पार्लर वाली मामी की चूत का बैंड बजाया

हाय फ्रेंड्स Antarvasna मेरा नाम जीतू Kamukta है और मैं मध्य प्रदेश के राजनगर का रहने वाला हूँ मेरी उम्र 23 साल की है और मैं बी.ए. के दूसरे साल की पढाई कर रहा हूँ दोस्तों मैं अपने खाली समय में कामलीला डॉट कॉम पर सेक्सी कहानियाँ पढ़ते हुए अपने लंड को हिलाकर अपनी सेक्स की इच्छाओं को पूरा करता हूँ दोस्तों अभी पिछले कुछ महीनों पहले ही मुझे सच में सेक्स करने का मौका मिला था और मैंने अपनी मामी के साथ अपना पहला सेक्स किया था मेरे उस पहले अनुभव को मैं आज आप सभी के लिए एक कहानी के रूप में लेकर आया हूँ तो दोस्तों मेरी कहानी को पढ़ो और मज़ा लो।

हाँ तो दोस्तों मैं अब मेरी कहानी को शुरू करता हूँ जो कि कुछ इस तरह से है…

दोस्तों कहानी शुरू करने से पहले मैं अपनी मामी के बारे में आप सभी को बता देता हूँ मेरी मामी की उम्र 30 साल की है उनकी शादी कम उम्र में ही हो गई थी जब उनकी शादी हुई तब उनकी उम्र केवल 16 साल की ही थी उनका फिगर 34-28-36 का है और वह किसी फ़िल्मी हिरोइन से कम नहीं लगती है और आप इससे कल्पना कर सकते है कि वह कितनी खूबसूरत होगी उनका रंग ज़्यादा गोरा तो नहीं है लेकिन फिर भी वह एकदम हॉट और सेक्सी लगती है दोस्तों मेरी मामी एक ब्यूटी पार्लर चलाती है जो कि उनके घर में ही एक कमरे में है मैं उनको बहुत चाहता था और उनके साथ एकबार सेक्स करने की मेरी बहुत इच्छा थी।

दोस्तों जब मैं इसबार जनवरी में मेरे मामाजी के घर 15 दिनों के लिये गया तो मुझे ऐसा लगा कि इसबार मैं अपनी उस इच्छा को इन 15 दिनों में जरूर पूरी कर सकता हूँ लेकिन मैं घबरा भी रहा था कि कही मेरी मामी इसके खिलाफ हुई तो मेरा क्या होगा लेकिन तभी मैंने सोचा कि वह भी बेचारी मामा से ही चुद-चुद के बोर हो गई होगी।

और फिर जब मैं मेरे मामा के यहाँ पहुँचा और दरवाजा बजाया तो मेरी मामी ने ही दरवाज़ा खोला था और वह उस समय क्या कमाल की लग रही थी उसने हल्के हरे रंग की साड़ी और उसी रंग का डिजाइनर ब्लाउज भी पहना हुआ था जिसमें से उनके आधे बब्स दिख रहे थे और पीछे से उनकी पीठ भी दिख रही थी मुझे तो ऐसा लगने लगा था कि उनको उसी समय वहीं पकड़कर चोद दूँ लेकिन फिर मैंने अपने आप को शान्त किया और उनके साथ अन्दर चला गया तभी मामी मुझसे बोली कि नकुल के कमरे में अपना सामान रखकर चाय पीने के लिये आ जाओ तो मैंने ठीक वैसा ही किया।

और फिर मैं अपने हाथ मुहँ धोकर हॉल में चला गया मामी के साथ बैठकर थोड़ी बातें करी और उसने पूछा कि मामा कहाँ गये? तो मामी ने बताया कि वह उनके दोस्त के भाई की शादी में गये हुए है और नकुल भी उनके साथ ही गया है और मैं भी जाना चाह रही थी लेकिन मेरे पास 2-3 दुल्हनों के मेकअप का काम होने के कारण मैं जा न सकी और फिर चाय पीकर टी.वी. देखने लग गया तो टी.वी. पर उस समय एक फिल्म में रोमान्टिक सीन चल रहा था किस का तो मैंने चेनल बदल दिया तो मामी मुझसे बोली कि जीतू क्या हुआ इतना अच्छा सीन आ रहा था और तुमने चेनल बदल दिया? तो फिर मामी के कहने पर मैंने वह फिल्म फिर से चालू कर दी और फिर थोड़ी देर तक टी.वी. देखने के बाद मामी खाना बनाने लगी और बाद में हमने साथ में ही खाना खाया और रात में वापस से टी.वी. देखने लगे तो उस समय भी एक फिल्म आ रही थी तो मैंने वह फिल्म चलने दी उस फिल्म के एक सीन में एक लड़की अपने बॉयफ्रेंड की छाती के बाल निकाल रही थी।

