प्यासी चूत और फडकता लंड पार्ट 1

हाय दोस्तों Antarvasna मेरा नाम जॉय है और Kamukta मैं पश्चिम बंगाल के हावड़ा शहर का रहने वाला हूँ और मेरी उम्र 27 साल की है और मेरी लम्बाई 5.7 फुट है मेरा रंग गेहुँवा है और मेरा शरीर कसरती है दोस्तों आप सभी की तरह मेरी भी एक अच्छी आदत है कि मैं भी आप सभी की तरह ही कामलीला डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियाँ पढ़ता हूँ और ऐसा करना मुझे बहुत अच्छा लगता है दोस्तों इसके साथ ही मेरी एक बहुत बुरी आदत भी है कि मैं बिना अपनी मोटर-साइकिल के कहीं भी नहीं जाता हूँ तो अक्सर मुझे कोई भी काम पड़े तो मेरी ज्यादातर कोशिश यही रहती है कि मैं अपनी मोटर-साइकिल से ही जाऊँ मेरा घर मेन रोड से थोड़ा सा अन्दर की तरफ है तो जब भी मुझे मेन रोड पर जाना होता है तो मुझे दो मोड़ पार करने पड़ते है और घर से निकलने के बाद पहले ही मोड़ पर एक मोबाइल रीचार्ज करने की दुकान है और मैंने पिछले कुछ दिनों से आते-जाते हुए एक बात पर ध्यान दिया था कि एक जवान और बहुत ही खूबसूरत सी दिखने वाली एक लड़की अक्सर उस मोबाईल रिचार्ज की दुकान पर रहती है और जब भी मैं वहाँ से गुजरता हूँ तो अक्सर वह मुझे अपलक निहारती रहती है जब तक कि मैं उसकी नज़रों से काफ़ी दूर नहीं चला जाता तब तक यह सब करीब पिछले 3 महीनों तक चलता आ रहा था और इसी बीच मैंने एक बात पर और भी गौर किया था कि दिन के 2-3 बजे के करीब वह उस दुकान में अक्सर अकेली ही होती थी तो वही एक सही मौका देखकर मैं एक दिन उसी समय पर उस दुकान पर मोबाईल रिचार्ज करवाने के बहाने से चला गया था।

मेरे उस दुकान पर आते ही मुझे उसके चेहरे पर आई ख़ुशी साफ़ दिख रही थी और मैंने उसको बताया कि मुझे मेरी दीदी का मोबाइल रिचार्ज करवाना है और मैंने उसको वह नंबर भी बताया तो फिर उसने वह मोबाइल रिचार्ज कर दिया था और वह मुझसे पूछने लगी कि आप कभी अपना मोबाइल रिचार्ज नहीं करवाते हो क्या? तो मैंने उसको बताया मेरा बिल वाला मोबाईल कनेक्शन है और मैं ऑनलाइन ही बिल जमा करता हूँ अब बातों ही बातों में मैंने थोड़ी सी और जानकारी निकालने के बाद पता किया कि उसकी अभी नई-नई शादी हुई है और वह उस दुकान के मालिक की बीवी है और उसका नाम संजना है और अब आपको थोड़ा और भी उसके बारे में बता दूँ कि उसकी उम्र 23-24 साल के आस-पास थी और लम्बाई भी 5.6 फुट के आस-पास थी और उसका फिगर 34-28-36 के आस-पास दिखता था वह थोड़ी साँवली सी दिखती थी लेकिन उसके चेहरे पर एक अलग सी चमक दिखती थी और उसकी आँखों में भी एक अजीब सा नशा दिखता था उससे बातें करते हुए मुझे इतना सब तो पता लग ही गया था कि उसको मेरा मोबाइल नम्बर चाहिए था तो फिर मैंने उसका मोबाइल लिया और उसमें मेरी दीदी का और अपना नम्बर सेव कर दिया था और मैंने उसको यह भी बताया कि मेरी दीदी अभी यहाँ आई हुई है।

और वह अभी कुछ दिनों तक यहीं रहेगी तो जब भी मैं आपको रिचार्ज करने के लिये फ़ोन करके बोलूं तो आप कर देना मैं रिचार्ज के पैसे आपको बाद में आकर दे दूँगा दोस्तों मैं आपको एक बात बता दूँ कि ना ही मेरी कोई दीदी आई हुई थी और ना ही वह नम्बर उनका था और मैंने यह सब इसलिए किया ताकि अगर उसका पति कभी उसका मोबाइल चेक करे तो संजना को कोई परेशानी ना हो अब इसी तरह से मैं कभी-कभी उसको मैसेज किया करता था और संजना भी जवाब में मैसेज करती थी और मैं मौका मिलते ही उसकी दुकान पर दिन के समय घूम आता था जब वह दुकान पर रहती थी तब 10-15 मिनट रुककर उसे देखकर उससे बातें करके चला आता था और घर आकर के उसके नाम से मूठ मारता था मैं तो बस उसकी ही यादों में खोया रहता था और सोचता रहता था कि कब उसकी प्यारी सी चूत में अपना लंड डालूँगा और फोन पर भी उससे कभी-कभी उसकी ज्यादा याद आने पर उससे बात कर लेता था बाद में मुझे पता चला कि वह भी मेरे बारे में काफ़ी कुछ जानती थी और यह सब उसको मेरे ही मोहल्ले की एक लड़की ने उसको बताया था जिसका नाम गरिमा था और वह मेरी एक पुरानी गर्लफ्रेंड थी और उसको मैंने अपने स्कूल के समय में कुछ सालों तक खूब अच्छी तरह से चोदा था फिलहाल उसकी शादी हो चुकी है और उसकी शादी पास ही में हुई थी तो वो अक्सर अपने पापा-मम्मी के पास आती जाती रहती है और संजना उसके पास वाले घर में ही रहती थी।

इसलिये वह दोनों बहुत अच्छी दोस्त बन चुकी थी अब मुझे एहसास हुआ की मेरा आधा काम तो हो गया है अब तो बस मौका देखकर मुझे अपना आखरी दाव खेलने की ज़रूरत है संजना अपनी जिन्दगी से ज्यादा खुश नहीं लगती थी उसे घूमने-फिरने का और नई-नई जगहों पर जाने का बहुत शौक था तो मैंने उसे अच्छा सा मौका देखकर अपनी मोटर-साइकिल पर 3-4 बार थोड़ा सा घुमा दिया और मैनें उसको कहा कि तुम यहीं पास में किसी ऑफिस में कोई काम कर लो उससे तुमको घर से बाहर निकलने का बहाना भी मिल जाएगा और हम दोनों भी एक साथ थोड़े मज़े कर सकेंगे दोस्तों मैं जब भी उसको अपनी मोटर-साइकिल पर बैठाता था तो जानबूझकर मैं अंडरवियर नहीं पहनता था और उसका हाथ अपने लंड पर लाकर रख देता था फिर एक दिन उसने मुझसे कहा कि मेरे घर वालों ने मुझे काम करने की अनुमति दे दी है और अब तुम मेरी थोड़ी मदद कर दो काम ढूँढने में और मुझे भी बस इसी का इंतज़ार था तो उसको मैंने कहा कि ठीक है मैं तुम्हारी मदद कर दूँगा लेकिन उसके बदले में मुझे एक किस चाहिए तो उसने मुझे कोई जवाब नहीं दिया फिर मैंने उसको एक शोरूम का पता दिया और कहा कि कल वहाँ पर आ जाना मैं भी तुमको वहीं पर मिलूँगा वह मेरे एक बहुत ख़ास दोस्त का शोरूम है वहाँ हो सका तो तुमको कोई काम जरूर दिलवा दूँगा हमारे यहाँ सप्ताह में एक दिन पूरा बाजार बंद रहता है तो मैंने उसको उसी दिन बुलाया और उसको कहा कि घर पर 4-5 घंटे का बोलकर आना और वह मान गई।

फिर जब वह अगले दिन शोरुम में आई तब शोरूम का आधा शटर बन्द था तो उसने मुझे फोन किया तो मैं उसको लेकर अंदर ले आया और जैसे ही मैं उसको अन्दर लेकर आया तो मेरा दोस्त और मैं हम दोनों ही उसको ऊपर से नीचे तक घूरे जा रहे थे उसने एक आसमानी रंग की सलवार कमीज़ पहनी हुई थी और उसकी फिटिंग एकदम मस्त थी और उसकी कमीज के साइड वाले कट से उसकी गदराई जाँघें और उसकी पैन्टी की बोर्डर लाइन साफ दिख रही थी और उसकी कमर इतनी पतली और मस्त लग रही थी कि जैसे वह कोई जन्नत की खूबसूरत परी हो मेरे दोस्त ने उसका स्वागत किया और कुर्सी पर बैठाया और उसको काम और तनख्वाह के बारे में बता रहा था और फिर करीब 20-25 मिनट के बाद मैंने अपने प्लान के हिसाब से एक मैसेज अपने दोस्त के मोबाइल पर किया और उसको कोई भी बहाना करके वहाँ से जाने को कहा और उसने चुप-चाप मेरा मैसेज देखा और एक मुस्कान देते हुए संजना को और मुझे थोड़ी देर बाद आने का बोलकर वहाँ से चला गया अब मैंने संजना को कहा कि बाकी का काम मैं तुमको दिखा देता हूँ और यह कहते हुए उसे मैंने उसको कंप्यूटर पर बैठाया और पास वाली कुर्सी पर खुद भी बैठकर उससे बातें करने लगा और धीरे-धीरे उसके करीब जाते हुए उससे मैंने एक किस की माँग करी तो वह बिल्कुल मान ही नहीं रही थी और मुझसे मेरी गर्लफ्रेंड के बारे में पूछने लगी तो मैंने कहा अगर मेरी कोई गर्लफ्रेंड होती तो मैं उसके साथ क्या करता तुमको बताऊँ यह कहते हुए मैंने एक पोर्न फिल्म चला दी कंप्यूटर पर।

उस फिल्म में एक लड़का एक लड़की के निप्पल को काटते हुए अच्छे से पूरे बदन पर शराब डालते हुए उसके पूरे बदन पर किस किए जा रहा था अब धीरे-धीरे मैं भी संजना से चिपक गया था और मैंने पीछे से उसकी कमर पर अपना हाथ रख दिया तो उसने भी कुछ नहीं कहा और बस चुप-चाप फिल्म देख रही थी तभी मैंने थोड़ी और हिम्मत जुटाई और उसके बब्स को उसके कपड़ों के ऊपर से ही महसूस करते हुए उन पर अपनी ऊँगलियाँ घुमाना शुरू कर दिया और बीच-बीच में उनको दबा भी देता था तो वह उफ्फ करके सिहर उठती थी और उसकी कमर और पेट पर भी मैं अपना हाथ घुमा रहा था और उसकी साँसे अब और भी तेज़ होती जा रही थी अब इतने में मैंने झट से अपनी पेन्ट को नीचे कर दिया जिससे मेरा 7.5 इंच का मोटा लंड एक दम से बाहर आ गया और मैंने उसका हाथ पकड़कर उसके हाथ में अपना मोटा लंड थमा दिया मेरे ऐसा करते ही वह मुझसे दूर जाने की कोशिश करने लगी लेकिन मैंने उसको कसकर पकड़ रखा था और मैं उसको अपनी तरफ खींचता चला गया था फिर मैंने उससे कहा कि प्लीज़ संजना इसको एकबार अपने हाथ में ले लो और थोड़ा सा ऊपर नीचे करो मैं और कुछ भी नहीं करूँगा यह कहते हुए मैंने उसके होठों को चूम लिया और वह खुद को मुझसे छुड़ाने की कोशिश करने लगी मगर मैंने उसको कसकर पकड़ रखा था और मैं पागलों की तरह उस पर किस की बरसात किए जा रहा था उसके पूरे चेहरे पर और उसकी गर्दन पर और ज़ोर-ज़ोर से उसके कपड़ों के ऊपर से उसके बब्स को भी मसल रहा था।

तो दोस्तों पढ़ते रहिए क्योंकि यह कहानी अभी जारी है…

धन्यवाद मेरे प्यारे पाठकों !!

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