मेरी माँ की चूत ने बनाया मुझे मादरचोद

हाय दोस्तों, Antarvasna मेरा नाम इमरान है और मैं नांदेड़ का रहने वाला हूँ और मैं वडोदरा में रहकर अपनी पढ़ाई कर रहा था मेरा कॉलेज घर से दूर होने के कारण मैं हॉस्टल में ही रहकर अपनी पढ़ाई कर रहा हूँ मैं इस वेबसाइट का आप सभी की तरह एक नियमित पाठक हूँ और मुझे इस वेबसाइट की सभी कहानियाँ बहुत ही अच्छी लगती है और मैं अब तक इसकी सभी कहानियाँ पढ़ चुका हूँ और मेरे भी जीवन में एक ऐसी घटना घटी थी जिसे आज मैं आप सभी के सामने एक कहानी की शक्ल में लेकर आया हूँ उम्मीद करता हूँ कि मेरी यह कहानी आप सभी को पसंद आएगी।

हाँ तो मेरे प्यारे दोस्तों अब मैं आपको उस सेक्स के सागर की तरफ ले चलता हूँ जिसका आपको बड़ी बेसब्री से इंतजार है।

मेरे प्यारे पाठकों आप यह कहानी कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है…

एक दिन की बात है जब मैं अचानक वडोदरा से अपने घर लौट आया था उस समय दिन के करीब 1 बजे होंगे और मैं सीधे ही अपने कमरे में चला गया उस समय तक मेरे पापा अपने काम पर जा चुके थे मैं जैसे ही हाथ मुहँ धोने के लिए बाथरूम की तरह बढ़ा तो देखा कि बाथरूम का दरवाज़ा अन्दर से बंद था तो मैं समझ गया था कि मेरी मम्मी अन्दर ही है तो फिर मैं बाथरूम के पास गया और बाथरूम के दरवाजे के छेद में से अन्दर देखा तो कसम से जो नज़ारा मैंने अन्दर देखा उससे तो मेरे दिमाग़ का तो जैसे फ्यूज़ ही उड़ गया था बाथरूम के अन्दर मम्मी पूरी नंगी होकर बैठी थी और नहा रही थी मम्मी की गांड मेरी तरफ थी और वह क्या गजब की लग रही थी पीछे से तो मुझे ऐसा लग रहा था कि वह मेरी मम्मी नहीं बल्कि कोई 20-22 साल की कोई जवान लड़की है। मेरी मम्मी कोई बहुत ज्यादा खूबसूरत औरत तो नहीं है पर 38 साल की होने के बाद भी वह 28-30 साल की ही लगती है मेरे पापा की यह दूसरी बीवी है इसलिए अब्बू 48 साल के होने की वजह से अपनी बीवी को ज्यादा समय नहीं दे पाते है और जायदातर अपनी दुकान में ही अपना वक़्त बिताते है मम्मी को देखकर तो ऐसा लगता है कि वह पापा से बिल्कुल भी खुश नहीं है मैंने भी कई बार उनकी इस तड़प को भाप लिया था और शायद वह भी समझ गई थी कि उनका बेटा अब जवान हो रहा है पर मेरी मम्मी ने कभी भी अपनी इस तड़प को मेरे सामने ज़ाहिर नहीं होने दिया।

और फिर मैं वहाँ से अपने कमरे में चला आया और अपनी मम्मी के नंगे बदन की सोच में डूबा रहा और उनकी गांड की तस्वीर बार-बार मेरी आँखों के सामने आ रही थी फिर मैंने मम्मी को सोचकर 2 बार मूठ भी मारी और थोड़ी देर बाद मम्मी भी बाथरूम से निकलकर मेरे कमरे में आ गई और मुझसे कहने लगी कि

मम्मी :- अरे इमरान तुम कब आए?

मैं :- बस अभी थोड़ी देर पहले ही आया हूँ मम्मी

मम्मी :- चलो नहा लो फिर मैं खाना लगा देती हूँ चलो उठो

मैं :- हाँ बस उठ ही रहा हूँ मम्मी अब मैं इस हफ्ते यहीं पर रहूँगा।

मम्मी :- क्यूँ तेरे कॉलेज की छुट्टियाँ है क्या?

मैं :- नहीं मम्मी लेकिन मेरे कॉलेज में अभी कुछ ख़ास पढ़ाई भी नहीं हो रही है और हॉस्टल का खाना खा-खाकर मैं थक गया हूँ इसलिये मैं सोच रहा हूँ कि अब थोड़े दिन तक घर का ही खाना खाऊँ।

मम्मी :- ठीक है बेटा मैं तेरे लिए रोज़ ही अच्छा खाना बनाऊँगी जा नहाकर के बाजार से अपनी पसंद की सब्जी ले आ.

मैं :- ठीक है मम्मी

फिर मैं नहाकर के बाजार चला गया और वहां से अपनी पसंद की सब्जी ले आया और घर आकर उस दिन मैं बस मम्मी के बारे में ही सोचता रहा मम्मी को चोदने का इरादा अब मेरे दिमाग में घूम रहा था और मैं रात भर सोचता रहा कि कैसे मुझे वह मौका मिले और मैं मेरी मम्मी की चूत को फाडू इस तरह से मैं पूरे हफ्ते ही मम्मी को नहाते हुए बाथरूम के दरवाजे के छेद में से देखता रहा और फिर मैं वापस वडोदरा के लिए चला गया और अगले एक महीने तक मैं घर वापस नहीं गया मम्मी-पापा से बस फोन पर ही बात कर लिया करता था।

मेरे हॉस्टल में एक दिन हम सब दोस्तों ने मिलकर पोर्न-फिल्म देखने का प्लान बनाया और हम सब दोस्त मिलकर सिगरेट, शराब के साथ 5-7 पोर्न फिल्म की डी.वी.डी. भी ले आए और रात को सभी दोस्त मिलकर फिल्म देखने लगे। हम सभी दोस्तों ने शराब पी रखी थी और सिगरेट के साथ-साथ फिल्म देखने में लगे हुए थे उस फिल्म में दिखा रहे थे कि किस तरह से एक लड़का अपनी मम्मी को अलग-अलग तरीके से चोद रहा है यह सब देखकर मेरा मन फिर से मेरी मम्मी को चोदने का करने लगा और मैंने सोच लिया था कि इस बार तो मम्मी को पटाकर ही दम लूँगा और चुदाई का भी भरपूर मज़ा लूँगा।

फिर ईद की छुट्टियों में मैं वापस नांदेड आ गया तो मम्मी मुझे देखकर बहुत खुश हो रही थी पर मेरी नज़र अब उनके लिए बदल चुकी थी फिर रात को जब मम्मी मेरे लिए खाना लाई तो वह क्या ग़ज़ब की लग रही थी मैंने उनके बब्स की तरफ देखा तो मेरा लंड एकदम से खड़ा हो गया और मेरे पजामे में ही टाईट हो गया था मम्मी ने आज पीले रंग का सूट पहन रखा था जिसमें उनकी गांड और भी टाईट लग रही थी अब 2-3 दिन के बाद ईद थी और हमने ईद की पूरी तैयारी कर रखी थी ईद वाले दिन ईद की नमाज़ पढ़कर मैं जल्दी से घर वापस आ गया और मेरे पापा अभी तक नहीं आए थे तो मैंने घर आकर मम्मी को गले से लगाकर ईद की बधाई दी तो उनके टाईट बब्स मेरे सीने से दब गये और मेरा लंड मेरे पजामे से बाहर निकलने को बड़ा ही बेताब हो रहा था मैंने मम्मी को पकड़कर ही रखा तो मम्मी बोली अरे इमरान क्या बात है अपनी मम्मी पर आज तुमको कुछ ज़्यादा ही प्यार आ रहा है।

मैं :- मम्मी मैं आपसे आज कुछ माँगना चाहता हूँ?

मम्मी :- हाँ बोल ना क्या चाहिये तुझे?

मैं :- हिचकिचाते हुए म्म…. मम्मी…. मैं आपको बस एकबार चोदना चाहता हूँ।

मम्मी :- क्या बक रहे हो तुम जानते भी हो कि क्या बोल रहे हो तुम?

मैं :- थोड़ा घबरा गया और फिर अपने आप को संभालते हुए मैंने मम्मी से कहा कि मैंने क्या ग़लत कहा है मम्मी? आप बहुत ही खूबसूरत हो और मैं आप से प्यार करने लगा हूँ और आपकी गांड को देखकर मेरा लंड फन-फनाने लगता है और अब मुझ से रहा नहीं जाता इसमें मेरी क्या गलती है।

मम्मी :- मैं हमेशा से ऊपर वाले डरती रही हूँ और मैं नहीं जानती कि तुम यह सब क्या बोल रहे हो पर यह बहुत बड़ा गुनाह है और मुझे तुम्हारा इस तरह से बोलना कतई भी पसंद नहीं है समझे तुम।

यह बोलकर मम्मी वहाँ से चली गई और मैं भी घर से बाहर आ गया और अपने दोस्तों के पास ईद की मुबारकबाद देने को चला गया लेकिन मेरा दिमाग़ तो घर पर ही लगा हुआ था मुझे एक तरफ से तो डर भी लग रहा था कि अब क्या होगा लेकिन दूसरी तरफ से अच्छा भी लग रहा था कि आज मैं अपनी मम्मी से अच्छी तरह से खुल तो गया हूँ अब मैंने सोच लिया था कि अब आगे क्या करना है।

और फिर रात में जब मैं घर पर वापस आया तो देखा कि मम्मी रसोई में थी और मेरे पापा अभी तक घर पर नहीं आए थे फिर मम्मी ने मेरी तरफ देखा पर उनकी आँखों में जो बात थी वह मैं आपको बयान नहीं कर सकता मम्मी उस समय मुझको जन्नत की कोई परी सी लग रही थी फिर मैंने हिम्मत करके मम्मी से पूछा कि मम्मी पापा कहाँ है? तो मम्मी ने मुझको जवाब दिया कि उनका फोन आया था और उन्होंने कहा है कि वह कल सुबह तक आएँगे और फिर मैं अपने कमरे में चला गया तो मम्मी मेरे लिये सिवईयां लेकर आई और कहा कि ले खा ले। उनको देखकर लग ही नहीं रहा था कि वह गुस्से में भी है फिर मैंने सिवईयां खाई और फिर नहाकर के सोने चला गया।

आज की रात नींद किसको आनी थी फिर रात के करीब 1 बजे के करीब मम्मी मेरे कमरे में आई।

मैं :- क्या बात है मम्मी यहाँ इस समय कैसे?

मम्मी :- नींद ही नहीं आ रही है क्या बताऊँ।

मैं :- ठीक है आ जाओ मेरे पास बैठ जाओ मुझे भी नींद नहीं आ रही है।

मम्मी मेरे पास आकर लेट गई और मैं मम्मी की तरफ घूम गया और अचानक से मैंने मम्मी के हाथ को पकड़ लिया तो मम्मी ने भी मेरा हाथ थाम लिया और अपनी आँखें बन्द कर ली तो बस फिर क्या था मुझे भी मौका मिल गया और मैंने तुरंत ही अपना दूसरा हाथ मम्मी के बब्स पर फैरने लगा जिससे मम्मी ने गहरी-गहरी सिसकारियाँ लेना शुरु कर दिया तो अब मैंने धीरे-धीरे मम्मी के बब्स को दबाना शुरु किया तो मम्मी की साँसे और भी तेज़ होने लगी थी तो फिर मैंने अपना एक हाथ मम्मी की दोनों टाँगों के बीच में रख दिया और ज़ोर से दबा दिया तो मम्मी कहने लगी कि आअहह यह क्या कर रहे हो तुम इमरान? यह सब ठीक नहीं है ऐसा मत कर ऊपर वाले के लिए ऐसा मत कर तो मैंने कहा कि मम्मी अब मुझसे कैसी शर्म मुझ पर तो तुम्हारा हक़ बनता ही है।

हाँ मैं जानती हूँ बेटा पर मैं डरती भी हूँ कि क्या होगा? मैंने कहा कि डरो मत मम्मी बस अब ऊपर वाले ने खिदमत का मौका दिया है तो इसको ले लो और फिर मैंने इसके साथ ही मम्मी की सलवार को खोलकर अलग कर दिया तो मुझे हैरानी हुई कि मम्मी ने अन्दर पैन्टी नहीं पहन रखी थी और उनकी चूत पर घने बाल भी थे।

मैं :- क्या बात है मम्मी तुम अपनी चूत के बालों को साफ नहीं करती हो क्या?

मम्मी :- नहीं बेटा आज कल साफ नहीं करती हूँ जब से तेरे पापा ने मुझे चोदना बंद किया है तब से मैंने भी बाल साफ करना बंद कर दिया है।

मैं :- पापा ने कब से नहीं चोदा है तुमको ?

मम्मी :- साल भर होने को आया है इमरान उनको तो मेरी कोई परवाह ही नहीं है उनके लंड में भी अब वह दम भी कहाँ रहा है और मैं भी तो कब से एक जवान लंड की तलाश में थी।

फिर मैं एकदम से मम्मी से बोला कि…

मैं :- अरे मेरी बेगम भूल जा उस बुड्ढे खूसट को मैं हूँ ना तेरी चूत की प्यास को बुझाने के लिए।

मम्मी :- इमरान बेटा आ ले ले मुझे अपने लंड के आगोश में, आज से मैं तेरी ही हूँ राजा चोद डाल अपनी मम्मी को।

मैं :- रुक जा रंडी आज मैं तेरी ऐसी चुदाई करूँगा कि साली आज तेरी चूत फट ही जाएगी।

फिर मैंने मम्मी को पूरा ही नंगा कर दिया और खुद भी पूरा नंगा हो गया और बेड पर मम्मी को पटक कर जैसे ही मैंने मम्मी की चूत में अपनी जीभ डाली तो मम्मी एकदम से तड़प उठी आहह… उम्म्म…… और मम्मी की चूत से पानी रिसने लगा और मैंने मम्मी की चूत से रिसता हुआ पानी पीना शुरु कर दिया और अपनी एक ऊँगली को उसकी गांड में डाल दिया तो वह उईई… ओह्ह्ह… हाय… चोद डाल अपनी मम्मी को मादरचोद चोद मुझे मम्मी मुझसे बुरी तरह से चुदवाना चाहती थी और मम्मी मुझे गालियाँ देने लगी तो मेरा जोश और भी बढ़ गया तो अब वह मुझसे और तड़पते हुए कहने लगी कि अबे हराम की औलाद खाली चाटता ही रहेगा या चोदेगा भी तो मैंने भी कहा कि ओह्ह मम्मी तुम्हारी चूत की खुशुब तो मुझे पागल किए जा रही है रंडी चाटूँगा भी और चोदूंगा भी साली मैं कब से तेरा पति बनने के लिए तैयार बैठा था।

फिर मैंने अपना लंड मेरी मम्मी के मुहँ में दे दिया तो वह कुतिया मेरे लंड को ऐसे चूस रही थी कि जैसे कोई बच्चा आइसक्रीम को चूसता है और मैं उससे और भी कहने लगा कि ले रांड़ और ले… तो अब वह भी मुझसे कहने लगी कि आज तो तुझसे जी भरकर चुदुंगी मैं। तेरा बाप साला नामर्द मुझे चोद ही नहीं पाता है आज तू चोद मुझे और फिर मम्मी को सीधा करके अपने लंड को मम्मी की चूत के मुहँ पर लगा दिया और मैं अपने लंड को उसकी चूत के ऊपर रगड़ने लगा तो वह उइईई…… हमम्म….. ईईईई… आहह करने लगी तो मैंने उससे कहा कि मज़ा आ रहा है ना जान…? तो वह कहने लगी कि हाँ मेरे चूत के मालिक बस अब सहन नहीं होता अब बस चोद डाल मुझे चोद डाल साले अपनी मम्मी को। और फिर मैंने एक जोर का धक्का लगाया तो मेरा 6.5 इंच का लंड पूरा ही मम्मी की चूत कि जड़ से जाकर के टकराया तो वह हईईईई… मरररर… गईईईई मैं… उउईई… म्म्म्मम…. चोद मुझे चोद आज अपनी मम्मी को एक रंडी बना के चोद डाल इमरान।

आहहह… मम्मी की चूत का पानी ऐसे निकल रहा था जिससे छप-छप की आवाज़ से पूरा कमरा ही गूँज उठा था मम्मी की आँखें बंद थी और वह तो मेरे लंड से हो रही अपनी चुदाई का पूरा मज़ा ले रही थी और वह उस समय एकदम एक रंडी लग रही थी।

मैं मम्मी की चुदाई कर रहा था तो…

मम्मी :- चोद डाल अपनी मम्मी को मादरचोद फाड़ डाल मेरी गांड और चूत दोनों को आज चुद लेने दे अपनी मम्मी को जी भर के।

फिर मैंने अपना लंड मम्मी की चूत के अन्दर से बाहर निकाला और मम्मी की गांड पर टिका दिया।

और मैं मम्मी की गांड मारते हुए मम्मी से कहने लगा कि…

मैं :- हा रांड़ ले चुद… ले ले मेरा लोड़ा… और मैं अपने चोदने की रफ़्तार को मम्मी की गांड में और बढ़ाता गया।

मम्मी :- आहहह….चोद… चोद… और चोद डाल हरामजादे इस रंडी को आज

मैं :- ले चुद ना… चुद गई रंडी फट गई ना तेरी गांड मैं ऐसे ही बोलता रहा और मम्मी मेरी गालियों के साथ चुदने का मज़ा लेती रही।

और फिर मम्मी ने अब मुझे कसकर अपनी बाँहों में पकड़ लिया था और एकदम से अकडकर अपनी चूत का सारा पानी निकाल दिया और उसकी चूत पूरी ही पानी से भर गई थी जिसमें मेरा लंड अब आसानी से अन्दर बाहर हो रहा था फिर थोड़ी देर तक उसकी चूत और गांड को चोदने के बाद मैं भी मम्मी की चूत में ही अकडकर झड़ गया मुझे वह बात आज भी याद है कि मैंने मम्मी की चूत के अन्दर जब अपनी पहली धार मारी थी और मैं बहुत ही ज्यादा अकडकर झड़ा था तो मेरा पानी भी बहुत ही गाढ़ा निकला था।

उस रात को मैंने मेरी मम्मी को 3 बार और भी चोदा था उस चुदाई से मम्मी की चूत और मेरा लंड एकदम लाल हो चुका था उस दिन के बाद अब मैं रोज़ ही मम्मी को चोदता हूँ जब मेरे पापा घर पर नहीं होते तो हम दोनों ही एक दूसरे को नाम से बुलाते है और ऐसे रहते है जैसे कि हम दोनों पति-पत्नी हो मम्मी मुझसे चुदकर के बहुत खुश होती है और मैं पिछले 6 महीनों से उसकी चूत को मार रहा हूँ।

आप सभी पाठकों का बहुत-बहुत शुक्रिया !!

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