मेरी प्यास बुझा दो तुम पार्ट :- 1

हाय दोस्तों, Antarvasna मेरा नाम प्रेम Kamukta है और मैं भी आप सभी की तरह कामलीला डॉट कॉम का एक पाठक हूँ और मैनें इस वेबसाईट की लगभग सभी कहानियाँ पढ़ी है और अब मैं आपको अपना परिचय दे देता हूँ मैं एक 19 साल का युवक हूँ और मेरी लम्बाई 6.7 फुट की है और आज मैं जो कहानी आपको बताने जा रहा हूँ वह मेरी और मेरे एक सर की पत्नी की सच्ची कहानी है मैं उस समय 12 वीं में पढ़ रहा था और मेरे जो सर थे वह जोधपुर के रहने वाले थे वह हमारे स्कूल में हमको गणित पढ़ाते थे और मैं गणित में बहुत कमजोर था तो मैनें उनसे बात करके उनके घर पर पढ़ाने के लिये राजी कर लिया और मैं उनके घर पढने के लिये जाने लगा था उनकी उम्र करीब 32 साल की थी वह अपनी बीवी के साथ रहते थे और उनका एक लड़का भी था जो कि हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहा था उसे किसी ने देखा नहीं था उनकी बीवी की उम्र शायद 28-30 साल की होगी लेकिन वह अपनी उम्र से काफ़ी छोटी दिखती थी जब भी मैं उनके घर जाता था तो वह मेरा बहुत ख्याल रखती थी।

मेरे दिल में भी उनके लिए बहुत इज़्ज़त थी लेकिन एक दिन मैनें उनको नहाने के बाद सिर्फ़ पेटिकोट में देखा जो की उनके बब्स पर बँधा हुआ था और नीचे से उनके गोरे-गोर पैर और पिंडलिया खुली हुई थी कितने गोरे पैर थे उनके मैं उनके बब्स को देखता ही रह गया उन्होनें मुझे उनको देखते हुए देखा तो वह थोड़ा मुस्कुराई और शरमाकर अन्दर चली गई मेरा मन अब पढ़ाई में बिल्कुल भी नहीं लग रहा था मेरा लंड अब कड़क होने लगा और किसी तरह से मैं उसको दबा रहा था तो सर ने पूछा कि क्या हुआ? क्या तुमको बाथरूम जाना है? तो मैनें डरते हुए कहा हाँ सर और फिर उन्होनें अपनी बीवी से कहा कि इसको बाथरूम दिखा दो और वह तब तक साड़ी पहन चुकी थी मारवाड़ी तरीके से, मतलब कुछ भाग पेटीकोट में लपेट रखा था और बाकी का आँचल था उनके बब्स उनके बड़े गले के ब्लाउज से आधे से ज़्यादा दिख रहे थे यह नज़ारा देखकर मेरा लंड अब और भी कड़क हो गया था और मेरे 7.5 इंच के मोटे लंड को संभालना मेरे लिए अब और भी मुश्किल हो गया तो मैं वहीं पर अपने लंड के आगे किताब रखकर जैसे ही खड़ा हुआ तो मेरे लंड ने मेरी पेन्ट में तम्बू बना दिया था और सर की बीवी ने यह सब देख लिया और वह बड़ी अदा से मुस्कुराई और मुझसे कहा कि जल्दी आओ बाथरूम इधर है और फिर मैं जल्दी से बाथरूम में गया लेकिन जल्दी में दरवाजा बन्द करना ही भूल गया था।

फिर मैनें अपने लंड को बाहर निकाला लेकिन मेरा लंड ठंडा ही नहीं हो रहा था तो फिर मैं मूठ मारने लगा और 10 मिनट में ही मैनें एक ज़ोर की पिचकारी मारी जो सामने की दीवार पर गई तब जाकर मेरा लंड थोड़ा शान्त हुआ और फिर मैनें उसको अच्छे से धोया और लंड को पेंट के अंदर किया और जैसे ही मैं पीछे की तरफ घूमा तो मैनें देखा कि दीवार के किनारे पर सर की बीवी खड़ी थी इसका मतलब उसने मुझे मूठ मारते हुए देख लिया था और शायद उन्होंने मेरा पूरा लंड भी देख लिया था क्यूंकि वहां से मेरा लंड पूरा साफ़ दिख रहा था तो मैं अपना सिर नीचे करके बाहर निकल आया तब उसने मुझसे धीरे से कहा कि बहुत मोटा और लम्बा है रे तेरा तो और यह कहकर वह जल्दी से चली गई वैसे मुझे वह बहुत अच्छी लगती थी और शायद वह भी मुझे पसंद करती थी लेकिन उसके साथ सेक्स के लिए मैनें कभी भी सोचा नहीं था मेरे सर गणित में बहुत अच्छे थे और उनसे पढ़ने के लिए बहुत से लड़के कोचिंग लगवाना चाहते थे लेकिन उन्होनें सिर्फ़ मुझे ही चुना क्यूंकि समय निकाल पाना उनके लिये बहुत ही कठिन था और फिर घर का सारा काम भी वही देखते थे उनकी बीवी तो मुझे बहुत सेक्सी लगती थी और मुझे यह पता चल गया था कि उनको एक अच्छी चुदाई की चाहत थी और वह इसके लिये किसी को ढूँढ रही थी जबकि सर को लगता था कि एक बच्चा तो है ही तो अब सेक्स करने की कोई ज़रूरत नहीं है यह सब बातें मुझे तब पता चली जब मैं उनकी बीवी के संपर्क में और ज्यादा आया और उनकी डायरी पढ़ी मैनें उनकी यह डायरी उनकी अलमारी से निकालकर पढ़ी थी उस डायरी में मेरे बारे में भी लिखा था कि मैं एक सुन्दर लड़का हूँ और मैं बहुत ही गरम भी हूँ और जो भी लड़की मुझसे चुदवाएगी उसकी तो किस्मत ही खुल जाएगी जिस भी लड़की को मेरा यह लंड मिलेगा वह बहुत ही नसीब वाली होगी और अगर मुझे भी मौका मिला तो मैं भी इस लड़के से एकबार ज़रूर चुद्वाऊँगी और अपनी चूत की प्यास बुझाऊंगी उनकी डायरी की यह लाइनें मेरे दिमाग़ में घूम रही थी कि वह भी मुझसे चुदवाना चाहती थी लेकिन वह अपने पति से भी डरती थी और फिर उस दिन के बाद उनके प्रति मेरी नज़र भी बदल गई थी उसके उफनते हुए जवान बदन को याद करके मैं अब रोज ही मूठ मारने लगा था और मैनें भी सोचा कि इसे एक मौका दिया जाए लेकिन कैसे? तो फिर एक दिन मैनें उनके मोबाईल पर फ़ोन किया और कहा कि आज मैं 4 बजे आऊँगा और यह बात आप सर को भी बता देना वैसे मुझे यह भी मालूम था कि सर 4 बजे तो लाइब्रेरी को जाते है और रात के 8 बजे तक वापस आते है इसलिए ही मैनें यह बात उनको जानबूझकर कही थी।

यह मेरी तरफ से उनको इशारा था क्योंकि उन्होंने मेरे लंड को देख लिया था और तब से ही मैनें उनकी आँखों में भी एक प्यास देखी थी और मैं उनके घर पर ठीक 4.15 पर पहुँच गया था दरवाजा उन्होनें ही खोला तो मैनें देखा कि आज उन्होनें एक पारदर्शी साड़ी पहन रखी थी और एक गहरे गले का ब्लाउज भी उनके बब्स ब्लाउज को फाड़कर बाहर निकलने को हो रहे थे क्योंकि उनका ब्लाउज थोड़ा छोटा था और साड़ी नाभि के बहुत नीचे बँधी हुई थी जिससे आज उनका गोरा-गोरा पेट और पतली कमर भी साफ दिख रहे थे उनका गोरा पेट और चिकनी कमर देखकर मेरा लंड हरकत में आ गया था अन्दर आने के बाद उन्होनें मुझे बैठने को कहा और पानी लाने के लिए अंदर चली गई और वापस आकर मुझे पानी देते हुए वह इस तरह से झुकी कि उनके मदमस्त बब्स मेरे सामने आ गए थे उफ… वह घाटी और रसदार चूचियाँ देखकर मेरे मुँह में तो पानी आ गया था और फिर वह सोफे पर मेरे करीब आकर बैठ गई थी तो मैनें उनसे हिचकिचाते हुए जानबूझकर पूछा कि सर कहाँ है और क्या आपने मेरे आने के बारे में सर को बता दिया था ना? या आप भूल गई? तो फिर उन्होनें मुझसे कहा कि मैनें सर को कुछ नहीं कहा तो मैनें उनसे पूछा कि क्यों नहीं कहा? तो उन्होनें कहा कि आज मैं तुमको पढ़ाऊँगी यह कहते हुए वह अपने रसीले होठों को अपने दाँतों से दबा रही थी और काट भी रही थी फिर मैनें उनसे कहा कि आप मज़ाक कर रही हो ना तो उन्होनें कहा कि नहीं मैं सच कह रही हूँ तब मैनें उनसे कहा कि आप कौनसा सवाल सिखाओगी? तो उन्होनें कहा कि मैं तुमको गणित नहीं सिखाऊंगी यह बात उन्होनें बड़े ही शरारती अंदाज़ में कही तो मैनें उनसे पूछा कि तो फिर क्या सिखाओगी? तो वह चुप रही और मेरे और भी करीब आ गई और मेरा हाथ पकड़ लिया और कहा कि आज मैं तुम्हारी परीक्षा लेने वाली हूँ तो मैनें कहा कि कैसी परीक्षा? तो उन्होनें कहा कि ज्यादा भोले मत बनो तुम सब जानते हो कि मैं क्या कहना चाहती हूँ मुझे मालूम था कि वह भी मुझसे चुदवाने के लिए बेताब हो रही थी और फिर उन्होनें मेरा हाथ पकड़ा और खड़ी हो गई और मुझे अपने बेडरूम में ले गई और फिर मेरे गाल पर एक किस किया।

और मेरी शर्ट और पेन्ट को खोल दिया उनके ऐसा करने से मुझे भी मज़ा आ रहा था उनका नरम हाथ मेरे बदन पर घूम रहा था अब उन्होनें मेरी बनियान को भी उतार दिया था और मैनें भी अब उनका पल्लू नीचे गिरा दिया था तो उनकी बड़ी-बड़ी रसभरी चूचियाँ मेरे सामने थी मैं थोड़ा घबरा भी रहा था लेकिन मुझे मज़ा भी आ रहा था उनकी चूचियों को देखकर मेरा लंड अब और भी कड़क होने लगा था उनकी तनी हुई चूचियाँ किसी भी मर्द को गरम करने के लिए काफी थी अब मैनें उनको अपने गले से लगा लिया और उनके होठों को अपने होठों में क़ैद कर लिया और चूसने लगा था उनके हाथ मेरी पीठ और सीने पर घूम रहे थे और मेरा हाथ उनकी पीठ पर घूम रहा था उनके गोल-गोल कूल्हों को भी मैनें खूब दबाया जिससे उनके मुँह से सिसकारी सी निकल पड़ी..आह्ह्ह ईससस्स.. और मैं उनके होठों को बहुत ज़ोर-जोर से चूस रहा था और फिर मैनें अपनी जीभ उनके मुहँ में डाल दी तो वह अब उसको भी चूसने लगी थी उनकी चूचियाँ मेरे सीने में दब रही थी बहुत ही कसकर लिपटी हुई थी वह मुझसे अब मैनें पीछे से उनके ब्लाउज के हुक को खोल दिया था और फिर वह बेड पर बैठ गई थी और मेरे गले और छाती को चूमने लगी थी और मैनें भी उनको थोड़ी देर ऐसा ही करने दिया लेकिन अब मैं भी गरम हो गया था और अब मुझसे भी सब्र नहीं हो रहा था तो मैनें उनको दूर धकेला और उनका ब्लाउज खोल दिया उन्होनें गुलाबी रंग की जालीदार ब्रा पहन रखी थी अब मैनें उनकी उस ब्रा में अपने दोनों हाथ डाल दिये और उनके बब्स को अपने हाथ में पकड़ लिया अब उनके बब्स मेरे हाथों में थे और मैनें उनके होठों को चूमना शुरू किया और उनके नीचे वाले होंठ पर काट भी लिया था जिससे वह सिसक उठी.. उम्म.. आहह.. और अब मैनें उनकी गरदन पर अपने होंठ रखे और वहाँ भी किस किया और उनकी गरदन को जीभ से सहलाया तो उनकी आँखें अब बंद हो गई थी और वह आहह ऊऊह्ह्ह जैसी आवाजें निकालने लगी थी अब मैनें उनकी गरदन से थोड़ा नीचे आकर उनके दोनों बब्स के बीच में अपने होंठ रखे और उनको थोड़ा जीभ से चाटा और फिर हल्के से दाँत भी लगा दिए जिससे वह इस्स्स्स.. उउईईईई… करके चिल्ला उठी थी।

अब मैनें उनके निप्पल को अपने मुँह में लिया और चूसने लगा तो उन्होनें मेरा सिर अपने सीने पर दबाया और कहा कि पूरा ही मुहँ में ले लो ना आह… इनको पूरा ही खा लो तो मैं अब समझ गया था कि अब वह भी मज़ा ले रही है और गरम भी हो गई है तो मैनें उनके पूरे बब्स को अपने मुँह में लेने की कोशिश करी पर निप्पल को ही ले सका और दूसरे हाथ से उनके दूसरे बब्स को सहला रहा था और उनकी निप्पल को मसल भी रहा था यह सब मैनें एक-एक कर उनकी दोनों चूचियाँ के साथ किया था मैं उनके बब्स पर बीच-बीच में हल्के से काट भी लेता जिससे वह चिल्ला उठती थी आहह काटो मत बस चूसो.. ज़ोर से.. हह्ह्ह.. उनका बदन गोरे से लाल हो गया था मैं उनकी चूचियों के साथ बड़ी बेदर्दी से पेश आ रहा था इधर मेरा लंड भी बहुत कड़क हो चुका था और बाहर आने को तड़प रहा था तो मैनें उनको इशारा किया तो उन्होनें मेरा अंडरवियर नीचे खींचा जिससे मेरा लंड उछलकर बाहर आ गया था तो उन्होनें कहा कि सच में तुम्हारा लंड बहुत ही मस्त है मैनें उस दिन कहा था ना कि इतना लंबा और मोटा लंड मैनें पहले कभी नहीं देखा था और फिर उन्होनें मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़कर सहलाना शुरू किया और फिर उसके टोपे को किस भी किया और अपनी जीभ से चाटा और फिर उसे अपने मुँह में लेकर चूसने लगी आप लोगों को बता दूँ कि उसके चेहरे को देखकर ऐसा लग रहा था कि जैसे किसी भूखे को पकवान की थाली मिल गई हो वह मेरे लंड को बहुत ही आराम से चूस रही थी वह मेरे लंड को चूस रही थी और मैं सातवें आसमान पर था.. आहह.. अब मैनें भी उनका साथ देते हुए उनके मुँह को चोदना शुरू कर दिया था उन्होनें अपने होठों को गोल कर लिया और मेरे अन्दर-बाहर होते हुए लंड पर दबा रही थी वह लंड चूसने में बहुत माहिर लग रही थी और फिर मुझे लगा कि अब मेरा माल निकल जाएगा तो मैनें उनका सिर पीछे हटाना चाहा तो उन्होनें मुझसे इशारे से पूछा कि क्या हुआ? तो मैनें कहा?

पढ़ते रहिए.. क्यूंकि यह सेक्स कहानी अभी जारी रहेगी।

धन्यवाद प्यारे पाठकों !!

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