चुदाई का सफ़र 4

कामलीला के Antarvasna सभी प्यारे पाठकों Kamukta का एकबार फिर से स्वागत करता हूँ और आप पढ़ रहे हो हमारे लोकप्रिय लेखक चोदूराजा की कलम से “चुदाई का सफ़र”

अब तक आपने इस कहानी में पढ़ा कि कैसे मैनें सीमा को चोदा और उसकी ताबड़तोड़ चुदाई करके उसकी प्यास को बुझाया।

अब आगे…

हमारी टीम मैच जीत गई थी और हम घर वापस आ रहे थे तो मेरे कुछ दोस्तों ने कहा कि मैं कुछ ज्यादा ही थका सा लग रहा था आज तो फिर मैनें कहा कि रात को देर तक टीवी देखी थी इसलिए ऐसा हुआ है और बातें करते-करते हम घर पहुँच गये थे।

घर पर आते ही मम्मी ने कहा कि पहले नहा ले फिर खाना खा ले मैं बाथरूम में नहाने चला गया नहाने के लिए जैसे ही मैनें अपने कपड़े उतारे तो मुझे सीमा की चुदाई याद आ गई तो मेरा लंड खड़ा हो गया तो मैनें नहाते-नहाते ही लंड को हिलाकर झाड़ दिया नहाने के बाद मम्मी ने खाना लगा दिया मैं खाना खाकर अपने कमरे में गया तब दोपहर के 3 बज रहे थे।

मेरा बड़ा भाई टीवी पर मैच देख रहा था मुझे भी क्रिकेट मैच खेलना और देखना दोनों ही बहुत पसंद है तो मैं भी मैच देखने लग गया।

मैच 3.30 बजे खत्म हुआ तो मम्मी ने कहा कि जा सीमा अकेली होगी घर पर वहीं जाकर आराम कर लेना मैनें मम्मी से कहा ठीक है और घर से निकल गया

रास्ते में मुझे सोनी मिली हमारी गली बिल्कुल सुनसान सी रहती है क्योंकि गली में हमारे ही घर है और वही रास्ता उनके घर की तरफ भी जाता है मैनें सोनी से पूछा कि तुम कहाँ गई थी तो वह बोली सीमा दीदी के यहाँ फिर मैनें और पूछा कि वहाँ और कौन-कौन है वहाँ तो उसने बताया रानी, नवीन, मीना, राजू. फिर मैनें उससे कहा कि ठीक है और वहाँ से चल दिया।

मैनें सीमा के घर पहुँचकर दरवाजा खटखटाया. मीना ने दरवाज़ा खोला वह एकदम कमाल की लग रही थी मेरी नज़र सीधे उसके 32 के बब्स पर गई घर का दरवाजा मुख्य घर से थोड़ा दूर होता है दरवाजे के पास ही एक कमरा भी होता है जिसे गाँव की भाषा में पोल कहते है।

मैनें दरवाजा बंद किया और मीना की तरफ घूमा तो वह आगे-आगे चल रही थी उसकी गांड काफ़ी फैली हुई थी मैं उसके पीछे-पीछे चलने लगा पोल के बाद बरामदा और फिर सीढ़ियां मीना ने उस समय स्कूल की स्कर्ट पहन रखी थी जो घुटनों से भी नीचे तक होती थी।

वह सीढ़ियां चढ़ रही थी और मैं उसकी गांड को देख रहा था उसकी गांड को देखकर मेरा तो लंड ही खड़ा हो गया था मन तो कर रहा था कि अभी पकड़ लूँ पर मैं कोई ख़तरा मोल नहीं लेना चाहता था क्योंकि मेरे पास तो पहले से ही सीमा थी मैं कमरे में पहुँचा तो वहाँ पर तो बहुत भीड़ लगी थी कुछ बेड पर बैठे थे और कुछ सोफे पर बैठे थे मीना सीमा के पास किचन में चली गई थी।

और मैं भी जाकर बेड पर बैठ गया मेरे बैठते ही नवीन उठकर राजू के पास बड़े सोफे पर जाकर बैठ गया और फिर मैं बेड पर लेट गया रविवार का दिन था तो नई फिल्म आ रही थी और सब उसे ही देख रहे थे।

फिर 30 मिनट के बाद वह फिल्म खत्म हो गई और मैं भी चादर ओढ़कर लेट गया था रानी की वजह से मुझे टीवी देखने में दिक्कत हो रही थी क्योंकि वह सिरहाने ही बैठी हुई थी मैनें उससे कहा कि रानी तू बीच में आकर बैठ जा तो वह कहने लगी कि क्यों तू भी तो उठकर देख सकता है।

उसकी बात पर मुझे गुस्सा आया पर मैं चुप ही रहा फिर थोड़ी देर बाद वह खुद ही उठकर बीच में आकर बैठ गई और दूसरी फिल्म चालू हो गई थी वह कोई पुरानी फिल्म थी तो मैनें चेनल बदलकर कर दूसरा लगा दिया वहाँ पर एक अच्छी फिल्म आ रही थी।

तभी सीमा भी किचन से अपना काम खत्म करके उस कमरे में आ गई थी और वह अभी भी हल्का सा लंगड़ा रही थी मैनें आँख मारते हुए पूछा कि तुम्हारे पैर में क्या हुआ तो वह मुस्कुराने लगी और मुस्कुराते हुए कहा कि कुछ नहीं बस ऐसे ही पैर मुड गया था।

मैनें कहा अच्छा तुम कहो तो मैं इलाज कर दूँ तो वह कहने लगी कि अभी नहीं शाम को करवाऊँगी हम दोनों दो मतलब की बातें करने लगे थे तभी मीना ट्रे में सबके लिए चाय ले आई और सब चाय पीने लग गये थे टीवी में तो किसी का भी मन नहीं लग रहा था।

सीमा वापस किचन में चली गई और मैं भी चाय का खाली कप रखने के बहाने से किचन में गया तो सीमा वहाँ पर बर्तन धो रही थी और ऊपर रख रही थी मैं उसके पीछे जाकर खड़ा हो गया और जब उसने बर्तन ऊपर रखने के लिए अपना हाथ उठाया तो मैनें उसका एक बब्स दबा दिया तो वह बोली चल हट अभी कोई आ जाएगा सारे ही यहीं मर रहे है सुबह से. फिर मैनें कहा कि कोई बात नहीं अभी थोड़ी देर बाद चले जाएँगे और अपने दोनों हाथों से उसके बब्स को सहलाने लगा।

सीमा भी अब सिसकारी लेने लगी थी मैं उसके पीछे से चिपक के खड़ा हो गया और अपना लंड उसकी मोटी गांड में लगाने लगा तभी किसी के आने की आहट हुई और हम दोनों अलग हो गए मीना सारे बर्तन लेकर किचन में आ गई थी और मैं बाहर निकल गया और वापस बेड पर आकर लेट गया मैं करवट लेकर लेटा हुआ था और रानी मेरे बिल्कुल बीच में बैठी हुई थी लेकिन यह तो सामान्य बात थी क्योंकि हम बचपन से ही साथ खेले थे तो इतने से कोई फरक नहीं पड़ता था।

तभी सीमा और मीना भी किचन से कमरे में आ गई थी सीमा और मीना दीवार के सहारा लगाकर मेरे पीछे बैठ गई और अपने पैर चादर में डाल लिए हम फिर से फिल्म देखने लग गए शाम के 5.30 बज चुके थे तभी बाहर से राजू की मम्मी की आवाज़ आई वह भी एक नंबर की माल थी उसको भी मैनें खूब चोदा था जोकि मैं आगे की कहानी में बताऊँगा और फिर राजू के साथ 2-3 बच्चे और चले गए थे।

अब हम ही बचे थे रेणु मीना और रानी. रानी अब उठकर सोफे पर बैठ गई और मीना भी मेरे पीछे से उठकर मेरे आगे आ गई थी और सीमा चादर में घुस गई और मेरे पास लेट गई मीना की लम्बाई थोड़ी कम थी वह 4 फीट के लगभग ही होगी लेकिन उसका फिगर कमाल का था अब उसकी बड़ी गांड मेरे लंड को छू रही थी।

मैं अब गरम होने लगा पीछे से सीमा मुझसे चिपककर लेटी हुई थी उसने अपनी एक टांग मेरे ऊपर डाल ली और एक हाथ से मेरी टी-शर्ट में अपना हाथ डालकर मेरे निप्पल को सहलाने लगी धीरे-धीरे उसने अब अपना हाथ मेरी पेन्ट में भी डाल दिया और मेरे लंड को सहलाने लगी मेरा लंड अब टाइट होने लगा और हमने चादर ओढ़ रखी थी इसलिए किसी का ध्यान हमारे ऊपर नहीं था।

मैनें भी अपना एक हाथ पीछे किया और उसकी सलवार के ऊपर से ही उसकी चूत को सहलाने लगा मैनें महसूस किया कि उसने पैन्टी नहीं पहन रखी थी मैं अब ऊँगली करने लगा तो उसने थोड़ी जगह बना ली जिससे मैनें अपना हाथ उसकी सलवार के अंदर डाल दिया और चूत में ऊँगली करने लगा और वह भी मेरी पेन्ट में हाथ डालकर मेरे लंड को सहला रही थी।

एक बार उसका हाथ मीना की गांड पर लगा तो मीना ने मेरी तरफ देखा और मैनें उसकी तरफ देखा। ना उसने कुछ बोला और ना ही मैनें हम फिर से टीवी देखने लगे मैनें अब अपनी एक ऊँगली सीमा की चूत में डाल दी ऊँगली डालने से सीमा थोड़ी सी उछल गई लेकिन मुहँ से कोई आवाज़ नहीं की बदले में उसने मेरे लंड को तेजी से भींच लिया और मैं इसस्स्स् करके रह गया मेरी यह आवाज रेणु ने सुन ली थी रेणु 18 साल की लड़की थी।

हमारे बिल्कुल पड़ोस में उसका घर है उसकी छत सीमा की छत से मिली हुई है अगर उसको सीमा के यहाँ आना हो तो वह सीधे छत से कूद कर भी आ सकती थी और उसकी लम्बाई उस समय 4.7 फुट के आस-पास थी उसके बब्स भी बहुत बड़े थे लगभग 34 साइज़ के तो होंगे ही कमर तो पतली थी और गांड भी ठीक-ठाक थी उसके शरीर में सबसे अच्छे उसके होंठ थे बिल्कुल पतले-पतले होंठ और दूध जैसा रंग है आज भी कई बार मैं उसको छेड़ लेता हूँ अब तो वह 2 बच्चों की माँ है।

लेकिन फिर उसने मुझे नजर-अंदाज किया और मैनें भी. हमारे यहाँ शाम को 6 बजे से लाइट चली जाती थी और फिर 7 बजे के आस-पास आती थी इसलिए 6 बजते ही लाइट चली गयी तो बाकी सब भी अपने-अपने घर चले गए थे सीमा की चूत से पानी आ रहा था तो मैनें उससे और चुदाई चालू रखने को पूछा तो उसने हाँ में अपना सिर हिला दिया।

मेरी ऊँगली अभी भी अपना काम कर रही थी मैं बिल्कुल धीरे-धीरे से उसकी चुदाई ऊँगली से कर रहा था सीमा कभी अपनी आँखें बंद कर लेती तो कभी ज़ोर-ज़ोर से मेरा लंड दबाने लगती।

10-15 मिनट में सीमा की चूत भरभरा कर खाली होने लगी और मेरी ऊँगली पूरी उसकी चूत के पानी में भीग गई थी फिर मैनें ऊँगली निकालकर सीमा को चटा दी उसने चादर में मुहँ डालकर मेरी ऊँगली साफ़ कर दी और अब वह मेरा लंड सहलाए जा रही थी अब मैं आपको लाईट बन्द होने के बाद की कहानी बताने जा रहा हूँ।

लाईट जाने के थोड़ी देर बाद नवीन आया और रानी से कहा कि मामा-मामी आए है तो घर चलो रानी मामा के नाम से ही उत्सुक हो गयी और उसके साथ चली गई मीना भी चली गई मैं उठना चाहता था पर मेरा लंड मेरी पेन्ट में तम्बू बनाए हुआ था सीमा की सलवार भी पूरी गीली हो चुकी थी मीना ने कहा सीमा दरवाजा बंद कर लो मैं 7 बजे तक वापस आऊँगी।

सीमा ने मेरी पेन्ट से हाथ निकाला तो मैं समझ गया कि मुझे ही गेट बंद करना है मैनें लंड को ठीक किया और मीना के पीछे-पीछे चल दिया लेकिन अभी भी मेरे पेन्ट पर लंड का उभार महसूस हो रहा था जब हम सीढ़ियों पर थे तब मीना ने मेरी तरफ देखा और हँस दी तो मैं समझ गया कि वह मेरे लंड के उभार को ही देख रही है तो मैं भी हँस दिया मीना ने धीरे से पूछा कि तुम बार-बार मुझे पीछे से क्यों छू रहे थे तो मैनें कहा नहीं तो क्योंकि मैनें उसे छुआ ही नहीं था वह तो सीमा का हाथ था. उसने कहा कि यह गंदी बात है और वह मुझसे उम्र में भी 3 साल बड़ी थी।

मैनें कुछ नहीं कहा, और हम पोल में आ गए तो उसने हँसते हुए बाय कहा और मैनें भी सिर हिला दिया और गेट बन्द कर दिया, और मैं कमरे में गया तो सीमा तो बस एकदम चित्त लेटी हुई थी आँखें बंद करके मैनें कमरे का दरवाजा बंद किया और चादर में घुस गया, और सीमा के बब्स को मसलने लगा।

अब मैनें उसके सूट और समीज़ को भी ऊपर कर दिया और उसके कड़क बब्स को मसलने लगा फिर एक बब्स को मुहँ में ले लिया और एक को दबाने लगा, सीमा इसस्साआआ आअहह इसस्स्स्सस्स करने लगी अब मैनें उसकी सलवार का नाडा भी खोल दिया और अपने पैरों से सरकाकर उसकी टाँगों से बाहर निकाल दी, पेन्ट तो मैनें पहले ही नहीं पहन रखी थी मैं नीचे गया और उसकी चूत को चाटने लगा सीमा ने भी मेरी अंडरवीयर निकाल दी, अब मैं केवल टी-शर्ट में ही था सीमा सूट समीज़ में थी और उसने अपना सूट और समीज़ एक साथ उतार दिया, और मेरे लंड को अपने मुहँ में ले लिया और आइसक्रीम की तरह चाटने और चूसने लगी मेरा लंड तो अब फटने को हो गया, मैं भी सीमा की चूत को चाटे जा रहा था।

उसकी चूत अब गरम और गीली हो गई थी मैं उठा और उसकी टाँगों के बीच में बैठ गया और अपने लंड को उसकी चूत में एक ही झटके में डाल दिया सीमा उउउइईईईईई.. क्या थोड़ा आराम से नहीं कर सकता क्या?

मैनें कहा अब कोई आराम नहीं है मेरी जान अब मैं तुझे रोज ऐसे ही चोदूंगा और जोर-जोर से धक्के देने लगा, अब सीमा को भी मज़ा आने लगा और कह रही थी हाँ मेरे राजा मैं तेरी रंडी हूँ तू मुझे कुतिया की तरह चोद मुझे और तेज-तेज चोद, मैं भी धक्के लगाए जा रहा था, और सीमा चिल्लाए जा रही थी और तेज कर्रर्र उउउम्म्म्म उउम्म्म्म ह्म्‍म्म्म बहुत मज़ा आ रहा है।

फिर मैनें सीमा को पोज़िशन बदलने को कहा सीमा कुतिया बन मैं तुझे कुतिया बनाकर चोदूंगा फिर सीमा कुतिया बन गई फिर मैनें अपना लंड उसकी चूत पर सेट किया और उसकी चूत में धक्के लगाने लगा उसकी गांड का छेद ऊपर हो गया तो मैनें उत्तेजना में अपनी एक ऊँगली थूँक में गीली की और उसकी गांड में डालने लगा सीमा ऐसा करने से मना करने लगी पर मैं नहीं माना और धक्के लगाते-लगाते उसकी गांड में ऊँगली करने लगा।

सीमा धक्कों से थक गई और बोली कि ऐसे नहीं अब सीधे ही कर लो तो मैनें कहा कि ठीक है तो दो तकियों के ऊपर पेट के बल सीमा को लिटा दिया जिससे तकिये उसकी चूत के नीचे आ गये और गांड ऊपर उभर आई और मैं अब मज़े लेने लगा लंड को चूत में रगड़ता और गांड में ऊँगली करने लगा।

सीमा बहुत गरम थी वह ऐसे ही पड़ी रही तो मैनें एक दो बार लंड फिसलने का बहाना करके लंड को उसकी गांड के छेद पर दबाया सीमा को भी मज़ा आ रहा था वह चुप-चाप पड़ी रही फिर मैनें ढेर सारा थूँक उसकी गांड पर लगाया और लंड को उसकी चूत में डालकर हिलाने लगा जिससे गांड भी चिकनी हो गयी और लंड भी।

अब मैनें लंड को बाहर निकालकर गांड के छेद पर रखा और एक धक्का मारा, मेरे लंड का टोपा उसकी गांड में घुस गया उसने आगे सरकने की कोशिश की पर मैनें उसको कमर से पकड़ रखा था वह नहीं-नहीं करती रही पर मैनें एक झटका और मारा तो लंड अंदर उसकी गांड फाड़ता हुआ घुस गया।

वह पीछे मुड़ने की कोशिश करती तो मैं उसके कंधे दबा देता वह कुछ भी नहीं कर पाई तीसरे झटके में तो मेरा लंड पूरा उसकी गांड के अंदर हो गया सीमा को उसकी नानी याद आ गई, वह बेड को नाखूनों से कुरेदने लगी और चिल्लाने लगी मरर गई कमीने कुत्ते बहनचोद छोड़ दे पर मैनें उसकी एक ना सुनी और अपनी स्पीड को और बढ़ा दिया।

उसकी गांड बहुत टाइट थी मैं ताबड़तोड़ झटके मारने लगा थोड़ी देर में वह थोड़ा ठीक महसूस करने लगी तो मैनें उसके बाल पकड़ लिए जैसे घोड़ी की पूँछ पकड़ ली हो और तेज-तेज झटके मारने लगा अब मेरा भी निकलने वाला था तो अपने-आप ही मेरी स्पीड बढ गई, सीमा का तो बुरा हाल था उसकी आँखो का काजल भी पूरे चेहरे पर फैल गया था।

10–15 झटके के बाद मैनें अपना वीर्य उसकी गांड में छोड़ दिया और उसके ऊपर ही गिर गया, जब मेरा लंड बाहर निकला तो मैं तो सीधा बाथरूम में भागा और अपने लंड को धोया, वापस आया तो सीमा वैसे ही पड़ी थी उसकी गांड और चूत से पानी बह रहा था मैनें उसकी गांड पर एक थप्पड़ मारा और कहा कि रंडी आया ना मज़ा, तो वह हाँ में अपना सिर हिलाने लगी।

फिर वह उठकर अपनी गांड और चूत साफ़ करने के लिए बाथरूम में चली गई मैं नंगा ही बेड पर लेट गया मुझे लेटे-लेटे कब नींद आ गई पता ही नहीं, जब मेरी आँख खुली तो रानी मेरे बीच में बेड पर बैठी रेणु भी बेड पर और मीना एक अलग पलंग पर लेट कर फिल्म देख रहे थे, और मेरे ऊपर रज़ाई डाली हुई थी जिसके अंदर मैं बिल्कुल नंगा था।

पढ़ते रहिए दोस्तों क्योंकि चोदूराजा की कहानी अभी जारी है…

धन्यवाद पाठकों !!

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