भाभी को कम्प्यूटर से सिखाई कामलीला

हाय फ्रेंड्स मेरा Antarvasna नाम दीपक है और मैं उत्तर प्रदेश राज्य के बुलंदशहर का रहने वाला हूँ मेरी उम्र 28 साल है मेरी लम्बाई 5.8 फुट की है मेरा शरीर कसरती और मेरा रंग थोड़ा सांवला है मैनें कम्प्यूटर साइन्स में इंजीनियरिंग करी हुई है और मैं अभी तो एक कम्पनी में कम्प्यूटर ओपरेटर का काम करता हूँ और मैं एक अच्छी सी नौकरी की तलाश भी कर रहा हूँ मैं अपनी कम्पनी के ऑफिस में खाली समय पर कामलीला डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियाँ पढ़ता रहता हूँ।

इस वेबसाइट की जानकारी मुझे मेरे ऑफिस के ही एक साथी से पिछले कुछ महीने पहले ही मिली थी और मैं तब से ही इसकी सभी कहानियाँ पढ़ता आ रहा हूँ इस वेबसाइट की कहानियाँ पढ़ने के बाद ही मेरे मन में भी किसी के साथ सेक्स करने की इच्छा जागी और मेरी यह इच्छा पूरी हुई हमारे ही पडौस की एक भाभी के साथ सेक्स करने के बाद। तो मेरे प्यारे दोस्तों आज मैं आप सभी के लिए उसी भाभी के साथ हुए मेरे पहले सेक्स अनुभव को बताने जा रहा हूँ।

तो दोस्तों मेरी कहानी कुछ इस प्रकार है…

दोस्तों मैं जिस भाभी की कहानी बताने जा रहा हूँ उसका नाम सपना है और उनका मकान ठीक मेरे मकान के सामने ही है मेरे बारे में तो आपको सब पता चल ही गया है अब मैं आपको उस भाभी के बारे में भी बता देता हूँ उनकी उम्र 36 साल के लगभग है और उनका रंग गोरा और उनका फिगर 34-30-38 का है और उनका एक 18 साल का बेटा भी जिसका नाम राहुल है जो थोड़ा शरारती भी है।

उसके मम्मी-पापा ने उसके बर्थ-डे पर एक कम्प्यूटर लाकर दिया था और इंटरनेट का कनेक्शन भी लगवा दिया था फिर एक दिन शाम के समय 7-8 बजे के करीब वह भाभी मेरे घर पर आई।

वह उस समय क्या मस्त लग रही थी दोस्तों उन्होने उस समय एक आसमानी रंग की नाईटी पहन रखी थी और अंदर ब्रा भी पहनी हुई थी फिर भी उसके बब्स बड़े और टाईट दिख रहे थे और उसकी गांड हाय… क्या गांड थी उसकी उसको देखकर ही मेरा 7.5″ का लंड तन गया था उस दिन से ही मैनें उनको कैसे चोदा जाए यह सोचना शुरू कर दिया था और फिर मेरे दिमाग़ में आइडिया आया कि उनका कम्प्यूटर जो भाभी को चलाना नहीं आता था तो किसी बहाने वह उनको सीखने को मिल जाए तो बात बन सकती थी।

फिर एक दिन मेरा वह सपना सच होने लगा वह खुद मेरे पास आई और कहने लगी कि ज़रा मेरे साथ आओ घर पर कम्प्यूटर में कुछ काम है तो मैनें उनको कहा कि ठीक है और मैं उनके घर चला गया उनका कम्प्यूटर बेडरूम में रखा था उन्होनें मुझसे कहा कि उनका बेटा कल अपनी अंडरवियर में हाथ डालकर कम्प्यूटर में कुछ कर रहा था मैं समझ गया था कि यह क्या मामला था फिर मैनें ब्राउज़र की हिस्टरी चेक की तो उसमें सेक्सी कहानियों के कुछ पेज मिले तो एकबार तो मैं खुद भी चौक गया था क्योंकि मैं भी यही सब पढ़ता था फिर मैनें उनको दिखाया और कहा कि राहुल यह सब करता है और फिर वह कम्प्यूटर के थोड़ा और नज़दीक आ गई और उसके बब्स मेरे कोहनी को छू रहे थे और उनके छूते ही मेरे रोंगटे और लंड एकदम से खड़े हो गये और भाभी भी अब वह कहानी पढ़ने लगी उनका सारा ध्यान उसी में था और इधर मैं अपनी कोहनी को उनके बब्स पर दबाने में लगा हुआ था पर वह कहानी इतनी सेक्सी थी कि भाभी का ध्यान ही नहीं था मेरी हरकतों पर फिर थोड़ी देर बाद कहानी पढ़ते-पढ़ते अपने एक हाथ से वह अपनी चूत को भी रगड़ रही थी मैनें वह नज़ारा अपनी तिरछी नज़र से देखा तो वह अचानक से होश में आ गई और उस कहानी पर से उनका ध्यान हट गया और वह मुझसे पूछने लगी कि अब इसका क्या इलाज है तो मैनें उनको कहा कि क्या दिक्कत है राहुल अब 18 साल का है और अपनी जिन्दगी के मज़े ले रहा है तो उसे लेने दो।

