सर्दी में बबली के बदन की गर्मी

हाय दोस्तों, मेरा Antarvasna नाम नवीन है और मैं 26 साल Kamukta का हूँ दोस्तों मैंने भी आप सभी की तरह कामलीला डॉट कॉम पर बहुत सी सेक्स कहानियाँ पढ़ी है और फिर मुझे भी लगा कि क्यो ना मैं भी अपने साथ हुए सुखद हादसे को आप सभी दोस्तों को भी बताऊँ हाँ तो दोस्तों यह घटना एकदम सच्ची है और इस सच्ची घटना में मैं आप सभी को बताऊँगा कि कैसे मैंने मेरे मामा की लड़की की चुदाई की जिसका नाम बबली है, मैं मुगलसराय का रहने वाला हूँ और दिल्ली में एक बड़े स्कूल में नौकरी करता हूँ और मेरी लम्बाई 5.7 फुट है और मेरे लंड की लम्बाई भी करीब 6.5 इंच की है और मोटाई 3 इंच है, मेरे मामा की लड़की बबली (बदला हुआ नाम) की उम्र 24 साल है और उसकी लम्बाई 5.5 फुट की है उसका रंग गोरा है और उसके फिगर का साइज़ 32-28-34 है दोस्तों अगर कोई उसे एक बार देख ले तो उसको चोदने की इच्छा अपने आप ही हो जाएगी और मैंने भी अपनी ज़िंदगी में जिस पहली लड़की को चोदा था वह बबली ही थी बबली को चोदने के बाद यह सिलसिला आज भी जारी है।

अब तक मैं 3-4 लड़कियों की चुदाई कर चुका हूँ हाँ तो दोस्तों यह बात दिसम्बर 2014 के आखरी दिनों की है जब सर्दी बहुत तेज पड़ रही थी और मैं शीतकालीन अवकाश में अपने घर मुगलसराय गया हुआ था और उसी समय मेरे मामा की लड़की बबली भी हमारे घर पर आई हुई थी मैंने उसे 3-4 साल बाद देखा था तो अब वह क्या कयामत लग रही थी और उसे देखते ही मेरा उसको चोदने का मन होने लगा था उसके एकदम खड़े बब्स पतली कमर और उभरी हुई गांड और गुलाबी होठों को देखकर मेरा तो मन कर रहा था कि बस अभी इसको चोद दूँ मैं रात भर सफर में थका हुआ था इसलिए मैं नहा धोकर टीवी देखते-देखते ही सो गया और मुझे पता ही नहीं चला कब दोपहर के 12 बज गये और जैसे ही मैं सोकर उठा तो मुझे लगा कि कोई मेरे साथ बिस्तर पर लेटा हुआ था और मैंने अपना चेहरा घुमाकर देखा तो पता चला कि बबली मेरे साथ मेरे बिस्तर पर लेटकर टीवी देख रही थी।

और फिर जैसे ही मैंने करवट ली तो बबली के बब्स पर मेरा हाथ लग गया उफ कितना मज़ा आया था दोस्तों मैं आपको बता नहीं सकता और फिर जैसे ही उसने देखा कि मैं जाग गया हूँ तो वह बोली कि भैया सोते ही रहोगे क्या सोने के लिए ही आए हो क्या दिल्ली से इतना कहकर वह मुस्कुरा दी और कितनी सुंदर मुस्कान थी उसकी और फिर मैं उठकर नहा धोकर ऐसे ही दिन भर अपने दोस्तों के साथ घूमता रहा और रात को घर गया तो सब खाना खाकर ऊपर छत पर सोने लगे हमारे घर में जगह की कमी थी तो मैं भी ऊपर सोने चला गया पर मम्मी बोली कि मुझे सुबह-सुबह सर्दी लगती है इसलिये मैं तो यहीं नीचे सो जाऊँगी मुझे ऊपर नहीं जाना तो बबली कहने लगी कि मैं तो ऊपर ही सोने जा रही हूँ तो फिर मैं भी कहाँ मानने वाला था मैं तो उसे कब से चोदना चाह रहा था और अब कब तक मूठ मारकर काम चलाता और इतना अच्छा मौका भी है और इतना चिकना माल और कहाँ मिलने वाला था तो हम दोनों ही ऊपर वाले कमरे में अलग-अलग बिस्तर पर सो गये लेकिन मेरी आँखो में नींद कहाँ थी और मेरी आँखो में तो बबली का नंगा शरीर और उसके शरीर से झलकती जवानी दिख रही थी और फिर जैसे-जैसे रात बीतने लगी और हल्की-हल्की सर्दी बढ़ने लगी तो मैं चादर ओढ़कर लेट गया और मुझे नींद आ गई।

लेकिन बबली शायद चादर लाना भूल गई थी या जानबूझकर नहीं लाई थी और रात के करीब 1-1.30 बजे वह मेरे साथ लेट गई और जब मेरी नींद खुली तो देखा कि बबली मेरे पास में लेटी हुई थी और यह देखकर मेरी नींद खुल गई थी वह दूसरी तरफ करवट लेकर लेटी हुई थी तो मैंने भी नींद का बहाना करके उसकी तरफ करवट लेकर लेट गया और अपना एक पैर उसकी कमर पर रखकर लेट गया और अपना एक हाथ उसके बब्स के ऊपर रख लिया और अपने हाथ से उसके बब्स का मुआयना करने लगा क्या मस्त बब्स थे दोस्तों जितने दिखते थे उससे भी बड़े और फिर धीरे से मैंने बबली के बब्स पर दबाव बढ़ाया पर उसकी तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई तो मेरी हिम्मत और बढ़ गई तो मैं फिर से उसके बब्स को अपने हाथों से दबाने लगा और मेरा लंड भी अब फन-फनाकर खड़ा हो गया था क्योंकि मैंने अपना एक पैर उसकी कमर के ऊपर चढ़ा रखा था तो मेरा लंड बबली की गांड में घुसने को बेताब होने लगा था इतने में ही बबली ने मेरी तरफ करवट ली और हम दोनों की सांसे एक दूसरे के चेहरे से टकराने लगी।

और बबली की उखड़ी-उखड़ी साँसें बता रही थी कि वह अब सो नहीं रही थी और फिर मैंने धीरे से उसको पुकारा बबली लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया तो मैं समझ गया कि वह जाग रही है और मज़ा लेना चाहती है तो मैंने अपने दोनों हाथों से उसके बब्स को पकड़कर धीरे-धीरे से सहलाने लगा और इस बार बबली थोड़ी सी कसमसाई और मेरे हाथ को पकड़कर अपने बब्स के ऊपर से हटाते हुए बोली कि यह सब क्या कर रहे हो भैया मैं बुआ जी को (मेरी मम्मी) को बता दूँगी इतना सुनते ही मेरी गांड फट गई और मैंने उसको बोला कि प्लीज़ तुम मम्मी को कुछ मत बोलना और इतना कहकर मैं दूसरी तरफ करवट लेकर सो गया और सोने की कोशिश करने लगा और मेरा लंड भी अब मुरझा सा गया था पर थोड़ी ही देर के बाद बबली ने मेरी कमर पर एक पैर रखकर मेरे गालों पर अपना हाथ फेरने लगी और बोली कि नाराज़ हो गए क्या भैया तो मैंने उसको कोई जवाब नहीं दिया तो उसे लगा कि मैं सच में ही नाराज़ हूँ और फिर उसने मेरा हाथ पकड़कर मुझे उसकी तरफ करवट करके लेटने को उकसाया और फिर मैंने उसकी तरफ करवट ले ली।

और फिर हम लोग उसी अवस्था में आ गये जैसे पहले थे और फिर बबली मेरे होठों पर अपनी ऊँगलियाँ चलाने लगी तो मैं समझ गया कि अब बबली का भी मन हो रहा है तो मैंने उसके चेहरे को पकड़कर अपने होठों से उसके होठों को दबा लिया और हम दोनों ही एक दूसरे के होठों का रसपान करने लगे और मैंने अपना एक हाथ उसके कुर्ते में से होते हुए उसकी ब्रा में डालकर उसके बब्स को दबाने लगा क्या मस्त मक्खन की तरह चिकने थे उसके बब्स और उसके निप्पल तो अंगूर के दाने जितने थे और उनको जैसे ही मैंने गोल-गोल करके घुमाकर दबाया तो बबली सिसकारी लेते हुए बोली कि उफफफ…इस्सस प्लीज़ भैया आराम से बहुत दर्द हो रहा है और फिर मैंने धीरे से उसकी पीठ पर अपना हाथ ले जाते हुए उसकी ब्रा का हुक खोल दिया और उसके कुर्ते को ऊपर करके निकाल दिया और उसके बब्स अब बिल्कुल आज़ाद होकर फड़फड़ने लगे तो मैंने भी उसके होठों को आज़ाद करते हुए अब मैं उसके दोनों बब्स के बीच अपना मुहँ रखकर रगड़ने लगा और मुझे एक अजीब सी महक भी आ रही थी उसके बब्स के बीच में से।

तो फिर अब जैसे ही मैंने उसके एक बब्स को अपने मुहँ में डाला तो बबली ईसस्स करते हुए आहें भरने लगी और इतने में ही मैंने बबली का हाथ पकड़कर अपने लंड पर रख दिया और बबली को जैसे ही लगा तो उसने अपना हाथ झट से वहाँ से हटा लिया पर मैंने उसके बब्स को चूसना जारी रखा और अपना एक हाथ उसकी सलवार के ऊपर फेरने लगा उसकी चूत पाव रोटी की तरह फूली हुई थी और गरम-गरम सी हो रही थी मैं एक-एक करके बबली के दोनों बब्स को करीब 8-10 मिनट तक चूसता रहा और अब बबली भी पूरी तरह से गरम हो चुकी थी तो मैंने फिर से उसका हाथ पकड़कर अपने लंड पर रखा और इस बार उसने मेरे लंड को पकड़कर उसके साइज़ का मुआयना करते हुए मेरे कान में कहा कि भैया यह तो बहुत बड़ा है तो मैंने कहा कि तुम चिंता मत करो मेरी रानी जब यह तुम्हारी चूत के अन्दर जाएगा तो तुमको भी बहुत मज़ा आएगा तो वह बोली कि नहीं मुझे नहीं डलवाना इसे अन्दर यह मेरी चूत के अन्दर नहीं जा पाएगा और फिर धीरे से मैंने उसकी सलवार का नाडा खोलकर उसे उसके घुटनों के नीचे तक सरका दिया।

और उसकी जाँघों पर अपना हाथ फेरने लगा वह क्या मस्त चिकनी जाँघें थी उसकी और फिर मैं उल्टा लेट गया और उसकी कुँवारी चूत को उसकी पैन्टी से भी आज़ाद कर दिया उसकी चूत एकदम मस्त और चिकनी थी जिसपर हल्के-हल्के बाल थे और फिर उसकी चूत को सहलाते हुए मैंने अपनी एक ऊँगली उसकी चूत में डाली तो बबली ने सिसकारी लेते हुए आँह भरी आहहह… और मेरा हाथ पकड़ लिया पर मैंने उसका हाथ हटाकर उसकी पाव रोटी की तरह फूली हुई चूत की दरार पर अपनी जीभ रख दी उसकी चूत से अब हल्का-हल्का नमकीन पानी सा निकल रहा था और उसमें से एक मदहोश कर देने वाली महक आ रही थी और फिर मैंने उसकी चूत को चाटना शुरू किया तो बबली बेहाल सी होने लगी और उसने मेरे सिर को पकड़कर अपनी चूत की तरफ दबाने लगी और मैं ज़ोर-ज़ोर से उसकी चूत पर अपनी जीभ चलाने लगा और बीच-बीच में अपनी जीभ उसकी चूत में भी घुसा देता तो वो एकदम बिदक जाती और मैंने 5-7 मिनट तक ही उसकी चूत चूसी थी कि उसने मेरा लॅंड पकड़ लिया जो कि उसके मुहँ के पास फड़फडा रहा था जिसे उसने अपने सुंदर होठों के बीच दबा लिया।

आहह मुझे तो अब एक अलग ही सुख की अनुभूती हो रही थी और मेरा लंड पूरा उसके मुहँ में नहीं जा रहा था लेकिन जितना भी जा रहा था उतने में ही मुझे बहुत मज़ा आ रहा था तो मैंने भी अब धीरे-धीरे उसके मुहँ को चोदना शुरू कर दिया और कुछ ही देर के बाद मैं उसके मुहँ में ही झड़ गया और वह मेरे उसके मुहँ में झड़ते ही मेरे लंड को अपने मुहँ से बाहर निकलने लगी लेकिन मैंने अपने लंड को और उसके मुहँ में घुसाकर ही रखा जिससे वह मेरा सारा माल निगल गई और झड़ने के बाद भी मैंने उसके मुहँ को चोदना जारी रखा और थोड़ी ही देर के बाद ही मेरा लंड फिर से तनकर खड़ा हो गया और बबली की चूत में मैंने अपनी 2 ऊँगलियाँ डालने की नाकामयाब कोशिश करी और फिर मैं बबली के ऊपर आकर लेट गया वह मेरे नीचे और मैं उसके ऊपर और मैं उसके होठों को किस करने लगा और कुछ देर तक उसके होठों को किस करने के बाद मैं उसकी टाँगों के बीच में आकर बैठ गया और उसकी टाँगों को फैलाकर अपने लंड को उसकी चूत पर रगड़ने लगा जिससे उसकी चूत फड़क रही थी।

