी आँखो से पानी निकलने लगा और वह रोने लगी।

मैंने अब जोर-ज़ोर से उसको चोदना शुरू किया पर नेहा अब भी रो रही थी और कह रही थी अब बस करो जल्दी करो मुझे बहुत दर्द हो रहा है फिर मैंने अपना लंड उसकी गांड में से बाहर निकाला और उसको अपने ऊपर बैठाकर फिर से सेक्स करने लगा और वह मेरे ऊपर उछल-उछलकर मेरा लंड फका-फक अपनी चूत के अन्दर-बाहर कर रही थी उसके ऐसा करने से मुझे तो बहुत मजा आ रहा था और मैं उसके बब्स को पकडकर जोर-जोर से दबा भी रहा था और फिर थोड़ी देर बाद मैं भी एकदम से अकड़कर नेहा की चूत में ही झड़ गया और मैंने अपना पूरा वीर्य उसकी चूत में ही डाल दिया और हम दोनों बिना कपड़े पहने ही सो गये।

और सुबह जब मैं उठा तो नेहा नहाकर बाथरूम से बाहर आई और बोलने लगी कि यह देखो तुमने तो मेरी चूत को चोद-चोदकर एकदम लाल कर दिया है और यह अभी तक झपक रही है तो फिर मैंने उसको अपने पास बुलाया और फिर से दुबारा उसके साथ सेक्स किया। और सेक्स करते हुए पूछा कि मैडम एक बात बताओ आपने तो मेरे आते ही अपनी साड़ी का पल्लू नीचे गिरा दिया था इतनी जल्दी किस बात की थी। और फिर उसने जल्दी से मेरे मुहँ पर हाथ लगाते हुए बोला कि जब तुम मुझे रोज अपनी कार से ऑफिस छोड़ते थे तब मैं तुम्हारी पेन्ट के उभार की तरफ देखती थी और तुम्हारा लंड मुझे हमेशा सी ही टाईट दिखता था तो मैंने सोचा कि क्यूँ ना इसको एकबार चखा जाये तो मैं तब से ही इसको पाने की कोशिश कर रही थी।

पर अब जब भी मेरा दिल करता है या नेहा का दिल करता है तो हम दोनों एक-दूसरे के साथ सेक्स कर लेते है और नेहा अब मुझसे बिलकुल पोर्न फिल्मों वाले तरीके से चुदवाती है और मैं भी नेहा को खूब चोदता हूँ।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!

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