कॉल बॉय से प्यार हो गया भाग 1

हाय मेरे Antarvasna प्यारे चाहने Kamukta वालों, मेरा नाम परवीन है और मेरी उम्र 23 साल और मैं दिखने में बहुत ही खूबसूरत हूँ इस बात का पता मुझे तब लगा जब हमारे मौहल्ले के सभी लड़के मुझे लाइन मारते थे पर मैनें कभी किसी को कोई भाव नहीं दिया क्योंकि मुझे इन सब से कोई मतलब भी नहीं था और कोई मेरे लायक भी तो नहीं था तो मुझे इस बात का घमण्ड था कि मुझे तो कोई भी लड़का कभी भी मिल सकता है जब मैं चाहूँ पर मेरी यह सोच ग़लत निकली उस घटना के बाद। वैसे मैं लखनऊ की रहने वाली हूँ और यहीं से मैं अपने कॉलेज की पढ़ाई कर रही हूँ, अब मैं सीधे ही उस घटना पर आती हूँ आप यह कहानी कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे हो।

जो कि 3 महीने पहले मेरे साथ घटी थी मैं अपने कॉलेज में दीपावली की छुट्टियों के कारण अपनी नानी के यहाँ रहने जा रही थी जो कि बनारस में रहती है तो मैनें एक प्राइवेट ट्रेवल्स से एक स्लीपर सीट बुक करी थी क्योंकि मैं काफ़ी अमीर खानदान से हूँ इसलिए अपने आराम का हमेशा ही ख़याल रखती हूँ, और वैसे भी दीपावली की वजह से बस में और ट्रेन में बहुत भीड़ थी फिर मैनें अपना सारा सामान पैक किया मेरी माँ और मेरा भाई मुझे छोड़ने आए थे मैं बस में आई और उनको बाय कहकर बस में बैठ गई थी और बस कुछ दूर जाने के बाद रुकी जहाँ पर मेरे सामने वाले सीट पर एक लड़का आया।

उसे देखते ही मैं तो बस उसे ही देखती रह गई वह बहुत ही स्मार्ट और हॉट दिख रहा था रंग में सांवला सा और जीन्स टी-शर्ट और स्पोर्ट्स शूज पहने हुए उसकी मुस्कान बड़ी ही कमाल की थी और आँखें भी बहुत सुन्दर थी मैनें जब अपने आस-पास देखा तो कुछ और औरतें भी उसी को देख रही थी, पता नहीं क्यों मैं उससे बात करना चाह रही थी वैसे तो मैनें कभी किसी को इतना भाव भी नहीं दिया था पर मैनें अपना विचार बदल दिया और उसने भी अपने बेड पर लेटकर परदा लगा लिया था और मैं भी अपने बेड पर लेट गई थी, फिर रात के करीब 1 बजे बस एक जगह पर रुकी और वह अपने बेड पर से निकला तो मुझे भी उससे बात करने का मौका मिल गया और मैनें उससे कहा कि क्या तुम मेरे लिए एक पानी की बोतल लाकर दे दोगे तो उसने मेरी तरफ देखा और कुछ नहीं कहा तो मुझे बहुत गुस्सा आया उसका वह घमण्ड देखकर और जब वह वापस आया तो मैनें सोचा था कि उसे खूब बुरा भला सुनाऊँगी पर जब वह आया तो अपने साथ दो पानी की बोतल लाया था एक खुद के लिए और एक मेरे लिए, फिर मैनें एक बोतल लेते हुए उसे धन्यवाद कहा और पैसे भी दिए तो उसने चुपचाप पैसे ले लिए और बैठ गया और मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था।

तो मैं उसके बेड के पास गई और पूछा कि क्या मैं यहाँ पर बैठ सकती हूँ तो उसने थोड़ा साइड में होकर जगह बना दी और मैनें देखा सबसे आखरी वाली सीट से एक आंटी और अंकल हमको ही देख रहे थे तो मैनें उससे पूछा कि क्या तुम बोल नहीं सकते और क्या? तो वह एकदम से हँस पड़ा और कहा कि मैं बोल सकता हूँ और फिर मैं भी मुस्कुरा दी, फिर मैनें उससे उसका नाम पूछा तो उसने अपना नाम नीलेश बताया और फिर हमारी ऐसे ही बातें चलती रही और मैं उसके बारे में उससे और पूछने लगी।

मैं :- तुम क्या करते हो?

नीलेश :- इंजिनियरिंग

मैं :- कहाँ से?

नीलेश :- बनारस से

मैं :- कौनसे साल में हो?

नीलेश :- क्या तुम पुलिस वाली हो जो इतने सवाल पूछ रही हो?

फिर मैनें उसको सॉरी कहा और वहाँ से जाने लगी तो उसने सॉरी बोला और कहा कि वह 3 रे साल में है और बोला कि वह थोड़ा परेशान भी है इसलिए मुझसे ऐसे गुस्से में बोला था तो फिर हमलोग फिर से बातें करने लग गए और वह मेरे बारे में भी पूछने लगा, फिर थोड़ी देर बाद उसको कोई फ़ोन आया और वह कहने लगा कि हाँ मैं यहाँ से निकल चुका हूँ और सुबह तक आ जाऊँगा ऐसा कहा और फोन रखने के बाद मैनें उससे पूछा कि तुम्हारी गर्लफ्रेंड थी क्या?

तो उसने ना कहा तो मैनें पूछा तो फिर कौन थी तो फिर वह बोला कि कोई नहीं ऐसे ही एक दोस्त है, तो मैनें उससे फिर से पूछा कि तुम्हारी गर्लफ्रेंड का नाम क्या है? तो उसने मुझसे बोला कि मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है तो फिर मैनें उससे कहा कि तुम झूठे हो तुम तो इतने अच्छे दिखते हो तुम्हारी पर्सनॅलिटी भी अच्छी है तो क्यों नहीं है तो उसने कहा कि गर्लफ्रेंड के लिए मेरे पास फ़ालतू टाइम नहीं है, इतने में बस की लाइट ड्राइवर ने बन्द कर दी पर मैं वहीं बैठी रही और मुझे कुछ सूझ नहीं रहा था तो मैनें उससे कहा कि क्या मैं यहीं पर बैठ सकती हूँ तो उसने हाँ कहा और जगह बना दी, वह सिंगल ही बेड था इसलिए मेरे बब्स उसके कन्धों पर टच हो रहे थे और मुझे भी बहुत ही अच्छा लग रहा था और मैं उसी के बारे में सोचने लगी कि यह मेरे लायक ही है और हॉट भी है और इसकी कोई गर्लफ्रेंड भी नहीं है और इसे मैं अपना बना सकती हूँ, तो मैनें उसके हाथ पर अपना हाथ रखा और कहा कि मुझे तुम बहुत अच्छे लगते हो और मैनें तुमसे पहले कभी किसी लड़के को इतना भाव नहीं दिया है पर तुम सब से हटकर हो क्या तुम मेरे साथ रिश्ता रखोगे?

मेरी बात सुनकर वह थोड़ा भावुक सा हो गया और मेरा हाथ हटाया और बोला कि यह सिर्फ़ एक आकर्षण ही है और तुम मेरे बारे में ज्यादा कुछ जानती भी नहीं हो तो प्लीज़ यह सब बातें बन्द करो और अपनी सीट पर जाओ मुझे सुनकर बहुत दुख हुआ और मेरी आँखों से आँसू निकलने लग गए थे क्योंकि मैनें यह कभी नहीं सोचा था कि कोई लड़का मेरे साथ भी ऐसा करेगा और मुझे रोता हुआ देखकर उसे भी दुख हुआ और वह मेरे आँसू पोंछने लगा और मुझे अपने गले से लगा लिया था तो मैनें भी उसे अपनी बाँहों में जकड़ लिया था और कुछ देर बाद उसे किस करने लगी और वह भी किस करने लगा और पता नहीं कितनी देर तक हमने किस किया लेकिन वह तो मुझे बड़ा ही अनुभवी लग रहा था किस करने में, फिर हम अलग हुए और मैनें केबिन के परदे को ठीक किया और हम दोनों अन्दर लेट गए और मैनें उसे फिर से किस किया और अब उसकी जीन्स के ऊपर से ही उसके लंड को दबाने लगी और वह भी मेरे बब्स को दबाने लगा था और वह कहने लगा कि तुम्हारे बब्स तो बहुत ही अच्छे है मैं एकदम से हैरान रह गई और मैनें उससे पूछा कि तुमको कैसे पता चला पर उसने कुछ नहीं कहा और मैनें फिर पेन्ट की चेन खोली और उसका लंड बाहर निकाला और अपनी जगह बदलकर उसके लंड को चूसने लगी।

मुझे उसकी साइज़ तो ठीक से पता नहीं थी पर वह मोटा बहुत था और मैं उसको आधा ही अपने मुहँ में ले पा रही थी और कुछ देर तक चूसने पर वह आराम से मजा लेता था और मेरे बब्स को दबा रहा था, फिर वह अपनी जीन्स को पूरा खोलने लगा तो मैं रुक गई और उससे कहा कि हम सेक्स नहीं करेगें सिर्फ़ ऊपर-ऊपर से ही मजा करेंगें तो उसने कहा कि ठीक है और मुझसे शादी के बारे में तो सोचना भी मत तो मुझे वह बहुत ही बुरा लगा और मेरे बब्स टॉप और ब्रा से बाहर ही थे, तो मैनें उससे दूर हटते हुए अपने कपड़े ठीक किए और उससे पूछा कि बताओ क्या कमी है मुझमे तो उसने कहा कि मैं नहीं बता सकता पर मुझे रिश्तों के चक्कर में नहीं पड़ना है तो मैनें उससे इसकी वजह पूछी पर उसने नहीं बताई, तो मैनें उससे कहा कि मैं सच में तुम्हारे साथ ही शादी करना चाहती हूँ पर वह कुछ नहीं बोला और मेरे काफ़ी पूछने के बाद उसने कहा कि उसका कोई परिवार नहीं है उसके माता-पिता की एक दुर्घटना में मौत हो गई थी इस बात को 6 साल हो गये थे और उसके चाचा-चाची ने उसको 12वीं तक ही पढ़ाया था और फिर काम पर जाने को कहा था लेकिन वह हॉस्टल में रहकर अपनी आगे की पढ़ाई कर रहा है और खर्चा चलाने के लिए उसे एक कॉल बॉय बनना पड़ा तो मुझे उसपर बहुत तरस आया।

मेरे प्यारे पाठकों मेरे पास समय की कमी होने के कारण मैं अपनी कहानी को बीच में ही छोड़ रही हूँ और जल्द ही आपके लिये इसका अगला भाग लेकर आऊँगी तब तक के लिये।

धन्यवाद् !!

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