चुदाई का सफ़र भाग :- 7

कामलीला के प्यारे पाठकों, आपको कहानी में बहुत मजा आ रहा है ना? और आना भी चाहिए क्योंकि मेरे साथ घटी घटनाएँ ही कुछ ऐसी, अब तक आपने इस कहानी में पढ़ा है कि कैसे मैनें सीमा और मीना को खूब चोदा है।

अब आगे…

आंटी ने जो यह सब किया वो कोई ऐसी अजीब बात नहीं थी क्योंकि इतना मज़ाक तो गाँवों में होना तो आम बात होती है अब मैं नहाकर बाहर आया तो सीमा और आंटी दोनों किचन में थी सीमा ने मुझे नाश्ते में आलू के पराठे, आचार और दूध दिया।

तो मैनें कहा कि इतना दूध? तो फिर सीमा कहने लगी कि तुम्हे बड़ी मेहनत करनी है जिंदगी में इसलिए इतना दूध तो पीना ही पड़ेगा फिर आंटी ने सीमा की टांग खींचते हुए कहा कि कौन सी मेहनत करवा रही है लड़के से? और सीमा को आँख मार दी सीमा झेंप गई और मैं भी मुस्कुराते हुए नाश्ता करने लगा तभी फोन की घंटी बजी और सीमा ने फोन उठाया विशाल का फोन था सीमा बात कर रही थी।

5 मिनट तक बात करके सीमा ने फोन रख दिया फिर मैनें पूछा कि किसका फोन था सीमा ने बताया कि विशाल का फोन था पठानकोट वाली मोसी के यहाँ से कल वह दिल्ली और फिर उसके अगले दिन तक घर आ जाएगा मैं मन ही मन बहुत खुश हुआ और सीमा के चेहरे पर भी खुशी झलक रही थी।

12 बज चुके थे मैनें टीवी चालू किया और फिर बेड पर चादर लेकर लेट गया आंटी और सीमा सोफे पर बैठ गई और फिर थोड़ी ही देर में मुझे नींद आ गई और मैं सो गया और फिर जब मेरी आँख खुली तो मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे कोई मेरे लंड के साथ खेल रहा हो।

मैनें देखा कि दरवाजा भी बंद था और सीमा मेरे लंड को अपने मुहँ में लेकर चूस रही थी और वह भी बड़े प्यार से, मेरा पूरा लंड अन्दर तक लेकर चूस रही थी पूरा लंड गले तक ले जाती फिर लंड के टोपे पर अपनी जीभ को घुमाती सीमा का चेहरा बिल्कुल लाल हो चुका था मैं उसको ही देख रहा था लेकिन वह तो अपने ही काम में लगी हुई थी।

फिर 10-15 मिनट के बाद मेरा लंड बिल्कुल फटने को हो गया तो मैं उठ गया और सीमा के बब्स को पकड़कर उसे अपने ऊपर खींच लिया और उसके होठों पर अपने होंठ रख दिए बहुत देर तक होंठ चूसने के बाद मैनें उसको एक साइड में किया और उसके सूट के ऊपर से ही उसके बब्स दबाने लगा।

मैनें एक-एक करके उसका सूट और फिर सलवार फिर समीज़ फिर पैन्टी को उतारकर उसे पूरा ही नंगा कर दिया और उसके बब्स को चाटने लगा कभी उसके एक बब्स को चाटने लगता तो कभी दूसरे वाले को उनकी निप्पल को दाँतों से हल्का-हल्का काटने लगा सीमा इससस्स इससस्स आहह ईसस्ज़ससज़्ज़ करके सिसकियां लेने लगी।

मुझमें उसकी सिसकियां सुनकर और भी जोश आने लगा और फिर मैं नीचे गया और उसकी नाभि को चाटते हुए उसकी चूत में ऊँगली करने लगा अपनी एक ऊँगली डालकर ऊँगली से ही चोदने लगा।

मेरे ऐसा करने से सीमा उछलने लगी तो मैनें उसकी टाँगे मोड़ दी और उसकी चूत को अपने दाँतों से काटने लगा सीमा भी अब जोश में आ गई और कहने लगी कि मेरे राजाआ खा ज्ज्जा मेरी चूऊऊत को ऊऊऊ आअहह उऊस्स्स्स्स आआआ।

वो इतनी उत्तेजित हो गई थी कि अपनी चूत से पानी छोड़ने लगी अब मैनें अपनी दो ऊँगलियाँ उसकी चूत में डाली और तेज-तेज उसकी चूत में डालने लगा तो सीमा का शरीर एकदम से अकड गया और उसने ढेर सारा पानी छोड़ दिया उसके पानी की धार सीधे ही मेरी छाती पर पड़ी वह अब बिल्कुल सन्तुष्ट दिखाई दे रही थी।

मैं भी अब बहुत गरम हो गया था मैनें अब सीमा को अपनी गोद में उठाया और सोफे पर बैठाकर उसकी टाँगे ऊपर की तरफ करके मोड़ दी और अपना लंड उसकी चूत में सेट किया और जोरदार झटका लगाया मैनें पूरा लंड एक झटके में उसकी चूत में डाल दिया तो सीमा के मुहँ से ईस्स्सस्स ऊईउउउ की सिसकारी निकली मैनें भी अब अपनी स्पीड तेज कर दी और सोफे के हत्थों को पकड़कर जोरदार चुदाई चालू कर दी।

सीमा के मूत की धार मुझे गीला किए जा रही थी मैं जब भी अपने लंड को बाहर निकालता तो वह ढेर सारा मूतने लगती थी मैं पूरा लंड बाहर निकलता और पूरा उसकी चूत में डाल रहा था।

अब सीमा की हालत और खराब हो रही क्योंकि उसकी टाँगों को मैनें पूरा मोड़ दिया था और जोरदार झटके लगाए जा रहा था सीमा ऊऊऊऊ ओररररर तेज्ज्ज कहे जा रह थी।

उसके ऐसा करने से मुझे और भी जोश आ रहा था मैं और तेज-तेज झटके लगाने लगा इस बीच सीमा कई बार झड़ चुकी थी मेरा लंड उसके पानी से पूरा ही गीला हो चुका था ऐसा लग रहा था जैसे मैं पानी के गिलास में ही लंड दे रहा हूँ कमरे में फककच फककच उम्मह पट-पट की आवाजें गूँज रही थी।

15-20 मिनट तक लगातार झटके मारते हुए मैं आआहह करके झड़ गया फिर मैनें अपना लंड निकालकर उसके मुहँ में दे दिया मेरा लंड उसके गले तक जा रहा था उसने मेरे लंड की आख़री बूँद तक निचोड़ दी मेरा लंड उसके मुहँ से बिल्कुल साफ़ होकर बाहर आया जैसे कि ड्राइक्लीन होकर आया हो अब मैं फैलकर बेड पर गिर गया और तेज-तेज सांस लेने लगा।

सीमा लंगड़ाती हुई खड़ी हुई और मुझे चूतिया कहने लगी, बहनचोद चूत मारता है कि रेप करता है मैनें भी हँसते हुए कहा कि तू मेरी रंडी है जैसे मन करेगा वैसे ही चोदूंगा।

सीमा ने भी मेरे लंड को तेज दबाया और कहा कि बताऊँ तुझे रंडी, ऐसी रंडी कहीं नहीं मिलेगी तुझे जो मुफ्त में अपनी चूत भी दे और खिलाए पिलाए भी तब तक 2 बज चुके थे सीमा और मैनें अपने कपड़े पहन लिए और मैं अपने घर चला गया।

घर गया तो मम्मी ने पूछा कि स्कूल नहीं गया आज तेरे पापा नाराज़ हो रहे थे मैनें सॉरी कहा और अपने कमरे में चला गया फिर थोड़ी देर पढ़ाई करने लगा 2 घंटे पढ़ाई करते–करते मुझे नींद आ गई फिर 4 बजे रेणु आई और मम्मी से बोली कि अखिल को सीमा बुला रही है मैं उठा और अपने हाथ-मुहँ धोकर मम्मी से जाने के लिए पूछा।

मम्मी बोली जाओ ताईजी का फोन आया था और वह कह रही थी कि कल विशाल आ जाएगा तब तक अखिल को सीमा के पास रहने दो, रेणु कह कर जा चुकी थी और मैं सीमा के घर के लिए चल दिया सीमा का घर दूसरी गली में था रास्ते में मेरे दोस्त मिले तो पूछने लगे कि अरे आजकल कहाँ रहता है? ना स्कूल आता है और ना ही क्रिकेट खेलने।

मैनें उनसे कहा कि घर में कुछ काम है परसो से आया करूँगा उनसे ऐसा कहकर चल पड़ा सीमा के घर पहुँचा और दरवाजा खटखटाया तो दरवाजा मीना ने खोला मैं अंदर गया मीना ने वापस दरवाजा बन्द कर दिया मैनें पीछे से मीना को पकड़ लिया तो वह कहने लगी कि छोड़ो नहीं तो कोई आ जाएगा।

मैनें कहा कौन आएगा दरवाजा तो बन्द है ऐसे ही मैं उसके बब्स को दबाने लगा और वह सिसकारी मारने लगी मैनें अपने एक हाथ से उसकी स्कर्ट को ऊपर करके उसकी पैन्टी में हाथ डालकर उसकी चूत को सहलाने लगा।

मैनें एक ऊँगली उसकी चूत में डाल दी मीना आह्ह्ह्ह इस्स्स्सस करने लग गई थी बड़ा ही मजा आ रहा था उसकी चूत अब गीली हो चुकी थी और वह पानी छोड़ने लगी थी तभी हम अंदर की तरफ गए हमारी तो गांड ही फट गयी वहाँ सोनी खड़ी थी जो हमको आँखे फाड़-फाड़कर देख रही थी हम तो जैसे बुत्त बनकर रह गये थे।

वह भी कुछ नहीं बोल रही थी मेरा एक हाथ अभी भी मीना की चूत में ही था और एक शर्ट में उसके बब्स पर, सोनी बोली कि यह सब क्या हो रहा फिर मैनें झट से हाथ बाहर निकाला।

सोनी ने मीना को एक थप्पड़ लगाया तो वह नीचे गर्दन करके रोने लगी फिर वह मेरी तरफ आई तो मेरी गांड भी फट रही थी कि अब मुझे भी पड़ेगी लेकिन ना मारकर वह मुझे गालियाँ देने लगी और कहने लगी कि अपनी माँ-बहन के साथ किया कर ऐसा।

मीना ने आँसू पौंछे और दरवाजा खोलकर अपने घर भाग गई सोनी कहने लगी कि इसकी तो मैं घर पर कहूँगी तब पता चलेगा तुम दोनों को मेरा तो जैसे काटो तो खून नहीं था मैं फिर बोला सोनी सुनो तो सही तो उसने कहा कि मुझे कुछ नहीं सुनना और वह ऊपर वाले कमरे में चली गई मैं भी उसके पीछे-पीछे उसकी मटकती हुई गांड को देखता हुआ ऊपर कमरे में आ गया।

कुछ भी कहो दोस्तों सोनी थी तो एकदम मस्त माल 20 साल की उम्र 30-28-34 का फिगर उसकी गांड बड़ी लगती थी एक तरफ तो मेरी गांड भी फट रही थी मैं जाकर बेड पर लेट गया रानी और नवीन सोफे पर बैठे थे रेणु और रेणु की मम्मी बेड पर बैठे थे टी.वी. में फिल्म आ रही थी मैनें रेणु से पूछा कि सीमा कहाँ है तो रेणु ने बताया कि जीजाजी का फोन आ रहा है तो दूसरे कमरे में उनसे बात कर रही है।

मैनें कहा ठीक है और करवट लेकर टीवी देखने लगा आंटी की गांड बिल्कुल मेरे लंड को छू रही थी उनकी गांड की गर्मी से मेरा आधा खड़ा लंड अब धीरे-धीरे पूरा खड़ा होने लगा मैनें बहुत कोशिश करी कि खड़ा ना हो पर मैं क्या करूं मेरे ना चाहते हुए भी मेरा लंड आंटी की गांड को छुए जा रहा था फिर जब आंटी ने मेरी तरफ देखा तो मैं थोड़ा पीछे सरक गया तो आंटी भी हँस दी मैनें राहत की सांस ली।

तभी सीमा आ गई और कहने लगी आ गया अखिल कुछ कहे बिना ही मैनें हाँ में सिर हिलाया तो आंटी ने बोला अच्छा जी हम तो यहाँ 2 घंटे से बैठे है तो हमसे तो किसी ने पूछा ही नहीं और इसपर बड़ा प्यार आ रहा है सीमा मुस्कुराते हुए किचन में चली गई।

फिर सभी फिल्म देखने लगे फिर 5 बजे फिल्म खत्म हो गई तो सब बाय बोलकर अपने-अपने घर चले गये आंटी जाते हुए मुझसे कह कर गई कि अपना हथियार थोड़ा संभालकर रखा कर यह अब चुभने लगा है मैं झेंप गया और आंटी हँसते हुए चली गई।

तभी सोनी सीमा के साथ चाय लेकर आई सब चले गए थे पर वह नहीं गई थी सोनी मुझे गुस्से से देख रही थी मुझे अलग ट्रे में चाय नमकीन बेड पर ही दे दी मैं चाय पीने लगा सीमा सोनी हम तीनों टी.वी देख रहे थे।

तब तक दूसरी फिल्म शुरू हो गई थी पर मैनें क्रिकेट चला लिया तब सोनी ने मुझे गुस्से से देखा, 6.30 बजे क्रिकेट खत्म हो गया बाकी के लोग भी फिर से टीवी देखने आ गये रेणु भी छत से कूद कर आ गई सोमवार को कोई ख़ास फिल्म नहीं आ रही थी।

सोनी ने सीरियल लगा दिया उसका वहाँ भी मन नहीं लग रहा था सोनी ने सीमा से पूछा कि विशाल कब आएगा तो सीमा ने उसे छेड़ते हुए पूछा क्यों याद आ रही है क्या? फिर उसने सीमा से बोला चल हट, सीमा ऐसा कुछ भी नहीं है।

सीमा ने कहा ज़्यादा याद आ रही है तो फोन कर ले मुझे दाल में काला लगा मैनें सोनी को देखा तो वह शरमा रही थी मेरा शक़ अब यकीन में बदल गया कुछ ना कुछ चक्कर तो ज़रूर है विशाल और सोनी के बीच में कुछ तो जरूर पक रहा है।

फिर सीमा ने कहा कि रात को आएगा फोन कर लेना अब मैं समझ गया कि आज रात को यह यहीं रुकेगी मैनें सीमा से कहा कि सोनी यहीं रहेगी तो मैं घर चला जाऊँ तो सीमा ने कहा नहीं तुम यहीं रहो रात को मैं और सोनी दूसरे कमरे में सो जाएगे।

पढ़ते रहिए दोस्तों क्योंकि चोदूराजा की कहानी अभी जारी है…

धन्यवाद पाठकों !!

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