मम्मी को बेहोश करके चोदा

हाय फ्रेंड्स मेरा Kamukta नाम राज है और मैं 24 साल का हूँ मैं अलीगढ़ का रहने वाला हूँ एक दिन जब मैं गूगल पर कुछ सेक्सी कहानियाँ तलाश कर रहा था तब सर्च इंजन में सबसे पहले मुझे कामलीला डॉट कॉम दिखाई दी तब मैनें इस साईट को खोलकर देखा तो इसमें बहुत ही अच्छी-अच्छी हिन्दी सेक्स कहानियाँ थी और जब मैनें उनको पढ़ा तो मुझे वह सब बहुत ही अच्छी लगी और तब से अब तक मैं इसकी सभी कहानियाँ पढ़ता आ रहा हूँ कामलीला की कहानियों से ही प्रभावित होकर मैनें भी अपने साथ घटी एक घटना को कहानी का रूप दिया है और आप सभी के सामने लेकर आया हूँ तो दोस्तों अब मैं अपनी कहानी को शुरू करता हूँ जो कि कुछ इस प्रकार है…

मैं जब 18 साल का था और उस समय मैं 12 वीं में पढ़ता था और हमारे घर मैं और मेरे मम्मी-पापा ही है मेरे पापा प्राइवेट ठेकेदार है और मेरी मम्मी घर का ही काम करती है मेरी मम्मी बहुत ही सेक्सी औरत है उस समय उनकी उम्र 40 साल थी उनके बब्स भी ठीक-ठाक थे पर उनकी उभरी हुई बड़ी गांड को देखकर किसी का भी लंड खड़ा हो जाता था हमारे मोहल्ले में सभी लोग मेरी माँ को बहुत घूर-घूरकर देखते थे जब मैं भी मेरी मम्मी को देखता था तो मेरा भी लंड अपने आप ही खड़ा हो जाता था मैं हमेशा उनको चोदने की सोचता रहता था उनकी गांड को देख-देखकर मैं बाथरूम में जाकर मूठ मारता रहता था मैं काफ़ी दिनों से उनको चोदने की सोच रहा था लेकिन मुझे वह मौका ही नहीं मिल रहा था मुझे उनकी मोटी और बड़ी गांड बहुत ही पसंद थी ख़ासकर मैं एकबार बस उनकी गांड ही मारना चाहता था पर शुरू से ही मैं उनसे बहुत डरता भी था इसलिये मैं उनको बताकर चोदने का खतरा मौल नहीं ले सकता था फिर मैनें एक दिन अखबार में एक नींद की दवा के बारे में पढ़ा था लेकिन अब मुझे उसका नाम याद नहीं है पर मैनें उस समय उसको खरीदा था फिर मैं सही मौके का इंतज़ार करने लगा फिर एक दिन जब मेरी बोर्ड की परीक्षा शुरु होने में 5-7 दिन बाकी थे तब पापा को कहीं काम से जाना था तो अब घर पर मैं और मेरी मम्मी ही अकेले बचे थे मैं उस दिन बाजार से जूस लेकर आया जो कि आम का था वह मेरी मम्मी को बहुत ही पसंद है फिर रात को जब हमने खाना खा लिया तो मैनें अपने लिए जूस निकाल लिया और पीने लगा फिर बाकी के बचे हुए जूस में गोली को पीसकर उसका पाउडर मिला दिया और फिर उसको फ्रिज में रख दिया फिर मम्मी ने वह जूस लगभग 10 बजे तक पी लिया था उसके लगभग 10-15 मिनट बाद ही मम्मी को बहुत ज़ोर की नींद आने लगी और वह कुर्सी पर से नीचे गिर गई फिर मैनें उनको उठाया और दो तीन बार गाल थप-थप कर उनको जगाने की कोशिश की पर वह सोती ही रही फिर मैं उनको कमरे में ले गया और आराम से बेड पर लेटाया और उनके पास बैठकर उनको जगाने की कोशिश करने लगा मैनें करीब 20-25 मिनट तक इंतज़ार किया कि मम्मी और गहरी नींद में चली जाए फिर 25 मिनट के बाद मैं वापस कमरे में आया और दरवाज़ा बंद कर दिया मेरी मम्मी साड़ी और ब्लाउज में ही थी फिर मैं मम्मी के पास ही लेट गया और उनके ब्लाउज के ऊपर से ही उनके बब्स को सहलाने लगा उनके बब्स को सहलाते हुए मेरा लंड मेरी पेंट में तम्बू की तरह खड़ा हो गया था।

फिर 10 मिनट के बाद मैनें मम्मी की साड़ी को भी उतार दिया और फिर धीरे-धीरे से उनके ब्लाउज के बटन भी खोलने लगा मेरे हाथ थोड़े-थोड़े काँप रहे थे अब मम्मी मेरे सामने सफ़ेद रंग की ब्रा और काले रंग के पेटीकोट में ही थी उनमें वह क्या सेक्सी लग रही थी मेरे लंड ने तो पानी छोड़ना शुरु कर दिया था फिर मैनें उनके पेटीकोट का नाडा खोलकर उसे भी उतार दिया अब उनकी काले रंग की पैन्टी मेरे सामने थी अब मेरे सब्र का बाँध टूट चुका था और मैनें उनकी ब्रा और पैन्टी को एक ही झटके में निकालकर दूर फैंक दिया मेरे जीवन में मैनें पहली बार किसी औरत को नंगा देखा था उस समय मैं बहुत काँप भी रहा था फिर मैनें माँ के बब्स को दबाया तो मेरे हाथ उनके मखमल जैसे बब्स में धँस गये फिर कुछ देर उनको दबाने के बाद उनके भूरे रंग के निप्पल को चूसना शुरु किया ही था कि मुझे लगा कि अब मैं झड़ने वाला हूँ तो मैनें मम्मी के मुहँ को खोलकर उसमें अपना लंड डालकर उनके गले तक घुसा दिया था और मैं उनके मुहँ में ही झड़ गया पर मम्मी बेहोश थी।

फिर खुद को उत्तेजित करने के लिए मैं मम्मी कि बालों से भरी हुई चूत माफ़ करना उनके भोसड़े को चाटने लगा मेरी पूरी जीभ ही उसमें चली गई थी और उसके अंदर एक अनार के दाने जैसी जगह पर जाकर लगी तो मैनें बहुत देर तक उनकी चूत को चूसा और कुछ देर बाद उसमें से मुझे कुछ नमकीन के जैसा स्वाद आ रहा था और मैं उनकी चूत का दीवाना हुआ जा रहा था लेकिन फिर अचानक से उनकी चूत से एक रस की धार मेरी जीभ से आकर लगी तो मैनें सोचा कि शायद मम्मी अब झड़ चुकी है अब मैं अपने सपने को पूरा करने चला और माँ को उल्टा लेटा दिया अब उनकी मोटी और गोरी गांड अब मेरे सामने थी मैनें उनकी गांड को दबाया पर वह बहुत ही टाईट थी उसको अलग करने की कोशिश की तो मुझे एक बहुत छोटा मेरे 6 इंच के लंड के टोपे जितना बड़ा छेद दिखा जो कि गुलाबी रंग का था फिर मैं कमरे में गया और तेल और वैसलीन लेकर आया और फिर मम्मी कि गांड को चौड़ी करके उसमें तेल डालता गया जब तक वो ऊपर तक भर ना गया अब अपने लंड पर मैनें वैसलीन और तेल लगा लिया फिर मैंने अपना लंड मम्मी की गांड पर सेट किया और अंदर डालने लगा बहुत मुश्किल से वह अंदर गया पर आधा ही फिर मैनें अपनी पूरी ताक़त लगाकर डाला तो वह पूरा तो नहीं पर 5 इंच तक अंदर चला गया मुझे हैरानी भी हो रही थी कि मम्मी अभी तक बेहोश थी फिर मैनें 8-10 धक्के लगाए और फिर अपने चोदने की स्पीड को बढ़ाने लगा और मम्मी को जमकर चोद रहा था और मम्मी की गांड में मेरा लंड फका-फक जा रहा था और मुझे बहुत मजा रहा था कभी ऊपर या नीचे होकर मम्मी कि गांड को अच्छे से पेल रहा था फिर थोड़ी देर बाद मेरा शरीर अकड़ने लगा और मैं मम्मी की गांड में ही झड़ गया जब मैनें अपना लंड बाहर निकाला तो उस पर मेरा वीर्य और खून लगा हुआ था शायद मम्मी की गांड की सील जो टूट गई थी मैनें टाइम देखा तो रात के 12 बज चुके थे फिर रात को 1 बार फिर मम्मी की गांड मारी भोसड़ा इसलिये नहीं मार पाया क्योंकि दोस्तों मैं कॉन्डोम तो लाना ही भूल गया था पर मम्मी की गांड मारकर जो संतुष्टि मिली वह शायद स्वर्ग में भी ना मिलती फिर किसी तरह सब कुछ साफ़ किया और बड़ी मुश्किल से उनको उनके कपड़े पहनाए और फिर मैं अपने कमरे में जाकर सो गया फिर मम्मी सुबह करीब 10 बजे तक उठी और उनके चेहरे को देखकर ऐसा लग रहा था कि उनको कुछ दिक्कत है पर अपने सगे बेटे को वह कैसे बताती की उनकी गांड में बहुत दर्द हो रहा है….

धन्यवाद मेरे प्यारे पाठकों !!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *