बुआ की बेटी की चूत भरी

हाय दोस्तों, Kamukta मेरा नाम कपिश Antarvasna है और मैं विजयनगर से हूँ और कामलीला डॉट कॉम का नियमित पाठक हूँ और मैं इस वेबसाईट की सभी कहानियों को पढ़ता आ रहा हूँ और आज मैं आपको अपने पहले सेक्स के बारे में बताने जा रहा हूँ मेरा लंड 6.5 इंच लम्बा है और अब सभी पाठक अपने लंड को हिलाने के लिए और लड़कियां अपनी चूत में ऊँगली डालने के लिए तैयार हो जाइए अब मैं आपको ज्यादा बोर ना करते हुए सीधा अपनी कहानी पर आता हूँ।

मेरी बुआ की बेटी मुझसे उम्र में 5-7 साल बड़ी है उसके फिगर का तो क्या कहना एकदम गोरा रंग और 34-30-36 का फिगर जिससे देखते ही किसी का भी लंड खड़ा हो जाये।

मेरी बुआ की बेटी का नाम नेहा है और नेहा की शादी हुए 3 साल हो चुके है मेरी और उसकी काफ़ी अच्छी दोस्ती है और हम दोनों की खूब पटती भी है हम दोनों ही मोबाइल पर मेसेज से एकदूसरे से बातें करते रहते थे और यह घटना तब की है जब नेहा हमारे घर पर आई थी हमारे किसी रिश्तेदार के यहाँ शादी थी उस दिन से पहले तो मैनें कभी उसको गंदी नज़र से नहीं देखा था पर एक बार मैनें उसको कपड़े बदलते हुए देख लिया और तब से मैं उसके नाम की मूठ मारने लगा और उसको चोदने का प्लान भी बनाने लगा।

अब मैं प्लान बनाने लगा कि कैसे नेहा को चोदा जाये और जब मैं उसे देखता तो देखता ही रह जाता और यह बात शायद अब उसको भी पता चल गई थी और वह मौका भी जल्दी ही आ गया।

क्यूंकि गर्मी का मौसम था तो हम छत पर ही सोते थे एक रात नेहा मेरे बगल में सोई हुई थी और मैं लेटे-लेटे उसको ही देख रहा था बाकी सब लोग तो सो चुके थे अब मैनें धीरे से थोड़ा डरते हुए मेरे एक हाथ को उसके बब्स पर रखा मुझे बहुत अच्छा लग रहा था मैनें पहली बार किसी लड़की के बब्स को छुआ था उसके बब्स बहुत ही मुलायम थे वह फिर ज़रा सी हिली इसलिए मैं एकदम से डर गया पर उसने मुझे एक स्माइल दी उसके स्माइल देते ही मुझे मेरी मंजिल अब और भी करीब नजर आने लगी मेरी तो बल्ले-बल्ले हो गई और फिर नेहा सो गई अब मेरी उसको चोदने की इच्छा और भी बढ़ गई अगले दिन जब में स्कूल में से आया तो घर पर कोई भी नहीं था नेहा के अलावा फिर मैनें यह भी देखा कि नेहा के कमरे का दरवाज़ा ज़रा सा खुला था जब मैनें कमरे के अन्दर देखा तो वह अपने कपड़े बदल रही थी शायद उसको पता नहीं था कि मैं स्कूल से वापस आ चुका हूँ कसम से क्या लग रही थी वह उस समय मेरा लंड तो तुरंत ही खड़ा हो गया था और मैं मूठ मारने के लिए अपने कमरे की तरफ भागकर गया शायद उसने मुझे जाते हुए देख लिया था तो वह मेरे पीछे-पीछे आई और मुझे मूठ मारते हुए देखने लगी थी पर मुझे पता नहीं था फिर अचानक से उसने मुझसे कहा कि यह क्या कर रहे हो तो मैं एकदम से डर गया पर मैनें उससे कह दिया कि मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ और तुमको बस एकबार चोदना चाहता हूँ शायद उसकी भी यही इच्छा थी और फिर जब नेहा मेरे करीब आई तो मैं उसके होठों पर एकदम से टूट पडा और उसके होठों पर किस करने लगा इतने में ही किसी के आने से घर का दरवाज़ा खुला और वह भागकर अपने कमरे में चली गई।

अब मुझे पता चल चुका था कि उसको क्या चाहिए इसलिए मैं भी अब दूसरे मौके की तलाश कर रहा था तभी अगले दिन घर के सभी लोग शादी में जा रहे थे नेहा के सिवा क्यूंकि उसके पेट में दर्द था इसलिए मैनें अपनी मम्मी से कहा की में भी यहीं रुक जाता हूँ नेहा का ख्याल रखने के लिए तो मम्मी ने भी कहा ठीक है अब मेरे दिल में खुशी के लड्डू फूट रहे थे और उन सब के जाने का इंतज़ार कर रहा था अब जब सब लोग जा चुके थे तो अब मैं नेहा के कमरे में गया तो वह मेरा ही इंतज़ार कर रही थी मैं भी खुशी से पागल हो गया और सीधे उसके पास जाकर उसको किस करने लगा और वह भी मेरा पूरा साथ दे रही थी वह मेरे सीने पर किस करने लगी और मेरे बाल पकड़कर मेरे होठों पर भी किस करने लगी जैसे कि वह पागल सी हो रही हो और यह भी बोल रही थी कि मैं बहुत प्यासी हूँ फिर उसने मुझसे कहा कि चोद मुझे कपिश चोद आज मैं बस तुम्हारी ही हूँ तुम्हारे जीजाजी तो आज तक कभी मुझे संतुष्ट ही नहीं कर पाए अब मैं किस करते-करते उसके बब्स भी दबा रहा था अब मैनें उसका टॉप और अपनी पेन्ट को उतार दिया अब वह मेरे सामने सिर्फ़ सफेद रंग की ब्रा और पैन्टी में थी मैनें आज पहली बार किसी लड़की को ब्रा और पैन्टी में देखा था और मैं बस उसको ऐसे ही देखता ही रह गया अब मैनें उसके पूरे शरीर पर चूमना शुरू कर दिया और वह भी अब गर्म हो चुकी थी और आअहह.. आआहह…की आवाजें कर रही थी अब मैनें उसकी ब्रा भी खोल दी और उसके बब्स को दबाने लगा 8-10 मिनट तक उसके बब्स को दबाने के बाद मैनें उसकी पैन्टी भी उतार दी और फिर मैनें उसको अपने लंड को चूसने को बोला तो उसने झट से हाँ भी कर दी फिर उसके बाद मैनें अपने लंड को उसके मुहँ में डाल दिया वह लंड को बहुत मस्त होकर चूस रही थी ऐसा लग रहा था कि जैसे पोर्न फिल्म की हिरोइन चूसती है और मुझे भी बड़ा मज़ा आने लगा था।

वह मेरे लंड को जोर-जोर से चूस रही थी और फिर थोड़ी देर अंदर बाहर करते हुए मैं उसके मुहँ में ही झड़ गया और उसने मेरा सारा पानी पी लिया फिर मैं उसके बब्स को दबाने लगा और धीरे-धीरे उसकी चूत पर अपना हाथ घुमाने लगा फिर मैं उसकी चूत को चाटने लगा क्या कमाल की चूत थी एकदम साफ़ और उभरी हुई गुलाबी रंग की फिर मैनें उसकी चूत मैं अपनी एक ऊँगली डाली और धीरे-धीरे अंदर-बाहर करने लगा।

