चुदाई का सफ़र 2

हाय फ्रेंड्स Kamukta आप सब Antarvasna कैसे हो? और मैं आशा करता हूँ कि आप सभी हमारी नई पहल चोदूराजा की कहानियों की श्रंखला को जरूर पसंद कर रहे होंगें।

और अब तक आपने पढ़ा कि कैसे 19 साल की उम्र में मेरे ताऊजी की लड़की ने मुझे सेक्स का अनुभव करवाया था।

अब आगे..

अब तो जैसे मेरी और सीमा की मौज ही आ गई थी।

ताऊजी की नौकरी दिल्ली में ही थी और वहीं पर उनको कम्पनी की तरफ से घर मिला हुआ था तो ताईजी भी ज़्यादातर उनके पास ही रहती थी और विशाल कॉलेज में पढ़ता था तो कभी-कभी दिल्ली चला जाता या फिर कभी यहाँ पर आ जाता था लेकिन दोपहर में स्कूल से आने के बाद 1 बजे से शाम को 5 बजे तक जब तक विशाल भी कॉलेज से घर आ जाता था तब तक तो पूरे घर में हम ही होते थे सीमा ने चूस-चूसकर मेरा लंड अब बहुत बड़ा कर दिया था और वह कहती थी कि इसे मैं अपने लिए ही बड़ा कर रही हूँ और एक दिन इसके साथ बहुत मज़ा करुँगी उसके साथ-साथ मेरे भी मज़े थे और ऐसे ही चूमा-चाटी में समय बीत रहा था।

अब मेरे लंड में से भी ज्यादा माल निकलने लगा था और सीमा मेरा सारा माल पी जाया करती थी और वह भी कमाल की बनती जा रही थी मौहल्ले के सारे बच्चे दिन में यहीं पर खेलने आते थे कभी-कभी तो रानी भी आ जाया करती थी और हम घर-घर भी खेला करते थे जिसमें सीमा मेरी पत्नी कभी रानी और कभी सोनी मेरी पत्नी बनती थी लेकिन मेरी सुहागरात सिर्फ़ सीमा के साथ ही मनती थी।

ऐसे ही दिन कटते गये और अब मैं 21 साल का हो गया मेरा लंड भी अब 6.5 इंच का हो गया था अब घर में सीमा की शादी की बातें चलने लगी थी उसके लिए एक लड़का भी देखा गया और वह दिल्ली से ही था और बहुत ही सुन्दर भी था लेकिन सीमा मुझे छोड़ना नहीं चाहती थी वह कहती थी कि मैनें इतनी मेहनत से तुम्हारा लंड इतना बड़ा किया है किसी दूसरे से शादी करने से मेरी सारी मेहनत ही खराब हो जाएगी लेकिन जब भी मैं उसकी चूत मारने की कोशिश करता था तो वह मना कर देती थी।

फिर एक दिन लड़के वाले उसको देखने आए थे और मैं भी कॉलेज से आया और सीधे ही उनके घर चला गया सब इस रिश्ते से बहुत खुश थे लड़का बहुत सुन्दर था वह भी सीमा को देखकर खुश था मैं भी ऊपर से तो खुश था लेकिन बस एक बात का दुःख था कि काश एक बार सीमा की चूत मार लेता तो मज़ा आ जाता फिर सब अपने-अपने घर चले गए और मैं सीमा के पास गया तो वह मुस्कुराते हुए बोली कि कैसा लगा?

