चालू शालू भाभी की चुदाई फिर से चालू

हाय दोस्तों, Antarvasna मैं विशाल कामलीला Kamukta डॉट कॉम पर एकबार फिर से आप सभी का स्वागत करता हूँ और मैं एकबार फिर से हाजिर हूँ एक और चुदाई की दास्तान लेकर पिछले काफ़ी दिनों से मेरा एक खास दोस्त मयंक मेरे बहुत ही पीछे पड़ा हुआ था कि उसकी कहानी भी कामलीला डॉट कॉम पर प्रकाशित हो तो दोस्तों इस बार मैं अपने दोस्त की कहानी को उसी के शब्दों में सुनाने जा रहा हूँ जो कि अभी कुछ समय पहले की ही है।

तो दोस्तों कहानी कुछ इस प्रकार से है…

मेरी भाभी जो कि 6 महीने की गर्भवती थी यह ज्यादा दिनों की बात नहीं है बस 1 साल पहले की ही है मेरे एक भैया है और उनकी पत्नी काफ़ी ज़्यादा उम्र की लगती थी और मुझे वह बिल्कुल भी पसंद नहीं थी और मैं भी शादीशुदा हूँ।

जब उस औरत से बच्चे नहीं होने के कारण भैया ने उससे तलाक दे दिया था और पिछले कुछ महीने पहले ही भैया ने एक जवान औरत से शादी कर ली मेरी नई भाभी का नाम शालिनी है मेरी जो नई भाभी थी उनका चरित्र भी मुझे कुछ अच्छा नहीं लगा था उनका पहले भी एक पति था जिसने उनको छोड़ दिया था और अब वह भैया के साथ है और मेरी भाभी बन गई थी और मैं भी उनको प्यार से शालू भाभी कहकर बुलाता हूँ वह दिखने में भी बहुत ही खूबसूरत लगती है तो मैंने सोचा कि क्यों ना एकबार मैं भी कोशिश करके देखूँ तो मैं अब अक्सर उनके घर आने जाने लगा।

भैया के ऑफिस चले जाने के बाद मैं घंटो उनके पास बैठकर उनके साथ मस्ती मजाक किया करता था और कभी-कभी तो बातों ही बातों में उनका हाथ पकडकर दबा देता था और मौका पाकर अपना हाथ उनके बब्स पर अचानक से फैर भी देता था और भाभी सिर्फ़ मुस्कुराकर ही रह जाती थी तो दोस्तों अब मैं आप सभी को मेरी भाभी के बारे में भी बता दूँ वह ज़्यादा गोरी तो नहीं लेकिन हाँ मैं उनके बड़े-बड़े बब्स पर फिदा था उनकी पारदर्शी साड़ी से ब्लाउज के अन्दर छुपे उनके बब्स मुझे बेकरार कर देते थे वह उस समय 6 महीने की गर्भवती थी अब मैं आता हूँ अपनी असली बात पर एक दिन जब मैं उनके घर गया तो भैया तो अपने काम पर गये हुए थे और भाभी सोई हुई थी मैं जाकर सीधे भाभी के बैड पर बैठ गया और मुझे देखते ही भाभी उठकर बैठ गई तो मैं भी भाभी से चिपककर दीवार का सहारा लेकर बैठ गया और भाभी से बातें करने लगा मेरा एक हाथ भाभी की पीठ पर फिसल रहा था तो कभी उनके बालों को सहला रहा था मुझे महसूस हो रहा था कि अब भाभी भी बहक रही है।

अब मैं धीरे-धीरे अपना हाथ भाभी के पेट पर ले गया और सहलाते हुए भाभी को कहा कि…

मैं :- भाभी आप इतनी ऊपर साड़ी क्यों बाँधती हो?

भाभी :- मैं तो हमेशा से ही साड़ी इतनी ऊपर ही बाँधती हूँ।

मैं :- आप जानती हो भाभी साड़ी को हमेशा नाभि के नीचे ही बांधना चाहिए।

भाभी :- क्यों?

मैं :- देखो आप पहले ही इतनी खूबसूरत हो अगर आप साड़ी को भी थोड़ा और नीचे बांधोगी तो और भी खूबसूरत के साथ सेक्सी भी लगोगी।

भाभी :- धत… (शरमाते हुए)

मैं :- हाँ भाभी मैं एकदम सच कह रहा हूँ।

और ऐसे कहते हुए मैं हल्के से उनके बब्स को भी दबाने लगा पर वह कुछ भी नहीं बोली तो मेरी हिम्मत और बढ़ गई और मैं उठकर बैठ गया और कहने लगा कि…

मैं :- भाभी गर्दन दर्द कर रही है।

भाभी :- तकिया दूँ क्या?

मैं :- नहीं, हाँ आप तो बस एक काम करो, आप ठीक से बैठो और मैं आपकी गोद में अपना सर रखकर लेट जाता हूँ और ऐसा कहकर मैं उनकी गोद में सिर रखकर लेट गया मेरा मुहँ उनके पेट को छू रहा था और मैं धीरे-धीरे उनके पेट को चूम रहा था और फिर मैंने अपना एक हाथ उनके बब्स पर रखा और दबाने लगा। उन्होनें ब्रा नहीं पहनी हुई थी तो मैंने उनसे पूछा कि भाभी आप ब्रा क्यों नहीं पहनती हो?

भाभी :- पहनती हूँ ना बस आज ही नहीं पहनी है

मैं :-: जानती हो ब्रा नहीं पहनोगी तो तुम्हारे यह बब्स है ना पूरे ही झूल जाएँगे।

भाभी :- अच्छा तुमको सब पता है औरतों के बारे में

मैं :- भाभी मैं भी शादीशुदा हूँ तो इतना तो जानूंगा ही।

फिर यह कहकर मैं उनके बब्स को दबाने लगा और फिर भाभी धीरे-धीरे सिसकियाँ भी लेनी लगी तो मैंने फिर उनसे कहा कि

मैं :- भाभी आप तो गर्भवती हो तो आपके बब्स में से तो दूध भी तो आता होगा ना।

भाभी :- धत्त्त, शादीशुदा हो और इतना भी नहीं जानते हो कि अभी इनमें दूध नहीं आता है।

मैं :- भाभी मैं सच में नहीं जानता था अगर आप कहो तो देख लूँ।

इतना कहकर उनके जवाब का इंतजार किए बगैर ही मैं उनके ब्लाउज के हुक खोलने लगा हुक खुलते ही उनके दोनों बब्स बाहर छलक पड़े मैं तो बस उनको देखता ही रह गया इतनी बड़े-बड़े बब्स देखकर मैंने अपना आपा खो दिया और उनके दोनों बब्स को पकड़ लिया और एक बब्स को अपने मुहँ में लेकर चूसने लगा तो भाभी अब ज़ोर-ज़ोर से सिसकारी लेने लगी थी और वह भी अब अपने हाथों से मेरे सर को पकडकर अपने बब्स पर दबाने लगी और मैं ज़ोर-ज़ोर से उनकी चूचियों को चूसने लगा और फिर मैंने देखा कि भाभी अपने एक हाथ को अपनी साड़ी के अन्दर डालकर अपनी चूत को मसल रही थी।

तब मैंने अपना एक हाथ उनकी साड़ी के अन्दर डालकर उनका हाथ बाहर निकाल दिया और अपने हाथों से उनकी चूत को मसलने लगा जिससे वह अब पूरी तरह से गरम हो चुकी थी तो मैंने अब उनकी साड़ी को भी उतार दिया और धीरे-धीरे अब मैं उनके ऊपर चढ़ता गया और उनका पेटीकोट भी खोल दिया। अब वह मेरे सामने पूरी तरह से नंगी थी मेरे सामने वह अपनी चूत को मेरे लंड से चुदवाने के लिए बेकरार लग रही थी।

मैंने भी अब अपने कपड़े उतार दिए और मेरा लंड तो कब से इसी पल का इंतजार कर रहा था। मेरे लंड को देखते ही भाभी की आँखों में भी एक अजीब सी चमक आ गई थी और वह मुझसे बोलने लगी कि इतना मोटा और तगड़ा लंड तुमने कैसे संभाल कर रखा है ऐसा लंड अगर मुझे रोज़ मिले तो मैं तो धन्य हो जाऊँगी।

मैं :- क्यूँ नहीं भाभी यह भी तो आपका ही है।

भाभी :- अच्छा। फिर तुम्हारी बीवी को तुम क्या दोगे?

मैं :- ओह्ह्ह भाभी प्लीज मुझे भी तुम्हारी फूली हुई चूत बहुत अच्छी लगती है मेरी बीवी में वह बात नहीं है जो आप में है।

भाभी :- मैं भी तो कब से तड़प रही हूँ ऐसा मोटा लंड लेने को जिससे तुम मेरे तन बदन की प्यास बुझा सको।

मैं :- भाभी आज मैं आप की चूत को फाड़ के ही रहूँगा।

भाभी :- मेरे प्यारे देवर यह चूत भी तो कब से तड़प रही है तुम्हार लंड लेने को जरा इसको अपने लंड का स्वाद तो चखा दो।

और फिर वह मेरे लंड को अपने हाथ में लेकर सहलाने लगी तो मैंने भी अब ज़्यादा देर करना उचित नहीं समझा।

अब यह तो आप लोग भी समझ ही रहे होंगे की जब इतनी हरकतों के बाद मैंने उनको चोदना शुरु किया तो उनको कितने जबरदस्त तरीके से चोदा होगा।