वह सीन देखते समय मामी ने मुझसे पूछा कि जीतू क्या तुमने भी कभी तुम्हारी छाती के बाल निकाले है? तो मैंने उनसे कहा कि नहीं निकाले तो फिर मामी ने मुझसे कहा कि तो क्या मैं निकालूँ? तो मैंने मामी को कहा कि नहीं मामी तो फिर मामी ने मुझसे पूछा कि क्यों नहीं निकाले? तो मैंने कहा कि मेरे बाल फिल्म के हीरो जितने नहीं है तो मामी मुझसे बोली कि लेकिन थोड़े दिनों बाद तो वैसे भी हो ही जाएँगे।

तो मैंने उनको कहा कि ठीक है तो तब निकाल लूँगा तो मामी बोली कि क्या मैं निकाल दूँ अभी? उनकी बात सुनकर मेरी तो धडकन ही बढ़ गई थी तो फिर मैंने उनसे कहा कि आप मेरी छाती के बाल निकालोगी? तो वह बोली की तो उसमें कौनसी बड़ी बात है?

मैं :- लेकिन किसी को पता चला कि आपने मेरी छाती के बाल निकाले तो सब लोग क्या कहेंगे?

मामी :- लोगों को पता तो तब चलेगा ना जब हम किसी को बताएगें।

मैं तो मन ही मन बहुत खुश भी हो रहा था लेकिन झूंठ-मूठ की एक्टिंग भी कर रहा था।

मैं :- लेकिन मामाजी को कुछ गलतफहमी हो जाएगी तो

मामी :- कैसे होगी? अभी तो मैंने कहा ना यार कि हम किसी को नहीं बताएँगे।

मैं :- ठीक है।

फिर हमने टीवी बन्द किया और जिस कमरे में मामी ने पार्लर खोल रखा था उस कमरे में हम दोनों चले गये थे। उस वक़्त मैंने टी-शर्ट और नेकर पहन रखा था और मामी ने साड़ी पहन रखी थी उस कमरे में जाते ही मामी ने मुझसे कहा कि अपनी टी-शर्ट उतार दो तो मैंने झट से अपनी टी-शर्ट उतार दी और मामी ने मुझसे एक कुर्सी की तरफ इशारा करते हुए कहा।

मामी :- उस कुर्सी पर बैठ जाओ

तो मैं उस कुर्सी पर बैठ गया जो की आगे-पीछे होने वाली थी तो मैंने उसे थोड़ा पीछे किया और फिर मैं उस पर आधा सा लेट गया मेरे तो रोंगटे खड़े हो रहे थे और मन में अजीब से ख्याल आ रहे थे कि जब मामी मुझे हाथ लगाएगी तो मुझे कैसा अहसास होगा और फिर वह एक धागा लेकर आई।

मैं :- ये क्या मामी? मेरे छाती के बाल निकालने है मुझे आई-ब्रो नहीं बनवाने है।

मामी :- हाँ मुझे सब पता है तू बस देखता जा।

तो फिर मुझे भी लगा कि क्यों ना मामी को ऐसे ही करने देता हूँ जिससे मामी और मेरे बीच में दूरी भी कम रहेगी और फिर मामी ने मेरे छाती पर पाउडर डाला जैसे कि लड़कियों के आई-ब्रो बनाते समय डालते है और फिर मामी वैसे ही मेरे छाती के बाल भी निकालने लगी और जिससे मुझे भी थोड़ा-थोड़ा सा दर्द होने लगा लेकिन मामी के साथ की खुशी के मारे वह दर्द भी महसूस नहीं हो रहा था और मामी अपने घुटनों के बल बैठकर मेरी छाती के बाल निकाल रही थी।

और फिर मैंने उनकी तरफ देखा तो उफ़ वह क्या नज़ारा था दोस्तो मुझे उनके बब्स के बीच की गहराई साफ़ दिख रही थी जिससे मामी अब मुझे और भी हॉट और सेक्सी लग रही थी और मेरी नज़र वहाँ से हट ही नहीं रही थी और यह बात मामी को भी पता चल गई थी कि मैं क्या देख रहा हूँ और शायद उनके भी मन में वही सब चल रहा था जो कि मेरे मन में चल रहा था और फिर वह थोड़ा सा झुकी जिससे उनकी साड़ी का पल्लू नीचे गिर गया था और मामी कहने लगी

मामी :- यह साड़ी भी ना बहुत परेशान करती है।

मैं :- तो निकाल दो ना इसे

मामी :- क्या कहा तुमने?