loading…


तो फिर उन्होनें कहा कि क्यों अभी तो वह बच्चा ही तो है ऐसा नहीं चलेगा और वह बोली कि मैं उसको रंगे हाथों पकड़ना चाहती हूँ तो मैनें उनसे कहा कि कैसे पकड़ोगी? तो उसने कहा जब वह दुबारा यह सब पढ़ेगा तब तो मैनें उनसे फिर कहा कि वह उस विंडो को बन्द ही कर देगा और आपको पता भी नहीं चलेगा तो फिर भाभी बोली कि तो फिर तुमने यह सब कैसे किया तो मैनें उनसे कहा कि मुझे तो यह सब चलाना आता है तो देख सकता हूँ कि उसने क्या-क्या किया है तो भाभी बोल पड़ी कि तुम मुझे भी सिख़ाओ ना तो मैनें उनसे कहा कि फिर तो आप भी सेक्सी कहानियाँ पढ़ोगी ना तो वह थोड़ी शरमाते हुए बोली कि ना रे मुझे मेरा रास्ता अब थोड़ा साफ़ लगा तो मैनें उसको कहा कि ठीक है शाम को ऑफीस से आने के बाद सिखा दूँगा तो उसने कहा कि नहीं जब मेरे पति और राहुल रोज़ 7 बजे घर से निकल जाते है तब सिखाना तो मैनें उनको कहा कि ठीक है और मैनें अपनी मम्मी को भी बता दिया कि मैं सपना भाभी को कम्प्यूटर सिखाने जाऊँगा तो मम्मी ने भी कहा कि ठीक है और फिर दूसरे दिन जब उसका पति और बेटा चला गया तो मैं सीधा उसके घर में चला गया और मैनें भाभी से कहा कि चलो आपको कम्प्यूटर चलाना सिखाता हूँ लेकिन जब मैनें उनको ऊपर से नीचे तक देखा तो देखता ही रह गया वह क्या मस्त लग रही थी उसने एक नाईटी पहन रखी थी जिसमें उसके बब्स मस्त गोरे और बड़े-बड़े से लग रहे थे जो कि उसकी नाईटी के 2 खुले हुए हुक में से साफ़ दिख रहे थे मुझको वहाँ देखते हुए उन्होनें देख लिया और मुझे बुलाया तो मैनें कहा हाँ भाभी बोलिए क्या हुआ? तो उन्होनें कहा कि चलो सिख़ाओ मुझे तो मैनें पहले तो उनको कम्प्यूटर कैसे चालू करते है वह सिखाया वह सब तो वह 5 मिनट में ही सीख गई तो फिर मैं उनको विन्डो के बारे में जानकारी देने लगा तो वह मेरे बगल में आकर बैठ गई थी जिससे उनके बब्स मेरे हाथों को छू रहे थे तो उससे मेरा भी लंड खड़ा हो गया था लेकिन इस बार तो बड़ी गड़बड़ हो गई थी क्योंकि मैनें केवल शॉर्ट ही पहना हुआ था उसके अन्दर अंडरवियर नहीं थी तो उससे मेरे शॉर्ट में तम्बू बन गया और मैं डर भी गया था और अपनी टी-शर्ट से उस उभार को ढ़कने लगा था पर भाभी की नज़र उसपर पढ़ ही गई तो उन्होनें मुझसे कहा कि क्या हुआ और वह अपने बब्स को मेरी कोहनी पर और ज़ोर-ज़ोर से दबाने लगी तो मैनें उनको कहा कि आज बस इतना ही क्योंकि मेरे साथ पहली बार ऐसा हुआ था तो मैं थोड़ा डर भी गया था और मैं वहाँ से कम्प्यूटर को चालू ही छोडकर आ गया और सीधा ही बाथरूम में चला गया और मैनें 10 मिनट तक अपने लंड को हिलाया और शान्त किया और फिर मैं बाथरूम से बाहर आ गया तो मेरे सामने भाभी खड़ी थी और उन्होनें मुझसे कहा कि कम्प्यूटर को तो बन्द कर दो तो मैं वापस उनके साथ गया और वह मेरे आगे चल रही थी क्या मस्त गांड थी उनकी बड़ी-बड़ी वह मुझसे कहने लगी कि क्या किया बाथरूम में जाकर।

