चूत की प्यास ससुर ने बुझाई

हाय मेरे प्यारे दोस्तों Antarvasna मेरा नाम नीलम है और कामलीला Kamukta डॉट कॉम पर यह मेरी पहली हिन्दी सेक्स कहानी है आप सभी के लिए, आज मैं आप सभी को मेरी जीवन की एक सच्ची घटना बताने जा रही हूँ जो बात मैं अपने पति या फिर किसी सहेली को बता नहीं सकती वह मैं आज आप सभी को कामलीला डॉट कॉम के माध्यम से बताने जा रही हूँ दोस्तों मेरी उम्र 32 साल की है और मैं एक साधारण परिवार की रहने वाली हूँ और मेरी शादी 5 साल पहले हुई थी।

मेरा ससुराल मथुरा में है और हमारे घर में कुल 4 सदस्य है मेरे ससुर मेरे पति और हमारा एक बच्चा मेरे पति एक फैक्टरी में काम करते है और उनकी ड्यूटी शिफ्टों में चलती है दोस्तों यह घटना आज से कुछ साल पहले की है जब मेरा बेटा 1.5 साल का ही था और मेरे पति की रात की ड्यूटी चल रही थी ड्यूटी का समय रात को 9 बजे से सुबह के 6 बजे तक का रहता है और तब मैं मेरा बच्चा और ससुरजी हम ही घर में रहते थे मेरी सास मेरे शादी से 1 साल पहले ही गुजर गई थी।

यह घटना तब घटी थी जब मेरी उम्र करीब 27 साल की थी और मेरे ससुरजी की उम्र 48 साल के आस-पास थी चाहे मेरे ससुरजी 50 साल के हो पर वह लगते 40-45 साल के ही थे उस समय मेरे पति की रात की ड्यूटी के चलते हम लोग रात को सेक्स नहीं कर पाते थे और दिन में मेरे ससुर जी घर पर रहते थे तो सेक्स करना हमारे लिये बड़ा ही मुश्किल था फिर भी अगर कभी मौका मिल जाता था तो हम लोग किसी के आने के डर से जल्दी-जल्दी में ही सेक्स कर लेते थे मुझे जल्दीबाजी में सेक्स करना बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता है और यह बात मेरे पति भी जानते है पर हम लोग मजबूर थे उस समय पर सेक्स हर शादीशुदा औरत और मर्द की एक शारीरिक जरूरत है और 27-28 साल की उम्र की कोई लड़की को अगर शादी के बाद भी आधा अधूरा ही सेक्स करके सोना पड़े तो इससे बुरी बात और कोई नहीं हो सकती है और इस वजह से मुझे भी रात को नींद नहीं आती थी।

तो दोस्तों अब मैं आज की कहानी पर आती हूँ…

एक रात को जब मेरे पति की रात की ड्यूटी थी और घर पर मैं और मेरे ससुरजी और मेरा बच्चा ही था और हम सब सो रहे थे और मुझे प्यास लगी तो मैं पानी पीने के लिए उठकर किचन में गई और जब पानी पीकर मैं वापस अपने बेडरूम में जा रही थी तो मुझे कुछ आवाज़ सुनाई दी बाथरूम के अन्दर से।

हमारे घर के बाथरूम का दरवाज़ा बहुत पुराना था जिस वजह से बाहर से देखने पर अन्दर का सबकुछ साफ़ नज़र आता था तो मैंने भी वहाँ से अन्दर क्या चल रहा है यह देखने के लिए अन्दर देखना शुरु किया तो मैंने देखा कि मेरे ससुरजी आधे नंगे होकर अपने लंड को हिला रहे थे उनका लंड देखकर तो मैं बिल्कुल ही चौंक गई थी वह करीब 7-7.5 इंच लम्बा था वह अपने लंड को जोर-जोर से हिलाने में लगे हुए थे और फिर 10 मिनट के बाद उन्होंने अपना सारा माल बाथरूम की दीवार पर निकाल दिया था और फिर इतना देखकर मैं भी घबराकर वहाँ से निकल गई और अपने बेडरूम में आकर के सो गई ससुरजी का लम्बा लंड देखकर मेरी पैन्टी भी अब बिलकुल गीली सी हो गई थी फिर मैंने कुछ देर तक तो वह सब सोचा और फिर मैं भी सो गई और सुबह होते ही मैं उठ गई अपना काम करना भी शुरु कर दिया लेकिन मुझे अपने ससुरजी की रात वाली बात पूरा दिन याद रही और मैं उनकी बात को अपने मन से निकाल भी नहीं पा रही थी और उसी बात को याद करके मेरी पैन्टी बार-बार गीली हो रही थी तो मैनें सोचा कि क्यूँ ना ससुरजी के साथ एकबार अपनी चूत की चुदाई करी जाये।

और फिर जब मेरे पति रात को ड्यूटी के लिए निकल गये तो मैंने ससुरजी को पटाने का इरादा कर लिया। मेरा बेटा उस वक़्त छोटा था और वह मेरा ही दूध पीता था तो मैं रात को जब ससुरजी टीवी देख रहे थे तो उनके सामने जाकर मेरे बेटे को दूध पिलाने लग गई मैंने उस समय नाईटी पहनी हुई थी तो अपनी ब्रा को एक तरफ से उठाकर बब्स को ऊपर से निकाल लिया था।

पहले तो ससुरजी उस बात को नज़र अन्दाज़ कर गये और टीवी देखने लगे फिर कुछ देर के बाद उन्होंने फिर से मुझे देखा और अपने मुहँ को घुमाकर के फिर से टीवी देखने लगे। उससे पहले मैंने उनके सामने कभी भी बच्चे को दूध नहीं पिलाया था 15 मिनट तक मेरा बच्चा दूध पीता रहा और ससुरजी चुपके से मेरे बब्स को देखते रहे और जब मैं उनकी तरफ देखती तो वह अपने मुहँ को घुमाकर टीवी की तरफ देखने लग जाते थे अब मेरा बच्चा सो गया था लेकिन मैंने अपने बब्स को नाईटी के अन्दर नहीं डाला और मैं भी वैसे ही टीवी देखने लग गई थी।

मेरे ससुर जी को यह बात पता चल गई थी कि मेरा बच्चा सो गया है पर मैंने फिर भी अपने बब्स को ब्रा के अन्दर नहीं डाला था और वह उस मौके का फ़ायदा उठाने के लिए मेरे बब्स पर नज़रे गडाकर बैठे रहे और जैसे कि वह टीवी को नहीं मुझे ही देखने के लिये बैठे थे वहाँ पर। फिर मैंने उनसे पूछा कि पापा जी आप यह बार-बार मेरी और क्या देख रहे हो? क्या कुछ चाहिए आपको? तो उन्होंने कहा नहीं कुछ नहीं मैं तो बस ऐसे ही देख रहा था।

तो फिर मैंने उनको और कुछ नहीं कहा और उनके पास जाकर सोफे पर बैठ गई और अपनी नाईटी में उनका हाथ रखकर उनसे कहा कि मुझे मालूम है कि आप मेरे बब्स को ही देख रहे थे इसमें इतना शरमाने वाली क्या बात है तो फिर ससुर जी ने भी अपना हाथ मेरे बब्स पर सहलाते हुए कहा कि हाँ मुझे यह देखने में बड़ा अच्छा लग रहा था इसलिए देख रहा था और मैं तुम्हारे बब्स को दबाना भी चाह रहा था पर हिम्मत करके कह नहीं पा रहा था।

मैं हमेशा से ही तुमको चुप-चुपके देखता था और मन ही मन तुमको चोदता भी था और धीरे-धीरे अब वह मुझे ज़मीन पर लिटाकर पहले मेरी नाईटी के बटन खोलने लगे और अब मेरे बब्स बिल्कुल नंगे हो गए थे तो उन्होंने मेरे बब्स को दबाना शुरु कर दिया तो मैंने उनको कहा कि पहले बच्चे को बेडरूम में सुलाकर आए? तो उन्होंने मुझे मना कर दिया और मुझे अपनी बाहों में लेकर हर तरफ चूमने लगे मैं तो बिलकुल ही पागल सी हो चुकी थी और वह मुझे हर जगह से आम की तरह चूसने में लगे हुए थे।

फिर कुछ देर के बाद उन्होंने मुझसे कहा कि बहू तुम्हारा शरीर तो बहुत नरम है मैंने आज बहुत दिनों के बाद किसी औरत को छुआ है तुम्हारी सास जब से मेरी ज़िंदगी से गई है तब से मैं अपने हाथ से ही अपना काम चला रहा था आज तुमको मैं जी भर के प्यार करूंगा यह बोलकर वह मेरी नाईटी के अन्दर से मेरी चूत को छुने और मसलने लगे तो मैं भी अब बिल्कुल मदहोश सी होने लगी थी।

मुझे उस समय अच्छे बुरे की कोई समझ नहीं थी मैं तो बस चुदाई की चाहत में ही वह सब करती चली गई अब धीरे-धीरे वह मेरे बचे हुए कपड़े भी उतारने लगे और अब वह मेरी जाँघों को सहलाने लगे इससे मैं और भी पागल हो उठी थी और अपने ससुरजी को उनके होठों पर किस करने लगी उन्होंने अपनी जीभ मेरे मुहँ के अन्दर डाल दी और वह भी मुझे किस करने लगे मैं भी उनकी जीभ को अपने मुहँ में लेकर चूसने लगी क्या हसीन पल था वह आज भी उस पल को याद करके मेरी चूत अपना पानी छोड़ देती है।

अब मैं बिल्कुल नंगी थी तो मैंने भी उनके सारे कपड़े उतार दिए थे और अब हम दोनों ही ज़मीन पर एकदूसरे से लिपटकर एक दूसरे को किस करने में लगे हुए थे उनका शरीर उस समय किसी जवान लड़के कि तरह लग रहा था फिर उन्होंने अपना लंड निकालकर मेरे हाथ में दे दिया और उसे चूसने के लिए मुझे इशारा किया इतना बड़ा लंड मैंने अपनी ज़िंदगी में पहले कभी नहीं देखा था ऊपर से उनका लंड मोटा भी था।

इसलिए मैं उसको आधा ही अपने मुहँ के अन्दर डाल पाई और आधे लंड को ही अपने मुहँ के अन्दर बाहर करने लगी अब उन्होंने मेरे बालों को पीछे से पकड़ा और झटके दे देकर के मेरे मुहँ में अपने लंड को घुसाने लगे फिर कुछ देर के बाद ससुर जी मेरे बब्स को पकड़कर चूसने लगे और अपने एक हाथ से मेरी चूत को भी सहलाने लगे मेरी चूत तो पहले ही गीली हो गई थी जब वह मुझे किस कर रहे थे तो उन्होंने मुझसे कहा कि बहुत मज़ा आ रहा है ना बहू? तो मैंने भी कहा हाँ आपको तो बहुत ही अच्छा सेक्स करना आता है और फिर मैं अपनी नज़रों को नीचे झुकाकर बिना कुछ बोले हुए उनके लंड को अपने हाथों से हिलाने लगी अब उन्होंने मेरी चूत को अपनी ऊँगली से चोदना शुरु कर दिया था।

अब मैं लम्बी-लम्बी सिसकारियाँ लेने लगी और फिर वह अपनी 2 ऊँगलियों से मुझे चोदने लगे फिर उन्होंने अपनी एक ऊँगली मेरी गांड में भी डालकर मेरी गांड के अंदर घुसाने लगे और अन्दर जगह करने के बाद मेरी गांड की अपनी उँगलियों से चुदाई करने लगे फिर थोड़ी देर ऐसे ही करने के बाद उन्होंने मेरी चूत को चाटना शुरु कर दिया मेरी चुचियों से अपने आप ही दूध निकलने लग गया था फिर वह अपने मुहँ में मेरे दोनों बब्स को एक-एक करके चूसने लगे और जब मेरे दोनों बब्स पूरी तरह से खाली हो गए तब वह मेरी टाँगों के बीच में आ गए और उन्होंने मेरी दोनों टाँगों को ऊपर कर दिया और अपना लंड मेरी चूत के सामने लाकर धीरे-धीरे अन्दर घुसाने लगे।

दोस्तों आप यह कहानी कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

और फिर एक ही झटके में जब उन्होंने अपना पूरा लंड मेरी चूत में घुसाया तो मेरे मुहँ से आह की एक तेज आवाज़ निकल गई। इतना मोटा लंड और ऊपर से इतना लम्बा भी मैं ठीक से साँस भी नहीं ले पा रही थी पर मुझे मज़ा भी बहुत आ रहा था अब धीरे-धीरे उनके झटके और तेज़ हो रहे थे मैं महसूस कर पा रही थी कि उनका लंड मेरी चूत से होकर मेरी बच्चेदानी के मुहँ तक दस्तक दे रहा था मेरी चूत में भी अब बहुत दर्द होने लगा था और मेरी आँखो में से उस दर्द के लिए आसूं भी निकल रहे थे पर उनको इन सबकी जैसे कोई परवाह ही नहीं थी और वह तो बस जोर-जोर से मुझे झटके मार रहे थे जिससे मेरे मुहँ से चीख निकलती जा रही थी आहह.. आहह.. उहह.. कितना मोटा है ये ऊईई.. माआ…. पर ससुर जी को तो जैसे कोई होश ही नहीं था वह तो लगातार अपना लंड मेरी चूत में अन्दर-बाहर किये जा रहे थे हम दोनों ही पसीने से पूरी तरह भीग गये थे उस रात उन्होंने मुझे एक इंसान की तरह नहीं बल्कि एक जानवर की तरह चोदा था मैं पहले ही अपना पानी छोड़ चुकी थी इसलिये चुदाई समय पच-पच वाली आवाज़ निकलना शुरु हो गई थी करीब आधा घंटे की उस जबरदस्त चुदाई के बाद ससुरजी ने अपना माल मेरी चूत के अन्दर ही डाल दिया और मेरे ऊपर ही गिरकर सो गये थे उस रात 30 मिनट के बाद उन्होंने मुझे 1 बार और भी चोदा और फिर हम दोनों ही सो गए उस रात मुझे पहली बार असली चुदाई का भरपूर आनन्द मिला था जो मेरा पति भी आज तक मुझे नहीं दे पाया था।

ऐसे ही उनके साथ सेक्स करते-करते मुझे उनसे भी एक बच्चा हुआ और फिर हम दोनों ने एक साल तक जोरदार सेक्स किया उसके बाद मेरे पति का अच्छे पद पर तरक्की हो गई और वहाँ से तबादला भी हो गया था तो अब हम किसी और शहर में जाकर रहने लगे और हमारा नाता टूट गया था अब कभी-कभी मेरे ससुर जी हमसे मिलने आ जाते है तो फिर से मौका देखकर हमारी कामलीला शुरु हो जाती है पर मैं आज भी उस रात के बारे में अक्सर सोचती हूँ क्या मैंने कुछ ग़लत तो नहीं किया सिर्फ अपनी हवस को मिटाने के लिये लेकिन मेरी चूत कि चुदाई का सच्चा सुख तो मुझे अपने ससुरजी से ही मिला था।

धन्यवाद मेरे प्यारे पाठकों !!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *