भाभी रांड ने मरवाई बहिन की गांड भाग-2

हाय दोस्तों, भाभी Antarvasna रांड ने मरवाई Kamukta बहिन की गांड कहानी के दूसरे भाग में आपका स्वागत करता हूँ आशा करता हूँ कि आपको इस कहानी का पहला भाग बहुत पसंद आया होगा अब मैं आपके लिये इस कहानी का अगला भाग लेकर आया हूँ तो कहानी पढिये और आनन्द लीजिये……

तो अब मैंने भाभी से कहा कि भाभी भैया तो अपनी मस्ती करने चले गए तो अब हम लोग भी फिल्म देखने चले क्या? तो भाभी बोली कि वैशाली से पूछ लो अगर वह भी जाएगी तो चलते है और फिर वैशाली ने भी हाँ बोल दी और हम लोग कार मैं बैठकर फिल्म देखने चले गए सिनेमाघर में मैं उन दोनों के बीच में बैठा हुआ था और हम फिल्म देख रहे थे और मैं वहीं पर ही अँधेरे में भाभी को थोड़ा-थोड़ा छेड़ रहा था और कभी उनके बब्स पर तो कभी उनकी चूत पर और कभी उनकी गांड पर हाथ मारने लगा था जिससे भाभी को फिल्म देखने में परेशानी हो रही थी और मुझे उनको छेड़ने में बहुत मज़ा आ रहा था अब फिल्म का आधा भाग हो चुका था और मैं कुछ कोल्ड ड्रिंक्स और नाश्ता लेकर आया और अब हम लोग फिल्म का दूसरा भाग देखने लग गए थे।

तभी मैंने सोचा कि क्यों ना एक बार वैशाली के साथ भी कोशिश करी जाए शायद वह भी पट जाए तो फिर मैंने वैशाली के पीछे से उसके कंधे पर हाथ डालने की कोशिश करी तो उसने नाराज़ होते हुए मुझसे कहा कि यह सब क्या कर रहे हो तो मैंने कहा कि कुछ भी तो नहीं कर रहा हूँ और तभी मैंने जानबूझकर वैशाली के हाथ से पॉपकॉर्न का पैकेट नीचे गिरा दिया था और सारे ही पॉपकॉर्न उसके कपड़ों के ऊपर ही बिखर गए थे और अँधेरे में पता भी नहीं चल रहा था कि कहाँ-कहाँ पर गिरा है तो मैंने उसके कान में कहा कि नीचे से बिल्कुल भी मत उठाना हम लोग नीचे से ही उठाकर खा लेंगे और मैं उसके कपड़ों के ऊपर से ही उठाकर खाने लगा तभी एक दो बार उसके बब्स को मेरा हाथ लग गया था मुझे वह बहुत नरम लग रहे थे और उसके बाद मैं दुबारा से जानबूझकर उसके कपड़ों के ऊपर पॉपकॉर्न देखने लगा तो मेरा हाथ उसकी चूत के पास भी लग गया तो मैं गरम हो गया था लेकिन वैशाली ने मुझसे कुछ नहीं बोला लेकिन उसका मतलब यह भी नहीं था कि मुझे चुदाई के लिये हरी झंडी मिल गई हो और फिर फिल्म पूरी होने के बाद हम लोग घर आ गये थे और भाभी के कमरे में बैठकर बातें करने लगे थे मुझे तो बस उनकी बहिन की चुदाई करनी थी और मैं भाभी को इशारा भी कर रहा था कि प्लीज़ और तभी भैया का फ़ोन आया और यह भी पता चल गया था कि भैया पार्टी में से सुबह ही आएँगे।

अब भाभी ने मुझसे कहा कि मैं तो तैयार हूँ तुम मुझे जितना चाहो उतना चोद सकते हो पर मैं वैशाली को कैसे बोलू यह सब वह क्या सोचेगी तो मैंने भाभी से कहा कि हम लोग एक काम करते है मैं आपको चोदूंगा और हम लोग कमरे का दरवाजा बंद नहीं करेंगे और पीने के पानी की बोतल भी उसके कमरे में नहीं रखेंगे और फिर वह पानी के लिये आपको पूछने आएगी और आकर हमको देखेगी और हम लोग उसको सॉरी बोलकर उसको भी अपने पास बुला लेगें।

और फिर हम लोगों ने वैसा ही किया और हम दोनों ही कमरे में जाकर सेक्स करने लगे उस वक्त भी मैंने भाभी की गांड ही मारी थी क्योंकि मुझे वैशाली की चूत मारनी थी और तभी हमारे प्लान के हिसाब से मुझे वैशाली की आवाज़ आई दीदी-दीदी पर हम दोनों ने उसकी आवाज़ को अनसुना कर दिया था और फिर से सेक्स करने लग गए थे तभी वैशाली कमरे में आई और हमको उस हालत में देखकर चौंक गई और वह भाभी से बोली कि दीदी आप यह क्या कर रहे हो इसके साथ? जीजू क्या सोचेंगें।

तो फिर मैंने वैशाली से कहा कि यह मेरी ही ग़लती है और तुम मुझे माफ़ कर दो तब मैं पूरा ही नंगा खड़ा हुआ था और वह मेरे लंड को देख रही है तो मैंने उसको कहा अगर तुमको मुझसे कोई भी मदद चाहिये अपने काम और पढाई के सिलसिले में तो मैं जरूर तुम्हारी मदद करूंगा और तुम हमको माफ़ कर दो तुम जो बोलोगी मैं वह सब करूँगा तभी वैशाली हँस पड़ी और बोली कि ठीक है तो फिर मुझको भी तुम अपनी भाभी की तरह चोदकर दिखाओ।

और फिर क्या था दोस्तों मैं तो बहुत खुश हो गया था और बोला कि ठीक है और यह सब देखकर भाभी चौंक गई थी और भाभी अपनी बहिन से बोली कि वैशाली तू भी चुदेगी पक्का? तो वह बोली कि दीदी मैं अपनी चूत को मरवा-मरवाकर पहले ही उसे भौसडा बनवा चुकी हूँ और तुम मुझसे पूछ रही हो दीदी मैं जब से यहाँ आई हूँ तभी से मैंने आपके देवर को देखकर सोचा था कि इस चोदू से एकबार अपनी चूत जरूर मरवाऊँगी।

और फिर यह सब सुनकर मेरा मन भी बहुत उत्तेजित हो गया था और मैं झट से वैशाली को बैड पर खींचकर उसके ऊपर चढ़ गया था और उसके बड़े-बड़े बब्स को अपने हाथों से दबाने लगा क्या कमाल के बब्स थे दोस्तों उसके और मैं दूसरी तरफ अपनी भाभी की चूत में भी ऊँगली कर रहा था और वैशाली भी मेरे लंड को पकड़ने के लिए इधर-उधर अपना हाथ मार रही थी तभी मैंने उसको अपना लंड पकड़ा दिया और वह उसे अपने मुहँ में लेकर केले की तरह चूसने लगी कसम से क्या मस्त नज़ारा लग रहा था वह एक तरफ भाभी और दूसरी तरफ वैशाली अब मैंने वैशाली के सारे ही कपडे खोल दिए थे अब वह हमारे सामने अपनी ब्रा और पैन्टी में ही थी तो अब भाभी ने मुझसे कहा कि अब यह आ गई है तो तू मुझे अच्छी तरह से नहीं चोदेगा मुझे सब पता है क्योंकि इसकी गांड मुझसे बड़ी है और इसके बब्स भी मुझसे बड़े है और तुझे तो सब बड़े-बड़े ही पसंद है तो मैंने कहा कि भाभी ऐसा कुछ भी नहीं है आप तो मेरी जान हो और सबसे पहले जान को उसके बाद बाकी सबको और ऐसा ही बोलकर मैंने वैशाली को पूरी ही नंगी कर दिया था और उसकी चूत को चाटने लग गया था यह मेरे लिए भी एक नया अनुभव था उसकी चूत में एक भी बाल नहीं था और उसकी चूत को चाटने के बाद मैं उसको चोदने के लिए उसके ऊपर चढ़ गया और अपने लंड को एक ही झटके में उसकी चूत में घुसा दिया तो वह डर गई थी और बोली कि कितना बड़ा है तुम्हारा मेरे तो पूरे बदन में ही आग लग गई मुझे तो ऐसा लगा कि तुम अपने पूरे लंड को मेरी चूत में डालकर मेरे मुहँ से निकाल दोगे और वह तेज-तेज आवाज़ भी करने लगी छोड़ो-छोड़ो आहहह… आहहह… और उधर भाभी मेरी गांड को चाट रही है और कभी वैशाली के बब्स को दबा रही थी और मैं भी एक तरफ से अपनी रंडी भाभी के बब्स को दबा रहा था वैशाली ने कभी सोचा भी नहीं होगा कि उसको कभी ऐसा सेक्स अनुभव भी होगा वह पूरी तरह से अपनी गांड को उठा-उठाकर अपनी चूत मरवा रही थी।

और मैं भी उसकी चूत मार रहा था और हमारी चुदाई से फच-फच की आवाज़ आ रही थी और अब 20 मिनट की उस चुदाई के बाद मैंने अपना पूरा ही पानी उस रंडी वैशाली की चूत में ही डाल दिया और उधर मेरी रंडी भाभी भी तड़प रही थी अपनी गांड मरवाने के लिए और फिर कुछ देर बाद मैंने भाभी को भी घोड़ी बनाकर चोदा फिर हमने 2-3 घंटे तक आराम किया और फिर मैंने वैशाली की गांड भी मारी उस रात को हम सब ने 3 बार और भी सेक्स किया।

धन्यवाद प्यारे पाठकों !!

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