फिर मैंने अपने लंड का दवाब उसकी चूत पर बढ़ाया लेकिन मैं असफल रहा तो फिर मैंने अपने मुहँ से थूँक निकालकर उसकी चूत पर लगाया और थोड़ा सा अपने लंड के टोपे पर भी लगाया और फिर से कोशिश करी तो मेरे लंड का केवल टोपा ही बबली की पाव रोटी जैसी चूत में घुसा तो बबली तड़पने लगी और मुझे धक्का देकर दूर हटाने की कोशिश करने लगी पर मैंने उसके ऊपर लेटकर उसके होठों को अपने होठों में दबाते हुए एक तेज धक्का मारा जिससे मेरा आधा लंड बबली की चूत में दाखिल हो गया था और बबली की चीख मेरे मुहँ में ही दबकर रह गई थी और थोड़ी देर तक मैं चुपचाप ऐसे ही उसके होठों को चूसता रहा और उसके बब्स को सहला-सहलाकर दबाने लगा और फिर थोड़ी देर बाद जब बबली शान्त हुई तो मैं अपने आधे लंड को धीरे-धीरे आगे-पीछे करने लगा और कुछ ही देर बाद मेरा लंड अब आराम से अन्दर-बाहर होने लगा और बबली की पकड़ भी अब मुझपर ढीली होने लगी, तो मैं समझ गया कि अब सही मौका है और चौका मार देना चाहिये तो मैंने इस बीच अचानक से एक ज़ोरदार धक्का मारा जिससे मेरा पूरा का पूरा लंड इसबार बबली की चूत को चीरता हुआ अन्दर घुस गया था

अब मैंने बबली के बब्स को तेज-तेज़ दबाते हुए उसके मुहँ में अपनी जीभ घुसा दी और अपने लंड को भी तेजी से आगे-पीछे करने लगा और फिर करीब 8-10 मिनट के बाद मैंने बबली के होठों से अपने होंठ हटाते हुए उसके बब्स को चूसना शुरू किया और उसकी चूत में धक्के मारता रहा और बबली भी अब मेरा साथ दे रही थी और बोल रही थी आह्ह्ह… भैया मेरे प्यारे भैया और चोदो अपनी इस बहन को आज से मैं तुम्हारी हो गई हूँ यह सब बड़बड़ाते हुए वह अपनी कमर को भी उठा-उठाकर मेरा साथ देने लगी और मैं भी धक्के पे धक्के मारते हुए उसके बब्स को चूसता रहा अब मैंने भी अपनी चुदाई की स्पीड बड़ा दी और ज़ोर-ज़ोर से धक्के लगाने लगा और करीब 15-20 मिनट की ज़ोरदार चुदाई के बाद मैं उसकी चूत में झड़कर उसके ऊपर ही निढाल होकर लेट गया और बबली ने भी मुझे कसकर अपनी बाहों में भर लिया और मुझे जगह-जगह पर चूमने लगी और बोली कि आई.लव.यू. भैया और मैंने भी उसको लव.यू.टू. बहना कहा और यह भी कहा कि तुम कमाल की हो आज की रात मैं कभी नहीं भूलूंगा।

इतना कहते हुए अब उसने अपने कपड़े पहन लिए और मुझसे लिपटकर वह अपने एक हाथ से मेरे लंड के साथ खेलने लगी तो मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया तो मैंने उसको फिर से उसे चूसने को बोला तो उसने खुशी-खुशी मेरे लंड को चूसना शुरू कर दिया और चूस-चूसकर ही मेरा सारा माल निकालकर उसे पीने के बाद हम लोग एकदूसरे से चिपककर एक ही चादर में सो गए और सुबह उठकर मैंने उसको एक गर्भ-निरोधक गोली लाकर दे दी और उसके बाद मैं जितने दिन भी वहाँ रहा हम रोज रात को चुदाई करते थे

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!

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