कापालिनी लोपमुद्रा और राजकुमार अमोध 7

उसकी योनि मुख रक्त के प्रवाह और उत्तेजना से लाल भभुका हो रहा था Hindi Sex Stories Antarvasna Kamukta युवक के देखते देखते ही एक मदन रस की बून्द तार बनाते हुए उसके सुपाड़े पर टपक गयी.

युवक का पूरा शरीर कमान की भांति तन गया और उसके मुख से फिर से गुर्राहट ही निकली

स्त्री कुटिलता पूर्वक मुस्कुराई और उसने अपने हाथ में लिंग को ले कर अपनी योनि कर रगड़ना शुरू कर दिया.

युवक के आंखे गोल हो गयी. स्त्री अपनी अपनी योनि पर रगड़ खाते लिंग तो देखती और कभी युवक के चेहरे को.

युवक की आंखे तो अब उसके लिंग और योनि के चुम्बन को देख रही थी.

दोनों के मदन रस मिल कर सुपाड़े पर गाड़ा सफ़ेद रस बना रहे थे.

युवक के नितम्ब बार बार झटका खाते थे मगर स्त्री अपनी योनि को थोड़ा सा ऊपर कर लेती और लिंग योनि मुख पर रगड़ खा कर रह जाता

युवक के मुख से सिसकारी मिली कराह निकल रही थी. मगर वो आज यह भी चाहता था की इस स्त्री से ऐसा भारी सम्भोग करे की वो चिल्ला उठे स्खलित हो जाये क्षमा मांगने लगे…..आखिर यह युवक के पौरुष और आत्मा सम्मान का भी सवाल था.

उसने अपने नितम्बो को काबू में किया और लेटे लेटे स्त्री के शरीर को निहारने लगा.

यद्यपि वो स्त्री कमसकम ३५ वर्ष की होगी मगर उसके शरीर का विन्यास और त्वचा की चमक और लोच नवयोवना सा था.

इसके विशाल स्तन और उनके तने चुचुक मानो मसले जाने की चुनौती दे रहे थे.

युवक ने आगे बढ़ कर स्त्री के स्तनों को अपने हाथों में थम लिया और बर्बरता पूर्वक उनका मर्दन करने लगा.

स्त्री के गले से खिलखिलाहट फुट पड़ी और उसने अपने स्तनों को और उभर लिया. गडरिया युवक बलशाली था और बड़े बड़े पथ्थर यूँही फेंक देता था मगर उसके इस मर्दन से तो मानो स्त्री और उत्तेजित हो गयी और उसने अपने शरीर को युवक के शरीर पर गिरा लिया.

उसके नरम शरीर को अपने शरीर पर गिरते ही युवक चिंहुक उठा, स्त्री का शरीर किसी भट्टी की तरह तप रहा था.

स्त्री ने अपनी पलटी जीभ बाहर निकाली और युवक के बाल से भरे सीने पर उसके चुचुक को अपनी जीभ से चुभलाने लगी.

युवक के चुचुक से विद्युत् की किरण उसके गुदा द्वार तक दौड़ गयी.

यह स्त्री काम क्रीड़ा में कितनी पारंगत है उसे अनुमान होने लगा था मगर वो फिर भी अपने विकराल लिंग से आश्वस्त था की आज वो इस स्त्री के साथ किसी कुतिया की तरह सम्भोग करेगा

स्त्री ने मानो उसके भाव ताड लिए और अपने मुख को ऊपर ला कर उसके मुख पर धीरे से रगड़ दिया.

स्त्री के मुख से खस और कुछ अन्य इत्रो की मिली जूसी सुगंघ आ रही थी.

मगर इन सुगंधों के पीछे एक गंध और थी. युवक उस गंध को नहीं समझ पा रहा था यह गंध उसने पहले भी कभी सूंघी थी मगर…..

स्त्री ने अपनी जीभ से युवक को मुख को टटोलना शुरू कर दिया.

युवक अब मदान्ध हो रहा था.

उसने स्त्री के विशाल नितम्बो पर हाथ फेरा और उन्हें दबाने लगा.

इतने सुडौल नरम और विशाल नितम्ब उसने कभी नहीं भोगे थे.

जब वो इस स्त्री के साथ कुक्कुर आसान में मैथुन करेगा तो वो इन विशाल नितम्बो पर पूरा ध्यान देगा.

उसने अपने बड़े हाथों से एक जोरदार तमाचा स्त्री के नितम्बो पर मार.

स्त्री चिंहुँकी और तुरंत ही खिलखिलाने लगी.

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