साली बनी बीवी से पहले घरवाली भाग-2

हाय दोस्तों मैं अमित Antarvasna कामलीला डॉट कॉम के Kamukta माध्यम से मेरी कहानी के दूसरे भाग में एक बार फिर से स्वागत करता हूँ मैं आशा करता हूँ कि आप सभी को इसका पहला भाग जरूर पसंद आया होगा तो अब हाज़िर है आप सभी के लिये मेरी कहानी का अगला रोमांचक भाग…

फिर हमने प्लान बनाया कि हम दोनों ही कुछ काम का बहाना करके बाहर चले जाएँगे और सबके चले जाने के बाद ही वापस आएँगे ताकि हमको अकेले में साथ रहने का मौका मिल जाए अब मैं और मीनू को बेसब्री से रात होने का इंतज़ार था हम शाम को ही बाहर निकल गये थे और करीब 7.30-8.00 बजे के करीब वापस आ गए थे।

कमरे में घुसते ही मैंने दरवाज़ा बंद किया और मीनू को बाहों में लेकर किस करने लगा और साथ ही उसके बब्स को दबाने लगा और उसकी गांड को भी मैं दबा रहा था और उसे अपना लंड भी चुभा रहा था फिर मीनू को मैंने गोद में उठाया और अपने बेड पर ले जाकर पटक दिया मीनू भी बहुत तड़प रही थी।

मीनू :- जीजू आज अपनी मीनू को खूब चोदो मेरी जवान चूत की सील तोड़ दो मुझे औरत बना दो जीजू आज मैं आपकी हूँ मुझे एक रंडी बनाकर छोड़ दो जब से आपका मोटा लंड देखा है तब से मेरी चूत में बहुत ज़ोरों की खुजली मची हुई है मेरी चूत का पानी ही नहीं रुकता एक रात में ही मेरी पूरी पैन्टी गीली हो जाती है आज मुझे तुम चोद-चोदकर संतुष्ट कर दो।

मैं :- हाँ मेरी मीनू जान आज तू अपने जीजू के लम्बे लंड का मज़ा जरूर लेगी और तुझे मैं जन्नत दिखाऊंगा और अपने लंड पर बिठाकर जन्नत की सैर भी करवाऊंगा।

इतना कहकर मैंने मीनू की टी-शर्ट उतार दी और उसकी ब्रा और पैन्टी को भी उतार के फेंक दिया अब वह सिर्फ़ एक छोटी सी स्कर्ट में ही मेरे सामने बेड पर नंगी पड़ी हुई थी फिर मैंने भी अपने कपड़े खोले और पूरा नंगा हो गया और मेरा लंड भी तना हुआ था जिसे देखते ही मीनू ने उसको पकड़ लिया।

मीनू :- क्या बात है जीजू आपका तो बहुत लम्बा और मोटा है इतना बड़ा तो मैंने सिर्फ़ फ़िल्मों में ही देखा है जीजू अपनी मीनू को लंड चूसना सिख़ाओ ना मैंने पहले कभी किसी का लंड नहीं चूसा।

मैं :- मेरी जान लंड जितना लम्बा होता है उतना ही मज़ा आता है और जितना मोटा होगा उतना ही तुम्हारी चूत खुलेगी अब देखो मैं कैसे तुम्हारी चूत की सेवा करता हूँ मेरी जान।

फिर मैंने मीनू के सिर को पकड़कर उसके मुहँ में अपना मोटा लंड दे दिया और बोला कि मीनू यह तेरा लोलीपॉप है इसे खूब अच्छे से चूस मेरी जान इसी लंड से तुझे चुदना है इसे जितना अच्छी तरह से चुसोगी उतना ही अच्छी तरह से तुमको चोदूंगा मेरी जान फिर मीनू ज़ोर-ज़ोर से मेरे लंड को चूसने लगी और मुझे भी मज़ा आ गया इतने दिन बाद अपना लंड चुसवा कर।

मुझे मीनू की उभरी हुई और मोटी गांड बहुत ही पसंद थी और इतने दिनों से मैं उसकी गांड देखना चाहता था अब मैंने मीनू को घोड़ी बनाया तो देखा कि दोस्तों उसकी चूत बिल्कुल गोरी, चिकनी और गुलाब की पंखुड़ियों जैसी थी और उसकी गांड तो ग़ज़ब की थी मुझे अब मीनू की चूत और गांड का छेद साफ दिख रहा था फिर मैंने उसकी स्कर्ट को ऊपर करके उसकी जवान चूत में अपना मुहँ घुसाकर उसको चाटना शुरू कर दिया तो मेरी जीभ उसकी चूत के कोने-कोने तक दस्तक दे रही थी और मीनू भी अपनी गांड को हिला-हिलाकर उत्तेजित होकर चिल्ला रही थी।

मीनू :- हाँ जीजू वहीं पर चूसो बहुत मज़ा आ रहा है मेरी चूत का पूरा रस मेरे जीजू के लिए ही है पी जाओ मेरे प्यारे… जीजुउउ… धीरए… उईईइ… माआ मर गई जीजुउ… आउच… मीनू की मस्त चूत बहुत ज्यादा रस छोड़ रही थी और अब मैंने उसकी गांड को भी चाटना शुरू किया तो वह बिल्कुल ही मदहोश हो रही थी।

मीनू :- जीजुउउउ…. मेरी गांड में भी घुस गये आप तो बहुत शरारती हो मुझे नहीं पता था कि आज मेरी इतनी अच्छी चुदाई होनी चाहिये मुझे आपका पूरा लंड मेरी चूत के अंदर तक चाहिए।

अब मैंने मीनू को सीधा लेटाया और उसकी स्कर्ट को उतारकर फेंक दिया और उससे ऊंची हील के सेंडल पहनने को कहा और अब मीनू पूरी नंगी होकर ऊंची हील के सेंडल पहनकर बिल्कुल पोर्न-फ़िल्म की हिरोइन लग रही थी फिर मैंने मीनू से अपना लंड और चुसवाया और पूरा गीला किया और उसकी चूत पर भी थोड़ा थूक लगाया और अपने लंड का टोपा उसकी चूत के मुहँ पर रखकर पूछा।

मैं :- मीनू मेरी जान अपने जीजू का मोटा लंड लेने के लिए तैयार हो क्या?

मीनू :- आपके लंड का साइज़ देखकर तो मुझे बहुत डर लग रहा है पर आज बहुत प्यास लग रही है जीजू बस चोद डालो मुझे और अपना बना लो मैं बस आपकी ही हूँ ना जीजू बोलो ना।

मैं :- हाँ मीनू तुम सिर्फ मेरी ही है आज तेरी चूत के छेद को मैं ही खोलूँगा और उसका पूरा रस भी निकाल दूँगा।

अब मैंने धीरे से एक धक्का लगाया तो वह थोड़ा दर्द से हिली तो फिर मैंने एक और ज़ोरदार धक्का लगाया तो मेरे लंड का टोपा उसकी चूत के अन्दर चला गया और उसकी चूत की सील टूट गई और बहुत सारा खून भी निकलने लगा था और मीनू बहुत ज़ोर से चिल्लाई।

मीनू :- उईईइ माआ मर गई मेरी चूत फट गई जीजू बहुत दर्द हो रहा है प्लीज् बाहर निकालो अपना घोड़े जैसा लंड प्लीज जीजू कितना मोटा है आपका आप इंसान हो या …।

फिर मैंने धीरे से लंड को और अन्दर कर दिया और वहीं पर टिका रहने दिया और फिर थोड़ी देर में हल्के-हल्के धक्के मारने लगा तो अब मीनू भी मज़ा लेने लगी और अब उसे भी मज़ा आ रहा था।

दोस्तों मीनू की चूत इतनी टाईट और मुलायम थी कि मेरा लंड उसमें बिल्कुल ही फँसा हुआ था मुझे तो ऐसा लग रहा था कि मैंने गरम मक्खन में अपना लंड डाल दिया हो दोस्तों मीनू की गरम चूत में जैसे कोई जन्नत हो अब मैंने उसकी चुदाई और भी तेज़ कर दी थी और मीनू भी अपनी गांड उठा-उठाकर मेरा साथ देने लगी थी।

फिर मैंने उसे पलट दिया और उसकी चूत के नीचे एक तकिया रखा जिससे उसकी गांड और भी उभर गई अब मैंने पीछे से उसकी चूत में अपना लंड डालकर चुदाई करने लगा तो मीनू और भी उत्तेजित हो गई।

मीनू :- वाह जीजू क्या लंड है आपका और चोदो मुझे आज मुझे ऐसा लग रहा है कि जैसे मैं आसमान में उड़ रही हूँ मेरे प्यारे जीजू आज आप मेरी चूत को खोल दो मैं आज इतनी गरम हूँ कि आज मैं घोड़े का लंड भी ले लूँगी।

फिर मैंने अब अपनी मेरी सबसे ज्यादा पसंद की पोज़िशन में मीनू को चोदने का विचार किया और उसको घोड़ी बनाया और अपने लंड का टोपा उसकी चूत के मुहँ पर रगड़ने लगा और फिर एक ही धक्के में अन्दर डाल दिया और अब उसकी मोटी गांड पर हाथ रखकर मैं उसे चोदने लगा और बीच-बीच में उसकी गांड पर थप्पड़ भी मार रहा था जिससे वह और भी उत्तेजित हो रही थी उस पूरे कमरे में हमारी चुदाई की फच-फच की आवाजें आ रही थी।

अब मैं ऐसे ही उसको 20-25 मिनट तक चोदता रहा इस बीच वह 2-3 बार झड़ भी चुकी थी और अब मैं भी झड़ने वाला था तो मैंने अपनी चुदाई की रफ़्तार को और बढ़ा दिया और उसकी जवान चूत में ही झड़ गया और जब मैंने अपना लंड उसकी चूत से बाहर निकाला तो मीनू की चूत से मेरा वीर्य बाहर निकल रहा था।

मीनू :- जीजू आपका पानी तो निकलता ही जा रहा है इतना कितना छोड़ा है अन्दर मुझे कुछ होगा तो नहीं ना।

फिर मैंने उसे दवाई की दुकान से एक आई पिल लाकर पहले से ही रखी थी वह दे दी और कहा कि मेरी जान इसको ले लेना और हम दोनों ही लेट गये।

अब मुझे मीनू की गांड भी मारने का दिल हुआ तो मैंने कहा मीनू क्या तुम अपनी गांड भी मरवाओगी? बहुत मज़ा आएगा मेरे कहने पर मीनू खुशी से मान गई वह काफ़ी खुले विचारों की थी और सेक्स करना उसको भी बहुत पसंद था और फिर मैंने मीनू को घोड़ी बनाया और यकीन मानिए दोस्तों क्या मस्त उभरी हुई गांड थी उसकी बिल्कुल गोल-गोल उसकी गांड के छेद पर एक भी बाल नहीं था और वह बिल्कुल गुलाबी था।

अब मैंने थोड़ा सा तेल उसकी गांड के छेद पर लगाया और फिर थोड़ा सा अपने लंड पर भी लगा दिया और अब मैंने उसकी गांड के छेद पर अपना लंड रखकर एक धक्का दिया तो बड़ी ही मुश्किल से मेरा लंड उसकी गांड के छेद के अन्दर गया शुरू में तो मीनू को भी बहुत दर्द हुआ था पर बाद में हम दोनों को ही बहुत मज़ा भी आने लगा फिर मैंने करीब 10-15 मिनट तक उसकी मस्त चिकनी गांड को खूब चोदा और मैं उसकी गांड के अन्दर ही झड़ गया फिर उसके बाद मैंने मीनू को शायद 3-4 बार और चोदा होगा जब तक उसकी चूत की पूरी खुजली मिट ना गई और फिर वह बिल्कुल ही बेसुध गई थी मैंने भी पहले कभी ऐसी जबरदस्त लड़की नहीं देखी थी जिसमें इतनी गर्मी थी और जो मुझसे 3-4 बार चुदवा ले।

अब मैं भी बिल्कुल थक चुका था और फिर हम दोनों ही साथ में नहाये और अपने-अपने कमरे में सोने के लिये चले गये और जब तक सब लोग खाना खाकर आए तब तक हम सो चुके थे उनको लगा कि हम दोनों ही अलग-अलग समय पर आएँ है और सो गये है उसके बाद शादी तक मैंने मीनू को कम से कम 5-7 बार और भी चोदा अलग-अलग जगह पर कभी स्टोर रूम में तो कभी बाथरूम में।

तो अब आप लोग ही मुझे बताएँ कि आपको मेरी और मीनू की चुदाई में मज़ा आया या नहीं कम से कम एक बार तो मूठ मारना जरूर बनता है क्योंकि मीनू है ही ऐसी चीज़ दोस्तों मुझे उसके बाद मीनू जैसी लड़की और कोई कभी नहीं मिली शायद ही उसके जैसी कोई और लड़की हो दुनिया में।

धन्यवाद प्यारे पाठकों !!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *