माँ और मामी दोनों मेरे लंड की दीवानी

हाय फ्रेंड्स मेरा Kamukta नाम आशीष Antarvasna है, मेरी उम्र 22 साल की है और मैं मुरादाबाद के पास ही एक गाँव का रहने वाला हूँ हमारे गाँव में कोई कॉलेज नहीं होने के कारण मुझे अपनी आगे की पढाई करने के लिए मुरादाबाद में ही कॉलेज के हॉस्टल में रहना पड़ा था मेरे हॉस्टल के सभी लड़के रात को इंटरनेट पर सेक्सी कहानियाँ पढ़कर अपना मनोरंजन करते थे और कुछ तो कहानियाँ पढ़-पढ़कर मूठ भी मारते थे मुझे भी कहानियाँ पढने का शौक वहीं से लगा था।

अब मैं मेरी आज की कहानी पर आता हूँ जो कि मेरे साथ अपनी पढाई पूरी करके वापस अपने घर आने के बाद हुई घटना पर आधारित है।

तो दोस्तों मेरी आज की कहानी कुछ इस प्रकार है…

हमारे घर में मेरे मामा-मामी हमारे साथ ही रहते है मेरे पापा का स्वर्गवास हो गया था तब मैं बहुत छोटा था तभी किसी बिमारी के चलते हो गया था और मैं हॉस्टल में अपनी पढाई करता था मैनें मेरी मामी को उससे पहले कभी देखा नहीं था मेरी मम्मी ने ही मेरे मामा की शादी करवाई थी जब मैनें मेरी मामी को पहली बार देखा तो मैं उनको देखता ही रह गया था वह जवान, सुंदर, गोरी और एकदम सेक्सी औरत दिखती थी मेरा मामा तो पहले से ही थोड़ा लल्लू किस्म का था मेरे नाना-नानी के मरने के बाद मेरी मम्मी ने ही मामा को अपने घर पर रखा था और सारी जायदाद के वारिस मेरे मामा और मम्मी ही थे पर पैसा होने की वजह से उसको सुंदर सी मामी मिली थी मैं अपनी पढाई की वजह से उनकी शादी में नहीं आ पाया था तो मामी एक ही नज़र में मेरे मन में बस गई थी वह कितनी सुंदर थी यारों मुझे तो रात भर नींद ही नहीं आई फिर सुबह-सुबह मामी मेरे लिए चाय लेकर आई और मुझे देखकर मुस्कुराने लगी उनकी इस कातिलाना मुस्कान ने तो मेरा जीना ही मुश्किल कर दिया था और मैं सारा दिन बस मामी को ही देखता रहता था अब मामी को भी इस बात का पता चल गया था और वह भी बस मुझे देखकर हँसती रहती थी फिर अगले दिन सुबह वह मेरे लिए फिर से चाय लेकर मुझे उठाने आएगी उसकी इसी याद में मेरा लंड तनतनाने लगा था और मेरा लंड एकदम खड़ा हो गया था।

और मैनें भी जानबूझकर उसे खड़ा ही रखा और जब मामी चाय लेकर आई तो मैनें अपनी आँखे बंद कर ली थी शायद उसने भी मेरे खड़े लंड को देख लिया था इसीलिए शरमाकर उसने मुझे आवाज़ नहीं दी पर चाय का कप रखते समय आवाज़ करने लगी और मैं भी आधी बंद आँखो से मामी को देखने लगा वह मेरे लंड को ही देख रही थी और फिर वह चली गई मैं भी यह सोचकर अंदर से बहुत खुश था कि मामी के मन में भी कुछ चल रहा है उसके बाद सारा दिन मैं मामी पर लाइन मारता रहा उसने मेरे सामने ही मेरी मम्मी को बोला कि अब तो इसकी शादी करवानी पड़ेगी तो मम्मी मामी से बोली कि कोई तेरी पहचान में है क्या? तो मामी बोली कि अगर मेरी कोई बहिन होती तो मैं ज़बरदस्ती इसके गले में डाल देती और फिर वह हँसने लगी और मम्मी भी हँसने लगी फिर दूसरे दिन सुबह-सुबह मैनें हिम्मत की और अपने लंड को बाहर निकाल के रखा।

और फिर मामी अंदर आई और मेरे गोरे-गोरे मोटे खड़े लंड को वह चुप-चाप देखती रही और फिर उसने चाय का कप रखा और मेरे लंड को ज़्यादा देर तक देखने के बहाने से कप में कुछ देखने लगी और मैं भी चुपके से उनको देख रहा था और मेरा लंड भी तनतना रहा था जैसे ही मेरा लंड झटके मारता वह उसे गौर से देखती आख़िर फिर वह जानबूझकर मेरे कमरे का दरवाजा ज़ोर से बंद करके चली गई मैं तो मामी के लिए पागल हुआ जा रहा था मैं दिन भर बस मामी पर लाइन मारता रहता और मामी भी बस हँसती रहती और मेरी मम्मी को बोलती कि इसकी जल्दी से शादी करवानी पड़ेगी और मम्मी भी बस हँस देती थी फिर एक दिन तो मैनें बड़ी हिम्मत करके अपने लंड को बाहर निकाला और जैसे ही वह अंदर आई मैं एक हाथ से अपने लंड को हिलाने लगा और बंद आँखो से ही धीरे से बोला कि मामी आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो प्लीज़ मामी इसे एकबार अपने हाथ में लो ना तो मामी बोली मैं हाथ नहीं लगाऊँगी तो मैनें आँखें खोली तो मामी मुझे देखने लगी।

मैनें फिर मामी को बोला कि सिर्फ़ हाथ ही लगाना तो मामी बोली नहीं मैं नहीं लगाऊँगी चाहे तो तू मुझे देखकर अपने हाथ से ही हिलाकर निकाल ले और फिर मैं ज़ोर-ज़ोर से मामी के सामने ही मूठ मारने लगा और मामी-मामी चिल्लाने लगा तो मामी बोली कि निकाल जल्दी मुझे जाना भी है अब मेरा पानी निकलने वाला था तो मैनें मेरी स्पीड तेज कर दी और चिल्लाने लगा मामी प्लीज़ बस एकबार पकड़ लो तो फिर मामी मेरे नज़दीक आई तो मैनें मामी का हाथ पकड़ लिया तो मामी ना ना करने लगी आख़िर जैसे ही मामी ने मेरा लंड अपने हाथ में लिया तो एक दो बार में ही मेरी पिचकारी निकल गई और फिर मामी भाग गई और मैं भी पागलों जैसा खुश हुआ उस दिन मामी ने मुझे बहुत प्यार किया अगले दिन सुबह फिर मैनें अपना लंड खड़ा करके रखा और जैसे ही मामी ने चाय रखी मैनें मामी का हाथ पकड़ लिया और मामी ना ना करने लगी और बोली कि देख तुझे चोदने नहीं दूँगी चाहे तो मैं तेरा मूठ मारके पानी निकाल दूँगी और मामी जोर-जोर से मेरी मूठ मारने लगी और कहने लगी कि आहहहहहह कितना मोटा है रे तेरा कब निकलेगा इसमें से पानी तो मैं बोला कि मामी इसको एकबार अपने मुहँ में लेलो ना प्लीज़ आह्ह्ह मामी और मामी थोड़ी ना नुकर के बाद मेरे ज्यादा जोर देने पर मेरे लंड को चूसने लगी मैनें सपने में भी नहीं सोचा था कि सिर्फ़ चार दिन में ही मामी पट जाएगी मामी, अब मैं मामी के बब्स को दबाने लगा और उसके सारे शरीर पर अपना हाथ घुमाने लगा अब मेरा पानी निकलने वाला था और एक पिचकारी मामी के मुहँ में चली गई तो तुरंत ही उसने लंड को अपने मुहँ से बाहर निकालकर मुझे पकड़ा दिया।

और मैनें फिर से अपना लंड उसके मुहँ में डाल दिया और दूसरी पिचकारी मारी अब मामी मेरा पानी पीने लगी और मेरे लंड को चूसती रही अब मुझे दर्द होने लगा तब भी वह मेरे लंड को चूसती रही और फिर उसने लंड को अपने मुहँ से निकाला और साइड में जितना भी वीर्य लगा था सब चाट लिया और मुस्कुराते हुए चली गई उस दिन दोपहर को मम्मी बाजार से जूस लेकर आई और मुझे भी पीने को दिया तो मैं जूसे पीने लगा और मामी को भी देने लगी तो मामी बोली मुझे नहीं चाहिए आज मैनें बहुत जूस पिया है और मम्मी और मामी एक दूसरे को देखकर हँसने लगे उस दिन मम्मी बोली कि बेटा आज तेरा मामा बाहर जा रहा है तो मैं मामी को देखने लगा और वह भी मुझे देखने लगी रात को 10 बजे की गाड़ी थी तो मामा करीब 9 बजे ही चले गये तो फिर मामी ने एकबार मेरी तरफ देखा मम्मी ने बोला कि मैं सोने जा रही हूँ और अब तुम भी सो जाओ।

और फिर मैं मेरे कमरे में आया और दरवाज़ा खुला ही रखा करीब एक घंटे बाद मामी अन्दर आई तो मैं तो पागल ही हो गया और खड़े होकर मामी को किस करने लगा उसके बब्स को ब्लाऊज के ऊपर से ही चूसने लगा और फिर मामी का ब्लाउज निकाला और साड़ी और पेटीकोट भी निकाला और मामी के पूरे बदन को चूमने लगा और मामी भी मुझे चूमने लगी मामी ने अब मेरा लंड बाहर निकाला और मेरी पेन्ट को भी पूरा खोलकर नंगा कर दिया अब हम दोनों ही पूरे नंगे थे अब मैनें मामी को अपनी गोद में उठाया और बेड पर लेटाया और मैं मामी की चूत को चाटने लगा और मामी आहहहहहहा करने लगी और बोली कि कितना तगड़ा है रे तू तो तुझे पहली बार देखकर मैं भी पागल हो गई थी और ऐसा बोलकर मुझे चूमने लगी और बोली कि प्लीज़ अब मुझसे रहा नहीं जाता जल्दी से मुझे चोद दो तो मैनें मामी से कहा कि थोड़ा और सब्र करो मेरी जान सब्र का फल मीठा होता है और इसके साथ ही हम दोनों 69 की पोजीशन में हो गए और जोर-जोर से एकदूसरे के अंगों को चाटने और चूसने लग गए और इसी बीच मामी एकबार तो तेजी के साथ अकड़कर झड़ गई थी और फिर मैनें मामी के पैर अपने कंधो पर रखे और उनकी चूत में लंड को सेट करके धक्का लगाने लगा तो मामी तड़पकर चिल्लाने लगी आहहह ईईई कितना मोटा लंड है रे तेरा तो आहहह और मैं अपना पूरा लंड मामी की चूत में घुसाकर दनादन शॉट मारने लगा और मैं मामी से बोला कि आपकी क्या चूत है एकदम गरमा गरम और मैं तेजी से उनको चोद रहा था थप-थप की आवाजें आ रही थी और मामी चिल्ला रही थी आहहहहह ईईईई मररर गई माआ हाह छोड़ छोड़ हाहह और मैनें अपनी स्पीड और बढाई और अपनी जवान मामी को घचा-घच पेलने लगा और अब मैं भी चिल्लाने लगा।

मामी मामी आहहह और अपने जीवन की पहली चुदाई में मैनें अपनी पिचकारी मामी की चूत में चलाई और मामी ने भी मुझे कसकर दबोच लिया और हमारी साँसे ज़ोर-ज़ोर से चलने लगी हम एक दूसरे को चूमने लगे इतने में ही मेरी मम्मी कमरे के अंदर आई और वह 2 गिलास केशर का दूध लाई और बोली बेटे तेरी मामी मेरी जान है बेटे उसे खूब खुश रखना हम हड़बड़ी में उठे और दोनों ही बिल्कुल नंगे थे मम्मी ने हम दोनों को दूध दिया और चली गई और मैं देखता ही रहा और मामी बोली कि तुम्हारी मम्मी सब जानती है मैनें उनको सब बता रखा है और उन्होने सब देख भी रखा है।

मैं एकदम से घबरा गया था फिर मामी मेरे लंड को हाथ लगाकर धीरे-धीरे टाईट करने लगी और मैं भी बैठे-बैठे मामी के बब्स दबाने लगा और मेरा लंड अब फिर से टाईट होने लगा और मामी उसकी मूठ मार रही थी मैनें मामी से बोला कि क्या तुमने सब माँ को बोल दिया तो मामी बोली कि हम कुछ छुपाते नहीं फिर तुम्हारी मम्मी ने ही मुझे बोला कि जब मेरे लड़के का इतना तगड़ा है तो चुदवा ले उससे ऐसा मौका फिर नहीं मिलेगा तो फिर मैनें तुम्हारी मम्मी को बोला कि आप भी तो जवान है आपकी इच्छा नहीं होती क्या? वह बोली कि नहीं बस अब तो तेरी खुशी में ही मेरी खुशी है और मामी मेरे लंड को टाईट करते-करते बोली कि मेरे लिए तेरी माँ ने इतना किया है क्या तू भी अपनी माँ को खुश करेगा तो मैं बोला कि तुम यह क्या बोल रही हो वह मेरी माँ है तो मामी बोली कि मैं भी तो तेरी मामी हूँ लंड और चूत का कोई रिश्ता नहीं होता है यह लंड जब तेरी माँ की प्यासी चूत में जाएगा तो वह बेचारी कितनी खुश होगी बोल ना करेगा ना?

और तभी मैं भी तुझे बहुत चोदने दूँगी इधर मेरा लंड तो जोरों से फनफना रहा था और उधर मामी ने मम्मी को आवाज़ दी तो मम्मी बोली कि क्या है हो गया क्या? और मम्मी अंदर आई हम दोनों बेड पर बैठे थे और मामी के हाथ में मेरा लंड था मम्मी मुझे देखकर बोली कि बेटा अपनी मामी को एकदम खुश करना तो मामी बोली इसका लंड आपको भी खुश करेगा और मामी ने मम्मी का हाथ पकड़ा तो मम्मी ना ना करने लगी मामी बोली निकालो ना साड़ी को और मामी मुझसे बोलने लगी कि क्या तू तैयार है अपनी मम्मी को खुश करेगा ना? और फिर मैं भी बोला कि मम्मी आओ ना और मैनें भी मम्मी का एक हाथ पकड़ा तो मम्मी बोली तुम दोनों खूब मजा करो मैं तो बस देखूँगी इतने में मामी ने मम्मी का एक हाथ मेरे लंड पर रखा और जबरदस्ती मेरा लंड मम्मी के मुहँ में दे दिया।

मम्मी ने शरमाकर अपनी आँखें बंद करते हुए खड़े-खड़े ही मेरी मूठ मारने लगी तो मामी ने मम्मी की साड़ी को ऊपर उठाया तो मैनें मम्मी की चूत में अपनी एक ऊँगली डाली तो मम्मी आहहहहह करने लगी तो मामी ने मम्मी की साड़ी और पेटीकोट निकाल दिया अब मम्मी नीचे से पूरी नंगी हो गई थी मामी ने अब मुझे इशारा किया और मैं उठा और मम्मी को खड़े-खड़े ही पीछे से आगे झुकाया और उनकी गांड पर अपना लंड रगड़ने लगा मम्मी मामी को बोली कि यह क्या कर रही हो तुम तो मामी ने मम्मी के मुहँ पर अपनी चूत रख दी और मुझे इशारा किया तो मैं पीछे से मम्मी की चूत में लंड डालने लगा मामी ने मम्मी के दोनों हाथ पकड़ रखे थे और जैसे ही मेरा लंड मम्मी की चूत में गया तो मम्मी चिल्लाने लगी आहहह उईईईईई।

और मैं भी ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाने लगा कि मम्मी क्या मस्त है तुम्हारी यह गांड और क्या टाईट है तुम्हारी यह चूत आहहहह मम्मी बहुत अच्छा लग रहा है आहहहहहा और मैं धका-धक पीछे से मम्मी को चोदने लगा और मामी ने मम्मी का मुहँ अपनी चूत पर दबाकर रखा और मुझसे बोली कि और ज़ोर-से चोद आहहह और मैं खड़े-खड़े मम्मी की कमर में हाथ डालकर ज़ोर-ज़ोर से उनको चोदने लगा और मम्मी आहहहह फकक्क मीईईईईईई चिल्लाती रही।

और मैनें मम्मी की चूत में तेजी के साथ अकड़ते हुए अपना माल गिरा दिया और हम दोनो शांत हो गए और मम्मी ज़ोर-ज़ोर से साँसे लेने लगी आख़िर मेरा लंड जैसे ही बाहर आया तो मम्मी ने पलटकर मुझे अपनी बाहों में ले लिया और बोली कि बेटा जब से तूने मामी को अपना लंड दिखाया तब से हम दोनों ही इसे लेने के लिए पागल हुई जा रही थी और फिर 4 दिन तक लगातार मैं कभी मामी को और कभी मम्मी को तो कभी दोनों को एकसाथ ही चोदता रहा और जब मामा वापस आया तो उसके बाद भी हम चोरी छुपे चुदाई करने लगे अब मुझे और मामी को चुदाई की आदत सी लग गई थी धीरे-धीरे यह बात मामा को भी मालूम पड़ गई थी पर वह जानकर भी अंजान बना रहा।

अब मम्मी और मामी मुझसे अपने पति के जैसा व्यवहार करने लगी थी मामा चुप-चाप ही रहता था अब मामी मेरे साथ ही सोने लगी थी कभी-कभी हम तीनों को मामा देख भी लेता था पर कुछ बोलता भी नहीं था वह भी सब समझ गया था और मामी ने एक सुंदर से बच्चे को जन्म दिया और आज भी हम एकसाथ ही रहते है और हमारा लल्लू मामा कुछ भी नहीं बोलता और ऊपर से हमारा ही साथ देता है और आज भी मैं मम्मी और मामी को एक साथ ही चोदता हूँ।

धन्यवाद प्यारे पाठकों !!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *