पिकनिक पर मिली गर्लफ्रेंड की चूत

हाय फ्रेंड्स Antarvasna मेरा नाम अमन है और Kamukta मैं महाराष्ट्र के अमरावती का रहने वाला हूँ और मैं भी आप सभी की तरह ही कामलीला डॉट कॉम का नियमित पाठक हूँ और मैं पिछले 6 महीनों से इस वेबसाइट की सभी कहानियाँ पढ़ता आ रहा हूँ और आज मैं पहली बार इस वेबसाइट के माध्यम से आप सभी पाठकों को अपने साथ हुई सेक्सी घटना को बताने जा रहा हूँ जो मेरे साथ तब हुई थी जब मेरे कॉलेज वाले हम सभी को एक पिकनिक ट्यूर पर ऊटी लेकर गए थे हमारे साथ कॉलेज की बहुत सी लड़कियाँ भी उस पिकनिक ट्यूर पर गई थी दोस्तों मैं उम्मीद करता हूँ कि मेरी यह कहानी आप सभी लोगों को जरूर पसंद आएगी।

ठीक है तो दोस्तों चलो अब सीधा कहानी पर आते है।

दोस्तों जैसा कि मैंने आप सभी को बताया था कि मेरा नाम अमन है और मैं अमरावती का रहने वाला हूँ दोस्तों मेरी उम्र 25 साल की है और मेरा रंग गोरा है और जिम में कसरत करने की वजह से मेरी बॉडी भी बहुत अच्छी है और इसी लिए मेरे कॉलेज में बहुत सी लड़कियाँ भी मेरी दोस्त है उन्हीं में से एक लड़की थी जिसका नाम दीपिका था हम लोग बहुत ही अच्छे दोस्त थे और वह दिखने में एकदम कमाल की थी उसका फिगर 32-28-34 का था और वह दिखने में भी बहुत खूबसूरत और गोरी थी वह कपड़े भी एकदम नये फैशन के पहनती थी।

मैं और दीपिका एक ही क्लास में पढ़ते थे और दोस्तों यह बात आज से 2 साल पहले की है तब जनवरी में हमारा कॉलेज का पिकनिक ट्यूर था ऊटी का इसलिये सभी लोग काफ़ी उत्साहित थे लेकिन मेरा पिकनिक ट्यूर पर जाना पक्का नहीं हुआ था मेरे पापा की तबियत की वजह से पर मेरा जाने का भी बहुत मन हो रहा था फिर पिकनिक ट्यूर पर जाने वाले दिन ही मेरे पापा की तबियत ठीक हो गई थी और सब लोग तो निकल गए थे तो मैंने एक दिन बाद अकेले ने ही ऊटी जाने का सोचा और मैंने इसके बारे में दीपिका को भी फोन करके बता दिया था और उससे उस होटल का नाम पता पूछ लिया था जहाँ सब लोग ठहरे हुए थे और दीपिका मेरे भी आने की बात सुनकर बहुत खुश हुई थी तो फिर मैं भी अगले दिन ऊटी पहुँच गया था मैंने भी उसी होटल में अपने लिये अलग से एक कमरा बुक करवा लिया था और यह बात मैंने दीपिका को भी बता दी थी कि मैं यहाँ पहुँच गया हूँ और फिर वहाँ पहुँचकर मैं अपने सभी दोस्तों से भी मिला और हम सब शाम को घूमने के लिये निकले तो उस समय दीपिका मेरे साथ चिपककर घूम रही थी मेरे मन में उसके लिए उस समय कोई भी ग़लत विचार नहीं था और फिर हम घूमकर वापस होटल में आ गये थे और फिर सभी लोग खाना खाकर अपने-अपने कमरों में चले गये थे और दीपिका भी अपने कमरे में चली गई थी।

मैं भी अपने कमरे में आ गया था और मुझे सिगरेट पीने की आदत थी तो मैं होटल के बाहर एक सामने वाली दुकान पर सिगरेट पीने चला गया था और फिर थोड़ी देर बाद मैंने देखा कि दीपिका मेरे पास आई और मुझसे बोली कि मेरे साथ चलो हम लोग थोड़ा सा घूमकर आते है तो मैं भी मान गया और हम लोग घूमकर वापस आ रहे थे तो अचानक से मेरा पैर फिसल गया और मैं नीचे गिर पड़ा था और मेरे पैर में मोच आ गई थी और मुझसे अब ठीक तरह से खड़ा भी नहीं हुआ जा रहा था तो दीपिका ने मुझे अपना सहारा देकर खड़ा किया और मुझे चलने में भी मदद करी और यह सब मुझे बहुत अच्छा लग रहा था दोस्तों मैं आपको एक बात तो बताना ही भूल गया कि दीपिका ने उस समय गुलाबी रंग का एक नाइट सूट पहन रखा था जिसमें वह बहुत ही सेक्सी लग रही थी दीपिका ने अपना सहारा देकर मुझे मेरे कमरे तक पहुँचाया।

और अब मेरी नीयत भी उसके प्रति फिसलती जा रही थी उस समय मुझे वह किसी हुस्न की परी से कम नहीं लग रही थी मुझे अपने कमरे में छोड़कर जब वह जाने लगी तो मैंने दीपिका को बोला कि प्लीज़ थोड़ी देर और यहीं पर रुक जाओ मुझे बहुत दर्द हो रहा है और अगर मुझे किसी मदद की ज़रूरत हुई तो मेरे पास तो कोई भी नहीं है इसलिए मेरे कहने पर वह मान गई अब मैं चाहता था कि आज की रात वह यहीं मेरे साथ मेरे कमरे में ही रुक जाए इसके लिए मैं अब कुछ और सोचने लगा और मेरे मन में एक विचार आया।

और अब मैं जानबूझकर नाटक करने लगा और दीपिका से कहने लगा कि मेरे पाँव में बहुत तेज दर्द हो रहा है तो मेरी बात सुनकर वह थोड़ी घबराने लगी और फिर मैंने उसको बोला कि दीपिका तुम मेरे पैर पर थोड़ी सी मालिश कर दो प्लीज़ तो वह बोली कि ठीक है और फिर मैंने उसको मालिश करने के लिए तेल दिया लेकिन वह मुझसे बोली कि तुमने तो पेन्ट पहन रखी है तो इससे मैं तुम्हारे घुटने में अच्छी तरह से मालिश कैसे कर पाऊँगी तो मैंने दीपिका को बोला कि ठीक है तो मैं इसको उतार देता हूँ तो वह बोली कि हाँ यह ठीक रहेगा लेकिन मैं अपनी पेन्ट उतारने लगा तो मैं फिर से नाटक करने लगा और कहने लगा कि घुटने में दर्द की वजह से मुझे पेन्ट उतारने में दिक्कत हो रही है तो फिर दीपिका ने कहा कि मैं उतार देती हूँ तो मैं मन ही मन बहुत खुश हुआ और फिर उसने धीरे से मेरी पेन्ट उतार दी।

और मेरे घुटने पर मालिश करने लगी जिससे मुझे भी बहुत मजा आ रहा था और मेरा दिमाग़ भी खराब हो रहा था क्योंकि उसके हाथ इतने नरम और मुलायम थे कि मेरा तो दिल कर रहा था कि अभी उसको पकड़ लूँ और फिर मैंने उसको बोला कि मैं बस के सफर में खड़ा-खड़ा ही आया था तो मैं बुरी तरह से थक भी गया हूँ तो प्लीज़ तुम मेरे पूरे ही पैरों की मालिश कर दो मेरी बात सुनकर उसके दिमाग में पता नहीं क्या चल रहा था और वह बिना किसी हिचकिचाहट के मान गई और अब वह धीरे-धीरे मेरे पूरे ही पैरों पर मालिश करने लगी और मैं तो मानों किसी जन्नत में था और वह फिर से तेल लेने के लिए उठी और वापस आई इतने में मैंने अपनी शर्ट को भी उतार दिया और वह मुझे देखकर हैरान हो गई और बोलने लगी कि यह सब क्या है तो मैंने उसको बोला कि मुझे अपनी पीठ पर भी मालिश करवानी है तो वह मुझसे मना करने लगी तो मैंने उसको भावनात्मक रूप से अपने जाल में फँसाया और बोला कि अगर तुम्हारा कोई दोस्त परेशान है तो तुम उसकी मदद नहीं करोगी क्या? और मेरे थोड़ा और जोर देने पर वह मान भी गई।

दोस्तों मैं तो बहुत खुश हो रहा था और अब वह मेरी पीठ पर अपने हाथों से मालिश कर रही और फिर मैं सीधा लेट गया तो वह मेरे सीने पर भी मालिश करने लगी थी और इतना सब कुछ होने के बाद तो मेरा 7” का लौड़ा एकदम खड़ा हो गया था और एक तो मैं सिर्फ़ अंडरवियर में ही था और ऊपर से वह भी जॉकी फ्रेंची जैसी थी और शायद यह सब दीपिका ने भी देख लिया था और वह धीरे-धीरे मेरे सीने और पेट पर मालिश कर रही थी और दोस्तों आप सभी विश्वास नहीं करोगे कि 22-25 मिनट तक मालिश करने के बाद दीपिका ने खुद ही मुझसे बोला कि अमन मुझे लगता है कि मुझे आज की रात यहीं सो जाना चाहिये क्यूंकी तुम्हारी तबीयत ठीक नहीं है और तुमको अगर रात में कोई तकलीफ हुई तो तुम्हारे पास भी तो कोई तो होना ही चाहिए ना तुम्हारी मदद के लिए।

हाँ तो दोस्तों उसके मुहँ से यह बात सुनकर मेरी तो जैसे कोई लॉटरी लग गई थी मैं तो बहुत खुश हो गया था और केवल ऊपर के मन से ही उससे बोला मुझे तो कोई दिक्कत नहीं है लेकिन तुम देख लो तुमको तो कोई दिक्कत नहीं होगी ना यहाँ रुकने से तो वह बोली कि तुम मेरे एक अच्छे दोस्त हो तो मेरा इतना फ़र्ज़ तो बनता ही है यार उसके मुहँ से यह बात सुनकर अब तो मैं सातवे आसमान पर था दोस्तों अब वह मुझसे कहने लगी कि तुम बेड पर सो जाओ और मैं सामने वाले सोफे पर सो जाती हूँ तो मैंने दीपिका से कहा कि नहीं यार तुम बेड पर सो जाओ मैं सो जाऊँगा सोफे पर तो फिर अब वह मुझसे बोली कि तुम्हारी तो पहले से ही तबीयत ठीक नहीं है तो मैंने उससे कहा कि फिर तुम सोफे पर कैसे सोओगी तो फिर वह मुझसे बोली कि ठीक है तो हम दोनों ही बेड पर सो जाते है तो मैंने उसको कहा कि हाँ यह ठीक रहेगा और फिर वह मेरे पास ही बेड पर सो गई और मैंने भी उसकी तरफ अपना मुँह कर लिया और उससे बातें करने लगा और उसको बोलने लगा कि तुम मेरी एक सच्ची दोस्त हो और तुमने मेरी इतनी मदद करी है उसके लिए शुक्रिया।

और फिर मैंने उसको पूछा कि क्या मैं तुम्हारे गाल पर एक किस कर लूँ? तो वह मुझसे बोली कि हाँ ठीक है कर लो तो फिर मैंने उसके गाल पर एक किस किया तो पता नहीं मुझे क्या हुआ और मैंने उसके होठों पर अपने होंठ रख दिए और उसको चूमने लगा और वह मेरी उस हरकत को देखकर एकदम से हैरान हो गई और मुझे खुद से दूर करते हुए बोली कि तुम यह क्या कर रहे हो क्या तुम पागल हो गये हो? तो मैंने उसको कहा कि नहीं गाल पर किस तो सभी दोस्त करते है लेकिन हम तो बहुत पक्के दोस्त है ना इसलिए मैंने तुम्हारे होठों पर किस कर दिया तो अब वह मुझसे बोली कि अमन यार तुम तो बहुत शरारती हो।

और अब मुझसे सब्र नहीं हो रहा था तो मैंने उसको अपनी बाहों में भर लिया और उसके होठों पर फिर से अपने होंठ रख दिए थे मेरे शरीर पर कोई भी कपड़ा ना होने के कारण अब वह अपने नाख़ूनो को मेरी पीठ में चुभाने लगी थी और कहने लगी थी कि मुझे छोड़ दो यह सब करना ग़लत है हम केवल अच्छे दोस्त है और यह सब करना बहुत ग़लत है लेकिन अब मैं उसकी कहाँ सुनने वाला था और फिर मैंने उसके बब्स भी दबाने शुरु कर दिये थे मुझ पर तो वासना का भूत सवार था अब मैंने उसके दोनों हाथ पकड़ लिए और उसके गुलाबी नाईट सूट का टॉप उतार दिया और अब वह मेरे सामने गुलाबी रंग की ही ब्रा में थी वह क्या गजब की लग रही थी उस ब्रा में एकदम किसी परी की तरह और फिर मैंने अपना एक हाथ उसके पजामे के अन्दर डाल दिया और उसकी पैन्टी के भी अन्दर डालकर उसकी चूत में अपनी ऊँगली डालकर ऊँगली को उसकी चूत में अन्दर-बाहर करने लगा तो वह दर्द की वजह से आह्ह्ह… इस्सस… करने लग गई थी और मैं 8-10 मिनट तक वैसे ही करता रहा और शायद अब उसको भी मजा आने लगा था और अब वह भी मेरा साथ देने लग गई थी।

अब तो फिर क्या था मुझे तो उसकी तरफ से भी हरी झंडी मिल गई थी तो अब मैंने उसकी ब्रा को उसके जिस्म से आजाद कर दिया था और उसके गोल-मटोल मोटे-मोटे बब्स को अपने मुँह में लेकर चूसने लगा और काटने भी लगा था दोस्तों अब उसको भी खूब मजा आ रहा था और वह भी मेरे बालों में अपना हाथ फेर रही थी और मेरे सिर को अपने बब्स पर दबा रही थी और फिर मैंने उसके एक हाथ को पकड़कर अपने अंडरवियर में डाल दिया था और उसको अपना लंड उसके हाथ में पकड़ा दिया और अब वह उसको धीरे-धीरे आगे-पीछे करने लगी उत्तेजना में आकर उसने मेरा लंड जोर से दबा लिया था जिससे मुझे उसके नाख़ून अपने लंड पर चुभ रहे थे और मुझे भी उसमें दर्द कम और मजा ज़्यादा आ रहा था और फिर मैंने अपना अंडरवियर पूरा ही उतारा और अपना लंड बाहर निकाला तो उसको देखकर वह डर गई और बोलने लगी कि अमन प्लीज़ भले ही तुम सब कुछ कर लेना लेकिन मुझे चोदना मत तो मैंने अपने ही मन में कहा कि शिकार मेरे सामने है और मैं उसको ऐसे ही कैसे छोड़ दूँ।

और फिर मैंने उसको बोला कि मेरे लंड को अपने मुँह में डालकर चूसो तो वह मना करने लगी लेकिन मैंने धक्के से अपना लंड उसके मुँह में डाल दिया और अब वह धीरे-धीरे मेरे लंड को चूसने लगी और 10-12 मिनट तक चूसने के बाद वह रुक गई और बोलने लगी कि बस-बस अब और नहीं लेकिन मैं कहाँ मानने वाला था तो मैंने उसको बोला कि चुप हो जाओ नहीं तो सभी को बोल दूँगा कि तुम रातभर मेरे साथ मेरे कमरे में थी और हमारे बीच क्या हुआ तो वह थोड़ी सी रोने जैसी सूरत बनाकर बेड पर लेट गई और मैंने जल्दी से उसका पजामा उतारा और फिर उसकी पैन्टी पर भी टूट पड़ा और उसको खोलकर उसकी चूत को अपने होठों से चूसना शूरु किया दोस्तों क्या खूबसूरत चूत थी दीपिका की और उससे भी अच्छी तो उसकी मदहोश कर देने वाली खुशबू थी अब मैं उसकी चूत को चूसता जा रहा था और फिर उसको भी बहुत मजा आने लगा और वह मेरे सिर को अपनी चूत में अन्दर की तरफ धकेलने लगी और अपने मुहँ से अजीब सी आवाज़ें भी निकालने लगी आहहह… उहहह… वह पूरी तरह से मदहोश होती जा रही थी और दोस्तों फिर वह मुझसे बोलने लगी कि अमन प्लीज़ अब डाल भी दो तो उसके मुहँ से यह सब सुनकर मेरा तो जोश ही दुगना हो गया और फिर क्या था मैंने उसको घोड़ी बनाया और उसके पीछे आकर अपना लंड उसकी चूत के अन्दर डालने लगा लेकिन मेरा लंड बार-बार ही फिसल रहा था क्योंकि दीपिका अभी तक कुँवारी कली ही थी फिर मैंने अपने पास पडे तेल की शीशी से बहुत सारा तेल निकाला और अपने लंड पर और उसकी चूत पर भी लगा दिया।

अब मैं फिर से उसके पीछे आ गया और अपना लंड उसकी चूत में डालने लगा और फिर मैंने एक तेज़ झटका मारा तो मेरा आधा लंड उसकी चूत को फाड़ता हुआ उसके अन्दर घुस गया और वह एकदम से चीखने लगी तो मैंने उसको चुप होने के लिये बोला और अपना एक हाथ उसके मुँह पर रख दिया और फिर मैंने 5-7 मिनट तक इन्तजार किया और जब उसका दर्द थोड़ा कम हुआ तो फिर मैंने एक और झटका मारा और अपना पूरा का पूरा लंड उसकी चूत में घुसा दिया मेरा हाथ उसके मुँह पर होने की वजह से उसकी आवाज़ अन्दर ही दब गई थी और उसकी आँखो से आँसू आ गये थे।

मुझे उसकी चूत के अन्दर से निकलता हुआ हल्का-हल्का खून अपने लंड पर दिखाई दे रहा था अब फिर क्या था मैं जानवरों की तरह उस पर टूट पड़ा और उसको तेज-तेज चोदने लगा और फिर थोड़ी देर के बाद उसको भी चुदाई का मजा आने लगा और वह भी अपनी गांड को पीछे धकेलकर मेरा साथ देने लगी और मुझसे बोलने लगी कि और तेज चोदो मुझे अब मैं भी और उत्तेजित होकर उसको और तेजी से चोदने लगा और करीब 20-25 मिनट तक चोदने के बाद मैंने अपना सारा कामरस उसकी चूत के अन्दर ही निकाल दिया और अपने लंड को उसकी चूत में ऐसे ही 5-7 बार आगे-पीछे किया जिससे अब वह भी झड़ गई थी और फिर हम दोनों ही एक-दूसरे के ऊपर वैसे ही लेटे रहे और एक-दूसरे को चूमते रहे और 40-45 मिनट के बाद मेरा एकबार फिर से मूड बन गया और हमने फिर से चुदाई करी दोस्तों उस रात हमने 3 बार सेक्स किया और अब उसको भी मुझसे कोई नाराज़गी नहीं थी उसके बाद हम वापस अपने शहर अमरावती आ गए अब भी हमको जब भी मौका मिलता है तो हम दोनों खूब चुदाई करते है।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!

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