मैं :- मैं तो मजाक कर रहा था यार मामी

मामी :- तुम मर्दों का तो अच्छा है जो तुम तो बिना शर्ट के भी रह सकते हो।

मैं :- तो आपको किसने रोका है आप भी अपनी साड़ी निकाल दो ना और उसमें डरने की क्या बात है आपने अन्दर ब्लाउज और पेटीकोट तो पहना ही है ना

मामी :- आज तो तुम कुछ अलग ही अंदाज में बातें कर रहे हो आखिर आज तुम्हारा इरादा क्या है?

मैं :- उसमें क्या मामी एक मैं हूँ जो कि आपसे इतना खुलकर बात कर रहा हूँ और आप हो जो मुझ पर ही शक कर रही हो।

मामी :- तुमको कोई दिक्कत तो नहीं होगी ना अगर मैं तुम्हारे सामने अपनी यह साड़ी निकाल दूँ तो? उससे मुझे आसानी होगी तुम्हारी छाती के बाल निकालने में।

मैं :- मुझे कोई दिक्कत नहीं है।

तो फिर मामी उठकर अपनी साड़ी उतारने लगी और मुझे तो ऐसा लग रहा था कि जैसे मैं कोई सपना देख रहा हूँ और उसी वक़्त मैं मन ही मन बहुत खुश भी हो रहा था कि शायद आज मेरा इतने दिनों का सपना पूरा हो जाए और मामी ने अपनी पूरी साड़ी उतार दी थी और अब वह मेरे सामने सिर्फ़ ब्लाउज और पेटीकोट में ही थी।

मैं तो मामी को उस रूप में देखता ही रह गया था और वह वापस आकर फिर से अपने काम में लग गई थी और मैं अपने काम में मतलब उनके बब्स के बीच की गहराई को देखने लगा और अब मुझसे बिल्कुल भी सब्र नहीं हो रहा था और मेरा भी लंड खड़ा होकर 7.5” का हो गया था और वह मामी के मुहँ की तरफ उछल रहा था अब मैं थोड़ा सा घबरा भी गया था कि कहीं मामी को बुरा ना लग जाए और फिर जैसे ही मामी ने देखा कि मेरा लंड एकदम तनकर खड़ा हुआ है तो उसने मेरी तरफ देखकर एक प्यारी सी मुस्कान दी तो मैं तो एकदम से पागल ही हो गया था और मैं एकदम से उठकर खड़ा हो गया जिससे मामी भी चौंक गई थी।

मामी :- क्या हुआ?

मैं :- मैं आपसे कुछ कहना चाहता हूँ

मामी :- क्या?

मैं :- आई.लव.यू. मामी

मामी :- आई.लव.यू.टू जीतू डार्लिंग लेकिन यह कहने में तुमने कितने दिन लगा दिए मैं कितने दिनों से तुम्हारे मुहँ से यह सुनने के लिये तड़प रही थी और मैं यह भी देख रही थी कि तुम मेरी तरफ हमेशा देखकर खुद भी तड़पते रहते थे लेकिन कहते कुछ भी नहीं थे इसलिए आज मैंने ही यह प्लान बनाया था कि आज मैं तुम्हारे मुहँ से आई.लव.यू. बुलवाकर ही रहूँगी।

मामी के मुहँ से यह बात सुनकर ही मैं खुशी के मारे झूम उठा और फिर मैंने मामी को खड़ा किया और उनके होठों पर अपने होंठ रख दिए और कसकर उनको पकड़ लिया और क्या बताऊँ दोस्तों क्या गजब का अहसास था वह।

मेरा और मामी का बदन एक दूसरे के बदन से रगड़ खा रहा था और हम लोग एक दूसरे को एकदम जंगलियों की तरह किस कर रहे थे क्योंकि इतने समय बाद हमारा मिलन हुआ था मामी मेरे मुहँ में अपनी ज़ुबान घुमा रही थी और मैं भी उसके मुहँ में मेरी ज़ुबान घुमाने लगा था मैं और मामी उसी हालत में 10-15 मिनट तक एकदूसरे को किस करते रहे और उसके बाद में मैंने मामी से कहा कि चलो बेडरूम में चलते है तो वह बोली कि हम जो काम कर रहे थे पहले उसे तो पूरा करते है तो मामी से मैंने कहा कि बचा हुआ काम कल कर लेंगे यार अब मुझसे रहा नहीं जा रहा है तो वह बोली कि नहीं मुझे तुम्हारे साथ तुम्हारी छाती के बाल हटाने के बाद ही ज़्यादा मज़ा आएगा तो मैंने कहा क्या यार तुम भी? तो वह बोली कि नहीं जान सच में मुझे और भी ज़्यादा मज़ा आएगा तो अब उनकी बात सुनकर मैं भी मान गया और मैंने कहा ठीक है लेकिन जल्दी करना तो वह फिर से मेरी छाती के बाल हटाने लग गई और अब मेरे लंड की हालत और भी ज्यादा खराब होने लग गई थी और वह अब मेरी मामी के मुहँ की तरफ तनकर खड़ा था उसके बाद मामी ने मेरे छाती के पूरे बाल साफ़ किये और अब मैं मामी से बोला कि अब चलें तो वह मुझसे बोली कि तुम्हारे पैरों पर भी कितने बाल है मैं उनको भी साफ़ करूंगी तो मैंने कहा कि मामी इतना क्यों सता रही हो यार? तो वह बोली कि मुझे इससे और भी ज्यादा मज़ा आएगा जब तुम्हारा पूरा शरीर मेरे शरीर से रगड़ खाएगा तो मैं फिर से बोला कि ठीक है अब जितनी जल्दी हो सके उतना जल्दी करना तो वह बोली कि तुम तो मुझे कई जन्मों के प्यासे लग रहे हो जानू तो मैंने कहा कि हाँ मैं कई जन्मों का प्यासा हूँ क्योंकि मैंने आज तक कभी सेक्स नहीं किया तो वह हँसने लगी और वह मुझसे बोली कि अब तुम्हारे नेकर को उतारो तो मैंने कहा कि तुम ही उतार दो तो फिर उसने मेरी नेकर को उतार दिया और मैं अब सिर्फ़ अंडरवियर में ही था और मेरा लंड अब थोड़ा गीला भी हो रहा था इसलिए जहाँ मेरे लंड का टोपा था वहाँ से मेरा अंडरवियर थोड़ा गीला हो गया था और अब मामी मेरे पैरों की शेव करने लगी और मैं उनकी तरफ अपनी पूरी हवस भरी नज़रों से देख रहा था और मामी ने भी फिर से मेरी तरफ देखकर एक हवस भरी मुस्कान दी और मुझे तो वहाँ पर एक हवस के मंदिर में बैठने जैसा लग रहा था और मैं खुद को उस हवस का पुजारी और मामी को हवस की देवी समझ रहा था और फिर क्या था मामी ने पूरे 30 मिनट लगाए मेरे पैरों के बाल साफ़ करने में और यहाँ मेरा दम निकला जा रहा था उसके बाद मामी ने मुझसे कहा कि मैं अब तुम्हारे लंड के बाल भी साफ़ करना चाहती हूँ तो मैंने उनसे पूछा कि मामी आज आप मेरी बोर्ड की ऐसी कौनसी परीक्षा ले रही हो यार? तो वह मुझसे बोली कि चलो अगर तुमको जल्दी से करना है तो जल्दी से तुम अपना अंडरवियर भी खोल दो तो फिर मैंने झट से मेरा अंडरवियर खोल दिया और अब मैं उनके सामने पूरा नंगा था।

तो फिर मैंने मामी से कहा कि अब आप भी तो नंगी हो जाओ तो मामी ने कहा कि तूने तो तेरे पूरे कपड़े मुझसे ही उतरवा लिए तो मैं अब अपने कपड़े खुद क्यों उतारूँ? तो मैंने उनसे कहा कि सॉरी मेरी जान और फिर मैं खड़ा हुआ और मैंने मामी के पेटीकोट का नाडा खोल दिया और वह झट से नीचे गिर गया अब मामी मेरे सामने सिर्फ़ ब्लाउज और पैन्टी और ब्रा में ही थी तो फिर मैंने झट से मामी के ब्लाउज को भी खोल दिया और अब मामी सिर्फ़ ब्रा और पैन्टी में ही थी तो मैंने मामी की ब्रा को भी खोल दिया और उसके बाद मामी की पैन्टी को भी उतार दिया अब मामी भी मेरे सामने पूरी तरह से नंगी थी और मैं भी उनके सामने एकदम नंगा था और फिर मैंने मामी को अपनी बाँहों में जकड़ लिया और उसके एक बब्स को अपने मुहँ में ले लिया तो मामी बोली कि अभी मुझे तेरे झांट के बाल भी साफ़ करने दे उसके बाद बेडरूम में जाकर जितना चाहे उतना चूस लेना तो मैं फिर से कुर्सी पर अपनी टाँगें फैलाकर बैठ गया तो मामी ने मेरे झांट के बाल भी साफ़ कर दिए और फिर मामी के कुछ समझने के पहले ही मैंने मामी को अपनी बाहों में उठा लिया दोस्तों उस समय मैंने अपने जीवन में पहली बार किसी नंगी औरत को अपनी बाँहों में उठाया था दोस्तों वह क्या गजब का एहसास था जिसे मैं आपके सामने किसी भी शब्दों में बयान नहीं कर सकता अब मैं मामी को उठाकर उनके बेडरूम में ले गया और मामी को बेड पर सुलाकर उनके ऊपर चढ़ गया और मामी को किस करने लगा और उसी समय मैं अपना लंड भी मामी की चूत पर रगड़ रहा था और अब मामी भी बहुत गरम हो गई थी और वह तेज-तेज सिसकारियाँ ले रही थी और फिर मैं मामी के बब्स को अपने मुहँ में लेकर खूब जोर-जोर से चूसने लगा और मामी भी मुझसे बोलने लगी कि जान अब और सहन नहीं हो रहा है अब डाल भी दो।

तो अब मैं उठकर मामी के दोनों पैरों को फैलाकर उनके बीच में बैठ गया और मैंने अपना लंड मामी की चूत पर टिका दिया तो मामी ने कहा कि रूको उस अलमारी में तुम्हारे मामाजी का कंडोम का पैकेट रखा हुआ है उसमे से एक कंडोम निकालकर तुम्हारे लंड पर लगा लो तो मैंने एक कंडोम अपने लंड पर चढ़ा लिया और फिर से मामी की टाँगों के बीच में बैठ गया और उनकी चूत पर अपना लंड लगाकर एक ज़ोर का धक्का मारा तो मुझे थोड़ा सा दर्द हुआ लेकिन मेरा आधा लंड मामी की चूत में घुस गया था और फिर मैंने मामी से कहा कि तुम्हारी चूत इतनी टाईट क्यू है? तो वह बोली कि तुम्हारे मामाजी का लंड सिर्फ़ 5” का ही है और तुम्हारा 7” का तो होगा ही तब मुझे समझ में आया की मामीज़ी की शादी को इतने साल हो गए थे फिर भी मेरा लंड आधे से ज़्यादा अन्दर क्यों नहीं गया था अब मामी ने मुझसे कहा कि वापस से धक्का लगाओ तो मैंने एक और जोरदार धक्का लगाया तो इस बार मेरा पूरा का पूरा लंड मामी की चूत में समा गया था और उस समय मामी और मैं हम दोनों ही स्वर्ग में थे और मैंने तेज-तेज धक्के लगाना शुरू कर दिया तो अब मामी भी चिल्लाने लगी और जोर से करो और जोर से तो मैंने भी अपनी स्पीड को और बढ़ा दिया और मामी को और ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा अब मामी अकड़ने लगी तो मुझे अंदाज़ा हो गया था कि शायद अब वह झड़ने वाली है और फिर हम दोनों ही एक साथ ही झड़ गये और मैंने मामी को कसकर पकड़ लिया और किस करने लगा और बोला कि आई.लव.यू. तो मामी भी बोली कि आई.लव.यू.टू. जानू अब मैं हमेशा तुमसे ही अपनी चुदाई करवाऊंगी क्योंकि मैंने आज से पहले तुम्हारे लंड जितना बड़ा लंड कभी अपनी चूत में नहीं लिया था तो मैं और मामी उसी हालत में सुबह तक सोते रहे और बाद में मैंने मामी के साथ 6-7 दिन तक दिन रात बस सेक्स ही किया जब तक मामा शादी से वापस नहीं आ गये तब तक।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *