मेरे पहले प्यार के साथ मेरी पहली चुदाई

हाय फ्रेंड्स Kamukta मैं राज एकबार Antarvasna फिर से वापस आ गया हूँ आप सब कैसे हो मैं आशा करता हूँ कि आप सब अच्छे ही होंगे और अपनी चूत और लंड को सहला रहे होंगे।

तो मैं आज आप सभी के लिए लेकर आया हूँ एक और नई कहानी लेकिन आज की कहानी मेरी नहीं है, यह कहानी है मेरी एक दोस्त की जिसका नाम पूर्वी है और उसी ने मुझसे कहा था कि मैं यह कहानी आप सभी के साथ शेयर करूं क्योंकि वह भी आप सभी की तरह कामलीला वेबसाइट की एक पाठक है और उसको कहानी लिखने का कोई अनुभव नहीं है और यह कहानी उसकी पहली चुदाई की कहानी है।

तो अब आगे की कहानी पूर्वी के ही शब्दों में जैसा कि उसने मुझे बताए थे..

हाय फ्रेंड्स मेरा नाम पूर्वी है और आप भी मुझे प्यार से पूर्वी ही बुला सकते है, आज मैं आपको अपनी एक सच्ची कहानी बताना चाहती हूँ, मैं एक गवर्मेंट कॅालेज में स्नातक की छात्रा हूँ और मेरा बदन एकदम सेक्सी है, मेरे फिगर की साइज़ 34-30-36 है और मेरा रंग भी एकदम गोरा है।

अब मैं आज की अपनी कहानी शुरू करती हूँ यह बात तब की है जब मैं दिल्ली आई थी और यहाँ के एक कॉलेज में दाखिला लिया था मैं यहाँ एकदम नई थी तो मेरा कोई दोस्त भी नहीं था, लेकिन जल्दी ही मेरी मुलाकात एक लड़की से हुई जिसका नाम निकिता था और सब प्यार से उसको निक्की बुलाते थे और वह जल्द ही मेरी भी दोस्त बन गई थी।

और समय गुजरता गया, और अब हमारी परीक्षा होने में 1 महिना ही बचा था और मेरी मुलाकात रोहित से हुई जो कि मेरे कॉलेज का सबसे सुन्दर लड़का था और हम बहुत अच्छे दोस्त बन गए थे और हमने अपने फ़ोन नंबर भी आपस में एकदूसरे को दे दिए थे।

फिर हम फेसबुक पर और कभी-कभी फोन पर कई घंटों तक बातें भी करने लग गए थे, पर बस साधारण बातें ही किया करते थे।

और एकबार रात को 11 बजे उसका मैसेज आया।

रोहित :– हाय पूर्वी क्या तुम अभी तक सोई नहीं?

पूर्वी :– हाँ यार नींद ही नहीं आ रही है और तुम क्यों नहीं सोए?

रोहित :– बस तुमको ही याद कर रहा था।

पूर्वी :– चल झूठा मुझे नहीं अपनी गर्लफ्रेंड को मिस कर रहा होगा।

रोहित :– अरे यार मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है एक थी जिससे तो मेरा ब्रेकअप हो गया है अब मैं तुमको अपनी गर्लफ्रेंड बनाना चाहता हूँ।

पूर्वी :– अरे यह सब तुम क्या बोल रहे हो?

रोहित :– हाँ पूर्वी आई.लव.यू. प्लीज़ पूर्वी तुम भी हाँ बोल दो ना।

फिर मैनें कुछ सोचकर उसको जवाब दिया

पूर्वी :– हाँ पसंद तो मैं भी तुमको बहुत करती हूँ चलो ठीक है आई.लव.यू.टू.

अब हम दोनों एकदूसरे के गर्लफ्रेंड/बॉयफ्रेंड बन गये थे और हमारे इस रिश्ते के बारे में पूरा कॉलेज जान गया था, क्योंकि रोहित कभी भी और किसी के भी सामने मुझे गले लगा लेता था और मेरे गालों पर किस भी कर लेता था।

फिर एक दिन उसने मुझे अपने घर बुलाया और मैं भी बिना कुछ सोचे समझे वहाँ चली गई।

जब मैं वहाँ पहुँची तो पता चला कि उसके घर के सभी लोग एक प्रोग्राम में गये हुए थे और वह घर पर बिल्कुल अकेला था।

और मेरे घर पहुँचते ही उसने मुझे कसकर अपनी बाँहों में भर लिया और किस करने लगा मैं भी उसका साथ दे रही थी, उस दिन मैनें एक गुलाबी रंग की फ्रॉक पहन रखी थी, और उसके नीचे मैनें उसी रंग की ब्रा और पैन्टी पहनी हुई थी और रोहित केवल अंडरवियर और बनियान ही पहने हुए था।

और वह मुझे किस करते हुए ही अपने कमरे की तरफ ले गया, जहाँ उसने पूरा कमरा गुलाब के फूलों से सज़ाया हुआ था और उसने मुझे जाते ही बेड पर धक्का दे दिया और वह खुद भी मेरे ऊपर आ गया।

पूर्वी :– रोहित तुम यह क्या कर रहे हो?

रोहित :– जान आई.लव.यू. मैं तुमको महसूस करवाना चाहता हूँ कि मैं तुमसे कितना प्यार करता हूँ प्लीज़ आज मुझे मत रोकना।

और फिर मैनें भी अपनी आँखें बंद कर ली और अपने आपको उसके हवाले कर दिया।

अब वह मुझे बेतहाशा चूमें जा रहा था और मैं भी उसके इस एहसास से रोमांचित हुई जा रही थी, अब वह मेरे हर अंग को चूम रहा था उसकी जीभ मेरे पूरे बदन पर किसी साँप की तरह रेंग रही थी और उसके हाथ मेरे बब्स को मसल रहे थे और मेरी साँसे भी अब और तेज़ हो चुकी थी क्योंकि यह सब मेरे लिए पहली बार था कि जब कोई लड़का मुझे छू रहा था और मेरे बदन के साथ खेल रहा था, मैं तो सातवें आसमान पर थी कि फिर उसने मुझे अचानक से उल्टा किया और मेरी फ्रॉक की चेन खोल दी और मेरी वन पीस ड्रेस को उतार कर फैंक दिया।

मैं अब उसके सामने केवल ब्रा और पेंटी में ही थी और वह मेरी दोनों टाँगो के बीच में आकर मेरे बब्स को दबाने लगा।

कभी वह मेरे एक बब्स को अपने मुहँ में लेकर चूस रहा था तो कभी दूसरे वाले बब्स को चूस रहा था, वह मेरे बब्स को इतनी ज़ोर से चूस और दबा रहा था कि अब मेरे बब्स पर निशान भी होने लगे थे।

अभी मैं उसकी प्यार की इस निशानी को देख ही रही थी कि उसने अपना अगला वार कर दिया और मेरी चूत में अपनी एक ऊँगली घुसा दी, मेरी चूत तो पहले से ही गीली हो चुकी थी, मगर ऊँगली के दर्द से मेरी चीख निकल गई थी क्योंकि यह मेरा पहला सेक्स था तो मेरी चूत बहुत टाईट थी और रोहित ने बोला कि जान तुम तो अभी से आआहह कर रही हो अभी तो पूरी चुदाई बाकी है।

लेकिन मैं उससे कुछ नहीं बोली और फिर उसने अचानक से अपनी अंडरवियर को नीचे किया और उसका काला मोटा और 7.5″ का लंड मेरे मुहँ के सामने आ गया, और वह इस तरह से ऊपर नीचे हो रहा था कि जैसे वह मुझे सलामी दे रहा हो और फिर रोहित ने अचानक से मुझसे बोला कि ले मेरे लंड को चूस, पहले तो मैनें ऐसा करने से साफ़ मना कर दिया मगर वह नहीं माना और बहुत ज़िद करने लगा और मैं भी उसकी ज़िद के आगे हार गई।

और मैनें उसके लंड को अपने मुहँ में भर लिया पहले तो वह मुझे थोड़ा अजीब सा लगा मगर फिर मुझे भी मज़ा आने लगा और मैं भी उसको अपने मुहँ में पूरा भरकर चूसने लगी और वह भी मेरे बाल पकड़कर मेरे मुहँ में झटके मार-मारकर मेरे मुहँ की चुदाई कर रहा था।

फिर उसने एक ही झटके में अपना लंड मेरे मुहँ से बाहर निकाला और मुझे बेड पर लेटाकर मेरी टाँगो को फैलाया और मेरी चूत के दाने को अपनी जीभ से चाटने लगा और मैं उह्ह्ह आह्ह्ह कर रही थी उसके ऐसा करने से मेरे पूरे बदन में एक करंट सा दौड़ रहा था और मैनें भी अपने एक हाथ से उसके बालों को पकड़ा हुआ था और दूसरे हाथ से बेडशीट को पकड़ रखा था और वह ऐसे ही मेरी चूत को चाट रहा था और मैं तो जैसे किसी जन्नत की सैर कर रही थी।

और फिर उसने अपना सिर ऊपर उठाया और मुझे एक किस किया और कहा कि मेरी जान अब तुम तैयार हो ना अपने पहले सेक्स के लिए और फिर मैनें भी अपना सिर हाँ में हिलाकर उसको सहमती दे दी।

और फिर उसने मेरी कमर के नीचे एक तकिया लगा दिया और अपने लंड को मेरी चूत पर रगड़ने लगा, उसके ऐसा करने से मैं और भी उत्तेजित हो रही थी और मेरी आँखें भी बन्द थी कि फिर उसने अचानक से एक ज़ोर का झटका मारा और उसका लंड आधा मेरी चूत के अंदर घुस गया था और मेरी चीख मेरे मुहँ से बाहर निकल गई थी।

आह्ह्ह मर गई मैं तो मेरी तो जान निकल रही है जानू प्लीज़ अब इसको बाहर निकालो और मैनें उसकी छाती पर लगातार 5-6 थप्पड़ भी मार दिए।

लेकिन उसको इसका कोई फरक नहीं पड़ा था वह तो बस झटके मारता जा रहा था और उसका लंड अब मेरी चूत में पूरा समा चुका था मुझे तो ऐसा लगा कि जैसे कोई मोटा सा मूसल मेरी चूत में डाल रहा था और मुझे दर्द हो रहा था।

और अब उसने जैसे ही अपना लंड बाहर निकाला तो एक आवाज़ के साथ उसका लंड बाहर आ गया और वह पूरा खून में सना हुआ था जिसे देखकर मैं घबरा गई और फिर वह मुझे कुछ देर तक किस करने लगा, और जैसे ही मैं थोड़ा शांत हुई तो उसने अपना लंड दुबारा से मेरी चूत में डाल दिया और इसबार एक ही झटके में उसका लंड मेरी चूत के अंदर चला गया था और वह अब मुझे ज़ोरदार झटकों के साथ चोदने लगा था।

अब मुझे भी बहुत मज़ा आने लगा था और मैं भी अपनी गांड को ऊपर उछाल-उछालकर उसके हर झटके का जवाब दे रही थी, उसके झटकों की स्पीड इतनी तेज थी कि मेरे बब्स बुरी तरह से हवा में हिल रहे थे और मेरी सिसकारियाँ पूरे कमरे में गूँज रही थी मैं तो बस आहह ओहहह कम-ओन और ज़ोर से करो बहुत मज़ा आ रहा है फाड़ दो मेरी इस चूत को आज से मैं तुम्हारी ही हूँ जानू और चोदो बोले जा रही थी और उसने भी उत्तेजित होकर अपनी स्पीड और बढ़ा दी और इस बीच मैं 3 बार तो झड़ चुकी थी मगर उसका तो जैसे अभी तक कुछ भी नहीं हुआ था।

फिर थोड़ी ही देर बाद उसका पूरा शरीर एकदम से काँपने लगा और उसका लंड मेरी चूत में जैसे फँस सा गया था और फिर एक जोरदार झटके के साथ उसने अपना सारा कामरस मेरी चूत में ही भर दिया और शांत होकर मेरे ऊपर ही लेट गया और उसका लंड मेरी चूत में हल्के-हल्के झटके मार रहा था और फिर कुछ ही देर में उसका लंड बेजान सा होकर मेरी चूत से बाहर आ गया और फिर मैनें उसको किस किया और फिर हम दोनों एक साथ नहाने चले गए, और उसके अगले ही दिन उसने मुझे आई पिल की गोली लाकर दी ताकि कोई दिक्कत ना हो और उस दिन के बाद हमारा प्यार और भी मजबूत हो गया था।

धन्यवाद दोस्तों !!

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