भाभियों के साथ गाँव में मस्ती 8

भाभी के बदले दादी बोली- “हाँ, जा बेटा, थोड़ा ध्यान रखना बेटा, और दोपहर को टाइम पे 12:00 बजे से पहले घर आ जाना…”
Hindi Sex Stories Antarvasna Kamukta
मैं- “ठीक है दादी जी…” कहकर मैं बाहर चला गया।

गाँव में पदार था, जहां मेन बस स्टैंड होता है और बुजुर्ग लोग बैठने आते हैं। वहां जाकर एक पान की दुकान से मैंने सिगरेट लिया। हालाँकि मैं सिगरेट रोज नहीं पीता, लेकिन कभी महीने में एकाध बार पी लेता हूँ। थोड़ी देर इधर-उधर घूमने के बाद मैं 12:00 बजे घर वापस आ गया।

आकर खाना खाया। और बाद में सोनिया भाभी बर्तन धोने लगी, तो उसके भारी स्तन घुटनों से दबने से आधे बाहर छलक रहे थे। शायद वो मुझे जानबूझकर दिखा रही थी। क्योंकी जैसे ही दादी जी आई, उसने अपना पैर सही कर लिया और चूचियों को ढँक दिया। दादी के जाने क बाद उसने मुझे एक सेक्सी स्माइल दी।

मैं भी मुश्कुरा दिया।

तभी, प्रीति भाभी मेरे सभी भाइयों का टिफिन पैक करके आई और खेत में देने जा रही थी।

तभी दादी ने प्रीति को बोला- प्रीति बेटा, जरा किशोर को भी साथ ले जा, वो भी खेत देख लेगा।

मेरे मन में तो अंदर से लड्डू फूटने लगे, शायद प्रीति भी खुश थी क्योंकी पलटकर मेरे सामने मुश्कुरा दी। मैं तो तैयार ही था। तो चल पड़ा अपनी मस्त चुदक्कड़ भाभी के साथ।

घर से निकलते ही प्रीति ने मुझसे पूछा- क्यों देवरजी, कोई गर्लफ्रेंड है की नहीं?

मैं- नहीं भाभी।

प्रीति- क्यों?

मैं- कोई मिली ही नहीं।

कुछ देर शांति के बाद उसने मुझसे पूछा- “कैसा रहा आज का नदी का स्नान? रशि भाभी ने सिर्फ नहलाया या कुछ और भी?” बोलकर वो रुक गई।

मैं- कुछ और का मतलब?

प्रीति- ज्यादा भोले मत बनो, जब तुम पदार में घूमने गये थे तो राशि ने हम दोनों को सब बताया था।

ब हैरानी की बारी मेरी थी, ये लोग आपस में सब शेयर करते हैं। आश्चर्य भी हुआ लेकिन मैंने अपने आपको शांत रखते हुए बोला- “आप सब जानती हैं, फिर भी क्यों पूछ रही हैं? लगता है आप भी भूखी हैं रशि भाभी की तरह?”

अब उसके चेहरे पे मुश्कान आ गई, उसे शायद मेरे ऐसे जवाब का अंदाजा नहीं था। फिर भी वो बोली- “हाँ, मैं भी भूखी ही हूँ, तुम्हारे भैया कहां रोज चढ़ते हैं मेरे ऊपर?”

मुझे उसकी ऊपर चढ़ने वाली देसी भाषा पे आश्चर्य हुआ। लेकिन सोचा गाँव की भाषा में ऐसे ही बोलते होंगे, चढ़ना और उतरना, जैसे ट्रेन हो।

मैं- तो आप क्या करती हैं, अपनी जवानी को शांत करने के लिए?

प्रीति- “और क्या? कभी कभी हम तीनों मिलके एक दूसरे की चाट देते हैं, कभी गाजर तो, कभी मूली डालकर अपनी आग शांत करती हैं। वैसे आपको पता नहीं होगा, मेरे पति नमार्द हैं, राशि को और सोनिया को बच्चा हुआ लेकिन मुझे नहीं हो रहा…”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *