चुदाई का सफ़र 3

कामलीला के सभी Kamukta प्यारे पाठकों को Antarvasna चोदूराजा का नमस्कार आप सभी मेरी कहानी को बहुत पसंद कर रहे हो ऐसा मुझे आपके भेजे मेल से पता लगा है और मेरा यही प्रयास रहता है कि मैं अपनी कहानियों के माध्यम से आपके सामने उस घटना का सजीव वर्णन कर सकूं तो मेरी सेक्स से भरपूर कहानियों को पढ़ते रहिये और कामलीला के सागर में गोते लगाते रहिये।

अब तक आपने कामलीला की इस कहानी में पढ़ा कि कैसे मैनें सीमा को चोद-चोदकर उसका बुरा हाल कर दिया था।

अब आगे…

सीमा उठने की कोशिश करने लगी तो दर्द के मारे उसके पैर काप रहे थे वह बेड से उठी तो खून के कुछ निशान उसकी जाँघ पर भी थे वह बेड से उठकर चलने लगी तो वापस बेड पर बैठ गई और मुझे गालियां देने लगी, बहनचोद तूने यह क्या कर दिया मेरा हाल. मैनें पहली बार उसके मुहँ से गालियां सुनी थी और मैं हँसने लगा और उससे कहा कि तुम्हारी चूत की खुजली मिटाई है बहुत उछल रही थी ना तुम्हारी चूत. फिर सीमा ने कहा कि कमीने बहनचोद मुझे सहारा दे बाथरूम जाना है।

फिर मैं खड़ा हुआ और उसको सहारा देकर बाथरूम तक ले गया वह सूसू करने के लिए बैठना चाहती थी पर घुटनों को पूरा नहीं मोड़ पाई और मेरा हाथ पकड़कर आधे घुटने मोड़ कर ही सूसू करने लगी सूसू तो थोड़ा सा ही आया पर वह जलन से रोए जा रही थी. वह कहने लगी कि तूने तो मेरी हालत ही खराब कर दी साले कमीने इसस्स्सस्स मेरे तो सूसू भी नहीं आ रहा है।

फिर मैनें कहा कि कोई बात नहीं सब ठीक हो जाएगा. उसने थोड़ा गरम पानी लिया और अपनी चूत को धोने लगी और उसकी सिकाई भी करने लगी. सीमा बोली कि मुझसे तो चला भी नहीं जाएगा अब. सिकाई करने के बाद मैनें उसको सहारा दिया और कमरे में ले आया बेड पर से चादर हटा दी और उसको बाल्टी में डुबो दिया नीचे गद्दे पर भी खून के दाग थे तो गद्दे को पानी से साफ़ करके पलट दिया. फिर उसको सोफे से उठाकर बेड पर लिटा दिया हम दोनों ही अभी भी नंगे ही थे. मैनें कम्बल दोनों के ऊपर कर दी और उससे चिपककर लेट गया रात के करीब 12.30 बज गये थे।

मैनें अपना एक हाथ उसके बब्स पर रखा तो वह उसको हटाने लगी और गुस्सा दिखाने लगी तो मैनें उससे कहा कि जान अब हमारे बीच में गुस्से का नहीं प्यार का रिश्ता है उसके बब्स को दबाते हुए मैनें कहा की बब्स दबाने से तुमको आराम मिलेगा तो फिर उसने गुस्सा नहीं किया मैं उसके बब्स को दबाए जा रहा था और उसके गले के पीछे किस करने लगा उसके कान को चूमने लगा जिससे सीमा फिर से गरम होने लगी और अपना मुहँ मेरी तरफ घुमा लिया।

अब उसके कड़क बब्स मेरी छाती से दब रहे थे हम आँखें बन्द करके एकदूसरे को किस कर रहे थे और बिना रुके किस किए जा रहे थे करीब 15 मिनट तक हमारा किस करना चलता रहा।

मैं अपने एक हाथ से उसके बब्स भी दबा रहा था और वह मेरे सिर को पकड़कर अपनी आँखें बंद करके मुझे किस करे जा रही थी फिर मैनें अपने एक हाथ से जैसे ही उसकी चूत को छुआ तो वह उछल पड़ी और बोली कि वहाँ हाथ मत लगाओ नहीं तो मैं मर जाऊंगी अभी तक बहुत दर्द हो रहा है और मैं फिर से उसको किस करने लग गया।

हालत तो मेरी भी बहुत खराब थी मुझे यह तब पता चला जब मैनें सीमा को अपना लंड पकड़ने को कहा. उसने पहले तो प्यार से पकड़ा फिर हल्का सा दबाव डाला तो मुझे अपने लंड के आख़री हिस्से में जलन महसूस हुई।

लेकिन मैनें सहन किया और उसको लंड मुहँ में लेने को बोला तो वह कहने लगी कि मुझे बहुत नींद आ रही है तो मैनें कहा कि बस थोड़ी देर मेरी जान प्लीज़ और वह मान गई और फिर कम्बल में ही नीचे सरक कर वह मेरे लंड तक पहुँच गई उसकी गरम जीभ जब मेरे लंड पर लगी तो कुछ मिलाझूला सा अहसास होने लगा कहीं जलन तो कहीं मजा आ रहा था मेरा लंड पूरी तरह से खड़ा हो गया था फिर मैनें उसके सिर को पकड़ा और अपने लंड को उसके गले तक उतार दिया।

तो फिर उसने मेरे लंड को अपने मुहँ से बाहर निकालकर कहा कि अगर मैं फिर से लंड को उसके गले तक ले गया तो वह नहीं चूसेगी अब मैं अपने आधे लंड से ही झटके देने लगा।

मैनें उसके कंधे पकड़कर अब उसको ऊपर खींच लिया और किस करने लगा सीमा भी अब गरम हो चुकी थी तो मैनें उससे कहा मेरी जान एकबार और कर लेने दो ना. तो उसने पूछा कि क्या करने दूँ तो मैनें कहा और क्या करना है तुझे चोदना है।

तो वह बोली कि नहीं मेरे राजा अभी तो बहुत दर्द हो रहा है सुबह कर लेना. मैनें उसे बहुत समझाने की कोशिश करी पर सीमा नहीं मानी तो मैनें उसको अपना लंड सहलाने को कहा तो वह धीरे-धीरे उसको सहलाने लगी और पता नहीं कब सो गई जब उसका सहलाना बंद हुआ तब मुझे पता चला कि वह तो सो चुकी है।

तो फिर मैं भी उससे चिपककर सो गया. सुबह मेरी आँख तब खुली जब दूध वाले ने आवाज़ दी फिर मैनें अपने कपड़े पहने और सीमा की शॉल ओढ़कर दूध लेने चला गया. दूध लेकर आया और वापस बेड पर आ गया तो देखा कि सीमा अभी भी नंगी ही सोई हुई थी और उसके चेहरे पर प्यारी सी मुस्कान थी।

मैनें अपने कपड़े फिर से उतारे और नंगा होकर फिर से उससे चिपक गया सीमा से चिपकते ही मेरा लंड फिर टाईट हो गया और सीमा करवट लेकर लेटी थी मैनें अपने लंड को उसकी गांड से चिपकाया वह गहरी नींद में सोई हुई थी सुबह के 5.30 बजे थे लेकिन सर्दी का मौसम था तो अभी तक अंधेरा हो रहा था मैनें उसकी गांड पर अपने लंड का दबाव बढ़ाया तो सीमा कसमसाने लगी।

मैं एक हाथ से फिर से उसके बब्स को दबाने लगा और थूक से अपने लंड को गीला करने लगा और ढेर सारा थूंक उसकी गांड पर भी लगाने लगा ऐसा करते- करते मैं अपने लंड का दबाव उसकी गांड पर देने लगा मैं कोई जल्दबाज़ी नहीं करना चाहता था क्योंकि ऐसा करने में मुझे बहुत मजा आ रहा था और सीमा की गांड भी बहुत मोटी और उसकी जाँघों की तो बात ही मत पूछो?

थूक लगाने से उसकी गांड बिल्कुल चिकनी हो गई थी फिर मैनें अपने लंड को एक झटका दिया तो सीमा उछल पड़ी और बोली कमीने रात को तुमने मेरी चूत फाड़ दी. उसका तो अभी तक दर्द नहीं गया और अब क्या मेरी गांड को भी फाड़ेगा? और वह उठकर बैठ गई तो मैनें उससे कहा कि कल तो विशाल आ जाएगा और फिर हमको मौका मिले या ना मिले तो आज ही मज़े ले लेते है. तो वह बोली कि ठीक है मैं अभी आती हूँ और वह बाथरूम में चली गई उसके वापस आने के बाद मैं भी बाथरूम में जाकर नहाने लगा।

फिर थोड़ी देर बाद सीमा ने बाथरूम का दरवाजा खटखटाया तो मैनें दरवाजा खोला और सीमा को अंदर खींच लिया. गीजर से गरम-गरम पानी आ रहा था और हम दोनों साथ में नहाने लगे मैं सीमा को साबुन लगा रहा था और सीमा मुझे. फिर मैनें उसको घुमा दिया और उसके बब्स पर साबुन लगाने लगा, फिर उसकी चूत पर भी, चूत पर हाथ लगते ही वह बोली कि नहीं वहाँ पर जलन हो रही है।

फिर मैनें बहुत आराम-आराम से साबुन लगाई उसके सारे शरीर पर साबुन लगा कर पानी से धो दिया मेरा लंड पूरा खड़ा था अब सीमा ने उसपर साबुन लगाई और मेरे लंड को पानी से साफ़ करने के बाद उसको अपने मुहँ में लेने लगी।

वह भी अब बिल्कुल गरम हो चुकी थी कभी मेरी गोलियों को अपने मुहँ में भर लेती तो कभी ज़ोर-ज़ोर से लंड को चूसने लगती. मज़े से मेरी आँखें पूरी बंद हो रही थी. फिर मैनें उसको खड़ा किया और उसकी चूत को चाटने लगा उसकी चूत भी पूरी गीली हो रही थी मैं अपनी जीभ से उसकी चूत को चाट रहा था।

करीब 10 मिनट बाद ही उसकी चूत ने पानी छोड़ना शुरू कर दिया. मैनें उस मौके का फायदा उठाया और खड़े होकर लंड को उसकी चूत पर सेट किया और एक धक्का मारा तो मेरा आधा लंड उसकी चूत में घुस गया. हल्की सी सिसकारी मार कर सीमा मुझे किस करने लगी फिर मैनें एक और धक्का मारा तो मेरा पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया था फिर तो मैं खड़े-खड़े ही धक्के पर धक्के लगाने लगा।

और अब तो मैनें उसको अपनी गोद में उठा लिया और धक्के देने लगा सीमा भी हर धक्के का जवाब अपनी गांड उछाल-उछाल कर देने लगी और वह बड़बड़ा भी रही थी कि मेरे राजा और तेज धक्के लगाओ ओररर्र तेत्ज़्ज़ज्ज-ओररर्र तेज़्ज़ज्ज ऊउउ जिसे मुझे भी और जोश आने लगा।

ऐसे उठाए हुए ही मैं उसको बेड पर ले गया और बेड पर लेटाकर धक्के मारने लगा. इस बीच वह तो तीन-चार बार झड़ चुकी थी लेकिन मेरा लंड तो खड़ा का खड़ा ही था मैनें फिर उसको पोज़िशन बदलने को कहा तो वह पेट के बल लेट गई और मैनें पीछे से लंड डालने की कोशिश की पर मुझे इस पोज़िशन का कोई अनुभव नहीं था लंड अंदर ही नहीं जा रहा था तो मैं झुंझलाने लगा तो मैनें उसको बेड से नीचे खड़ा किया और उसके अपने हाथ बेड पर टिकाकर आगे की तरफ झुकने को बोला तो उसने वैसा ही किया।

अब इस पोजीशन में उसकी चूत का छेद साफ़ दिखाई दे रहा था और फिर मैनें अपना लंड सेट किया और पूरा लंड एक ही बार में उसकी चूत के अंदर डाल दिया इस पोज़िशन में तो कसम से मजा ही आ गया अब मैं ताबड़तोड़ धक्के मारने लगा उसकी चूत पूरी ही पानी से भर गई थी मेरी जाँघें उसकी गांड से टकरा रही थी तो थप-थप की आवाजों से पूरा कमरा गूँज रहा था करीब 10 मिनट तक उसी पोज़िशन में मैं उसकी जोरदार चुदाई करता रहा।

सीमा और तेज मेरे राजा और तेज कहकर मुझे उतेजित करे जा रही थी और अब मैं भी झड़ने वाला था. 8-10 धक्के मारने के बाद मेरा पूरा शरीर अकड़ गया और उसको पीछे से पकड़ कर झड़ गया और 2 मिनट बाद ही लंड को उसकी चूत से बाहर निकाल कर बेड पर गिर गया और सीमा तो बस नीचे ही बैठ गई और उसने अपनी टाँगे मोड़ रखी थी उसकी चूत से हम दोनों का कामरस बाहर आ रहा था।

फिर थोड़ी देर में सीमा ने टावल उठाया और अपनी चूत को साफ़ करने लगी मैनें उसको इशारे से कहा कि मेरा लंड भी साफ़ कर दे जब वह मेरे लंड को टावल से साफ़ करने लगी तो मैनें उससे कहा कि टावल से नहीं अपनी जीभ से चाटकर साफ़ कर तो वह मेरे सोए हुए लंड को चाट-चाटकर साफ़ करने लगी. लंड साफ़ होने के बाद मैनें अपनी अंडरवियर पहन ली क्योंकि अब सुबह हो चुकी थी और कोई भी आ सकता था. आज रविवार था तो स्कूल की तो छुट्टी थी इसलिए मैं कपड़े पहनकर रज़ाई ओढ़कर ऐसे ही लेट गया था पर रातभर की चुदाई से मेरी आँख लग गई थी और तब तक सीमा ने भी कपड़े पहन लिए थे चलने में उसको थोड़ी दिक्कत हो रही थी फिर सीमा अपने सुबह के कामों में लग गई।

फिर जब मेरी आँख खुली तो सीमा मुझे जगा रही थी बड़े ही प्यार से उसने मुझे किस किया तो मैनें भी उसके किस का जवाब दिया. फिर मैं बाथरूम में जाकर सूसू करके आया और सुबह के 10 बज गए थे तो किसी ने दरवाज़ा खटखटाया. सीमा दरवाजा खोलने नीचे गई तो दरवाजे पर रानी थी सीमा उसको अपने साथ ऊपर कमरे में ले आई।

मुझे देखकर रानी ने पूछा कि मैं यहाँ पर क्या कर रहा हूँ तो मैनें कहा कि तुझे उससे क्या मतलब यह भी हमारा ही तो घर है फिर रानी चुप हो गई और बैठकर टीवी देखने लगी।

फिर वह बोली कि अखिल कोई फिल्म लगा दे. उसके घर पर टीवी तो था लेकिन वह रंगीन नहीं था और डिश कनेक्शन भी नहीं था सीमा अब 11वीं क्लास में पढ़ती थी मैनें उससे पूछा कि कौनसा चेनल लगाना है तो वह बोली कि कोई भी फिल्म वाला चेनल लगा दो तो मैनें वह लगा दिया मैनें सीमा से कहा कि मैं घर पर जा रहा हूँ और शाम को आ जाऊँगा आज हमारा क्रिकेट मैच है।

सीमा ने कहा शाम को नहीं 4 बजे तक आ जाना साथ बैठकर नई फिल्म देखेंगे तो मैं हँस पड़ा और सीमा भी हँस पड़ी रानी हम दोनों को हँसते हुए देखकर अजीब निगाहों से देखने लगी तो मैनें सीमा से कहा कि चलो सीमा नीचे चलकर दरवाजा बन्द कर लो तो रानी कहने लगी कि सीमा को क्यों परेशान करता है मैं चलती हूँ ना दरवाजा बंद करने तो मेरा दिल टूट गया क्योंकि मुझे सीमा को किस करना था।

तो दोस्तों अब मैं आपको अगले भाग में बताऊँगा कि कैसे मैं सीमा के साथ अपनी कामलीला के मज़े लेता रहा।

आप भी पढ़ते रहिए.. क्यूंकि यह चुदाई का सफ़र अभी ऐसे ही जारी रहेगा और तब तक के लिए

धन्यवाद दोस्तों !!

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