सिमरन की मस्कामार चुदाई

हाय दोस्तों, मेरा Antarvasna नाम वरुण है और Kamukta मैं सूरत का रहने वाला हूँ मेरी उम्र 24 साल है और मेरी लम्बाई 5.7 फुट है मैं दिखने में भी बहुत हेंडसम लगता हूँ ऐसा मेरे दोस्त भी मुझसे कहते हैं वैसे तो मैं सेक्सी कहानियाँ नहीं पढ़ता हूँ लेकिन मेरे एक दोस्त के कहने पर ही मैंने अपने साथ हुई उस घटना को कामलीला डॉट कॉम के माध्यम से आप सभी तक पहुँचाने का एक छोटा सा प्रयास किया है मैं आशा करता हूँ कि मेरी यह कामलीला आप सभी को जरूर पसंद आएगी।

हाँ तो मेरे प्यारे दोस्तों अब मैं अपनी कहानी पर आता हूँ जो कि कुछ इस तरह से है…

दोस्तों मेरी यह कहानी एक पंजाबी लड़की और मेरे बीच हुए सेक्स के बारे में है उसका नाम सिमरन है और वह 21 साल की है और उसका रंग बहुत गोरा है और उसका फिगर 34-28-36 का है उसके बब्स और गांड बहुत उभरे हुए थे जिनको देखते ही किसी का भी लंड उसकी एक ही झलक में खड़ा हो जाए वह थी ही ऐसी चीज़ वह मेरे घर के ठीक सामने वाली गली में रहती थी उसकी मम्मी का हमारे घर पर काफ़ी आना जाना लगा रहता था तो वह भी हमेशा अपनी मम्मी के साथ ही हमारे घर पर आती थी तो मैं उसको देख के बस उसे ही देखता रहता था और उसके चले जाने के बाद बाथरूम में जाकर उसको याद करके अपना लंड हिलाता था।

फिर एक दिन मैं अपनी मम्मी के कहने पर उसकी मम्मी के पास किसी काम से उसके घर गया तो सिमरन ने ही गेट खोला और मुझे अन्दर बुलाया और सोफे पर बैठा दिया तो मैंने उससे पूछा कि आंटी कहाँ है तो उसने कहा कि घर के सभी लोग शादी में चंडीगढ़ गये हुए है और मेरी परीक्षा है तो इसलिए मैं नहीं जा सकी उसको देखते ही मेरा लंड फन फनाने लगा उसने उस समय एक काले रंग की टाईट जीन्स और पीले रंग की टाईट टी-शर्ट पहन रखी थी जिसमें वह और भी सेक्सी लग रही थी उसकी गांड और बब्स बहुत बड़े और उभरे हुए दिख रहे थे अब तो मुझसे बिल्कुल भी सब्र नहीं हो रहा था और मैंने उससे कहा कि तुम्हारा अकेले कैसे मन लगता होगा तो उसने कहा कि मन तो नहीं लगता पर क्या करूं तो फिर हिम्मत करके उससे कह दिया कि तू आज बहुत सेक्सी लग रही है।

तो उसने मुझसे कहा कि थेंक्स और उसने बुरा नहीं माना तो फिर मेरी हिम्मत और बढ़ गई और मैंने उससे कहा कि मैं तुमको एक बार बिना कपड़ों के देखना चाहता हूँ तो उसने नाराज़ होते हुए मुझसे कहा कि पागल हो गया है क्या तू? तो मैंने उससे कहा कि हाँ मैंने जब तुझको पहली बार मेरे घर पर देखा था तभी से मैं पागल हो गया हूँ और तुमसे बहुत प्यार करने लगा हूँ और मेरे ऐसा कहने पर वह भी थोड़ी सी पिघली और मुझसे कहने लगी कि प्यार तो मैं भी तुमसे बहुत करती हूँ तभी तो मैं अपनी मम्मी के साथ तुमको देखने तुम्हारे घर आती थी।

और फिर बड़ी मुश्किल से मैंने उसको तैयार किया और फिर मैंने उसे अपनी गोद में बैठाया और उसके बब्स को सहलाने लगा तो वह भी गरम होने लग गई थी और फिर मैंने उसके होठों पर एक लम्बा सा किस किया और थोड़ी देर तक ऐसा ही चलता रहा और फिर अब वह पूरी तरह से गरम हो चुकी थी तो मैंने उसके कपड़े उतारने शुरू कर दिए पहले मैंने उसकी टाईट जीन्स उतारी उसके बाद उसकी टी-शर्ट अब वह मेरे सामने आधी नंगी खड़ी थी उसको ऐसी हालत में देखकर मेरा लंड और भी कड़क हो गया जो कि 7 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा है और फिर मैं उसके एक बब्स को उसकी ब्रा के ऊपर से ही चूसने लगा और अपने एक हाथ से उसके दूसरे बब्स को दबाने लगा और अपना दूसरा हाथ उसकी पैन्टी में डालकर उसकी चूत को सहला रहा था और थोड़ी देर तक ऐसा ही चलता रहा उसके बाद वह और भी ज़्यादा गरम हो गई और उसने भी मेरे कपड़े उतारने चालू कर दिए थे अब मैं भी उसके सामने एकदम नंगा खड़ा था और वह मेरे लौड़े को देखकर हैरान हो गई और कहने लगी इतना बड़ा लंड तो मैंने आज तक नहीं देखा है इसको मैं कैसे अपनी छोटी सी चूत में डलवाऊँगी? यह तो मेरी चूत पूरी ही फाड़ देगा तो फिर मैंने उसे बड़े प्यार से समझाया और कहा की पहले हम 69 पोज़िशन में हो जाते है तो उसने कहा कि यह 69 की पोज़िशन क्या होती है? तो मैंने उसे समझाया की इस पोजीशन में लड़की लड़के के ऊपर चढ़कर लड़के का लंड चूसती है और लड़का उसकी चूत को चाटता है।

और फिर हम दोनों ही 69 की पोजीशन में हो गए पहले तो वह मेरे लंड को अपने मुहँ में लेने से डर रही थी पर जैसे ही मैंने उसकी मक्खन जैसी बिना बालों वाली चिकनी चूत में अपना मुहँ लगाया तो उसने भी उत्तेजना में आकर झट से मेरे लंड को अपने मुहँ में ले लिया और अब वह धीरे-धीरे मेरे लंड को अपने मुहँ में आगे पीछे करने लगी और इधर मैं उसकी चूत को बड़े ही प्यार चाट रहा था और बीच-बीच में उसकी चूत के गुलाबी दाने को भी अपनी जीभ से सहला रहा था जिससे वह और भी ज्यादा जोश में आकर मेरे सिर को अपनी जाँघों के बीच में और भी तेजी से दबा लेती थी और थोड़ी ही देर के बाद वह तेजी के साथ अकड़कर झड़ गई और उसकी चूत का सारा नमकीन पानी मेरे मुहँ में आ गया और मैंने वह सारा पी लिया और उसकी चूत को भी चाट-चाटकर साफ कर दिया।

अब वह मुझसे कहने लगी कि अब मुझसे सब्र नहीं हो रहा है प्लीज़ डाल दो अपना लंड मेरी चूत में मुझे अब और मत तड़पाओ और फिर मैं उसकी टाँगों के बीच में आकर बैठ गया और उसकी गांड के नीचे एक तकिया लगाया और अपने लंड को और उसकी चूत को अपने थूँक से खूब अच्छी तरह से चिकना किया और उसके होठों को अपने होठों के बीच में लेकर चूसते हुए नीचे से एकदम से एक झटका मारा और जैसे ही मेरे लंड का टोपा उसकी चूत में गया तो वह चिल्ला पड़ी पर उसकी आवाज़ मेरे मुहँ में ही दबकर रह गई थी और फिर जब वह थोड़ी शान्त हुई तो मैंने उसे समझाया कि इतना बड़ा लंड है और पहली बार है तो थोड़ा दर्द तो होगा ही लेकिन बाद में सब ठीक हो जाएगा और फिर मैंने अपना लंड धीरे-धीरे उसकी चूत में डालना शुरू किया और थोड़ी ही देर के बाद मैंने अपने लंड से एक जोरदार झटका मारकर उसको पूरा ही उसकी चूत में घुसा दिया तो वह एकदम से चिल्ला उठी उईईई… आहहह… और कहने लगी कि निकाल लो इसको बाहर और फिर मैंने उसकी बात को सुने बिना ही 5-7 झटके और मारकर अपने लंड को बाहर निकाल लिया और उसके बाद मैंने उससे कहा कि अब मैं तुम्हारी गांड में अपना लंड डालना चाहता हूँ।

तो उसने कहा कि नहीं तुम मेरी गांड में तो अपना लंड बिल्कुल भी मत डालना तुम्हारा लंड बहुत बड़ा है इसलिए बहुत दर्द होगा तो मैंने उससे कहा कि तुम फिर से 69 की पोज़िशन में हो जाओ तो उसने पूछा कि क्यों? तो मैंने उससे कहा कि तुम मेरे लंड को अपने मुहँ में लेकर चूसकर गीला कर दो और मैं तुम्हारी गांड को गीला कर देता हूँ जिससे तुमको दर्द कम होगा और फिर मैंने उसकी गांड के गुलाबी छेद को चाटना शुरू कर दिया और उसे चाट-चाटकर लाल कर दिया और साथ ही उसकी गांड में अपनी एक ऊँगली को अन्दर-बाहर करते हुए उसकी गांड के छेद को थोड़ा सा और खोल दिया और उसकी गांड को अन्दर से भी चिकना कर दिया और उधर उसने भी मेरे लंड को चूस-चूसकर पूरा ही थूक से गीला कर दिया और थोड़ी ही देर के बाद हम दोनों ही गीले हो चुके थे अब वह भी तैयार थी तो अब मैंने उसको घोड़ी बनने के लिए कहा और उसके घोड़ी बनने के बाद उसकी गांड का छेद और भी बड़ा दिखने लगा था और जैसे ही मैंने अपना लंड उसकी गांड के गुलाबी छेद में हल्का सा घुसाया तो वह चिल्ला उठी उईईई… आउच… तो फिर मैंने अपना लंड उसकी गांड से बाहर निकाल लिया और जाकर फ्रीज़ से मक्खन ले आया और उसे अपने लंड पर लगाया और अपनी ऊँगली से उसकी गांड के गुलाबी छेद के अन्दर भी लगाया जिससे वह अब और भी गरम हो गई थी और अपनी गांड को आगे-पीछे करने लगी थी तो मैंने अब फिर से अपना लंड उसकी गांड में डालना शुरू किया तो इसबार वह इतना नहीं चिल्लाई और फिर मैंने धीरे-धीरे धक्के दे देकर अपना पूरा का पूरा ही लंड उसकी गांड में डाल दिया और मेरा पूरा लंड उसकी गांड में जाते ही वह चीख पड़ी तो मैं उसको अनसुना करते हुए तेज-तेज झटके देने लगा।

और थोड़ी ही देर के बाद अब वो भी मेरा साथ देने लगी थी और अपनी गांड को पीछे करके मेरे लंड को अपनी गांड में अन्दर तक लेने लगी थी और जैसे ही झटके से मेरा लंड उसकी गांड के अन्दर जाता तो पच्च की आवाज़ आती और अब उसको भी बहुत मज़ा आ रहा था और मैं अपने एक हाथ को आगे करके उसके एक बब्स को दबा रहा था और अपने दूसरे हाथ से उसकी चूत में ऊँगली कर रहा था जिससे वह अब तक 3-4 बार झड़ चुकी थी और 1 बार और झड़ने वाली थी तो मैंने फिर से अपना लंड उसकी गांड में से निकालकर फिर से उसकी चूत में डाल दिया और तेज़-तेज झटके देने शुरू कर दिए और 5-7 झटकों के बाद ही उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया अब मैं भी झड़ने के करीब था तो मैंने उसकी चूत में से अपना लंड बाहर निकाला और उसे अपने लंड के नीचे बैठाया और उसको अपना लंड मुहँ में लेकर चूसने को कहा तो उसने मेरा पूरा लंड एक ही बार में पूरा अपने मुहँ में ले लिया और ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगी थोड़ी ही देर के बाद मैं उसके मुहँ में ही झड़ गया था और मैंने अपना सारा माल उसके मुहँ में और उसके बब्स के ऊपर ही छोड़ दिया था और फिर उसने मेरा लंड फिर से अपने मुहँ में ले लिया और उसको अच्छी तरह से चाट-चाटकर साफ़ कर दिया था अब मैं पूरी तरह से खाली हो चुका था और हमको सेक्स करते-करते 40-45 मिनट भी हो चुके थे तो मैंने अपने कपड़े पहने और अपने घर चला आया और फिर सिमरन शाम को मेरे घर आई और मेरी मम्मी को बोला कि आंटी मेरे घर पर कोई भी नहीं है सभी लोग शादी में चंडीगढ़ गए हुए है और रात को मुझे अकेले में डर लगता है तो आप वरुण को मेरे घर सोने के लिए भेज देना और उसकी यह बात मेरी मम्मी भी मान गई।

और फिर 7 दिनों तक दिन रात हमने सिर्फ चुदाई ही चुदाई करी और फिर उसके घर वाले भी आ गए थे अब तो जब कभी उसकी मम्मी मेरे घर पर आती या मेरी मम्मी उसके घर पर जाती या फिर वह दोनों ही साथ-साथ बाज़ार जाती तो हम अपनी चुदाई करते थे।

धन्यवाद कामलीला के प्यारे पाठकों !!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *