रेल के सफ़र की हसीन रात

हाय फ्रेंड्स, Antarvasna मैं आपका अपना रवि कामलीला डॉट कॉम पर एकबार फिर से आप सभी का स्वागत करता हूँ मेरी पिछली कहानी को आप सभी ने पसंद किया और मुझे ढेर सारे ई-मैल भी मिले मैं इस वेबसाइट का नियमित पाठक हूँ और मुझे इसकी सभी कहानियाँ बहुत अच्छी लगती है तो दोस्तों मैं आप सभी का ज़्यादा समय नहीं लूँगा और अपने पिछले वादे के अनुसार अपनी नई कहानी लेकर आया हूँ और हाँ दोस्तों कहानी अच्छी लगे या बुरी मुझे मेल करके ज़रूर बताए आपके अनमोल सुझाव हमारा बेहतर मार्गदर्शन करेंगे।

जैसा कि मैनें आपको पहले भी बताया है कि मेरी उम्र 27 साल है और मेरा नाम रवि है और मैं वडोदरा का रहने वाला हूँ तो दोस्तों अब मैं अपनी कहानी शुरू करता हूँ आज जो कहानी मैं आप सभी को बताने जा रहा हूँ वह एक सच्ची घटना है जो अभी हाल ही की है जब मैं वडोदरा से मुम्बई के लिए जा रहा था तो मैनें अपना टिकट बुक करवाया।

और मैं जैसे ही स्टेशन पर पहुँचा तो जैसी मेरी आदत है वैसे ही मेरी नज़र लड़कियों को देखने लगी फिर वहाँ मैनें एक लड़की को देखा जिसने पीले रंग की टाईट टी-शर्ट और काले रंग की जीन्स पहन रखी थी दोस्तों क्या फिगर था उसका एकदम मस्त माल थी वह तो उसके बब्स एकदम खड़े और टाईट लग रहे थे और उसकी गांड भी मस्त उभरी हुई थी मैं बहुत देर तक उसे ही देखता रहा उसके साथ-साथ मैं और लड़कियों को भी देख रहा था इतने में मेरी ट्रेन आ गई और मैं ट्रेन मैं चढ़ गया और अपना बर्थ देखने लगा मेरा बर्थ ऊपर की तरफ था और ठीक उसके नीचे वाले बर्थ पर एक परिवार था जिसमें दादा-दादी, मदर और दो बच्चे और एक मस्त फिगर वाली एक लड़की थी जिसकी उम्र लगभग 18-19 साल की होगी।

मैनें जैसे ही उसे देखा तो मैं उसे देखता ही रहा उसके बब्स थोड़े छोटे-छोटे, होंठ मस्त गुलाबी से और उसकी गांड उठी हुई और जाँघें भरी हुई थी उसने एक नीले रंग की टी-शर्ट और स्कर्ट पहन रखी थी जिसमें से उसके मस्त चिकनी टाँगें दिख रही थी मैनें सोचा अभी इसके साथ में इसके घर वाले भी है तो कुछ कर भी नहीं सकता था फिर मैं अपने बर्थ के ऊपर चला गया और ट्रेन भी चल पड़ी।

फिर मैं उन लोगों से कुछ-कुछ बात भी करने लगा लेकिन मेरी नज़र तो उस लड़की पर ही थी जो अपने दोनों भाइयों के साथ बात कर रही थी और कभी-कभी मुझे भी देख रही थी मैं ऊपर की बर्थ पर था तो इसलिए मैं कभी-कभी नीचे कि ओर देख रहा था और उस लड़की के बब्स को देख रहा था और अपने लंड को भी दबा रहा था इसी बीच 1-2 घंटे बीत गए।

मैं अपने साथ लिम्का मैं थोड़ी दारू मिक्स कर के लाया था तो मैं धीरे-धीरे उसे पीने लगा और अपना मोबाईल खोलकर उसमें कुछ वीडियो देखने लगा अब मुझे नशा सा होने लगा था और नीचे भी वह लोग सोने की तैयारी करने लगे थे फिर मैनें देखा की वह लड़की सोने के लिए मेरे ही सामने वाले ऊपर के बर्थ पर आ गई मैं तो वीडियो देखने में मस्त था फिर मैनें देखा कि वह मेरी तरफ लेटकर वीडियो देखने की कोशिश कर रही है तो मैनें अपने मोबाईल की स्क्रीन को तोड़ा उसकी तरफ कर दिया और मैं अपना बाकी का बचा ड्रिंक पीने लगा।

नीचे सभी लोग सो गए थे सिर्फ हम दोनों ही जाग रहे थे फिर मैनें इशारे से उसको पूछा कि तुमको वीडियो दिखाई दे रहा है ना? तो उसने भी इशारे मैं हाँ कहा अब मैनें थोड़े सेक्सी से वीडियो लगा दिए पूरे डिब्बे में सब सो चुके थे और चारो तरफ अंधेरा ही अंधेरा था सेक्सी वीडियो देखने से मेरा तो लंड खड़ा हो गया था और मैं अपने हाथ से दबा-दबा कर उसे शान्त करने की कोशिश कर रहा था मैनें सोचा की क्यों ना इसी के साथ कुछ मजा किया जाए तो मैनें एक प्लान बनाया फिर मैनें देखा कि वह लड़की बड़े गौर से अभी भी वीडियो को देख रही थी मैनें ट्रेन में चारों तरफ देखा कि सभी सो तो गये है ना फिर मैनें अपना मोबाईल थोड़ा सा अपनी तरफ कर लिया ताकि उस लड़की को ठीक से दिखाई ना दे।

ऐसा करने पर मैनें देखा कि वह थोड़ा इधर-उधर होकर देखने की कोशिश कर रही थी तो मैनें मोबाईल को और अपनी तरफ कर लिया और ऐसा जाहिर किया की मुझे मोबाईल रखने में तकलीफ़ हो रही है फिर मैनें धीरे से उस लड़की से बोला कि कुछ देर के लिए तुम मोबाईल को पकड़ो तो उसने हाँ में अपना सिर हिलाया और फिर मैनें अपना मोबाईल उसको दे दिया।

कुछ देर तो ऐसे ही चलता रहा फिर मैनें देखा कि मोबाईल पकड़ने में उसको भी अब दिक्कत हो रही थी तो मैनें उसे धीरे से कहा कि तुम मेरी बर्थ पर आ जाओ और मोबाईल को अपने बर्थ पर रख दो ताकि हम दोनों आराम से देख सके तो उसने थोड़ी देर सोचा और फिर नीचे देखा कि सभी सो रहे है कि नहीं और फिर वह मेरी बर्थ पर आ गई और मैनें अपना कंबल उसके ऊपर भी डाल दिया मैं और वह ऐसे सोए हुए थे कि उसकी गांड मेरी तरफ थी मुझे तो अब मजा आ गया था और मैनें सोचा कि आज तो इसकी मस्त मुलायम गांड को सहला-सहलाकर इसका मजा लूँगा फिर हम दोनों वीडियो देखने लगे।

हम दोनों एक ही बर्थ पर होने की वजह से वह मुझसे एकदम चिपकी हुई थी फिर मैनें धीरे से उसका नाम पूछा तो उसने अपना नाम रेणु बताया उसकी गांड की गर्मी से मेरा लंड पूरा ही टाईट हो गया था तो मैनें उसे थोड़ा पीछे खिसकने के लिए बोला तो वह मेरे लंड से और भी चिपक गई मुझे तो बहुत मजा आ रहा था।

फिर मैनें अपने हाथ से अपने लंड को सेट करके ठीक उसकी गांड के सामने किया और अपना एक हाथ उसकी गांड पर रख दिया और धीरे-धीरे उसे सहलाने लगा ट्रेन के हिलने की वजह से हम भी आगे-पीछे हो रहे थे और मैं इसका पूरा फायदा उठाते हुए उसकी गांड में अपने लंड को रगड़ रहा था अब मुझसे सब्र नहीं हो रहा था तो मैनें उसकी स्कर्ट को ऐसे उठाया कि जैसे लगे कि मैं कंबल को ठीक कर रहा हूँ और फिर मैनें उसकी स्कर्ट को उसकी कमर तक कर दिया और अपना एक हाथ उसकी जाँघ पर रख कर धीरे-धीरे सहलाने लगा और मैं अब उसकी पैन्टी तक पहुँच गया था विडियो देखकर उसको भी कुछ-कुछ हो रहा था फिर मैनें महसूस भी किया कि वह भी कभी आगे जाती तो कभी पीछे और मुझे भी बहुत मजा आ रहा था।

रेणु अभी भी वीडियो देख रही थी फिर मैनें एक हाथ से अपनी जीन्स का बटन खोलकर और अपने लंड को निकालकर उसकी गांड से चिपका दिया और मजा लेने लगा मेरे लंड और उसकी गांड के छेद के बीच में केवल उसकी पैन्टी ही थी फिर भी मुझे उसकी मुलायम गांड पर अपने लंड को फेरने में बहुत मजा आ रहा था फिर मैनें यह पाया कि वह भी अपनी गांड को मेरे लंड पर दबा रही थी तब मैनें सोचा की क्यो ना अब थोड़ा और कुछ किया जाए तो मैनें धीरे से अपने हाथ को उसके बब्स पर रख दिया और धीरे-धीरे उनको सहलाने लगा बहुत ही टाईट बब्स थे मैं धीरे-धीरे उनको मसल रहा था।

अब मुझे महसूस हुआ कि रेणु भी अब थोड़ी-थोड़ी गरम हो रही थी फिर मैनें उसके गालो पर भी किस करना चालू कर दिया और मैनें धीरे से रेणु से पूछा कि तुमको भी आ रहा है ना मज़ा? तो उसने धीरे से हाँ कहा तो मैं खुश हो गया कि मछली जाल में फँस गई है अब आगे और कुछ करने में ज्यादा दिक्कत नहीं होगी तो मैनें अब धीरे-धीरे अपना हाथ उसकी स्कर्ट में ले जाकर मैनें अपना हाथ उसकी चूत पर ले गया तो मैनें उसपर हल्के-हल्के बाल महसूस किए और मैं उसको रगड़ने लगा।

मुझे तो ऐसा करने में बड़ा मजा आ रहा था अब मैनें अपनी एक ऊँगली उसकी चूत में डालकर थोड़ा अंदर बाहर करने लगा तो वह भी मज़े से आगे-पीछे होने लगी तो मैं समझ गया कि अब यह चुदने के लिए पूरी तरह से तैयार है तो मैनें अपना हाथ उसकी पैन्टी से निकालकर उसकी पैन्टी को धीरे से उतार दिया और उससे बोला कि अपनी स्कर्ट को थोड़ा सा ऊपर कर ले तो उसने अपनी स्कर्ट को पूरा ही ऊपर कर लिया और मैनें भी अपनी जींस को उतार दिया।

अब हम लोग कमर से नीचे पूरे ही नंगे थे मैनें अपने लंड को उसकी गांड के छेद पर फिट करके रगड़ने लगा और एक हाथ से उसकी चिकनी जाँघो और चूत को सहला रहा था मुझे बड़ा ही मजा आ रहा था उसकी नाज़ुक गांड से खेलने में।

मैं अब अपना लंड ज़ोर-ज़ोर से उसकी गांड पर रगड़ने लगा और आँखे बंद करके उसके गालों को चूमने लगा इधर रेणु भी सीईईई आह्ह्ह की आवाजें निकाल रही थी 10-12 मिनट तक ऐसा करने के बाद मेरा पानी निकल गया और उसकी गांड पर गिर गया फिर मैनें झट से अपना रुमाल निकालकर उसकी गांड को साफ़ किया और उससे पूछा कि तुमको भी मजा आया ना मेरी जान तो उसने कहा हाँ बहुत मजा आया फिर मैनें नीचे देखा तो सभी लोग सो रहे थे ट्रेन भी पूरी गति से चल रही थी।

अब मैनें अपने मोबाईल को बंद कर दिया और रेणु से बातें करने लगा कि तुम कहा रहती हो और कौनसी कक्षा में पढ़ती है तो उसने बताया की वह अहमदाबाद के मणि नगर में रहती है और 12 वीं में पढ़ती है मैनें सोचा कि क्या मस्त माल मिला है आज तो और वह भी एक स्कूल का ऐसा सोचते हुए मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा फिर मैनें उससे कहा कि वह मेरे लंड को पकड़कर हिलाए और अपनी गांड से भी रगडती रहे फिर वह ऐसा ही करने लगी और मैं अपने एक हाथ से उसकी चूत और दूसरे हाथ से उसके बब्स को दबाने लगा था अब मैनें अपनी एक ऊँगली को धीरे-से उसकी चूत में डाला और आगे-पीछे करने लगा इसपर रेणु आहह करने लगी तो मैनें उससे कहा कि धीरे-धीरे आवाज़ निकालो नहीं तो सब जाग जाएँगे तो फिर उसने वैसा ही किया।

अब मेरा भी मूड एकदम पागल सा हो गया था और मैनें उसके पैरों को थोड़ा फैलाया ताकि उसकी चूत थोड़ी पीछे हो जाए और फिर मैनें थोड़ा सा थूँक लेकर थोड़ा अपने लंड पर और थोड़ा उसकी चूत पर लगाया और अपने लंड को उसकी चूत पर रगड़ने लगा उसकी चूत इतनी मुलायम थी कि मुझे तो ऐसा लग रहा था कि मेरा तो पानी फिर से निकल जाएगा लेकिन मैनें थोड़ा धीरज से काम लिया और उससे बोला कि उसको शुरू में थोड़ा सा दर्द होगा तो तुम चीखना मत उसके बाद में बड़ा मजा आएगा तो उसने कहा ठीक है।

अब मैनें अपने लंड के टोपे को उसकी चूत पर फिट करके धीरे-धीरे अपने लंड को उस मक्खन जैसी कुँवारी चूत में डालने लगा लेकिन मेरा लंड थोड़ा सा ही अन्दर जाकर फिसल रहा था तो फिर मैनें तुरंत थोड़ा सा और थूँक अपने लंड पर लगाया और थोड़ा और ज़ोर से उसकी चूत में अपने लंड को डाला इस बार मेरा लंड थोड़ा सा अन्दर घुस गया और मुझे भी मेरे लंड पर थोड़ा सा दर्द महसूस हुआ और इधर रेणु भी ओह ओह आईईई करने लगी तो मैनें उसके गालों पर किस करके उसको थोड़ा शान्त करने की कोशिश करी लेकिन वह मेरे लंड को झेल नहीं पा रही थी तो वह अपना पैरों को थोड़ा इधर-उधर पटकने लगी और मेरे लंड को अपनी चूत से खींचकर बाहर निकाल दिया।

मैनें उससे पूछा कि क्या हुआ तो वह बोली कि बहुत दर्द कर रहा है तो मैं उसकी गांड पर अपना लंड रगड़ने लगा और उसके गालों पर किस भी करने लगा ताकि वह थोड़ी शांत हो जाए, 10-12 मिनट तक मैं उसके गालों पर किस करता रहा तब जाकर वह कुछ शान्त हुई अब मैनें फिर से अपने लंड को उसकी चूत में घुसाने की कोशिश की लेकिन मेरा लंड थोड़ा ही घुस पा रहा था अब मैनें सोचा काफ़ी टाइट चूत है फिर मैनें पास से एक दूसरी ट्रेन गुजरी तो उसकी तेज आवाज के साथ ही उसके होठों को अपने होठों से बन्द करके एक जोर का धक्का मारा तो वह मछली की तरह तड़प उठी उसकी आँखों से आँसू भी आ गए थे और मेरा लंड भी अब पूरा ही उसकी चूत में घुस चुका था वह दर्द की वजह से रोए जा रही थी और अपने नाखूनों से मुझे नोंच भी रही थी और मैं वैसे ही उसके ऊपर लेटा रहा फिर जब वह थोड़ी शान्त हुई तो मैनें अब धीरे-धीरे अपने लंड को आगे-पीछे करना शुरू किया तो थोड़ी देर बाद रेणु भी अपनी गांड को उठाकर मेरा साथ देने लगी थी अब मैं कभी उसके होठों को चूमता तो कभी उसके बब्स को चूसता और नीचे से उसकी चुदाई भी चालू थी और वह मेरे लंड के मज़े ले रही थी करीब 30 मिनट की धका-धक चुदाई के बाद हम दोनों ही हल्के-हल्के झटकों के साथ झड़ गए और एकदूसरे से चिपककर झड़ने का आखिर तक मजा लेते रहे और फिर 10 मिनट बाद हमने अपने-अपने कपड़े पहन लिए और वह भी अपनी बर्थ पर चली गई थी और हम दोनों ही सो गए थे फिर जब सुबह मेरी आँख खुली तो वह वहाँ पर नहीं थी मेरी बर्थ पर एक कागज का टुकड़ा पड़ा हुआ था जिसमें लिखा था कि रात की चुदाई के लिए धन्यवाद और उसमें उसका फ़ोन नंबर भी था उसके बाद मैनें उससे आज तक फ़ोन पर ही बात करी है हमारी दुबारा मुलाकात अभी तक नहीं हुई है।

धन्यवाद प्यारे पाठकों !!

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