कापालिनी लोपमुद्रा और राजकुमार अमोध 4

युवक के मुंह से इस नज़ारे को देख एक सिसकी मिली कराह फिर निकली
Hindi Sex Stories Antarvasna Kamukta
उस स्त्री का पूरा शरीर एक अप्सरा के सामान सांचे में ढला था.

उसके कमर और नितम्ब के बिच इतना ज्यादा घुमाव था की नज़र भी फिसल रही थी.

बड़े बड़े स्तन तो उस स्त्री की युवावस्था का परिचत देते हुए भाले की नोक के सामान हवा में तने हुए थे.

शायद अजंता की मूरत भी किसी स्त्री के शरीर का इतना कामुक चित्रण नही कर पायी होगी.

उस स्त्री के प्रत्येक अंग से काम वासना और मस्ती की तरंगे से फुट रही थी.

वो अब पूर्णतयः निवस्त्र थी.

युवक वर्षो से प्यासे मुसाफिर की तरह अपनी आँखों से उस स्त्री का यौवन हुमक हुमक पिए जा रहा था.

उस स्त्री को पता था की उसके इस मादक यौवन ने उस युवक की क्या दशा की हैपरछाई ने अपना काला चोगा कमर तक उठाया.

उन अँधेरे कमरे में मानो एक दम उजाला हो गया.

उस स्त्री का बदन बिलकुल सांचे में ढला था. गोल गोल भरी भरी जांघे और जांघों के मिलान पर एक मांसल स्थान.

उस युवक का आँखे न चाहते हुए भी स्त्री की कमर के निचले हिस्से पर टिक गयी

उसकी सांसें तेज़ हो गयी

वह स्त्री दीवान पर चढ़ कर लेते युवक के पैरों के सामने खड़ी हो गयी. उसने अभी तक चोगा अपने दोनों हाथों में उठाया हुआ था.

एक झटके में उसने चोगे तो उतार फेंक.

युवक के मुंह से इस नज़ारे को देख एक सिसकी मिली कराह फिर निकली

उस स्त्री का पूरा शरीर एक अप्सरा के सामान सांचे में ढला था.

उसके कमर और नितम्ब के बिच इतना ज्यादा घुमाव था की नज़र भी फिसल रही थी.

बड़े बड़े स्तन तो उस स्त्री की युवावस्था का परिचत देते हुए भाले की नोक के सामान हवा में तने हुए थे.

शायद अजंता की मूरत भी किसी स्त्री के शरीर का इतना कामुक चित्रण नही कर पायी होगी.

उस स्त्री के प्रत्येक अंग से काम वासना और मस्ती की तरंगे से फुट रही थी.

वो अब पूर्णतयः निवस्त्र थी.

युवक वर्षो से प्यासे मुसाफिर की तरह अपनी आँखों से उस स्त्री का यौवन हुमक हुमक पिए जा रहा था.

उस स्त्री को पता था की उसके इस मादक यौवन ने उस युवक की क्या दशा की है

उस के मुख पर एक कुटिल मुस्कान खेल गयी. युवक का लिंग किसी ध्वज दंड की भांति खड़ा था.

स्त्री ने अपने हाथ को अपने पेट पर फेरा और धीरे धीरे अपने उत्तुंग स्तनों की और ले गयी. उसने हलके से अपने हाथों से ही अपने स्तनों का मर्दन करना शुरू कर दिया. और इस क्रिया से जो आनंद की लहरें उसके शरीर में फूटी उसके अतिरेक से उसकी आंखे बंद हो गयी और उसका सर अकस्मात् ही पीछे हो गया.

युवक स्त्री को एकटक देख रहा था. उसकी सांसे धौंकनी के सामान चल रही थी.

स्त्री ने अपनी दो उंगलिया अपने मुंह में ली और उनको लार से सराबोर कर लिया.

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