कॉल बॉय से प्यार हो गया 2

तो मेरे प्यारे Kamukta आशिकों आप Antarvasna सब कैसे हो मैं परवीन एकबार फिर से आपके सामने हाज़िर हूँ अपनी कहानी का दूसरा भाग लेकर और आशा करती हूँ कि आपको मेरी कहानी का पहला भाग पसंद आया होगा तो अब पढ़िये उसके आगे कि घटना

फिर मैनें उसको सॉरी कहा और बोला कि तुम मेरे साथ भी एक बार सेक्स करो और मैं भी इसके बदले में तुमको पैसे दूँगी लेकिन उसने मना कर दिया और बोला कि बिना कॉंडम के उसने आज तक किसी के साथ भी सेक्स नहीं किया है और ना ही करेगा तो मैनें उसको बोला कि तो फिर आज कर लो बिना कॉंडम के मैनें सुना है कि ऐसे बहुत मज़ा आता है, तो वह मुस्कुराया और कहा कि अभी कुछ देर पहले जिनका फोन आया था उस औरत को माँ बनना है इसलिए मैं तुम्हारे साथ सेक्स नहीं कर सकता वरना मेरे स्पर्म यहीं पर ख़त्म हो जाएँगें, तो फिर मैनें उसका नंबर माँगा और उसने मुझे दे दिया और फिर हम सो गये और सुबह करीब 8 बजे बनारस पहुँचे और हम उठे और अपना सामान लेकर बस से बाहर निकले तो वहाँ पर एक गाड़ी खड़ी थी उसमें एक औरत बैठी थी और वह नीलेश को देखकर मुस्कुराई और नीलेश उसके पास जाकर उससे बात करने लगा और 5 मिनट बाद वह औरत मेरे पास आई और मुझसे बोली कि तुम भी चलना चाहोगी क्या हमारे साथ में?

मेरा काम हो जाएगा तो तुम इसको लेकर चली जाना, तो मैं भी तैयार हो गई और अपनी नानी के घर पर फ़ोन करके बोल दिया कि बस खराब हो गयी थी तो कुछ समय और लगेगा पहुँचने में और मैं भी उस औरत के घर चली गई उसके साथ में।

उसका एक बड़ा सा बंगला था मैं उनके साथ अंदर गई और उन्होंने मुझे हॉल में बैठनें को बोला और नीलेश और वह औरत अंदर चले गए और मैं बैठकर टीवी देखने लगी और कुछ ही देर बाद मुझे कुछ आवाज़े आने लगी वह उस औरत की आवाज़ें थी तो मैं समझ गई कि उनकी कामलीला चालू हो चुकी है, मैनें चुपके से जाकर देखा तो दरवाज़ा आधा खुला हुआ था और और वह औरत बेड पर नीलेश के नीचे थी और नीलेश अपना लंड उनकी चूत में डालकर बहुत ज़ोर-ज़ोर से उसकी चुदाई कर रहा था, वह नजारा देखकर मुझे भी सेक्स करने की ईच्छा होने लगी और बहुत देर तक वह सब चल रहा था और इतने में उस औरत की नज़र मुझपर पड़ गई और उसने मुझसे कहा कि अंदर आजा मैं तो 4 बार झड़ चुकी हूँ तू ही आकर इसकी कुछ मदद कर, तो मैं भी अंदर जाकर बेड के ऊपर पर चढ़ गई और नीलेश को किस करने लगी वह उस औरत को अलग-अलग पोज़िशन में चोद रहा था और फिर उस औरत ने कहा कि यार मैं कब माँ बनूँगी तो नीलेश बोला सॉरी मैं जल्दी नहीं झड़ पाता हूँ क्योंकि सामने वाले को संतुष्ट करना भी तो जरूरी होता है ना और ऊपर से आज पहली बार बिना कॉंडम थोड़ी दिक्कत हो रही है।

उसने यह कहते हुए मुझे कसकर पकड़ा और मेरे होठों पर किस करने लगा वह औरत बेड पर लेटी हुई थी नीलेश मुझे किस करते हुए मेरे बब्स को दबा रहा था और उसकी चुदाई भी कर रहा था और मैं उस औरत के बब्स को दबा रही थी और फिर 10 मिनट के बाद ही नीलेश झड़ गया और उस औरत से बोला कि आप संतुष्ट हो गई ना तो उस औरत ने हाँ कहा और वह उसकी चूत से अपना लंड निकालने लगा तो उस औरत ने कहा कि रुको और कुछ देर ऐसे ही रहने दो स्पर्म को आपस में मिलने तो दो, वह दोनों तो संतुष्ट हो चुके थे लेकिन मैं नहीं हो पाई थी और फिर कुछ देर बाद जब मुझसे रहा नहीं गया मैनें भी उस औरत से कहा कि अगर आपका हो गया हो तो अब मैं भी अपनी प्यास बुझा लूं तो वह समझ सकती थी मेरी हालत को और वह मुस्कुरा दी और बेड की एक साइड में हो गई, और फिर मैनें भी नीलेश को अपनी तरफ खींचा और किस करने लगी तो नीलेश बोला आंटी अब बताओ कि मैं एक अच्छा लड़का हूँ या बुरा तो मैनें उसे एक ज़ोर की चूंटी ली जिससे वह चीखा और फिर मैं बोली कि आंटी नहीं परवीन बुलाओ मुझे और मेरे साथ बहुत ज़बरदस्ती करो और मेरे सारे कपड़े फाड़ दो और मेरे साथ भी सेक्स करो।

यह सब वह औरत आराम से लेट कर देख रही थी, और यह सब सुनकर नीलेश बोला कि यस मेम और वह औरत भी बोली कि यहाँ तो कुछ नया ही देखने को मिलेगा और फिर तीनों ही हँस पड़े और फिर नीलेश ने मुझे बेड पर गिरा दिया और वह मेरे ऊपर आ गया और मेरा टॉप गले से पकड़कर एक ही बार में फाड़ दिया।

और इससे पता चल रहा था कि वह कितना ताकतवर था और ज़ोर-ज़ोर से मेरे बब्स दबाने लगा और मेरी ब्रा को भी फाड़ दिया और मैं उसकी छाती पर हाथ फिरा रही थी और इसमें मुझे बड़ा ही मज़ा आ रहा था और उसका लंड भी एकदम से टाईट होकर मुझे चुभ रहा था, वह फिर नीचे गया और मेरी जीन्स को उतारने लगा और तब वह औरत बोली कि जीन्स नहीं फाड़ोगे क्या तो उसने कहा कि नहीं अभी कुछ और फटने वाला है आंटी. और फिर मेरी पैन्टी के ऊपर से ही मेरी चूत पर हाथ फेरने लगा और मैं 5 मिनट में ही झड़ गई और फिर उसने मेरी पैन्टी को भी दोनों हाथों से पकड़ा और खींचकर फाड़ दिया और फैंक दिया और फिर मेरी चूत को किस करने लगा मुझे बड़ा ही मज़ा आ रहा था और मैं उसके सिर पर हाथ रखकर अपनी चूत पर दबाने लगी, और मैनें उससे कहा कि मैं फिर से झड़ने वाली हूँ तो वह एक साइड में हो गया और अपना लंड मेरी चूत पर रखा पर मैनें उसे ऊपर बुलाया और उसके लंड को अपने मुहँ में लेकर चूसने लगी और कुछ ही देर बाद वह आंटी बोली कि पूरा ले अंदर तब ध्यान आया कि उस कमरे में हमारे आलावा भी कोई है।

तो मैनें अंदर तक लेना चाहा पर गले में लग रहा था तो वह आंटी हँसी और बोली कि नहीं ले पाएगी बेटा छोड़ दे मैं भी नहीं ले पाई तो तू कैसे ले लेगी, फिर नीलेश नीचे हुआ और मेरी चूत पर अपना लंड सेट किया और मुझसे बोला कि तैयार हो तो वह आंटी बोली कि डाल बेटा डाल इसमें पूछना कैसा तो फिर नीलेश बोला कि आंटी इसका पहली बार है तो फिर आंटी बोली कि हाय पहली बार है तो इसका क्यो ले रही है किसी छोटे से शुरूआत करती ना। मुझे भी अब उनकी बातें सुनकर डर सा लगने लगा था और मैं भी अब मना करने लगी पर इतने में नीलेश ने अपना लंड मेरी चूत के अंदर डाल दिया और मुझे बहुत दर्द होने लगा तो मैनें मना किया पर वह मेरे बब्स को चूसने लगा और आंटी भी बोली कि बस कुछ देर ही दर्द होता है रो मत बाद में तो तुमको बहुत मजा आएगा और यह शुक्र मानना चाहिये कि तुझे तो एक अनुभवी बंदा मिला है और तब नीलेश ने एक और झटका मारा और अपने लंड को अंदर डाल दिया, मैं तो जैसे मरने ही वाली थी और मैनें उसे एक धक्का दिया पर उसने मेरा हाथ बेड पर रखा और अपने हाथ से दबाकर अपने लंड को तेज-तेज अंदर-बाहर करने लगा और कुछ समय बाद ही पता नहीं कैसे मेरा दर्द अब मज़े में बदल गया था और मेरे मुहँ से अब सिसकारियाँ निकलने लगी थी।

तब नीलेश ने अपना हाथ मेरे हाथ से हटा दिया और वह और तेज हो गया और मेरे होठों पर किस करके बोला कि सॉरी आप ही ने बोला था ना ज़बरदस्ती करने को, तो फिर मैनें फिर से उसकी चूंटी ली और कहा नॉटी और जोर से करो अब बहुत मज़ा आ रहा है और आंटी भी हमारे साथ हँसने लगी और बोली कि आया ना मज़ा और वह बोली बहुत अच्छे विक्रम और चोदो इसको, मेरा मुहँ का खुला खुला ही रह गया और मैनें उससे कहा कि क्या तुम्हारा नाम विक्रम है तो वह मुस्कुराया और अपनी स्पीड को और बड़ा दिया और कहा कि ना तो मेरा नाम नीलेश है और ना ही विक्रम और वह तेजी के साथ सेक्स करने लगा और मुझे मेरी चूत की दीवारों पर कुछ टाइट सा महसूस हुआ और मैं भी उसी के साथ झड़ गई और मैं उससे बस-बस करने लगी, तो नीलेश या विक्रम जो भी हो उठ गया और मैनें देखा कि बेड पर खून हो रहा था और उसके लंड पर भी तो फिर नीलेश बाथरूम में जाने लगा तो मैनें उससे कहा कि तुम्हारा तो हुआ ही नहीं तो वह बोला कि नहीं ऐसे ही ठीक है।

दूसरी बार झड़ने में बहुत समय लग जाएगा और वह नहाकर बाहर आया और कुछ देर बाद मैं भी नहाने चली गई तो मेरी चूत बहुत जल रही थी, बाथरूम से बाहर निकलने पर आंटी उठी और मुझे दवा दी और कहा कि यह दर्द मिटने की गोली है ले लो।

और एक आई-पिल भी दी और बोली यह भी ले लो और खा लो इससे कोई दिक्कत नहीं रहेगी और नीलेश तब तक कपड़े पहन चुका था फिर आंटी ने पता नहीं कितने पैसे नीलेश को दिए और कहा कि तुम हमेशा ही मज़ा देते हो तो मुझे बाद में पता चला कि ये आंटी तो हमेशा की ग्राहक है और फिर आंटी ने कुछ अलग से भी और पैसे दिए और कहा कि यह बिना कॉंडम के और मेरी कोख भरने के लिए, फिर मैनें भी आंटी को धन्यवाद कहा और सॉरी भी बोला कि मैनें उनकी बेडशीट खराब कर दी थी और मैनें आंटी से ही से पूछा कि मुझे कितने पैसे देने होगें नीलेश को तो उन्होनें कहा कि तुम्हारी संतुष्टी की कीमत क्या है तो मैं चुपचाप हो गई तो उन्होनें कहा कि 3000 रु दे दो वह कुछ नहीं बोलेगा, मेरे पर्स में तो करीब 1500 रु ही थे तो मैनें नीलेश से कहा कि मेरे साथ ए.टी.एम. तक चलो वहाँ से पैसे दे दूँगी तो हम दोनों ने आंटी को बाय बोला और उसने नीलेश को एक किस दिया और बोली कि अब तो बच्चा होने के बाद ही मिलेंगे तो नीलेश ने कहा कि ठीक है मेरी जान और हम दोनों वहाँ से चले गये।

फिर हम दोनों पास ही के ए.टी.एम. में गए और मैनें उसे वहाँ से 1500 रु और निकालकर दे दिए तो उसने बिना गिने ही रख लिये और बाय बोलकर चला गया, मैनें उससे पूछा कि फिर कब मिलोगे तो उसने कहा कि जब आप बुलाओगी मेम और फिर उसने मुझे अपना नंबर दिया और चला गया, मैं आज भी उससे बात करती हूँ और फ़ोन सेक्स भी करती हूँ ।

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