नौकरानी हुई मेरे लंड की दीवानी

हाय फ्रेंड्स Antarvasna मेरा नाम नितेश Kamukta है और मैं इंदौर का रहने वाला हूँ मेरी उम्र 26 साल की है और मैं अपनी इंजीनियरिंग की पढाई कर रहा हूँ मेरे घर में मेरे मम्मी-पापा और मैं ही रहता हूँ दोस्तों आज मैं आपको अपने और अपनी नौकरानी के बीच हुए सेक्स के बारे में बताना चाहता हूँ।

हाँ तो दोस्तों मेरी मम्मी ने घर के काम में उसकी मदद करने के लिये एक नौकरानी को काम पर रखा हुआ था और यह बात 2014 के अगस्त के महीने की है जब मेरे नाना की तबियत अचानक खराब हो गई थी तो मेरे मम्मी-पापा उनको देखने के लिये जबलपुर चले गए थे और मेरी मम्मी हमारी नौकरानी को समझा गई थी कि वह सुबह शाम को आकर साफ़ सफाई कर दे और मेरे लिए खाना भी बना दे।

दोस्तों मुझे माफ़ करना मैंने आप सभी को अपनी नौकरानी के बारे में तो अभी तक कुछ बताया नहीं दोस्तों जब पहली बार मैंने उसको देखा था तो मुझे यकीन ही नहीं हुआ कि नौकरानी भी इतनी खूबसूरत हो सकती है दोस्तों उसका नाम पूजा था और वह 23 साल की एक शादीशुदा औरत थी और वह कपड़े भी अच्छे और साफ़ पहनती थी और थोड़ा बहुत मेकअप भी करती थी वह हमेशा ही अपनी आँखों में काजल भी लगाया करती थी जिससे उसकी आँखें बहुत ही नशीली लगती थी जिनको देखकर ही मेरा दिल उसपर आ गया था उसका फिगर भी कमाल का था 34 साइज़ के उसके बड़े-बड़े बब्स 28 साइज़ की उसकी पतली कमर और 36 साइज़ की उभरी हुई गांड और उसका गेहुँवा रंग 5.5 फुट की उसकी लम्बाई कुल मिलाकर वह एक चलती-फिरती कयामत थी दोस्तों।

वह रोजाना 7-8 बजे आ जाती थी और तब तक मैं सोता ही रहता था और फिर उसके घंटी बजाने पर ही उठकर दरवाजा खोलता और फिर वापस आकर सो जाता था और जब वह मेरे लिये चाय बनाकर लाती और मुझे उठाकर चाय देती तो मैं बेड पर ही बैठकर चाय पीता रहता था और तब तक वह मेरे कमरे का झाड़ू-पोंछा करती रहती थी और मैं उसका और उसकी जवानी का दीदार करता रहता था झाडू लगाते समय झुकने से उसके बब्स उसके ब्लाउज में से बाहर आने को मचलते रहते थे और अब वह नीचे बैठकर पोंछा लगती थी तो उसकी उभरी हुई गांड क्या मटकती थी जिसे देखकर मेरी तो हालत ही खराब हो जाती थी।

एकबार उसने मम्मी को अपना फोन नम्बर दिया ताकि अगर वह कभी काम करने ना आ पाए या लेट हो जाए तो हमको पता लगा लिया जाए अब मुझे भी मौका मिल गया था उससे बात करने का और उसको पटाने का फिर एक दिन वह काम पर नहीं आई तो मैंने मम्मी को फ़ोन करके उनसे पूजा का नम्बर लिया और बात करी।

मैं :- हेल्लो पूजा

पूजा :- कौन?

मैं :- मैं तुमको जानता हूँ और तुम भी मुझको जानती हो तुम जिन घरों पर काम करने जाती हो मैं उनमें से ही किसी एक घर में रहता हूँ।

पूजा :- मैं तो 5-7 घरों पर काम करने जाती हूँ तुम सच-सच बताओ कि तुम कौन हो और मुझसे क्या चाहते हो?

मैं :- पूजा मुझे तुम बहुत अच्छी लगती हो और मैं तुमसे दोस्ती करना चाहता हूँ।

पूजा :- तुम नितेश हो ना?

मैं :- तुमको कैसे पता लगा

पूजा :- जिस तरह से तुम मुझे रोजाना ही देखते हो मुझे सब पता था और तुम मुझे पसंद भी करते हो और इसीलिए मैंने अपना नम्बर तुम्हारी मम्मी को दिया था ताकि तुम कभी ना कभी मुझसे जरूर बात करोगे।

मैं :- मतलब कि तुम भी मुझे पसंद करती हो?

पूजा :- हाँ बहुत ज़्यादा

उस दिन के बाद वह जा भी मेरे घर पर आती तो मैं उसे जी भरकर देखता रहता और उसके चले जाने के बाद अब हमारी रोज ही फोन पर बाते होने लगी हम घंटो तक फोन पर बातें करते थे।

फिर एक दिन मेरी मम्मी का फ़ोन आया और उन्होंने कहा कि तुम्हारे नाना की तबियत ज्यादा ही खराब हो रही है तो हम अभी कुछ दिन और नहीं आएगें और फिर अब मेरी हिम्मत थोड़ी और बढ़ गई और मैं मौका मिलते ही कभी उसके बब्स को तो कभी उसकी गांड को दबा देता था हम दोनों ही एक दूसरे के लिए पागल हुए जा रहे थे वह भी अपने पति के डर से जल्दी से सारा काम खत्म करके घर चली जाती थी और फिर मैंने पूजा को एक दिन फोन करके शाम को घर पर जल्दी बुला लिया और हम दोनों को भी इस मौके का कब से इंतज़ार था।

वह झट से 15-20 मिनट में मेरे घर पर आ गई थी उसके अंदर आते ही मैंने झट से दरवाजा बंद कर दिया और हम दोनों ही एक-दूसरे पर टूट पड़े और हम दोनों ही पागलों की तरह एक-दूसरे को किस कर रहे थे और फिर मैंने उसको दीवार के सहारे खड़ा किया और उसके होठों के रस को चूसने लगा और वह भी पागलों की तरह चूमने में मेरा साथ दे रही थी और करीब 10-15 मिनट किस करने के बाद अब मैं उसकी गर्दन को चूमने और उसके बब्स को दबाने लगा और इन सब से पूजा को भी बहुत मज़ा आ रहा था और वह अपने मुहँ से धीरे-धीरे सिसकियाँ ले रही थी फिर मैंने उसके ब्लाउज को उतारा और उसके नरम मुलायम बब्स को उसकी ब्रा के ऊपर से ही किस करने लगा।

अब मैंने उसकी ब्रा को भी उतार दिया और उसके बब्स को अपने हाथ से दबाने और अपने मुहँ में लेकर चूसने लगा मैं उसके मस्त फिगर को देखकर पागल होता जा रहा था मैं बुरी तरह उसके बब्स को निचोड़ रहा था और चूस रहा था और पूजा की सिसकारियों की आवाजें पूरे कमरे में ही गूँज रही थी अब मैंने अपना एक हाथ उसकी साड़ी में डाला और उसकी गांड को दबाने लगा तो पूजा ने अचानक से मेरे बालों को पकड़ा और मुझे किस करने लगी मैं अपने हाथ से उसके बब्स और उसकी गांड को बड़े ही प्यार से सहला रहा था।

और फिर मैंने उसकी साड़ी और पेटीकोट को एकसाथ ही उतार दिया और उसकी पैन्टी के ऊपर से ही उसकी चूत को सहलाने लगा जिससे पूजा अब और भी ज्यादा उत्तेजित होने लगी तो मैंने भी अब उसकी पैन्टी को उतारने के बाद उसको बेड पर लेटाकर उसकी टाँगों के बीच में बैठकर उसकी टाइट चूत को किस करने लगा उसकी चूत की खुशबू ने मुझे मदहोश कर रही थी अब मैं उसकी रसभरी चूत को चाटने लगा और पूजा भी मेरे मुहँ पर अपनी चूत को रगड़ने लगी और अपने मुहँ से अजीब-अजीब सी आवाजें निकालने लगी और फिर थोड़ी ही देर के बाद पूजा की रसभरी चूत ने मेरे मुहँ पर बहुत सारा कामरस छोड़ दिया और मैंने वह सारा ही चाट-चाटकर साफ़ कर दिया और फिर मैंने पूजा को उल्टा कर दिया और उसकी गोल और मुलायम गांड का उभार मेरे सामने था मैं उत्तेजना में आकर अपने दाँतों से उसकी गांड के उभार को काटने लगा तो वह दर्द से और भी ज़्यादा मचलने लगी और फिर मैंने उसको उल्टा करके बेड पर उसको घोड़ी बनाया और उसकी गांड के साथ खेलने लगा तो कभी मैं उसके कूल्हों पर काट भी लेता था तो कभी उनको दबा देता था और कभी उसकी चिकनी गांड को चाट भी लेता था और अपने एक हाथ को आगे करके उसकी चूत में ऊँगली भी कर देता था उसकी चूत की वह मस्त खुशबू मेरे दिमाग़ में चढ़ गई थी।

और अब मैंने बेडरूम की ड्रेसिंग टेबल के आईने में हम दोनों को बिल्कुल नंगा देखा खुद तो आईने में एक-दूसरे को नंगा देखकर हम और भी ज़्यादा उत्तेजित हो गये थे और फिर से एक-दूसरे को किस करने लग गए थे अब मुझसे और नहीं रहा जा रहा था तो मैंने पूजा को फिर से बेड पर सीधा लेटाया और उसकी टाँगों को हवा में फैलाया और उसकी टाँगों के बीच में बैठकर अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया उसकी चूत इतनी गीली और चिकनी हो चुकी थी कि मेरा लंड आराम से उसमें चला गया था और 10-15 मिनट तक मैं उसी पोज़िशन में उसको चोदने के बाद झड़ गया था और हम दोनों ही थककर एक दूसरे के ऊपर गिर गए थे और पूजा ने मुझसे कहा कि जान मुझे आज तक ऐसा अहसास आज से पहले कभी नहीं हुआ क्योंकि उसे बहुत ज़्यादा मज़ा आया था।

सेक्स करने के बाद अब मुझे भूख लगने लगी थी तो मैंने पूजा से किचन में जाकर कुह चाय नाश्ता बनाने को कहा और वह वैसे ही नंगी ही अपनी गांड को मटकाते हुए किचन में चली गई थी और मैं भी पैशाब करने चला गया और पैशाब करके वापस कमरे में आया तो वहाँ पर हमारे कपड़े जो सेक्स करने से पहले उतारे थे वह फैले हुए थे तो मैं वहाँ पड़ी हुई उसकी पैन्टी को उठाकर सूँघने लगा उसकी पैन्टी में से उसकी प्यारी सी चूत की मस्त सी खुशबू आ रही थी और मैं पूजा की पैन्टी को लेकर सूंघते हुए किचन मैं गया तो पूजा उस समय बिल्कुल नंगी होकर किचन में मेरे लिए चाय नाश्ता बना रही थी और मैं उसको देखता जा रहा था और उसकी पैन्टी को सूंघता जा रहा था उसको ऐसी हालत में देखकर मैं फिर से उत्तेजित होने लगा तो मैंने उसको पीछे से जाकर पकड़ा और उसके बब्स को दबाते हुए उनसे खेलने लगा तो वह भी मेरे लंड को पकड़कर उसको सहलाने लगी तो मेरा लंड भी खड़ा होकर उसकी मखमली गांड के बीच में घुसने लगा मुझे उसकी बड़ी-बड़ी और उभरी हुई गांड बहुत ही अच्छी लग रही थी।

दोस्तों अब मैंने उसके पीछे से नीचे बैठकर उसकी प्यारी सी गांड पर किस करने लगा और उसको थोड़ा सा आगे की तरफ झुकाकर उसकी गांड को फैलाकर अपना मुहँ घुसाकर उसकी चूत और गांड को सूंघने और चाटने लगा और वह मेरे लिए चाय बनाती रही और मैं पीछे से उसकी चूत और गांड को चाट रहा था और फिर 5 मिनट के बाद चाय बनने के बाद हम दोनों ही वापस से कमरे में आ गए और बैठकर चाय पीने लगे और बातें भी करने लगे उस समय मैंने पूजा को अपनी गोद में बैठा रखा था।

और पूजा ने मेरे लंड को दबाते हुए मुझसे बोला कि जानू तुमने तो मुझे पूरा ही खा लिया है पर मुझे तो खाने के लिए कुछ भी नहीं दिया मतलब वह मेरे लंड को चूसना चाह रही थी तो मैंने उसको बोला कि मेरी जान तुमको रोका किसने है सब कुछ तुम्हारा ही तो है तो फिर वह मेरी गोद से उठकर मेरे लंड को अपने मुहँ में लेकर बड़े ही प्यार से उसे चूसने लगी वह मेंरे लंड को बड़े ही मज़े से चूस रही थी और 5-7 मिनट तक उसके लंड चूसने के बाद ही मैं भी बहुत उत्तेजित हो गया और फिर मैंने उसको उठाया और उसको घोड़ी बना दिया और अपना लंड उसके पीछे से उसकी गांड पर घुमाने लगा और फिर पीछे से अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया शुरू में तो बड़े ही आराम से उसकी गांड को सहलाते हुए उसकी चुदाई करने लगा पर बाद में धीरे-धीरे उत्तेजना बढ़ने के साथ-साथ में मैं उसकी उभरी हुई गांड पर थप्पड़ मारते हुए तेज-तेज उसकी चुदाई करने लगा जिससे उसकी सिसकारियों की आवाज़ पूरे कमरे में गूंज रही थी।

अब मैं अपने एक हाथ से उसके बब्स को दबाने लगा और अपने दूसरे हाथ से उसकी गांड को भी सहला रहा था मुझे तो बिल्कुल ऐसा लग रहा था कि मैं किसी दूसरी ही दुनिया में पहुँच गया हूँ और पूजा भी अब और तेज-तेज चीख रही थी।

और फिर 15-20 मिनट तक ऐसे ही उसकी जबरदस्त चुदाई के बाद में मैं उसकी चूत में ही झड़ गया और थककर उसके ऊपर ही ढेर हो गया और अपने लंड को उसकी चूत में ही रखा हल्के-हल्के झटकों के साथ मैं अपना पूरा माल उसकी चूत में ही खाली कर रहा था और मेरे साथ पूजा भी झड़ रही थी और हम दोनों को ही उस पल में बहुत मजा आ रहा था और फिर धीरे-धीरे रात होने लगी और पूजा के भी अपने घर जाने का समय हो गया था और वह अपने कपडे पहनकर अपने घर चली गई थी और उस दिन के बाद मैंने पूजा के साथ कई बार सेक्स किया मेरे मम्मी-पापा के वापस आने तक वह घर पर मेरे साथ नंगी ही रहती थी और हम खूब सेक्स करते थे।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे दोस्तों!!

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