कापालिनी लोपमुद्रा और राजकुमार अमोध 6

मशाल की फड़फड़ाती रौशनी उस स्त्री के मादक नग्न शरीर को मानो सहला रही थी Hindi Sex Stories Antarvasna Kamukta उत्तेजनावश युवक के गले से हलकी हलकी गुर्राहट भी निकलने लगी थी. वो आज इस स्त्री की योनि का वो हाल करेगा की वो त्राहि त्राहि बोल दे.

स्त्री थोड़ा आगे बड़ी, युवक तुरंत आगे बड़ा मगर स्त्री ने उसके सीने पर हाथ लगा कर रोक दिया और धीरे से बिस्तर पर धका दिया.

युवक बिस्तर पर चित पड़ा था उसका विकराल लिंग योनि में घुसने को बेकल था.

स्त्री ने युवक के लिंग को फिर से अपनी मुट्ठी में बांध लिया और अपना हाथ हिलाने लगी.

वो धीरे से अपना हाथ निचे ले गयी जिसने लिंग की चमड़ी निचे हो गयी और सुपाड़ा मशाल की रौशनी में चमक उठा.

युवक की अति उत्तेजना ने सुपडे को इतना फुला दिया था की ऐसा लगता था अभी फट पड़ेगा.

स्त्री के गले में से प्रसन्नता भरी हुंकार निकली.

सुपडे के छिद्र पर एक वीर्य की बून्द टिकी थी. स्त्री ने अपना मुंह खोल और अपनी अप्राकृतिक रूप से पतली और चपटी जीभ से उसे चाट लिया.

युवक गनगना उठा. यह हमेशा की तरह नरम जीभ जैसा अनुभव नहीं था. स्त्री की वो पतली जीभ बहुत खुरदुरी थी.

युवक कुछ और सोचना और विचारता उसके पहले स्त्री ने युवक के गर्दभ लिंग के सुपडे को अपने मुंह में भर लिया.

एक विद्युत् प्रवाह युवक के पुरे शरीर में दौड़ गया. उत्तेजनावश उसका सर पीछे हो गया उसकी आंखे मूंद गयी और उसके गले से पशु सामान गुर्राहट निकल गयी.

स्त्री के ऑंखें युवक के चेहरे पर ही टिकी थी, युवक ने अपनी आँखों की खोला तो स्त्री को एकटक अपनी और देखता पाया.

वह सुपाड़े को चूस रही थी और अपलक युवक को देख रही थी. युवक थोड़ा विचलित हुआ मगर कुछ करता उसके पहले ही उसकी ऑंखें फ़ैल गयी.

स्त्री ने युवक के पुरे लिंग को अपने मुंह में भर लिया था.

असंभव…….२ -२ बच्चों की माएं इस लिंग तो अपनी योनि में पूरा नहीं ले पति थी और इस स्त्री ने इसे पूरा निगल लिया.

युवक हतप्रभ और उत्तेजित दोनों था.

और स्त्री लिंग को पूरा बाहर करके फिर से चूसते हुए मुंह में ले रही थी यह एक धीमी मगर मादक क्रिया थी.

स्त्री की आंखे युवक के चेहरे पर ही टिकी थी, युवक के नैन उत्तेजना से अधमुँदे थे.

स्त्री के मुंह से लार बहती हुयी युवक के लिंग और अंडकोषों पर जमा हो रही थी. स्त्री ने धीरे धीरे अपनी चूसने की गति बधाई और शीघ्र ही चप चप की आवाज़े गूंजने लगी. युवक फिर से अपने नितम्बो को हवा में उठा कर स्त्री के मुख में ही मैथुन करने लगा.स्त्री बड़ी सरलता से उसके विकराल लिंग तो अपने मुंह में जड़ तक ले रही थी.

अचानक स्त्री ने अपने मुंह लिंग से हटा लिया, उत्तेजनावश युवक के नितम्ब अब भी उचे निचे हो रहे थे. स्त्री ने अपनी जीभ अपने होंटो पर घुमाई. युवक का ध्यान स्त्री के मदन रस भीगी योनि पर था वो स्त्री की हिंसक प्राणी जैसी जीभ जो की असामान्य रूप से लंबी और पतली थी का होंटों पर फिरना नहीं देख पाया. देख भी लेता तो अब वो उस स्थान पर था जाना से लौटना संभव नही था.

स्त्री ने अपने पैर युवक के दोनों और रखे और एक घुड़सवार की तरह उसकी जांघो पर बैठ गयी. युवक सम्मोहित सा उसे देखता रहा.

स्त्री ने एक और झुक कर अपनी टाँगे मोड़ी और युवक के निगाहें मधुमखी के सामान स्त्री की मदन रस से भरी, लार टपकती योनि पर जा टिकी.

स्त्री की योनि का मुख उत्तेजना से थोड़ा खुल गया था. उसका अप्राकृतिक रूप से बड़ा भगनासा मदन रस से भीग चमक रहा था.

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