मैंने कुछ नहीं कहा. तो सीमा फिर से बोली कि पसंद नहीं आया क्या? फिर मैनें कहा कि दुश्मन भी कभी पसंद आता है क्या. फिर सीमा हँसने लगी और 6 महीने के बाद सीमा की शादी होनी तय हो गई थी सब कुछ फिर वैसा ही हो गया था ताऊजी दिल्ली चले गये थे ताईजी को लेकर और विशाल भी साथ गया था शायद कुच्छ खरीददारी के चक्कर में. मुझे यहाँ सीमा के साथ ही रहने को कहा गया था मेरा तो मानों हाल ऐसा था जैसे बिल्ली को दूध की रखवाली को छोड़ा गया हो।

शाम तक क्रिकेट खेलने के बाद मैं अपने घर गया मम्मी को बताया कि ताईजी और विशाल ताऊजी के साथ दिल्ली गये है और मुझे उनके घर पर रहना पड़ेगा फिर मम्मी ने हाँ कहा और मैं उनके घर चला गया सीमा उस समय घर का काम कर रही थी ठीक 7.30 का समय हो रहा था और अब तक तो हमारे गाँव में केबल टीवी भी आ चुकी थी मैं बेड पर लेटकर टीवी देख रहा था. तभी घर का फोन बजा मैनें सीमा से कहा तो उसने कहा कि तुम ही उठा लो तो फिर मैनें फोन उठाया तो उधर से ताईजी की आवाज़ आई. ताईजी ने कहा कि अच्छा हुआ कि जो तू आ गया. फिर मैनें पूछा कि विशाल भैया कब तक आएँगे तो ताईजी ने बताया कि कल वह लोग कुछ सामान लेने बाजार जाएँगे तो विशाल परसों तक आ जाएगा. फिर मैनें कहा कि ठीक है ताईजी. और ताईजी ने यह भी कहा कि दरवाजा ठीक से बन्द करके सोना. मैनें कहा हाँ और फिर उन्होनें फोन रख दिया।

उसके बाद मैं टीवी देखने लगा और तब तक सीमा भी अपना काम खत्म करके आ गई थी और मेरे पास आकर बैठ गई थी. मैं एक तरफ करवट लेकर लेटा हुआ था और वह मेरे लंड से चिपककर बैठी हुई थी लेकिन मेरा लंड अभी तक सोया हुआ था और मैं टीवी में चेनल बदल रहा था तो सीमा ने पूछा कि तुमको क्या हो गया है एक जगह पर ही चलने दो ना. फिर मैनें एक इंगलिश चेनल आता था उस पर लगा लिया उसपर सेक्सी फ़िल्में आती थी उसपर एक सेक्सी फिल्म आ रही थी जिसमें एक सेक्सी सा सीन आ रहा था जिसे देखकर मेरा लंड अब खड़ा होने लगा और सीमा की गांड को छूने लगा था. फिर मैनें धीरे से अपना एक हाथ सीमा की जाँघ पर रख दिया यह तो एक साधारण सी बात थी हमारे बीच में. और मैं उसकी जाँघ को सहलाने लगा और फिर बब्स को भी सहलाने लगा. अब मैनें अपना हाथ उनके सूट के अंदर डाल दिया और समीज के अंदर हाथ डालकर उनके बब्स को दबाने लगा अब मेरा लंड बिल्कुल खड़ा हो चुका था और सीमा की गांड में चुभने लगा था अब धीरे-धीरे मैनें उनको अपनी बगल में लेटा लिया और सीमा कहने लगी कि अभी तो खाना बनाना है तो मैनें कहा कि बाद में बना लेना।

अब मेरा एक हाथ उनके नीचे से होता हुआ उनके बब्स को दबा रहा था और दूसरे हाथ को उसकी सलवार में डालकर उसकी पैन्टी के ऊपर से ही सहलाने लगा और फिर एक ऊँगली से उसकी चूत को कुरेदने लगा।

थोड़ी ही देर में उसकी चूत गीली सी होने लगी तो मैनें अपनी बीच वाली ऊँगली को उसकी चूत में डाल दिया अब तक मैनें उसके नीचे का सारा हिस्सा पूरा नंगा कर दिया था. सीमा अब तेज-तेज सिसकारी लेने लगी थी और तेज-तेज ही साँसें भी लेने लगी थी और कहने लगी कि ईस्स्स्स सीईईई यह तुम क्या कर रहे हो मुझे अभी खाना भी बनाना है. और इधर मैं भी सातवें आसमान पर था मैं अब और तेज-तेज ऊँगली करने लगा था और उसकी चूत से रिसाव होने लगा था फिर मैं नीचे गया और उसकी चूत को अपनी जीभ से चाटने लगा अपनी जीभ को गोल करके उसकी चूत को चोदने लगा।

अब सीमा कसमसाने लगी थी और उसने अपनी टाँगों को हवा में उठाकर मोड़ लिया और मेरे सिर को ज़ोर से अपनी चूत पर दबाने लगी और उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया पर मुझे पानी का स्वाद बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता और मैनें अपना मुहँ उसकी चूत से हटा लिया और सीमा अब अकड़कर ढीली पड़ गई थी और अब उसकी बारी थी तो मैनें अपना लंड बाहर निकाला और सीमा को उसे चूसने को कहा तो उसने मेरी पेन्ट उतारी फिर अंडरवीयर और शर्ट भी. और मुझे पूरा नंगा कर दिया और कहा कि मेरे राजा आज तुमने मुझे बहुत मज़ा दिया है और अब मैं भी तुमको मज़ा दूँगी और मेरे लंड को सहलाने लगी और थोड़ी देर सहलाने के बाद मेरे लंड के टोपे को अपनी जीभ से चाटने लगी और वह इतने प्यार से चाट रही थी जैसे वह कोई लोलीपॉप को चाट रही हो उसके चाटने से मैं भी बार-बार उछल सा जाता था उस समय मेरी आँखे बंद थी फिर मुझे महसूस हुआ कि उसने अब चाटना बंद कर दिया।

फिर मैनें अपनी आँखे खोली तो देखा कि वह तो वहाँ है ही नहीं. फिर मैं उठा और देखा कि वह तो किचन में ही थी. तब मैं किचन में उसके पास गया तो वह बोली कि खाना नहीं खाना है क्या? तो मैनें बोला कि आज तो तुमको खाकर ही काम चला लूँगा और फिर वह हँसने लगी और बोली कि थोड़ी देर रुक जाओ बस थोड़े से चावल बना लेती हूँ जल्दी से. और मैं अपना आधा खड़ा लंड लिए उसके पीछे बिल्कुल नंगा ही खड़ा था और उसने भी बस सूट ही पहना हुआ था और नीचे कुछ भी नहीं पहना हुआ था मैं उसके साथ चिपककर खड़ा हुआ था उसके पीछे से हाथ आगे ले जाकर उसके बब्स को दबा रहा था वह उधर कुक्कर में चावल डालने लगी और इधर मेरा लंड पूरा तन के खड़ा हो गया था और मैनें सीमा से उसको छूने को कहा तो वह अपना मिर्ची वाला हाथ दिखाकर बोली कि लगाऊँ क्या मेरे राजा तो मैनें मना कर दिया मैनें उसके पीछे से सूट को उठाया और उसकी नंगी गांड को चूमने लगा।

सीमा खिलखिलाकर हँसने लगी फिर मैनें सीमा को अपनी तरफ खींचा और लंड को मुहँ में लेने को कहा. पहले तो मना करते हुए बाद में फिर वह अपने घुटनों के बल बैठकर मेरा लंड चूसने लगी मैं भी अपने लंड को उसके मुहँ में आगे-पीछे करने लगा एक-दो झटके तेज भी लगे और मेरा लंड उनके गले तक पहुँच गया फिर मैनें अपने दोनों हाठों से उसके सिर को पकड़ा और तेज-तेज धक्के देने लगा।

सीमा भी अपने दोनों हाथों से मुझे धक्का मारने लगी थी और गुंगग्गग गुउन्न्ननग् करने लगी थी मैनें उससे कहा कि जान बस निकलने ही वाला है और लंड को थोड़ा बाहर किया तो वह खूब तेज-तेज चूसने लगी पूरे 15 मिनट के बाद में मैं उसके मुहँ में ही झड़ गया था और सीमा मेरा सारा रस पी गई थी मैं भी अब अपनी गांड से झटके मारते हुए ढीला पड़ गया था. सीमा अब अपने सूट से सब साफ़ करने के बाद केवल समीज़ में ही चावल बनाने लग गई थी मैनें भी बाथरूम में जाकर खुद को ठीक से साफ़ किया और कमरे में आकर नंगा ही बेड पर लेट गया थोड़ी देर बाद सीमा चावल लेकर आई और हमने एक दूसरे को खिलाया. मैं बिल्कुल नंगा था और सीमा बस समीज में बैठी थी उसकी गुलाबी चूत उसकी मोटी-मोटी जाँघो के बीच में से दिख रही थी और मेरा लंड फिर खड़ा हो गया और झटके मारने लगा।

चावल खत्म करके हम दोनों ही बेड पर लेट गये तब तक रात के 9.30 बज चुके थे और टीवी पर सीरियल आ रहा था सीमा मेरे आगे लेटी हुई थी उसकी नंगी गांड पर मेरा लंड गया हुआ था मैं अपने एक हाथ से उसके बब्स को दबा रहा था अब हम दोनों ही गरम हो चुके थे मैनें अब टीवी बंद किया और सीमा की समीज़ को ऊपर कर दिया और उसके बब्स को चूसने लगा और वह भी मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़कर मसलने लगी मैं अब धीरे-धीरे ऊपर होता हुआ अपने लंड को उसके मुहँ तक ले गया और सीमा ने अपना मुहँ खोला तो मैनें अपना लंड उसके मुहँ में डाल दिया और लंड को उसके मुहँ में आगे-पीछे करने लगा।

फिर हम 69 पोज़िशन में आ गए. मैं अपनी एक ऊँगली से उसकी चूत को चोदने लगा. मेरा लंड उसके गले तक जा रहा था और वह गुन्नग्गुउु करने लगी थी फिर मैं उठा और उसके पैरों के बीच में आकर अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ने लगा तो सीमा मना करने लगी तो मैनें उससे कहा कि जान बस ऐसे ही रगड़ने दो अन्दर नहीं डालूँगा मेरे ऐसे ही रगड़ने से उसको भी अब बहुत मज़ा आ रहा था और उसने अपनी आँखे बंद कर ली उसकी चूत भी पूरी गीली हो चुकी थी अब मैनें हल्का सा दबाव डाला तो सीमा कहने लगी कि इतना मोटा तो अन्दर नहीं जाएगा तुम केवल ऊँगली से ही कर लो. पर मैं कुछ भी नहीं बोला और फिर से लंड को उसकी चूत पर रगड़ने लगा और बिना कुछ कहे ही एक जोरदार झटका मार दिया।

सीमा चीखी उइईईई मर गई रे. वह तो अच्छा था कि उसके घर में कोई नहीं था नहीं तो उसके घरवाले भी सुन लेते मैनें अब उसके होठों पर अपने होंठ रख दिए और ज़ोर-ज़ोर से उसके होठों को चूसने लगा सीमा अब भीख माँगने लगी कि प्लीज अब बाहर निकाल लो नहीं तो मैं मर जाऊँगी लेकिन मैनें कुछ नहीं सुना उसकी आँखो में आँसू भी आ गए थे फिर मैनें अपना लंड थोड़ा बाहर निकाला तो पता चला कि अभी तो बस आगे का टोपा ही अंदर गया था अब मैं उसको किस करते हुए उसके गले बब्स हर जगह किस करता रहा और ऐसा करते-करते उसके ऊपर आ गया और मेरा लंड उसकी चूत पर लगते ही सीमा साइड में हट गई तो मैनें अपनी एक ऊँगली उसकी चूत में डाल दी. अब वह एक जगह रुक गई और फिर थोड़ी देर में मैं अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ने लगा इस बार सीमा कुछ भी नहीं कह रही थी हम दोनों के होंठ आपस में मिले हुए थे।

अब मैनें उसकी टाँगों को उठाकर अपने कन्धों पर रखा और अपने लंड से एक जोरदार झटका दिया तो मेरा आधा लंड उसकी गीली चूत में घुस चुका था और सीमा ऐसे फड़फड़ा रही थी जैसे वह कोई गर्दन कटी मुर्गी हो अब मैं भी वहीं रुक गया और कुछ देर तक किस करने के बाद सीमा थोड़ी शांत हुई तो मैं हल्के-हल्के से उसकी चूत में जगह बनाने लगा और फिर एक और तेज झटका मारा. तो सीमा ने अपने सारे नाखून मेरी छाती में चुभा दिए।

एक दो जगह से तो खून भी आ गया था पर मैनें नज़र-अन्दाज कर दिया और सीमा का तो और भी बुरा हाल था उसकी आँखो से आँसू आ रहे थे मैं अपने लंड को आगे-पीछे करने लगा और धीरे-धीरे धक्के लगाने लगा मेरे हर धक्के पर सीमा चिल्लाए जा रही थी प्लीज़ निकाल लो इसे बाहर बहुत दुख रहा है प्लीज्ज्ज़ निकाल लो प्लीज्ज्ज़. उस दिन दर्द का मैनें अलग ही रूप देखा था मैं जोश में धक्के पर धक्के लगाए जा रहा था सर्दी का टाइम था और मुझे पसीना आ गया था।

थोड़ी देर में सीमा भी शान्त हो गई और मेरे धक्कों का जवाब अपनी गांड उठाकर देने लगी थी मैनें उसके बब्स को हाथ में पकड़ा और धक्के पर धक्के लगाए जा रहा था क्योंकि एक बार मैं पहले ही झड़ चुका था सीमा के मुहँ में तो इसबार समय तो लगना ही था और सीमा की हालत तो पूछो ही मत मेरी छाती और कमर का भी कोई हिस्सा नहीं बचा था जहाँ उसने नाखून ना गड़ाए हो. मैं 20 मिनट तक उसको धका-धक चोद रहा था और सीमा भी अपनी चूत कि चुदाई का भरपूर मज़ा ले रही थी. सीमा की चूत में भी अब जलन होने लगी थी क्योंकि चूत अब बिल्कुल सूख चुकी थी बार-बार झड़-झड़कर अब तो मैं भी झड़ने वाला था और आआहह करके मैं भी झड़ गया सीमा की चूत में. और झड़कर उससे चिपक गया और बड़े प्यार से उसको किस करने लगा मेरा लंड उसकी चूत में ही था और ऐसा लग रहा था कि उसकी प्यारी चूत मेरे लंड को निचोड़ रही हो।

थोड़ी देर बाद मेरा लंड उसकी चूत में सिकुड गया. और मैनें अपना अंडरवीयर लिया साफ़ करने के लिए तो वह नज़ारा देखकर मेरी तो गांड ही फट गई थी क्योंकि बेड की पूरी चादर खून से लाल हो रही थी और सीमा तो अपनी आँखें बंद किए हुए सो रही थी उसकी चूत से मेरा और उसका मिला-जुला कामरस निकल रहा था मैं अपने लंड को साफ़ करके सीमा के पास में लेट गया. उस रात मुझे इतना मज़ा आया कि उसकी कल्पना से ही आज भी मेरा लंड खड़ा हो जाता क्योंकि वह मेरी पहली सेक्स कामलीला थी।

फिर सीमा ने आँखे खोली और उठने की कोशिश करने लगी वो उठ तो गयी लेकिन वापस बेड पर गिर गयी।

तो दोस्तों पढ़ते रहिए क्यूंकि चोदूराजा की कामलीला अभी जारी रहेगी..

धन्यवाद् मेरे प्यारे दोस्तों !!

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