उनका पेट थोड़ा सा बड़ा था क्यूंकि वह गर्भवती थी मैंने पहले उनके पेट पर हाथ फैरना शुरू किया और वह मेरा 6.5 इंच का लंड अपने मुहँ में लेकर चूस रही थी मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा था अब मेरा हाथ उनकी चूचियों पर लगा और मैंने उनकी चूचियों को अपने मुहँ में लेकर चूसना शुरू किया तो वह आहह उह्ह्ह करने लगी अब मैं उनकी चूत तक गया तो वह मुझे बहुत ही गरम लगी अब मैंने उसमें अपनी ऊँगली डाली तो भाभी को कुछ-कुछ होने लगा और वह मुझसे कहने लगी कि जान बस ऐसे ही करते रहो और मैं वैसे ही करता रहा और वह अपने मुहँ से आवाजें निकालने लगी।

फिर मैंने उनको बेड पर लेटा दिया और उनकी टाँगों को ऊपर करके अपने कन्धों पर रखा और अपना लंड उनकी भीगी हुई चूत पर रख दिया जो कि बहुत ही गरम और फूली हुई भी थी मेरे लंड को देखकर वह कहने लगी कि ओहह जान इतना बड़ा लंड जब मेरी चूत के अन्दर जाएगा तो यह कितना मज़ा देगा मेरी जान। तो मैंने उनसे कहा कि अभी पता चल जाएगा आपको। फिर मैं धीरे-धीरे उनकी चूत में अपने लंड को डालने लगा और एक तगड़ा झटका मारकर अपना लंड उनकी चूत में 4.5 इंच तक घुसा दिया जिससे उनके मुहँ से आह्हह की आवाज़ निकल गई लेकिन मैं बस उनकी चुदाई करने में ही लगा हुआ था उनकी चूत गीली होने के कारण मेरा लंड बहुत ही आराम से उनकी चूत में अन्दर-बाहर हो रहा था क़रीबन 10-15 मिनट तक चुदाई करने के बाद फिर मैं अपना लंड उनके बब्स पर फैरने लगा और वह फिर से मेरे लंड को अपने मुहँ में लेकर चूसने लगी मेरे लंड को वह बड़े ही आराम से अपने मुहँ के अंदर-बाहर कर रही थी जिससे मैं उसके मुहँ में ही झड़ गया और वह मेरा सारा पानी चाट गई और मुझे भी बहुत मज़ा आया फिर 25-30 मिनट के बाद मेरे लंड को शालू भाभी ने दुबारा से चूसकर खड़ा कर दिया।

और फिर मैंने भाभी की फूली हुई चूत पर अपना लंड सेट किया और फिर से भाभी को चोदना शुरु किया भाभी भी अपनी गांड को उछाल-उछालकर मेरा पूरा-पूरा साथ दे रही थी भाभी की तड़प को देखकर मैनें भी अपने चोदने की रफ्तार को थोड़ा और बढाया और फिर हम दोनों एक साथ और एक ही समय पर झड़ गये।

उनकी इतनी जबरदस्त चुदाई के बाद भी भाभी बोलने लगी कि…

भाभी :- अभी मत जाओ एक बार और चोदो ना मुझे क्योंकि 2 बार शादी करने के बावजूद मेरी इतनी जबरदस्त चुदाई आज तक नहीं हुई थी। आज तुमने मेरे सारे अरमान पूरे कर दिए अब तो तुम कोशिश करना कि रोज आकर मुझे चोद सको मैं तुमसे चुदवाने के लिए हमेशा ही तैयार रहूंगी।

उनके इतना कहने के बाद मैंने उनको एकबार और चोदा और वह इस चुदाई से बहुत खुश लग रही थी। और मैनें उनको हर उस पोज़िशन में लेटाकर चोदा जो कि मैं चाहता था क्योंकि मैं अपनी बीबी को उन सारी पोज़िशन में नहीं चोद पाता था और मैंने अपनी उस इच्छा को भाभी के साथ उनको चोदकर पूरा किया वह बड़ी ही मस्त भाभी है।

दोस्तों मैंने इस कहानी में इतना कुछ नहीं लिखा जो लोग अपनी कहानियों में लिखते है कि उनकी चूत में ऊँगली की, ऊँगली से पानी को निकाला, तेल लगाकर गांड मारी, मैनें सीधे सिर्फ़ वह ही दास्तान आपको बताई जो मैंने उस वक्त उनके साथ किया था और वह सब मैं आज भी उनके साथ करता आ रहा हूँ भाभी के आखिर के 3 महीनों में मैनें उनके साथ कुछ नहीं किया था क्योंकि उससे होने वाले बच्चे को भी खतरा हो सकता था।

अब भाभी ने एक बहुत ही खूबसूरत बेटे को जन्म दिया है।

अब उनका बेटा भी 3 महीने का हो गया है और “चालू शालू भाभी की चुदाई भी फिर से चालू” हो गई है।

धन्यवाद प्यारे पाठकों !!

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