तो मैनें उनसे कहा कि कुछ नहीं किया उन्होनें नाराज होकर कहा कि ठीक है-ठीक है और मैनें उनसे कहा कि अब कल बाकी का सीखा दूँगा तो सपना भाभी बोली कि रहने दो मुझे तो सिर्फ़ वह कहानी वाला पेज कैसे देखते है वो ही सिखा दो तो मैनें उनसे वापस मजाक में कहा क्यों आपको बहुत अच्छी लगी वह कहानी तो वह वापस से शरमाई और फिर मैं वहाँ से चला गया रात के 9 बज रहे थे और सुबह 10 बजे ऑफीस भी जाना था और फिर रात को सोने के बाद मुझे तो बस भाभी के बड़े-बड़े बब्स और गांड ही दिख रही थी तो मैनें रात में भी एक बार उनको याद करके पिचकारी मारी थी और अगले दिन सुबह-सुबह ही वापस से मैं शॉर्ट पहनकर उनके घर गया उस समय उनके पति और उनका बेटा जिम गए हुए थे इस बार तो भाभी ने हद ही कर दी थी उनकी नाईटी में से उनके बब्स साफ़ दिख रहे थे क्योंकि उन्होनें उस समय नाईटी के नीचे ब्रा और पैन्टी नहीं पहन रखी थी इस बार तो भाभी मुझे सुला के ही दम लेना चाहती थी मेरा लंड तो तभी खड़ा हो गया पर इस बार मैं नहीं शरमाया और वैसे ही कुर्सी पर कम्प्यूटर के सामने बैठ गया और कम्प्यूटर तो भाभी ने पहले ही चालू करके रखा था अब मैनें उनको इंटरनेट का आइकान दिखाया और उसे कैसे खोलना है वह सिखाया मेरा एक हाथ उनके हाथ के ऊपर था माउस को पकड़े हुए और मेरी कोहनी इस बार तो उनके निप्पल को ही छू रही थी जो दिख भी रही थी पर मेरी इतनी हिम्मत नहीं हो रही थी कि मैं उनको चूसूं और दबाऊँ पर मुझे वह मौका मिल ही गया उन्होनें मुझसे पूछा कि हिस्टरी कैसे खोलते है तो मैनें उनको हिस्टरी वाला पेज दिखाया और उसमें से रीसेंट हिस्टरी का पेज खुलवाया तो उसमें अलग-अलग कहानियों के पेज थे तो मैनें जानबूझकर एक भाभी की चुदाई वाला पेज निकाला जिसमें एक 26 साल के लड़के ने 35 साल की भाभी को कैसे चोदा था उसकी कहानी थी तो फिर मैं और भाभी मन लगाकर उस कहानी को पढ़ने लगे मैनें भाभी को वापस उनके हाथ से उनकी चूत को रगड़ते हुए देख लिया और फिर मैनें उनके चेहरे की तरफ देखा और वह भी कम्प्यूटर से अपना मुहँ हटाकर मेरी आँखो में देखने लगी।

मेरी कोहनी लगने की वजह से उनके बब्स निप्पल खड़े हो चुके थे और मेरा लंड भी सीना तानकर खड़ा था और फिर मैं हिम्मत करके उनके होठों को चूमने लगा उसके बदले में उन्होनें भी मेरा साथ दिया और अब वह उनके हाथ को मेरे खड़े लंड पर मेरे शॉर्ट के ऊपर से ही रगड़ने लगी और मैं भी उनके बड़े-बड़े बब्स को उनकी नाईटी के ऊपर से ही दबाने लगा और फिर मैनें पहले तो उनकी आसमानी पारदर्शी नाईटी को उतार दिया और उनकी निप्पल को काट-काटकर चूसने लगा और वह आहह थोड़ा धीरे करके कराह रही थी और फिर मैनें अपने दूसरे हाथ से उनकी चूत के दाने को सहलाने लगा तो वह और भी गरम होने लगी और नीचे बैठ गई और नीचे बैठकर उसने मेरा शॉर्ट उतार दिया और मेरे लंड के टोपे को अपने मुहँ में लेकर चूसने लगी और धीरे-धीरे मेरा पूरा लंड ही अपने मुहँ में ले लिया अब फिर क्या था मैनें उनसे कहा कि अब मेरा निकलने वाला है तो उन्होनें कहा कि तुम इसे मेरे मुहँ में ही निकाल दो और फिर मैनें 10 मिनट के बाद सब उसके मुहँ में ही छोड़ दिया और फिर वह उठी और अपना मुहँ साफ़ करके मुझे किस करने लगी और मुझसे कहा कि तुम्हारा लंड तो बहुत ही मस्त है तुम मेरी चूत को अपने इस लंड से फाड़ दो ना प्लीज़ तो मैनें उनसे कहा कि हाँ क्यों नहीं ज़रूर तो फिर वह वापस मेरे लंड को अपने हाथों से सहलाने लगी और फिर से अपने मुहँ में लेकर चूसने लगी और अब मैं फिर से तैयार हो गया था उसको चोदने के लिए और फिर मैनें उनको बेड पर लिटा दिया और उनको अपनी टाँगे फैलाने को कहा और मैनें अपनी जीभ से उनकी चूत के ऊपर के दाने को चाटने लगा जो कि बहुत ही टेस्टी था और भाभी के मुहँ से धीमी-धीमी आवाज़ आ रही थी आह्ह्ह्ह इस्स्स्स उह्ह्ह्ह और फिर उन्होनें मुझसे कहा कि अब नहीं रहा जाता प्लीज़ डाल दो ना अपना यह मोटा लंड मेरी इस चूत में तो फिर मैनें उनकी गांड के नीचे एक तकिया रखा जिससे उनकी चूत और उभरकर मेरे लंड के सामने आ गई थी और मैं अपने लंड से उनकी चूत को ऊपर से ही सहलाने लगा।

जिससे वह और भी गरम होने लगी और मचलने लगी और वह फिर से बोली कि जल्दी डालो ना तो फिर मैं अपने लंड को उनकी चूत के अन्दर घुसाते हुए उनके ऊपर ही सो गया और मेरा पूरा लंड एक बार में ही पूरा उनकी चूत में घुस गया और उसको अब थोड़ा-थोड़ा दर्द होने लगा क्योंकि मेरा लंड थोड़ा मोटा था जिससे उसकी चूत फट रही थी तो मैं अब उसके बब्स को ज़ोर-ज़ोर से दबाने लगा तो अब वह भी मज़े लेने लगी थी और अपनी गांड को उठा-उठाकर मुझसे चुदवा रही थी उनको 15-20 मिनट तक चोदने के बाद मैं अब उसकी चूत में ही झड़ गया था और वह भी इस बीच 2 बार अपना पानी छोड़ चुकी थी पर मेरी नज़र तो उसकी उठी हुई गांड पर थी तो मैनें उनसे कहा कि भाभी मुझे आपकी गांड भी मारनी है उन्होनें पहले तो मुझे ना कहा और यह भी कहा कि उन्होनें पीछे से आज तक नहीं करवाया है तो मैनें उनसे कहा कि तो फिर आज मुझसे करवा लो तो फिर वह बड़ी मुश्किल के बाद मान गई।

और फिर मैनें तेल की बोतल ली और तेल को अपने हाथ में लेकर अपने लंड पर घिस दिया और थोड़ा सा तेल लेकर भाभी को घुमाकर उनकी गांड के छेद पर भी डाल दिया उसकी गांड के छेद पर तेल की बूँद पड़ते ही उसकी गांड एकदम से हिल गई और फिर मैनें अपनी एक ऊँगली को भी तेल से भीगो लिया और उसकी गांड में पहले एक ऊँगली डाली तो उनको भी मज़ा आ गया और दूसरी भी डाल दी और वह और गरम हो गई और फिर मैनें अपना 7.5″ मोटे लंड का टोपा उसकी गांड के मुहँ पर रखा और धक्का देने लगा पर बात नहीं बनी और मैनें वापस से कोशिश की और एकबार फिर ज़ोर से धक्का दे दिया तो इस बार भाभी जोर से चीख उठी क्योंकि इस बार मेरा आधा लंड उसकी गांड में घुस चुका था और वह बोल रही थी कि इसको निकालो पर मैं बिलकुल भी नहीं रुका और वापस से धक्का दिया इस बार तो मैनें अपना पूरा लंड ही अंदर ही घुसा दिया तो वह बहुत जोर से चीख पड़ी अहहा मार्र्र्रर्र्र डाल्ला रे पर मैं अब धीरे-धीरे आगे-पीछे होने लगा था और गांड के दर्द से वह रो रही थी और मैं जमकर उनको ठोक रहा था मैं अपने लंड को आगे-पीछे करता और अपना लंड उसकी गांड में से निकालकर पीछे से ही उसकी चूत में भी डालता और वापस निकाल के फिर से उसकी गांड में डालता और अब तो भाभी भी मज़े लेने लगी थी और फिर 15 मिनट के बाद मैनें अपना पूरा रस उसकी गांड में ही छोड़ दिया और मैं उनके ऊपर ही सो गया और उनके बब्स को पीछे से हाथ डालकर मसलने लगा और उनसे चिपककर सो गया था।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *