मेरी प्यास बुझा दो तुम पार्ट :- 2

कामलीला के Antarvasna सभी प्यारे पाठकों Kamukta का एकबार फिर से स्वागत करता हूँ और आप पढ़ रहे हो हमारे लोकप्रिय लेखक प्रेम की कलम से कहानी का दूसरा भाग “उसने कहा मेरी प्यास बुझा दो तुम”।

अब तक आपने इस कहानी में पढ़ा कि कैसे मैनें सर कि बीवी को बहुत तडपाया है चुदाई के लिये फिर मुझे लगा कि अब मेरा माल निकल जाएगा तो मैनें उनका सिर पीछे हटाना चाहा तो उन्होनें मुझसे इशारे से पूछा कि क्या हुआ? तो मैनें कहा?

कि मेरा अब निकलने वाला है तो उन्होनें इशारे से ही कहा कि मेरे मुँह में ही निकालो और फिर मेरे लंड से बहुत सारा माल उनके मुँह में जा गिरा उसने वह पूरा ही चाट लिया अब मैं उनके पूरे कपड़े उतारने लगा और उनके पेटीकोट का नाडा खींच लिया ओह… उन्होनें अन्दर कुछ भी नहीं पहन रखा था अब मैनें उनको धकेलकर बेड पर लेटाया और उनके पैरों को फैलाकर उनकी चूत को देखा तो वह एकदम गुलाबी चूत थी वह ऐसी लग रही थी वह किसी 18 साल की लड़की की चूत हो और उनकी चूत पर एक भी बाल नहीं था और ऐसा लग रहा था कि उन्होनें बाल आज ही साफ़ किया हो अब मैनें उनकी चूत के दोनों होठों को ऐसे फैलाया कि जैसे वह किसी गुलाब की पंखुड़ी हो उनकी चूत का मुँह एकदम छोटा सा था मुझे थोड़ा शक़ हुआ तो मैनें उनसे पूछा कि सर आपको चोदते नहीं है क्या? तो उन्होनें कहा कि मेरी चूत अभी तक कुँवारी है उनके कहने का मतलब मैं कुछ समझ नहीं पाया था उनकी कुँवारी चूत और एक लड़का भी खैर मैं अभी तो खुश हो गया था क्योंकि उनकी चूत कुँवारी नहीं भी हो पर फिर भी एकदम टाईट तो थी वह मेरे सामने एकदम नंगी ही पड़ी हुई थी साँचे में ढला हुआ बदन तराशी हुई चूंचियाँ आसमान की ओर देख रही थी और पैर फैलाए उनकी बन्द चूत मेरे सामने थी मैनें उनकी चूत के दाने को ढूँढा और उसको हल्के से रगड़ने लगा तो वह इस्स्स्स..आअहह.. अफ.. और मत तडपाओ मुझे…. कहने लगी तो अब मैनें अपना चेहरा उनकी चूत के पास किया तो उसमें से उनके पैशाब और चूतरस की क्या मस्त खुश्बू आ रही थी अब मैनें उनकी चूत पर अपनी जीभ को फेरा तो वह और भी उछल पड़ी आह्ह्ह… अब उनकी चूत से बहुत सारा पानी भी निकल रहा था और वह उनकी गांड की तरफ बहकर जा रहा था अब मैनें उनकी गांड के नीचे एक तकिया रखा और उनके पैरों को ऊपर उठाकर उनके बीच में बैठ गया और उनकी चूत के दरवाजे को खोलकर अपनी जीभ उसके अन्दर डाल दी और 10 मिनट बाद ही उनकी चूत से झरने जैसा पानी बाहर निकल आया और मेरा मुँह पूरा ही भर गया था और वह ज़ोर से चिल्लाई आह्ह्हह्ह मेरा हो गयययया.. आअहह… .बस अब और मत चाट… यह कहते हुए अब वह मुझे दूर धकेलने लगी उनकी चूत को चाटते हुए मेरा लंड एकबार फिर से फनफना गया था मैनें उनकी चूत से निकालने वाले पूरे रस को चाट लिया ऐसा करते हुए मैनें उनकी चूत के दाने को भी अपनी जीभ से सहला रहा था जिससे वह एकबार फिर से गरम हो गई थी और वह मुझसे कहने लगी कि अब और ज्यादा मत तडपा मैं बहुत तरसी हूँ मेरी जवानी को अपना ले अब तेरे लंड को इसके अन्दर डालकर फाड़ दे मेरी इस चूत को।

अब मैं उठा उन्होनें मुझसे कहा कि तू तो एकदम अनुभवी है उसे मेरा तरीका बहुत पसंद आया अब मैं थोड़ा नीचे की तरफ गया और उनकी चिकनी मोटी जाँघो को चूमने और चाटने लगा मैं आज उनको जी भरके चोदने के मूड में था अब मैनें उनको पेट के बल लेटा दिया और फिर उनकी गांड और पीठ को भी जीभ से खूब चूमा और चाटा उनका पीछे का भाग और भी ज्यादा सेक्सी था उभरी हुई गोरी मस्त गांड और उसकी घाटी, चिकनी गोरी पीठ, उनकी पीठ को चूमते हुए मैं सामने हाथ लाकर उनके बब्स और निप्पल को मसल रहा था उनकी गांड को चाटने और दबाने में मुझे बहुत मज़ा आ रहा था मैनें उत्तेजना में उनकी गांड पर हल्के से काट लिया तो वह चिल्ला उठी आहह… नहीं उईई यह क्या कर रहे हो तुम। मैं उनकी गांड को ज़ोर-ज़ोर से दबाए जा रहा था मेरी जीभ उनके दोनों कूल्हों के बीच की घाटी में सैर कर रही थी उनके कूल्हे इतने नरम और मुलायम थे कि उनको दबाने में मुझे अलग ही मज़ा आ रहा था उनकी गांड का छेद भी गुलाबी था उस छेद में मैनें अपनी जीभ घुमाई तो वह एकदम से सिहर उठी उनका वह मचलना बहुत ही मजेदार था फिर मैनें पीछे से ही उनकी फूली हुई चूत को सहलाया और एक ऊँगली उसके अन्दर डालने की कोशिश करी उनकी चूत तो पहले से ही गीली थी लेकिन बहुत टाईट थी जिससे मेरी ऊँगली के थोड़ा सा ही अन्दर जाते ही वह आहह… धीरे करो बहुत दर्द होता है तो मैनें उनसे कहा कि यह तो सिर्फ एक ऊँगली ही है और तुम मेरा 7.5 इंच लम्बा लंड लेने के लिए तड़प रही हो तो उसने कहा.. कि मुझे कुछ नहीं मालूम, मेरी चूत में तो आग लगी है उसके अन्दर चिंटीयाँ सी रेंग रही है अब मैनें उनको चूमा और मैं समझ गया था कि लोहा गरम हो गया है अब हथौड़ा मार देना चाहिये तो मैनें अब उनको सीधा लेटाया और उनके पेट और नाभि को भी अपनी जीभ से चाटा और भी गीला कर दिया मैनें फिर उनकी चूत पर मुँह लगाया अब मेरी जीभ उनकी चूत के अन्दर खेल रही थी उनकी चूत अब एकदम से फूलने लगी और वह भी अपनी कमर को उछाल रही थी मैं अभी और भी उनको तड़पाना चाहता था।

तो मैं इसबार उनकी चूत में नहीं और उसके चारों तरफ जीभ और हाथ से सहलाया अब मैनें देखा कि बेड की चादर उनकी गांड के नीचे से पूरी गीली हो रही थी और अब वह पूरी तरह से गरम भी हो गई थी वह अपने पैरों को बेड पर रगड़ रही थी उफफ्फ्फ्फ़ अब सहन नहीं हो रहा अब उन्होनें अपना हाथ बढ़ाकर मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़ लिया और मैं भी अब फिर से पूरे जोश में आ चुका था इस बार तो मेरा लंड और भी मोटा लग रहा था उन्होनें उठकर मेरे लंड को एक किस किया और थोड़ा सा चाटा भी और उन्होनें कहा कि सच में मेरे राजा उस दिन मैनें बाथरूम में जब तुम्हारा यह प्यारा सा लंड देखा तभी से मैनें सोच लिया था कि मेरी इस कुँवारी चूत की सील इसी लंड से खुलवाऊंगी तो मैं उस दिन के बाद से सिर्फ़ इसी लंड को अपने सपने में देखती थी और मेरी चूत अपना पानी निकाल देती थी तो फिर मैनें उनको कहा कि तो फिर आज इसे अपनी चूत में डलवा ही लो यह कहते हुए मैनें उनके पैरों को फैलाया और अपने लंड को उनकी चूत के ऊपर रगड़ा ताकि उनकी चूत के रस से मेरे लंड का टोपा भी चिकना हो जाए अब मैनें उनको किस किया और अपने लंड को उनकी चूत के लाल छेद पर रखा और एक धक्का दिया उनकी चूत का मुँह बहुत छोटा था और मेरा लंड बहुत मोटा तो वह फिसल गया तो मैं उठा और मैनें पास में रखे तेल की शीशी में से बहुत सारा तेल लेकर अपने लंड पर लगाया और बहुत सारा तेल उनकी चूत के छेद में भी डाला अब मैनें उनके पैरों को और थोड़ा और भी फैलाया और अपने लंड को फिर से छेद पर रखकर थोड़ी और ताक़त से धकेला तो अबकी बार मेरे लंड का टोपा अन्दर घुसा और वह जोर से चिल्लाई.. मर गईई.. हाययय.. ऊऊऊह निकालो… इतना मोटा नहीं जाएगा आह्ह्ह बस अब और आगे नहीं जाएगा तो अब मैनें उनसे कहा कि निकाल लूँ… तो वह सिसकते हुए मेरी तरफ देखने लगी उनकी आँखों में आँसू थे तो मैनें उनको किस किया तो वह बोली कि मैं अब मैं कितना भी चिल्लाऊं पर तुम आज मेरी चूत को फाड़ ही दो तो मैनें भी उनके होठों पर अपने होंठ रखे ताकि वह ज़ोर से चिल्ला ना सके अब मैं समझ गया था कि वह सच में कुँवारी ही है अब मैनें अपने लंड को ताक़त के साथ अन्दर धकेला मेरा लंड 2 इंच ही घुसा तो वह फिर से दर्द से बिलबिला उठी और तड़पने लगी मैनें उनके मुँह को नहीं छोड़ा।

लेकिन मैनें महसूस किया कि उनकी चूत के अन्दर कुछ था जो मेरे लंड को अन्दर जाने से रोक रहा है शायद उनकी इतनी उम्र होने के कारण उनकी चूत का परदा और मोटा हो गया था अब मैनें अपने लंड को थोड़ा बाहर खींचा और अबकी बार पूरी ताक़त से झटका मारा तो उनकी चूत के परदे को फाड़कर मेरा लंड 5 इंच तक अंदर घुस गया था और उनकी चूत ने खून की उल्टी कर दी थी और वह बहुत छटपटाई और फिर बेहोश जैसी हो गई थी और मैं भी डर गया था मैं उसे फिर से चूमने लगा और करीब 10 मिनट तक ऐसे ही रहने के बाद वह होश में भी आ गई थी उनकी आँखों में पानी और चेहरे पर दर्द था फिर थोड़ी देर में जब उनका दर्द थोड़ा कम हुआ तो मैनें अब नीचे से हल्के-हल्के धक्के लगाने शुरू किए तो अब उनको भी मज़ा आने लगा और मैनें उनसे पूछा कि अब दर्द थोड़ा कम हुआ ना? तो उन्होनें कहा हाँ तो अब मैनें अपने लंड को फिर से बाहर खींचा और एक और करारा झटका देते हुए इसबार अपने पूरे लंड को जड़ तक उनकी चूत में पेल दिया तो वह फिर से चिल्लाई.. ऊओ… मर गईईई… लेकिन मेरे धक्के अभी भी चालू थे और फिर 5-7 मिनट के बाद वह भी अपनी गांड को उछालते हुए धक्के लगाने लगी और अब उनकी चूत से पानी भी निकलने लगा था और मेरे लंड को भी अन्दर-बाहर होने में सहूलियत हो रही थी तो अब मैं उनको ज़ोर-जोर से चोदने लगा और वह भी कह रही थी और ज़ोर से.. आज फाड़ दो मेरी चूत को और मुझे माँ बना दो तो फिर मैनें अब उनसे पूछा कि अगर आप कुँवारी थी तो फिर वह लड़का किसका है जिसे आपने हॉस्टल में रखा है? तो उन्होनें कहा कि वह तो उनकी बड़ी बहन का लड़का है जिसकी एक दुर्घटना में मौत हो गई थी और उनके पति ने दूसरी शादी कर ली थी इसलिए 1 साल के बच्चे को तुम्हारे सर ने गोद ले लिया था लेकिन अब वह अपने खुद के बच्चे की माँ बनना चाहती थी और वह मुझसे कह रही थी कि तुम मेरे पेट में बच्चा दे दो.. आहह.. क्या मस्त मज़बूत लंड है तुम्हारा और फिर वह ऐसा कहकर मुझसे चिपकने लगी और आहह…मेरा निकलने वाला है यह कहकर उन्होनें मुझे कसकर पकड़ लिया और वह झड़ गई मुझे मेरे कंधे पर से कुछ जलन सी महसूस हुई तो मैनें हाथ से देखा वहाँ से खून निकल रहा था दरअसल जब उनकी चूत की सील टूटी तब उन्होनें अपने नाख़ूनों से मेरी पीठ पर घाव बना दिए थे और उसी की जलन लग रही थी यह देखकर मुझे और भी जोश आ गया और मैनें मेरे धक्कों की गति और बढ़ा दी उनकी चूत को इस तरह की चुदाई कि उम्मीद नहीं थी और उनकी चूत एकदम लाल हो गई थी।

मैनें उनकी कमर को अपने दोनों हाथों से पकड़ा और उनकी चूत में लंड को डाले हुए ही मैनें उनको सीधा कर दिया और उनको अपने ऊपर खींच लिया अब मैनें उनसे कहा कि अपनी गांड को ऊपर नीचे करो उनके इस तरह से उछलने से उनके मस्त बब्स भी मेरे मुँह के सामने उछल रहे थे अब मैनें अपने दोनों हाथों से उनके बब्स को पकड़ लिया और मसलने लगा और निप्पल को मुँह में लेकर चूसने लगा और वह लगातार झड़ रही थी जिससे मेरी गोलियां भी गीली हो गई थी फिर थोड़ी देर में वह थककर मेरे सीने पर लेट गई और मैनें उनकी चूत में से बिना लंड को निकाले ही फिर उनको नीचे लिटा दिया और खींचते हुए बेड के किनारे पर ले आया वहाँ पर उनकी चूत के नीचे फिर से एक तकिया लगाया और मैं खुद बेड से नीचे खड़ा हो गया और उनके पैर अपने कंधे पर रखे और इस बार मेरे धक्के बहुत ही तूफ़ानी थे वह जोर-जोर से चिल्ला रही थी क्या मस्त लंड है मेरी चूत की तो किस्मत ही खुल गई मारो.. और ज़ोर से मारो मैं गईईईईई ओह्ह्ह और फिर वह फिर से झड़ गई अब मेरे भी झड़ने का समय हो गया था मैनें उनसे कहा कि मैं भी झड़ने वाला हूँ तो उन्होनें कहा कि मेरी चूत में ही भर दो अपना सारा माल और मुझे माँ बना दो तुम्हारे मज़बूत लंड से मुझे धन्य कर दो अब मैनें 8-10 जबरदस्त धक्के मारे और अपने लंड को उनकी बच्चेदानी के मुँह पर रखकर लंड से सारा वीर्य उनकी बच्चेदानी में भर दिया क्या जबरदस्त पिचकारी थी वह उन्होनें अपने पैर मेरी कमर पर जकड़ लिए थे और मुझसे कसकर चिपक गई थी हम कुछ देर तक ऐसे ही एक दूसरे से चिपककर पड़े रहे और फिर मैं उठा और अपने लंड को बाहर निकाला तो वह खून और दोनों के कामरस से लथपथ हो रहा था और उनकी चूत वह तो अपना मुँह खोले हुए सारा माल बाहर निकाल रही थी अब मैनें उनको कहा कि बाथरूम में चलते है तो उन्होनें उठने की बहुत कोशिश करी और फिर आअहह… उईई करते हुए वापस लेट गई उनके पैर कांप रहे थे तो मैनें उनको सहारा देकर उठाया तब तक शाम के 6.30 बज गये थे और हम बाथरूम में एक दूसरे को साफ़ करके वापस आए तो उनकी नंगी और मस्त जवानी को देखकर मेरा लंड फिर से तैयार होने लगा और फिर हम दोनों बाथरूम से लौटे और नंगे ही बेड पर लेट गए मैनें उनको उस दिन रात के 7.30 बजे तक और 1 बार और चोदा और फिर मैं उनको किस करके अपने घर आ गया उस दिन के बाद से मैं उनको चोदने रोज ठीक 4.30 पर उनके घर चला जाता था और मैनें उनको 2 बार माँ भी बनाया लेकिन उनके पति के डर से उन्होनें गर्भ गिराने की गोली खा ली थी लेकिन तीसरी बार उन्होनें किसी तरह अपने पति से मजबूरी में चुदवाया और फिर मुझसे चुदवाकर मेरे बच्चे को जन्म दिया जो कि आज 7 साल का है उन्होनें मुझसे कहा कि यह तुम्हारी गुरु दक्षिणा है अपने गुरु के लिए।

धन्यवाद मेरे प्यारे पाठकों !!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *