भाभी रांड ने मरवाई बहिन की गांड भाग-1

हाय फ्रेंड्स, मैं विशाल Antarvasna वडोदरा से एकबार फिर Kamukta से हाज़िर हूँ आप सभी के सामने अपने एक नये सेक्स अनुभव के साथ मैं आशा करता हूँ कि आप सभी लोगों को मेरी पिछली सभी सेक्स कहानियाँ जरूर पसंद आई होगी हाँ तो दोस्तों आज मैं अपनी एक और नई सेक्सी घटना बताने जा रहा हूँ जो हाल ही में मेरे साथ हुई है मेरा परिचय तो आप सभी को मैं पहले ही दे चुका हूँ फिर भी अगर कोई नये पाठक है तो मैं उनको बताना चाहता हूँ कि मेरी उम्र 26 साल की है और मैं 5.7 फुट का लम्बा चौड़ा स्मार्ट बंदा हूँ और मैं किसी भी लड़की या भाभी को आसानी से अपना दीवाना बना लेता हूँ।

हाँ तो दोस्तों अब मैं अपनी नई कहानी को शुरू करता हूँ…

जैसा कि मैंने आप सभी को मेरी पिछली कहानी मैं बताया था मैं मेरे भैया भाभी के साथ ही रहता हूँ और वडोदरा के एक प्राइवेट बैंक में काम करता हूँ तो दोस्तों अब वापस कहानी पर आते है दोस्तों मेरी भाभी का फिगर जो कि 34-30-36 का है और भाभी का यह जो कमाल का फिगर है उसे बनाने में मेरा ही हाथ है क्योंकि मेरी भाभी को मैंने ही चोद-चोदकर और उनके बब्स को दबा-दबाकर बड़ा किया है और इन सब के लिये मेरी भाभी मेरी हमेशा ही आभारी है।

मेरे प्यारे दोस्तों यह बात लगभग 3 महीने पहले की है जब मैं अपने भैया और भाभी के साथ मुम्बई घूमने गये थे अपनी कार से और हम लोग सुबह जल्दी ही घर से निकल गए थे और पूरे रास्ते मस्ती करते हुए जा रहे थे मैं कार चला रहा था और भैया आगे मेरे पास की सीट पर बैठे थे और भाभी पीछे वाली सीट पर बैठी थी हम लोग मुम्बई घूमे फिरे और हम लोग 2 दिन तक काफ़ी मजा करने के बाद वापस घर आ रहे थे और हम सभी काफ़ी थक भी गये थे।

तो मैंने भैया को कहा कि कार आप ही चलाओ और मैं पीछे वाली सीट पर जाकर सो गया अपनी भाभी की गोद में अपना सिर रखकर और तब तक काफ़ी अँधेरा भी हो गया था और आप सभी लोगों को तो पता है ही कि मैं कितना बड़ा चोदू हूँ तो दोस्तों जब मैं अपनी भाभी की गोद में अपना सिर रखकर सोया हुआ था तो उनके बदन से आती हुई मस्त खुशबू से मदहोश हुए बिना भला मैं कैसे अपने आप को रोक पाता लेकिन भैया भी साथ थे फिर भी मैं भाभी की साड़ी में अपना हाथ डालकर उनकी चूत में ऊँगली करने लग गया था।

मेरे उनकी चूत में ऊँगली करने से भाभी भी काफ़ी गरम होकर झड़ गई थी और उनकी चूत भी गीली हो गई थी और जिससे मेरी ऊँगली भी गीली हो गई थी और फिर मैंने अपनी ऊँगली से भाभी के उस कामरस को चाट-चाटकर साफ़ भी किया तब मैंने भाभी से धीरे से कहा कि भाभी प्लीज़ अब मेरे लंड को भी हिलाओ और ज़ोर-ज़ोर से हिलाकर इसको भी शान्त कर दो और फिर मेरी रंडी भाभी ने वैसा ही किया और फिर हम सब घर भी पहुँच गये थे।

मैं अब भी काफ़ी मूड मैं था क्योंकि अभी तो मेरा आधा ही काम हुआ था और मुझे तो अपनी भाभी की गांड मारनी थी तभी मेरे भैया मुझसे बोले कि विशाल खाने का क्या प्लान है तेरी भाभी तो काफ़ी थक गई है और वह खाना भी नहीं बना सकती है तो मैंने उनको कहा कि कोई बात नहीं मैं किसी होटल से ले आता हूँ और मैं बाहर गया और खाना लेकर वापस आ रहा था कि तभी मेरे भैया का फोन आया और उन्होंने कहा कि एक बोतल शराब की भी लेकर आना मुझे थोड़ी थकान ज्यादा हो रही है क्योंकि मैं कार चलाकर थक गया हूँ और फिर मैं शराब लेकर आ गया मेरे भैया ने 4 पेग लिए और थोड़ा सा खाना ख़ाया और वह सो गये अब मैं और मेरी भाभी खाना खा रहे थे तभी मैंने भाभी से पूछा कि हाँ तो भाभी फिर हो जाए एकबार चुदाई का खेल? तो भाभी मुझसे बोली कि मैं तो थक गई हूँ तो मैंने उनको कहा कि तुम्हारी सारी थकान मैं मिटाता हूँ अभी रुक साली रंडी पहले जल्दी से जाकर भैया को देखकर मेरे कमरे में आ जाना चुप-चाप मैं अपने खड़े लंड के साथ तुम्हारा इन्तजार कर रहा हूँ तो फिर मेरी रण्डी भाभी मुझसे बोली कि तू हरामी कभी नहीं सुधरेगा और तू तेरी भाभी को चोदे बिना रह भी नहीं पाएगा तो मैं बोला कि तुम्हारे जैसी रंडी साथ हो तो मैं जीवनभर शादी भी नहीं करूं और बस तुमको ही चोदता रहूँ और फिर कमरे में जाकर मैंने अपने हाथ मुहँ धोए और भाभी का बेसब्री से इन्तजार करने लगा।

और फिर लगभग 1 घन्टे के बाद वह आई तो मैंने उससे कहा कि इतनी देर से किससे मरवा रही थी तब मैंने उससे पूछा कि क्यों इतनी देर कहाँ लगा दी थी तो वह बोली कि तेरे भैया भी घर पर ही है और वह शराब पीकर सोए है लेकिन उनको थोड़ा बहुत होश है तो मैं उनसे अपनी चूत मरवा के आई हूँ और उनको पूरा ही थकाकर और सुला आई हूँ अब वह सुबह से पहले नहीं उठेगें।

और फिर मैंने भाभी से कहा कि वाह री रंडी तेरा तो कोई जवाब ही नहीं है तू तो बहुत बड़ी वाली रंडी है मुझसे गांड मरवाने के लिए अपनी चूत भी मरवाकर आ गई तो उसने कहा कि बातें कम कर और चोद तेरी रांड को और फाड़ दे उस गांड को जो यहाँ तेरा लंड लेने के लिए आई है।

तभी मैंने झट से अपनी पेन्ट खोली और अपने लंड को उसके मुहँ में डालकर चुदाई के लिये तैयार करने लगा और उसके दोनों बब्स को भी दबाने लगा और चाटने लगा और काटने भी लगा उसके बब्स को पूरा ही लाल करने के बाद अब मैं उसकी चूत को चाटने लगा और अपनी पूरी जीभ को ही उसकी चूत मैं घुसा दिया और उसकी चूत पर आ रहे हल्के रेशमी बालों को सहलाने लगा उसकी चूत पर आ रहे छोटे-छोटे बाल मुझे बहुत उत्तेजित कर रहे थे अब भाभी भी ज़ोर-ज़ोर से आवाजें करने लगी थी आहहह… इस्सस…बस बस अब और नहीं उसकी इन आवाजों को सुनकर अब मैं और भी ज़ोर-ज़ोर से उसकी चूत को चाटने लग गया था और उसकी चूत ने मेरे मुहँ में ही सारा माल छोड़ दिया।

अब भाभी की चूत का पूरा माल चाटने के बाद अब मैं भी पूरी तरह से तैयार हो चुका था उसकी चुदाई के लिये और उस रंडी को दिखाना भी था कि मैं उसके पति से अच्छा चोदता हूँ या नहीं और फिर मैंने उसको घोड़ी बनाया और थोड़ी सी क्रीम उसकी गांड में लगाई और थोड़ी अपने लंड के टोपे पर भी लगाई और अपने लंड को उसकी गांड के छेद पर रखकर एक ज़ोर का धक्का मारा तो वह जोर से चीख पड़ी और कहने लगी कि अरे भोसड़ी के मादरचोद मार डाला तुमने तो मुझे मैं गांड मरवाने आई हूँ तू तेरा लंड डाल रहा है या कुछ और मुझे बहुत तेज दर्द हो रहा है तो मैंने उसको कहा कि दर्द क्या होता है आज तुझे सब पता चल जाएगा रुक साली रंडी अब चुप-चाप होकर देख कि मैं तेरे साथ क्या-क्या करता हूँ और तू बस मजा ले आज।

अबकी बार मैंने मेरे बड़े से लंड को भाभी की गांड में एक ही बार में घुसा दिया और वह बहुत जोर से चीखने लगी अह्ह्ह…निकाल साले निकाल फाड़ ही देगा क्या मेरी गांड को नहीं मरवानी तुझसे अपनी गांड अब मैंने उसको कहा चुपकर रंडी और ज़ोर-ज़ोर से उसकी गांड मारने लगा, फच…फच… की आवाज के साथ उसकी गांड अब पूरी ही लाल हो गई थी अब मेरा लंड भी उसकी गांड में बड़े ही आराम से जा रहा था और अब तो भाभी को भी मजा आने लग गया था वह अब और तेज और तेज बोलकर मेरी उत्तेजना को और भी बड़ा रही थी और अपनी गांड को भी आगे-पीछे करके मेरा पूरा साथ दे रही थी और मैं भी बहुत जोश में आकर उसको चोद रहा था और फिर लगभग 20-25 मिनट की गांड चुदाई के बाद मैं भाभी की गांड में ही झड़ गया था और मैंने अपना सारा कामरस भाभी की गांड में ही डाल दिया और फिर थोड़ी देर तक हम दोनों ही वैसे ही एक दूसरे से चिपके हुए ही पड़े रहे और बातें करने लगे।

तो मेरी रंडी भाभी ने कहा कि कल उनकी छोटी बहिन आ रही है उसकी यहाँ पर कोई परीक्षा है तो मैं यह बात सुनकर बहुत खुश हुआ और मन ही मन मुस्कुराने लगा तो भाभी ने मुझे देखा और पूछा कि तुम इतना क्यों खुश हो रहे हो तो मैंने कहा कि ऐसे ही तो भाभी समझ गई थी और वह मुझसे बोली कि तुम मेरी बहिन के बारे में ऐसा-वैसा कुछ भी गलत मत सोचना वह बहुत अच्छी लडकी है और यह सब वह नहीं करती है तो मैंने भाभी से कहा कि ठीक है भाभी लेकिन एक बार कोशिश करके देखने मैं क्या जाता है अगर वह अच्छी होगी तो मैं कुछ नहीं करूंगा और अगर वह भी तुम्हारी ही तरह निकली तो फिर मेरे तो मजे हो जाएगें और फिर भाभी कपड़े पहनकर अपने कमरे में चली गई।

और फिर मैं सुबह देरी से 10-11 बजे तक उठा और बाथरूम से आकर बैठक मैं आकर बैठ गया भैया भी वहाँ बैठे थे और छुट्टी का दिन था तो कोई काम भी नहीं था और फिर 12 बजे दरवाजे की घन्टी बजी और भाभी ने दरवाजा खोला तो देखा कि भाभी की बहिन आ गई थी और तब तक मैं नहाकर भी तैयार हो गया था अब मेरी नज़र जब भाभी की बहिन पर गई तो मैं उसको देखता ही रह गया वह तो एकदम कमाल की लग रही थी उसका नाम वैशाली था उसने बहुत टाईट जीन्स और टाईट टी-शर्ट पहन रखी थी। तभी भाभी आई और वह भाभी के साथ उनके कमरे में चली गई और फिर थोड़ी देर के बाद वह भाभी के कमरे से बाहर आई तो मैं उसको देखकर वहीं पर ही बेहोश होने वाला था क्योंकि वह बहुत खूबसूरत लग रही थी। अब हम लोग सभी खाना खाने लगे और एक-दूसरे से बातें भी करने लगे बातों ही बातों में उसने बताया कि वह एम.कॉम कर रही थी तभी भैया के किसी दोस्त का फोन आया और वह फ़ोन पर किसी पार्टी की बात कर रहे थे और फिर भैया ने रात की पार्टी के लिए हाँ कर दिया था और शाम को लगभग 7 बजे भैया पार्टी में जाने के लिये घर से निकल गए थे और घर पर मैं, भाभी और वैशाली ही बचे थे।

दोस्तों मैं आज की कहानी को यहीं पर विराम देना चाहता हूँ इस कहानी का अगला भाग लेकर जल्द ही आपके सामने आऊंगा तब तक के लिये मुझे दिये गये आपके अनमोल समय के लिये आपका बहुत-बहुत शुक्रिया।

धन्यवाद मेरे प्यारे पाठकों !!

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