मेरा अब्बा बड़ी बेरहमी से चूत चोदता है

मैं 21 साल की हो चुकी थी । मेरी चूंचियां बड़ी बड़ी हो गयीं थी । मेरे चेहरे पर निखार आ गया था । मेरे चूतड उभर आए थे । मेरी जांघें मोटी मोटी हो गयी थीं । मेरा कद ५’५’ का हो गया था। मेरे लंबे लंबे बाल और मेरा गदराया बदन किसी को भी आकर्षित करता था । मैं जब चलती थी तो लोग मेरी तरफ़ मुड मुड कर देखते थे।

मैं जरुरत से ज्यादा सेक्सी दिखने लगी थी । मैं टॉप और जींस में तथा साड़ी में ज्यादा ही सेक्सी लगती थी । उन दिनों मैं एम् बी ए कर रही थी । मेरी एक सहेली थी मिस नसीबा। वह भी बिल्कुल मेरी तरह ही खूबसूरत थी । मेरी उसकी ज्यादा पटती थी । हम दोनों खुल कर बातें कर लेती थीं । कॉलेज में ज्यादातर बातें सेक्स के बारे में ही होती है ।

मेरी और सहेलियां भी सबके सामने खुल कर बातें करती थीं । यहाँ तक की उनको लंड , चूत , गांड , चुदाई , बुर ,झांट शब्दों से कोई परहेज नही था । खुल कर बातें होती थी । कुछ तो लंड की साईज बताया करती थी । जो लड़कियां लंड पकड़ चुकीं थी वो अपने अपने अनुभव बताती थी ।

उनमे से कुछ ऐसी भी थी जो चुदवा चुकी थी वो अपनी चुदाई की कहानी सबको बतलाती थीं । मैं सुन सुन कर पहले तो मज़ा लेती थी लेकिन अब ,मुझमे भी लंड पकड़ने की चाह पैदा होने लगी । मेरी कुछ सहेलियां कहती थी की तू २१ साल हो गयी है अभी तक लौडा नही देखा पकड़ना तो दूर।

मुझे सुन कर मज़ा भी आता था और अपने पर शर्मिंदगी भी आती थी की इतनी बड़ी उमर हो जाने पर भी मैंने अभी तक किसी का लौडा नही देखा ? मैंने एक दिन नसीबा से अपने दिल की बात कह दी की यार कुछ भी हो मुझे लंड दिखाओ , मैं अब लंड देखना चाहती हूँ । उसने कहा , रुक जा मैं तेरे लिए लंड का इंतजाम करती हूँ l

रविवार को करीब एक बजे उसका फोन आया बोली नाजिया क्या तू मेरे घर आ सकती है ? मैंने कहा हां आ सकती हूँ लेकिन एक घंटे के बाद । उसने कहा आ जाओ मैं तुम्हारा इंतजार कररही हूँ । मैं फ़िर ठीक एक घंटे के बाद पहुँच गयी। उसने मुझे ड्राइंग रूम में बैठाया और इंतजार करने के लिए कहा। थोड़ी देर में उसने मुझे बुलाया कहा अरी नाजिया तुम मेरे बेड रूम में सीधे आ जाओ ।

मैं जैसे ही घुसी मैंने वहां का माहौल देखा और दंग रह गयी मैंने देखा की नशीबा बिल्कल नंगे नंगे बेड पर बैठी है उसके अगल बगल दो आदमी एकदम नंगे लेटे है । वो दोनों हाथों से एक एक लंड पकड़ कर हिला रही है । मेरी तो आखें फटी की फटी रह गयी । नशीबा एकदम से बोली ले नाजिया पकड़ लंड को। देख ये मेरी दाहिनी ओर का लंड मेरे भाई जान का लंड है और बांयी ओर का लंड मेरे जीजा का लंड है । कौन सा लंड पहले पकड़ना पसंद करोगी ।

मेरे मुह से निकला कोई सा भी। उसने कहा अच्छा पहले नंगी तो हो जा मेरी तरह । नंगी होकर लंड पकड़ने में ज्यादा मज़ा आता है । मेरे नंगी होते ही उसके भाई जान ने ने मुझे अपनी तरफ़ खींच लिया और मेरी चूंचियां दबाने लगा । मैं पहली बार किसी मर्द से चूंचियां मसलवा रही थी । मुझे बड़ा आने लगा ।

फ़िर मैंने ही हाथ बढाकर उसका लंड पकड़ लिया । लंड और सख्त गया । मैं लंड चारों तरफ़ से देख रही थी । उसका मुआईना कर रही थी समझ रही की लौडा कैसा होता है । मुझे सच में बड़ा प्यार आ रहा था । तब तक नशीबा बोली देख नाजिया इसको लंड कहते है इसका सुपाडा देख रही हो वास्तव में यह लंड की खोपड़ी है । इसी खोपड़ी में सारा मज़ा भरा है । दोस्तों आप ये कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है l

यह खोपड़ी मर्द को मज़ा देती है और चूत को तो देती ही है जब यही खोपड़ी उसके अन्दर घुस जाती है । यही खोपड़ी बार बार चूत के अन्दर जाती है और बाहर निकल आती है इसी को चोदना कहते है । इसको जितना हिलाओगी, चुमोगी, चाटोगी, चुसोगी उतना ये और लंबा मोटा होता जाएगा और फ़िर बुर मजे से चोदेगा ।

अब तुम मुझको देखो मैं जैसे जैसे जीजा के लंड के साथ करती हूँ वैसे वैसे तुम मेरे भाई जान के लंड के साथ करती जाओ । फ़िर थोड़ी देर में तुम मेरे जीजा का लौडा लेना और मैं भाई जान का ।

मेरा मुह खुल गया और उसका लौडा चूसने लगी । लंड और सख्त हो मैंने कहा नशीबा लंड इतना बड़ा होता है । उसने कहा इंची टेप पड़ा है नाप ले । मैंने जैसे ही नापा तो उसकी लम्बाई ८ ‘ और चौड़ाई ५’ की थी । तब मैंने जीजा का लौडा भी नाप लिया उसकी मोती कुछ ज्यादा थी अब मेरे हाथ में जिअजा का लौडा फनफनाने लगा। मुझे दोनों लंड बड़ा मज़ा दे रहे थे । अब मैं भी समझ गयी थी की लंड देखने में कैसा होता है । इसके बाद नसीब ने मुझे चित लिटा दिया और मेरी टाँगें फैला दीं । मेरी चूत साफ दिखायी देने लगी । नशीबा ने जीजा का लौडा मेरी बुर के मुह पर रखा और जीजा ने धक्का मारा । लंड चिपक कर घुस गया पहले तो थोड़ा दर्द हुआ लेकिन फ़िर मज़ा आने लगा ।

मैंने कहा अच्छा नशीबा इसी को चुदवाना कहते है न ? उसने कहा हां लेकिन कई तरीकों से होता है । तुम बस इसी तरह चुदवाती जाओ बाकी सब जल्दी ही सीख जाओगी। मैंने भाई जान और जीजा दोनों से चुदवाया । उनके झड़ते हुए लंड चाते । सच चुदवाने में मज़ा तो बहुत आता है ।

एक घंटे के बाद मेरी चूत में फ़िर कुलबुलाहट होने लगी और चुदासी हो गयी। इतने में ऊपर से आवाज़ आयी अरी नशीबा मैंने तेरे खालू की झांटे बना दी है अब उनका लंड बड़ा दिखाने लगा है। नशीबा ने कहा अच्छा अम्मी । नशीबा ने पूंछा और अब्बा कहाँ है । उसकी माँ ने जबाब दिया वह तुम्हारे अब्बा के लंड की झांटे बना रही है ।

अब मैं समझ गयी की नशीबा अपने अब्बा का लंड पकड़ चुकी है और अपने खालू का भी और शायद चुदवाती भी होगी क्योकि जब खड़ा लंड हाथ में हो तो कौन औरत बगैर चुदवाये रह सकती है? थोड़ी देर में नशीबा मुझे ऊपर ले गयी । मैंने देखा की दो आदमी एकदम नंगे लेते हुए है उनके लंड टन टना रहे है।

ये दोनों लंड उनदोनो लंड से ज्यादा बड़े लग रहे थे। मैंने कहा नशीबा ये कौन है । उसने मेरा हाथ पकड़ कर एक आदमी के लंड पर रखा और कहा ये है मेरे अब्बा अब तुम इनके लंड का मज़ा लो । और बगल के आदमी का लंड पकड़ कर मुझे दिखाते हुए बोली है और यह है मेरे खालू । मेरे पकड़ते ही उसके अब्बा का लौडा लंबा चौड़ा हो गया।

इतना बड़ा हो गया की मेरे हाथ में नही आया मुझे दोनों हाथ से लंड पकड़ना पड़ा । मैंने नाप कर देखा तो पाया की ९’ लंबा लंड और ५१/२’ मोटा लंड साला कैसे फुफकार मर रहा था। तब मुझे नशीबा ने बताया की यह मेरे घर में मेरे मुहल्ले और गांववालों में सबसे बड़ा लौडा है । यहाँ की कोई ऐसी बीवी , लड़की , और औरत नही है जिसने इसका लंड न पकड़ा हो , और जिसने इस लंड से न चुदवाया हो । मेरे अब्बा का लंड बड़ा मशहूर है। औरतें तो जान देती है इस लंड पर।

जब बीवियों की अदला बदली की सामूहिक चुदाई होती है तो सबे ज्यादा नंगी बीवियाँ इनके लौड़े पर ही टूट पड़ती है। मुझे पहले पहेल ही ऐसे लंड को पकड़ने का मौका मिल रहा था । मैं मन ही मन बहुत खुश हो रही थी । उसका अब्बा मेरी चूंचियों को अहिस्ता अहिस्ता दबा रहा था । थोड़ी देर में नशीबा ने कहा नाजिया अब तुम मेरे खालू का लंड पकड़ो और मैं अपने अब्बा पकडती हूँ । मैंने खालू का लंड पकड़ा उसका भी मस्त लौडा था।

मैं पकड़ते पकड़ते चूसने लगी फ़िर मेरी टंगेंगे अपने आप फ़ैल गयी। मेरी चूत एकदम सामने आ गयी। मैंने ख़ुद लंड चूत के मुह पर रखा और कहा अबे खालू भोसड़ी के पेल दे जल्दी से लंड मेरी बुर में । मेरे मुह से गाली सुनकर उन दोनों के लंड और सख्त हो गए । तब मुझे मालूम हुआ की औरतों के मुह से मर्द क्यों गालिया सुनना चाहते है । उसने धक्का मारा लैंड मेरी बुर के अन्दर । मैं तो बिंदास चुदवाने लगी। खालू मादर चोद थोड़ी देर में ही मेरी चूंचियों पर ही झड़ गया मैं चुदासी रह गयी।

मैंने कहा नशीबा बुर चोदी , अपने अब्बा का लौडा मेरी चूत में जल्दी पेल। मेरी बुर अभी चुदासी है। नशीबा ने लैंड पकड़ कर घुसेड दिया मेरी बुर में । मेरी मुह से चीख निकली अब्बे भोसड़ी के अब्बा तेरी माँ की चूत साले इतना बड़ा लौडा एक दम से पेल दिया मेरी छोटी सी बुर में । तेरी बहन की बुर मादर चोद तू जनता नही की छोटी चूत को धीरे धीरे चोदा जाता है ? अनाड़ी है क्या बेटी चोद ? उसने कहा तू साली इतनी देर से बड़े बड़े लौड़े पेलवा रही है और कहती है तेरी चूत छोटी है । दोस्तों आप ये कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है l

अरे तेरी बुर तो घोड़े का लंड ले सकती है । मैंने कहा तेरा लौडा घोड़े से कम नही है । लगता है तेरी माँ ने घोड़े से चुदवाया था तब तू पैदा हुआ । नशीबा बोली अरी नाजिया इसकी माँ ने तो गधे से भी चुदवाया होगा क्यों की यह साला भोसड़ी का मेरा अब्बा बड़ी बेरहमी से चूत चोदता है । मुझे जब चोदता है तो इसी तरह लंड पेल देता है । ऐसी बातें करते करते मैंने खूब जम कर चुदवाया।

दूसरे दिन नशीबा ने कहा नाजिया चल आज तुमको अपनी सहेली जन्नत से मिलवाती हूँ । हम दोनों शाम को उसके घर पहुँच गए । मेरी पहली मुलाकात जन्नत से हुई । बड़ी खूबसूरत लड़की थी जन्नत । बात करते करते नशीबा ने पूंछ लिया आज तुम सवेरे से कितने लंड पकड़ चुकी हो ? जन्नत ने जबाब दिया यार तीन लंड तो हो चुके है एक मामा का लंड , दूसरा मेरी भाभी के भाई जान का लंड और तीसरा मेरे अब्बा का लंड ।

मैंने कहा की क्या तुम अपने अब्बा का लंड पकडती हो ? उसने कहा हां बिल्कुल इसमे बुरा क्या है ? मैंने कहा यार जिस लंड ने तुमको पैदा किया उसी लंड को? उसने कहा यार मेरी माँ को भी नही पता की मुझे किस लंड ने पैदा किया । मेरे अब्बा मेरे असली अब्बा है इसकी क्या गारंटी है । देख मैं सुबह से तीन मर्दों से चुदवा चुकी हूँ अब कोई मर्द मेरे से पैदा हो जाए तो मैं कैसे बता पाऊंगी की बाप कौन है इसलिए हमारे समाज में माँ का पता होता है बाप का नही ।मैं इसी लिए अपने अब्बा से चुदवाती हूँ और फ़िर उसका लौडा इतना बड़ा है की बिना चुदाये रह नही सकती । मैं क्या मेरे घर में और मेरे नाते रिश्तेदारों में कोई ऐसी औरत नही है जिसने मेरे अब्बा से चुदवाया न हो । अब मैं तो चाहती हूँ की आज तुम दोनों भी चुदवा कर जाओ । नशीबा ने कहा यार जन्नत तुमने हमारे मन की बात कह दी है।

हम दोनो तुम्हारे घर चुदवाने ही आए है बताओ इस समय कितने लंड है घर पर, उसने कहा मेरे भाई जान है, अब्बा है , मेरे फूफा है और मेरे जीजा । इस समय तो चार लंड है । तुम जी भर चुदवाओ अगर कम पड़े तो मैं मुहल्लेवालों के लंड मंगवा लूंगी । वह हमको बेड रूम ले गयी और पहले ख़ुद नंगी हो गयी और हमें भी नंगी कर दिया । फ़िर अपने भाई जान और जीजा को आवाज़ लगा कर बुलवा लिया। वे दोनों आ गए। नशीबा भाई जान को नंगा करने लगी और मैं उसके जीजा को।

दोनों के लंड बाहर निकल आए थोड़ी देर तक सहलाने से दोनों खड़े हो गए । ये दोनों लंड अलग तरीके के थे इसलिए मेरा मन लग गया । मैं लंड को बड़ी देर तक देखती रही । फ़िर जीजा से ही पहले चुदवाया । उसने एक नए तरीके से चोदा मुझे अच्छा लगा । मैंने फ़िर लपक कर उसके भाई जान का लौडा पकड लिया । यह लौडा भी नए तरीके का था उसका चूंचियां मसलना भी एक नया मज़ा था । और फ़िर चुदवाने का नया मज़ा ।

रात में उसके अब्बा ने मुझे दबोच लिया मेरी चूंचियां खूब नोचीं । उधर सजिया के फूफा ने नशीबा को नंगी करके उसकी चूंचियां चूसने लगे । फ़िर हमने उसके अब्बा को नंगा किया और लंड पकड़ लिया । हाय रे क्या लौडा था अब्बा का साला नशीबा के अब्बा की तरह इसका भी लौडा लंबा चौड़ा था। मैंने कहा की इन बेटी चोद सबके अब्बों का लौडा क्या बड़ा बड़ा होता है क्या? नशीबा उसके फूफा के लंड से खेल रही थी। रात भर हम दोनों ने इन दोनों लंड से अपनी अपनी बुर फडवाई ।

सवेरे जब उठी तो हमने कहा नशीबा अब चलो अपने घर फ़िर मुझे वहां से अपने होस्टल जाना है । इतने में सजिया बोल पड़ी अरी आज कहाँ जाएगी आज तो मुहल्लेवाले चोदने आयेंगें । हमारे मोहल्लेवालों के लंड भी मस्त मस्त है । तुमको चुदवाकर मज़ा आ जाएगा । आख़िर कार , हम फ़िर नए नए लंड से चुदवाने के लिए फ़िर रुक गयींl

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *