दर्जी से चुद गई अपनी मर्जी से भाग -2

हाय दोस्तों Antarvasna मैं सोनल एकबार Kamukta फिर से आप सभी के सामने हाज़िर हूँ अपनी बहुत प्यारी सहेली सोम्या का एक प्यारा सा सेक्स अनुभव लेकर आशा करती हूँ कि आप सभी को इसका पहला भाग बहुत पसंद आया होगा तो अब आपके लिए पेश है उसके आगे की कहानी मेरी सहेली सोम्या की ही जुबानी।

आप यह कहानी कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे हो मेरे प्यारे दोस्तों।

फिर यह कहकर रवि ने मेरे गाऊंन को ऊपर किया और मेरी प्यारी सी कोमल सी चूत को सहलाने लगा।

मैं :- (उसके हाथ को मेरी चूत से हटाते हुए) रवि यह मेरा निजी मामला है, और मैनें तुमसे कहा ना कि भूल जाओ जो कुछ भी तुमने देखा उसे।

रवि :- मैं यह कैसे भूल जाऊँ कि तू अपनी इस गुलाबी और गोरी सी चूत में ऊँगली कर रही थी, यह कहकर रवि ने अपनी एक ऊँगली मेरी चूत में डाल दी और अंदर-बाहर करने लगा।

मैं :- यह क्या बदतमीजी है रवि?

पर रवि अब तक मेरे बब्स को पकड़कर मसल रहा था और मेरी चूत में ज़ोर-ज़ोर से ऊँगली कर रहा था।

मैं :- आहह, रवि तुम यह क्या कर रहे हो, मेरी हालत को समझो प्लीज़.

रवि : तुम्हारी हालत को समझ कर ही तो यह सब कर रहा हूँ जानेमन.

मैं :- पर मैं अपने पति को क्या कहूँगी?

रवि :- कह देना कि रवि मेरे बब्स का नाप ले कर गया है, और यह भी बताना कि कैसे मैनें मसल-मसल कर इनका नाप लिया है और तुम्हारे निप्पल को चूस-चूसकर इनको खड़ा किया है कितनी मेहनत लगी है मुझे सही फिटिंग का नाप लेने में।

और फिर से मेरे निप्पल को चूसते हुए

मैं :- ओह आअहह ईसस्स्सस्स.

रवि :- और यह भी बताना अपने पति को कि कैसे मैनें तुम्हारा गाऊंन उतारा, और तेरे बब्स के दर्शन भी किए, फिर रवि ने सीधे ही मेरे दूसरे निप्पल पर झपट्टा मारा और उसे अपने होंठों के बीच में दबोचकर चूसने लगा, फिर मेरे निप्पल को अपने दांतों में दबाकर भी खींचा।

मैं :- आहह धीरे-से करो रवि दर्द हो रहा है।

फिर रवि कुछ देर तक तो मेरे दोनों निप्पल के साथ यही सब करता रहा, मेरे बब्स को टाईट पकड़कर मेरे निप्पल को दांतों से खींचता और मुझे हल्का सा दर्द होता, फिर उसे चूसकर शांत करता, मैं बस आहह ईससस्स करके इस मीठे दर्द का मज़ा लेने लगी थी।

रवि अब मुझे मेरे गले से लेकर पेट तक चाट और चूम रहा था, और मैं तो पागल सी हुई जा रही थी।

रवि :- तुम्हारे पति ने कभी तुम्हारी चूत को ऐसे चाटा है क्या? नहीं चाटा ना, तो फिर तुम ऐसे पति की चिंता क्यों करती हो जो तुमको कई दिनों तक ऐसे ही प्यासा रखता हो, तुम तो ऐसी बीवी हो जिसको देखकर तो हमेशा ही चुदाई का मूड बन जाता है यह कहते हुए रवि मेरी टाँगो के बीच में आकर मेरी पैन्टी के ऊपर से ही मेरी चूत को अपने मुहँ से दबाने लगा था।

मैं :- ओह रवि उफफफफ्फ़ मेरे राजा तुम तो मुझे पागल ही कर दोगे क्या?

फिर रवि ने मेरी पैन्टी को उतार दिया और मेरा एक पैर पास ही रखी टेबल पर रख दिया टेबल थोड़ी उँची होने के कारण मेरी गीली चूत का मुहँ थोड़ा सा खुल गया था।

रवि :- देखो तो सही तुम्हारी यह चूत लंड लेने के स्वाद में कैसे लार टपका रही है एक लालची बिल्ली की तरह पर पहले मैं इसको चूस-चूसकर पूरा लाल करूँगा।

रवि ने भी अपने पूरे कपड़े उतार दिए थे और उसका लंड शायद 7 इंच का तो होगा ही और 3 इंच मोटा था, बाहर निकलते ही वह मेरे सामने पूरा तन कर खड़ा हो गया था इतना मोटा लंड तो मेरे पति का भी ना था फिर रवि मेरी चूत को थोड़ा और खोलकर अपनी जीभ से चाटने लगा था और मेरी चूत के दाने को भी जीभ से सहलाने लगा था।

मैं :- आहह रवि और जोर से चूसो इस्स्स्स बहुत मजा आ रहा है।

फिर रवि ने अपनी जीभ को गोल और टाईट किया और मेरी चूत के छेद के अंदर बाहर करने लगा।

और फिर हम दोनों ज़मीन पर लेट गए और 69 की पोज़िशन में आ गए और मैं उसके लंड को चूसने लगी और वह मेरी चूत को जीभ से चोद रहा था आप यह कहानी कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे हो मेरे प्यारे दोस्तों।

मैं :- आअहह ओहहह उफफफ्फ़ ईसस्स्स्सस्स और जोर से चूसो रवि मेरी चूत का भी पूरा नाप ले लो इसे काट-काट कर खा जाओ।

और फिर रवि मेरी चूत के दाने को काटने लगा।

इस्स्स्स लिखते हुए भी मेरी चूत ने अभी से पानी ही छोड़ दिया है इतना तड़पाया था उसने मुझे मैं एक बार झड़ ही चुकी थी।

मैं :- रवि अब तो चोद दो मुझे।

फिर रवि ऊपर उठा और मुझे टेबल पर लेटाकर मेरी टाँगों को फैलाकर और मेरी चूत पर थूक लगाकर उसे अंदर-बाहर से अच्छी तरह से चिकना बना दिया।

फिर अपने लंड के टोपे को मेरी चूत के छेद में लगाकर एक धक्का लगाया तो उसका लंड आधा अंदर चला गया था पर बहुत दिनों से चूत सूखी रहने के कारण मुझे सा हल्का दर्द हुआ था।

मैं :- आहह धीरे-से करो रवि

रवि अब अपने लंड को मेरी चूत में अंदर बाहर करने लगा।

रवि :- अब तो मैं इसे चोद-चोदकर पूरा भोसड़ा बना दूँगा, ह्म्‍म्म्फ हमपफ्फ, तुम तो बस चूत मरवाने का मज़ा लो, तेरे पति ने तुझे आज तक अच्छी तरह से चोदा ही कहाँ है, आज होगी तुम्हारी असली चुदाई और तुम देखोगी।

और उसने मेरी टाँगों को फैलाकर एक और ज़ोरदार धक्का मारा।

मैं :- आअहह रवि थोड़ा धीरे करो बहुत दर्द हो रहा है।

रवि :- आज तू बनेगी असली भोसड़ी वाली, ले बहुत ज्यादा लंड खाने का शौक है ना तुमको ले ह्म्‍ंम्पफफफफ्फ़ और ले।

मैं :- जोश में आकर हाँ और डाल अपना लंड, चोद मुझे और ज़ोर-ज़ोरसे चोद राजा, रंडी बना लो मुझे अपनी, आआहहस्सस्स अहह म्‍म्म्ममम.

और फिर रवि का लंड मेरी चूत में फका-फक जा रहा था रवि मेरी बहुत ही प्यारी चुदाई कर रहा था और मुझे बहुत खुशी हो रही थी और मज़ा भी बहुत आ रहा था। मैं अपनी गांड को हिला-हिलाकर उसके लंड के मज़े चूत में ले रही थी।

मैं उस 30 मिनट की चुदाई में 4 बार तो झड़ गई थी, फिर रवि का भी निकलने वाला था तो मैनें कहा कि तुम इसे मेरे मुहँ में ही निकाल दो।

और फिर रवि ने अपना लंड मेरी चूत में से निकालकर मेरे मुहँ में डाल दिया और मेरे मुहँ को चोदने लगा और मैं भी अपने मुहँ में उसके लंड को दबाकर चूस रही थी क्यूंकि मुझे आज पहली बार चुदाई का इतना मज़ा आया था जो की मेरा पति भी नहीं दे पाया था और फिर 5-7 मिनट की मुहँ चुदाई के बाद रवि का कामरस निकल गया जो कि पूरा का पूरा ही मेरे गले से नीचे उतर गया था और फिर मैनें उसका लंड चाट-चाटकर अच्छी तरह से पूरा साफ़ कर दिया और फिर हमने कपड़े पहन लिए।

और फिर रवि ने मेरे होठों को चूसा और मेरे बब्स को मसलते हुए कहा:- कि नाप तो ठीक से ले लिया ना मेडम?

मैं :- हाँ रवि तुम मेरा ऐसे ही अच्छी तरह से नाप लेते रहोगे तो मैं तुमसे और भी ब्लाउज सिलवाऊँगी और इस तरह रवि मुझे आज तक चोदता आ रहा है और हम लोगों को जब भी मौका मिलता है मैं रवि से हर तरीके से चुदाई करवाती हूँ। क्यूंकि मेरी चूत कि तड़प कभी शांत ही नहीं होती दोस्तों और मुझे चुदवाने का बहुत शोक है आप भी आकर मुझे चोद सकते हो।

धन्यवाद !!

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