साली बनी बीवी से पहले घरवाली भाग 1

हाय दोस्तों, Antarvasna मेरा नाम अमित है और मैं Kamukta कामलीला वेबसाइट का आप सभी की भांति एक नियमित पाठक हूँ और मैंने इस वेबसाइट की सभी कहानियों को पढ़ा है इन सभी कहानियों में हुई घटनाओं की तरह मेरे भी जीवन में एक सुखद घटना घटी थी जिसने मेरे जीवन को एक नया ही मोड़ दिया है हाँ तो मेरे प्यारे दोस्तों मैं आप सभी के लिए उन पलों को एक कहानी बनाकर आप सभी के लिए अपनी पहली कहानी लेकर आया हूँ उम्मीद करता हूँ कि आप सभी को मेरी पहली कहानी बहुत पसंद आएगी और यकीन मानिए मैं आपको किसी भी प्रकार से निराश नहीं करूँगा।

आप यह कहानी कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

दोस्तों मेरी उम्र 27 साल है और मैं दिखने में काफी अच्छा दिखता हूँ मेरी लम्बाई भी 5.8 फुट है और मेरा शरीर भी काफ़ी गठीला है और मैं अपने कॉलेज के समय से ही खेलों में रूचि रखता था और रोजाना ही कसरत भी करता था मेरे लंड का साइज़ 6.5 इंच लंबा और 2.5 इंच मोटा है जिसकी वजह से मेरी बहुत सी लड़कियों से दोस्ती थी और उनमें से बहुत सारी की तो मैं चुदाई भी कर चुका था।

दोस्तों यह कहानी मेरी शादी के कुछ दिनों पहले की है जब मेरी शादी होने वाली थी तो हम बारात लेकर 5 दिन पहले ही मेरे ससुराल पहुँच गये थे क्योंकि घर वालों ने और मेरे ससुराल वालों ने तय किया था कि शादी की तैयारियाँ दोनों घरवाले मिलकर एक ही जगह पर करेंगे और दोनों तरफ के लोग एक ही जगह एकट्ठा होंगे इसलिए हम सब लोग शहर से बाहर ही एक बड़े से मैरिज हॉल में ठहरे हुए थे और सभी के लिये अलग-अलग कमरे थे और शादी की तैयारियाँ भी पूरे ज़ोरों पर चल रही थी मेरे और मेरी होने वाली पत्नी के साथ हमेशा ही कोई ना कोई साथ रहता था और हम भी एक दूसरे से मिलने को तड़प रहे थे और वैसे भी वह दिन भर शॉपिंग और पार्लर में ही रहती थी इसलिए मुझे रातें भी अकेले ही काटनी पड़ती थी और मैं उससे मिलने को बहुत तरस रहा था।

दोस्तों अब मैं आपको मेरी एक साली के बारे में बताता हूँ जिसके साथ मुझे सेक्स करने का मौका मिला उसका नाम मीनू था वह कॉलेज में पढ़ती थी और उसकी उम्र 20 साल थी वह एकदम किसी फिल्मी हिरोइन के जैसी लम्बी और उभरे हुए बब्स और बिलकुल टाईट गांड की थी उसका कसा हुआ शरीर बहुत ही मस्त और सेक्सी था वह बहुत गोरी थी।

वह हमेशा ही फोन पर लगी रहती थी जिससे मैंने अंदाज़ा लगाया कि शायद उसका कोई बॉयफ्रेंड भी हो सकता है वह ज़्यादातर शॉर्ट स्कर्ट और टाईट टी-शर्ट पहनती थी जिसमें उसके बब्स और भी बड़े और गोल दिखते थे मेरी नज़र बार-बार ही उसके बड़े बब्स और उभरी हुई गांड पर जाती थी मेरी नज़र कई बार मीनू पर गई थी और मैं उससे बहुत आकर्षित भी हुआ था वह शादी की तैयारियों में बहुत व्यस्त रहती थी तो वह मुझपर थोड़ा कम ध्यान देती थी इसलिये मैंने कई बार अकेले में उसके नाम की मूठ भी मारी थी और एक दिन तो उसको अकेला पाकर मैंने पूछ ही लिया कि आप के यहाँ आपके जीजू की कोई बिल्कुल भी परवाह नहीं करता इसलिये हम तो बहुत नाराज़ है आपसे यह सुनकर वह बोली क्या हुआ जीजू आपको कुछ चाहिए क्या?

मैं :- उसकी चूचियों की तरफ देखते हुए बोला कि बहुत प्यास लग रही है कुछ पीला दो।

मीनू :- इतनी जल्दी प्यास लग गई जीजू? अभी तो थोड़ा और समय बाकी है।

मैं :- अब और नहीं रहा जाता साली जी बहुत तेज़ प्यास लगी है।

मीनू :- हाँ तो क्या पीना पसंद करेंगे जीजू आप? कुछ गरम या ठंडा।

मैं :- कुछ गरम ही चाहिए नहीं तो प्यास नहीं बुझेगी (इतना कहकर मैंने बड़ी हिम्मत करके उसकी उभरी हुई गांड पर हल्के से एक थप्पड़ मारा) उसकी गांड बहुत ही नरम और गद्देदार थी तो मेरे हल्के से मारने पर ही वह हिलने लगी और मुझे डर भी लगा कि कहीं वह बुरा ना मान जाए पर उसने हंसकर मेरे गाल खींचे और कहा कि जीजू आप बहुत शरारती हो और इतना कहकर वह शरमाकर अन्दर भाग गई तो मैं समझ गया कि मीनू भी मेरी तरह शरारती और उत्तेजित हो रही है।

फिर अगले कुछ दिनों तक मैं उसको लाइन मारता रहा और उसे छेड़ता भी रहा पर वह कुछ नहीं बोली और अब हम एकदूसरे से काफ़ी घुल मिल गये थे मैं कई बार तो अकेले में बातों ही बातों में उसके बब्स पर भी हाथ फेर देता था या उसकी गांड पर चूंटी काट लेता था पर वह इसका बिल्कुल भी बुरा नहीं मानती थी।

मेरे कमरे के सामने ही उसके कमरे की खिड़की थी तो एक रात को जब में नींद से उठा और पानी पी रहा था तो मैंने देखा कि मीनू की खिड़की खुली हुई थी और उसके कमरे की लाईट जली हुई थी तो मैंने ध्यान से देखा तो मीनू अपनी शॉर्ट स्कर्ट और टी-शर्ट में बिस्तर पर पैर फैलाकर बैठी थी और फोन पर किसी से बात कर रही थी और उसकी चूत मेरी तरफ ही थी और मैंने यह भी देखा कि वह बात करते-करते अपनी चूत में ऊँगली भी कर रही थी तब मुझे पता लगा कि वह फोन सेक्स कर रही थी अपने बॉयफ्रेंड के साथ।

फिर थोड़ी देर के बाद उसने अपनी पैन्टी भी खोल दी और अपने पैर पूरे खोलकर ज़ोर-ज़ोर से अपनी चूत के दाने को मसलने लगी उसकी चूत पूरी तरह से साफ़ थी और वह बहुत सेक्सी भी लग रही थी फिर थोड़ी ही देर में वह बिल्कुल थककर गिर गई तो मैं समझ गया था कि मीनू अब झड़ चुकी है उसकी यह कामलीला देखकर अब मुझसे भी नहीं रहा गया और मैंने भी उस रात मीनू का नाम लेकर 2 बार मूठ मारी और फिर मैं भी सो गया और मीनू की नंगी चूत देखकर अब मैंने फ़ैसला कर लिया था कि मीनू को तो मैं एकबार जरूर अपनी रंडी बनाकर के अपने मोटे लंड से उसकी जबरदस्त चुदाई करूँगा।

फिर अगले दिन मैं नहाकर के बाथरूम से निकला तो मैंने देखा के मीनू भी नहाकर के निकली है तो मैंने झट से अपने कमरे का परदा लगा लिया और खिड़की से उसको देखने लगा तो उसने केवल टावल ही लपेट रखा था और थोड़ी देर बाद मीनू ने वह टावल भी खोल दिया और पूरी नंगी होकर कांच के सामने खड़ी होकर अपने आपको उसमें देखने लगी वह उस समय कमाल की सेक्सी लग रही थी।

सही में दोस्तों लड़कियाँ तो कुदरत का एक नायाब करिश्मा होती है और जैसे-जैसे वह जवान होती जाती है वह और भी सेक्सी होती जाती है मीनू के नंगे बदन से मैं अपनी आँखें ही नहीं हटा पा रहा था उसकी गांड बिल्कुल गोल-मटोल और एकदम टाईट थी उसकी कमर एकदम पतली उसका फिगर 34-28-34 के आस-पास का होगा फिर जैसे ही वह झुकी तो उसकी हल्की सी गीली चूत का छेद थोड़ा सा मेरी तरफ ऐसे खुला कि मानो वह मुझे छेड़ रही हो उसकी गोरी-गोरी भरी हुई जाँघें चूत के नीचे से एक दूसरे से बिल्कुल चिपकी हुई थी उसके इस रूप को देखकर मैं तो एकदम ही पागल सा हो गया था और फिर वह मेरी तरफ घूमी और अपने मोटे और गोल बब्स पर क्रीम लगाने लगी क्या सुडोल बब्स थे उसके उस समय वह बिल्कुल एक काम की देवी की तरह लग रही थी।

अब उसने अपनी पतली सी डोरी वाली सेक्सी पैन्टी अपने सेक्सी पैरों पर चढ़ाई और फिर अपनी ब्रा भी पहन ली अब उसने बहुत ही शॉर्ट सी स्कर्ट और एक ढीली सी टी-शर्ट पहनी तो इतने में मेरे दिमाग में कुछ आया कि क्यों ना मीनू को आज अपना लंड दिखाकर उत्तेजित किया जाए तो मैंने तुरन्त ही परदा हटा दिया और बिल्कुल अंजान बनते हुए ज़ोर से गला खखारने लगा जिससे मीनू का ध्यान मेरी तरफ खींचे फिर वह मेरी तरफ देखने लगी तो अब मैंने फिर से बिल्कुल अंजान बनकर अपना टावल हटाकर बेड पर फेंक दिया और मेरा लंड उस समय पूरी तरह से खड़ा था और वह मीनू को सलामी दे रहा था।

अब मैंने देखा कि वह अपने कमरे की खिड़की के पीछे छुप गई और मेरे लंड को घूर रही थी तो मैं समझ गया कि मुझे अब सपनों की चिकनी चूत मिलने वाली है तो अब मैंने अपने लैपटॉप के मुहँ को खिड़की की तरफ करके उस पर एक पोर्न फ़िल्म चला दी और उस फिल्म को देखते हुए अपने लंड को हिलाने लगा सामने की ड्रेसिंग टेबल से मैंने थोड़ा तेल लिया और अपने लम्बे लंड पर लगाकर उसको फिर से हिलाने लगा तो मीनू मुझे बड़े ही ध्यान से देख रही थी।

फिर मुझे उसका हाथ उसकी स्कर्ट के अंदर जाते हुए दिखा तो मैं समझ गया कि मीनू अब गरम हो रही है और मेरा लंड भी तेल की वजह से बिल्कुल चमक रहा था और मीनू अब बिल्कुल बेकाबू होकर अपनी जवान चूत की खुजली तेज-तेज ऊँगली करके मिटा रही थी यह सब करीब 15-20 मिनट तक चला और मैंने मीनू को दिखाते हुए अपने लंड का पूरा माल सामने रखी टेबल पर पड़े अखबार पर छोड़ दिया अभी तक भी मीनू का ध्यान बिल्कुल मेरे लंड पर ही था फिर मैंने अपने कमरे का परदा लगाया और मैं फिर से नहाने चला गया।

और नहाकार मैं जैसे ही कमरे से बाहर निकला तो मुझे मीनू दिखाई दी वह मेरे कमरे के बाहर ही घूम रही थी ऐसा लग रहा था कि मानो वह मेरा ही इंतज़ार कर रही हो।

मीनू :- गुड-मॉर्निंग जीजू

मैं :- हाय मीनू गुड-मोर्निंग कैसी हो तुम…

मीनू :- मैं तो ठीक हूँ मगर आप थोड़े थके-थके से लग रहे हो जीजू क्या बात है।

मैं :- साली जी थकान तो हमसे कोसों दूर रहती है मगर आप ज़रूर थकी-थकी सी लग रही हो शायद रात को देर तक जागी हो तुम्हारी आँखें बता रही है।

मीनू :- जी हाँ जीजू हम तो रात को ही जाग सकते है सुबह-सुबह तो उठने की हमारी हिम्मत ही नहीं है और यह कहकर एक शरारती सी मुस्कान दी।

मैं :- कोई बात नहीं आपके साथ हम भी जाग लेंगे रात को।

मीनू :- ठीक से सोच लीजिए हो सकता है कि पूरी रात भी जागना पड़ जाए।

मैं :- हमारी प्यारी साली साहिबा के लिए हमको कुछ भी मंज़ूर है।

मीनू :- कुछ भी पक्का?

मैं :- जी हाँ बिल्कुल मिस मीनू।

मीनू :- हाँ तो मेरे प्यारे जीजू आपकी मीनू को आज बहुत प्यास लगी है और उसे कुछ गरम चाहिए और इतना कहकर वह मेरे कमरे में घुस गई।

फिर उसने टेबल पर से वह अखबार उठाया और अंजान बनते हुए सोफे पर बैठ गई।

मीनू :- आओ बैठो जीजू कुछ ताजा और गरम खबरें पढ़ते है।

मैं :- गरम तो होगी पर ताज़ी नहीं है।

फिर मीनू ने जैसे ही अखबार खोला तो उसमें उसको ढेर सारा वीर्य दिखा।

मीनू :- अरे जीजू इसमें यह क्या लगा है चिप-चिपा सा।

मैं :- पता नहीं क्या है मैं भी एकदम अंजान सा बनकर बोला।

मीनू :- क्या जीजू अपनी प्यारी मीनू से यह भी छुपाओगे क्या? मैंने सुबह की आपकी सारी कामलीला देखी थी कि मेरे प्यारे जीजू किस तरह से कसरत कर रहे थे और वह फव्वारा भी निकलता हुआ देखा मैंने और फिर एक शरारती सी मुस्कान दी।

मैं :- देखा तो हमने भी था मिस मीनू कि हमारी प्यारी साली किस तरह से रात को अपनी नरम उंगलियों से अपनी चूत का गिटार बजा रही थी।

मेरी बात सुनकर मीनू का चेहरा एकदम लाल हो गया था और वह शर्माकर उठ गई थी।

मीनू :- क्या जीजू आपने भी सब देख लिया क्या?

मैं :- जी हाँ साली साहिबा सब कुछ।

मीनू :- अब आपसे क्या छुपाना जीजू मैं अपने बॉयफ्रेंड के साथ फोन सेक्स कर रही थी मगर वह बहुत बड़ा निकम्मा है सही में सेक्स करने से बहुत डरता है और एक मैं हूँ कि सेक्स करने के लिए मरी जा रही हूँ अब मुझे आपसे ही उम्मीद है जीजू आप ही मेरी सील तोड़ो और मुझे जन्नत दिखाओ।

मैं :- हाँ मीनू मेरा भी बिल्कुल यही हाल है और जब से यहाँ आया हूँ रोज़ तुम्हारे ही नाम की मूठ मारता हूँ।

मीनू :- अच्छा जीजू मुझे बस एक बार बता दिया होता तो मैं अपनी चूत को खुद ही आपके हवाले कर देती और हाँ जीजू आज शाम को सभी हमारे पड़ोस वाले अंकल के यहाँ जा रहे है डिन्नर पर तो क्यों ना हम भी अपनी भूख मिटा लें।

दोस्तों आगे की कामलीला अभी जारी रहेगी तब तक पढ़ते रहिये कामलीला डॉट कॉम..

धन्यवाद प्यारे पाठकों !!

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