और वह मुझसे कह रही थी कि अब और मत तड़पाओ कपिश चोद दो जल्दी से मुझे अपना लंड मेरी चूत में डाल दे ना प्लीज मैं कब से इसे लेने को तड़प रही हूँ मुझे चोद जल्दी चोद कपिश आज मुझे चोद जी भर के चोद। इसी बीच में नेहा भी एकबार झड़ चुकी थी अब मैनें भी अपनी अंडरवियर को उतार दिया और अब हम दोनों पूरे ही नंगे थे अब वह मेरे लंड को मुहँ में लेकर जोर-जोर से चूसने लगी और मुझे तो ऐसा लग रहा था जैसे मैं तो जन्नत में हूँ ऐसा महसूस कर रहा था अब मैं भी अपने आप को रोक नहीं पा रहा था अब मैनें उसको बेड पर लेटा दिया और उसकी टाँगे ऊपर करके अपना लंड उसकी चूत पर सेट किया और एक धक्का मारा तो मेरा आधा लंड उसकी चूत में चला गया और उससे उसकी चीख निकल गई थी फिर थोड़ी देर रुकने के बाद मैनें फिर से एक और धक्का मारा और मैं मेरे लंड को उसकी चूत में अन्दर-बाहर करने लगा और अब वह भी मेरा पूरा साथ दे रही थी अब तक वह 2 बार पानी छोड़ चुकी थी और अब मैनें धीरे-धीरे अपनी चोदने की स्पीड को बढ़ा दिया और तेज-तेज चोदने लगा अब मैनें उसको उल्टा लेटा दिया और घोड़ी बनाकर चोदने लगा अब मैं भी झड़ने वाला था तो मैनें उससे कहा कि कहाँ निकालू तो उसने बोला कि तुम प्लीज़ मेरी चूत के अंदर ही गिरा दो मेरे पति ने तो आज तक कभी मुझे यह सुख नहीं दिया और यह आज मुझे मिल रहा है तो मैं इस यादगार मौके को पूरा ही महसूस करना चाहती हूँ उसके मुहँ से इस बात को सुनते ही मैं भी अपने अंतिम पड़ाव पर आ गया था और मैं ज़ोर से कराहने लगा और देखते ही देखते अपना सारा का सारा कामरस मैनें नेहा की चूत में ही छोड़ दिया मेरे कामरस की इस गर्मी को वह महसूस कर रही थी और उसने हँसतें हुए मुझे अपने सीने से लगा लिया और उसके आँख से आँसू की बूँदें मोतियों के जैसे गिरने लगी और वह कहने लगी की कपिश आज मेरा यह जिस्म पूरा हो गया है बस ऐसे ही मुझे हमेशा प्यार देते रहना अब नेहा आज से सिर्फ़ तुम्हारी है अब मैनें अपना लंड बाहर निकाला और उसको किस करने लगा फिर थोड़ी देर तक हम दोनों नें आराम किया फिर थोड़ी ही देर बाद मेरे लंड में फिर से हरकत होने लगी अब मैं उसके बब्स को फिर से सहलाने लगा और वह मेरे लंड को धीरे-धीरे मसलने लगी कुछ ही देर में मेरा लंड पूरी तरह से अपनी औकात में आ गया अब हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गये वह मेरे लंड को अपने मुहँ में लेकर चूसने लगी और मैं भी अपने मुहँ से उसकी चूत को चाटने लगा और उसकी गांड के छेद पर भी थूक लगाकर उसमें ऊँगली घुसाने लगा उसकी गांड का छेद बहुत टाईट था मेरे ऊँगली घुसाते ही वह उछल पड़ी फिर मैनें धीरे-धीरे उसकी गांड के छेद को ऊँगली से चोद चोदकर खोल दिया।

फिर मैनें अपना लंड उसकी गांड के छेद पर सेट किया और एक जोरदार झटके के साथ अपना लंड उसकी गांड में आधा घुसा दिया उसके मुहँ से एक जोर की चीख निकली और वह मुझसे लंड बाहर निकालने को कहने लगी लेकिन मैनें उसकी बात को सुना नहीं और एक और तेज धक्के के साथ पूरा लंड उसकी गांड में उतार दिया और फिर थोड़ी देर वैसे ही रुका रहा फिर मैनें उसे चोदना शुरू कर दिया और अब वह भी मेरा साथ देने लग गई थी लगभग 20 मिनट की जबरदस्त चुदाई के बाद मैनें अपना पानी उसकी गांड में ही छोड़ दिया और उसके ऊपर ही लेट गया।

उस दिन मैनें उसको और दो बार चोदा उस दिन हम दोनों पूरे नंगे रहे और बहुत मज़ा किया और अब जब भी वह यहाँ आती है तो मैं उसको खूब चोदता हूँ और उसकी एक बेटी भी है जो की मेरी ही है जिस बात का मुझे गर्व है लेकिन दोस्तों मैं अपने सच्चे दिल से कह रहा हूँ की उसको चोदकर जो खुशी मैनें पाई है उसका अहसान मैं कभी नहीं भुला सकता हूँ।

धन्यवाद प्यारे पाठकों !!

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