भाभियों के साथ गाँव में मस्ती 3

एक परछाई आँधियरे गलियारों से होती हुई एक गुफा मे बने कक्षा के द्वार पर पहुँची.
Hindi Sex Stories Antarvasna Kamukta
काले चोगे मे लिपटी परछाई के हाथ मे एक कलश था

कक्ष मे एक बड़ा सा दीवान था उस पर एक युवक लेटा था उसकी काया कभी पुष्ट
रही होगी मगर अब मानो उस का शरीर अंदर से पिघल गया हो. उसके नग्न शरीर पर कोई कपड़ा नही था.

उसकी आँखे बंद थी मगर परछाई के आने की आहट से बरबस खुल गयी

उसके मुँह से निकले शब्द कराह से थे

“अब मुझमे बिल्कुल शक्ति नही बची, मुझे जाने दो,”

परछाई प्रकाश मे आई.

वह एक स्त्री थी, ३० से ४० के बीच की, मांसल बदन और चेहरा, नैन नक्श तीखे और रक्त जैसे लाल होंट

एक मुस्कान उसके चेहरे पर खेल गयी,

“अरे अरे…..तुम तो युवा हो….अभी तुम्हारी अवस्था ऐसी है की पूरी रात्रि स्त्रियों को संतुष्ट कर सकते हो, आओ मैं तुम्हे स्वर्ग का आनंद दूँगी”

युवक पीछे होने लगा मगर कहाँ जाता.

उस स्त्री ने युवक के शिथिल लिंग जो की शिथिल होकर भी कभी बड़ा था, हाथ मे लिया और सहलाने लगी.

युवक ने अपना मुँह छुपा लिया मगर उस स्त्री के स्पर्श का जादुई प्रभाव उस युवक के लिंग पर पड़ा और वह कड़क होने लगा

स्त्री के चेहरे पर एक कुटिल मुस्कान आ गयी.

वह तेज़ी से हाथ चलाने लगी युवक के मुँह से कराह और सिसकारी दोनो निकलने लगे

स्त्री ने लिंग को मुठियाना शुरू किया और दूसरा हाथ जिसके नाख़ून काफ़ी लंबे थे उस से युवक के अंडकोष को कुरेदना शुरू किया. युवक के नितंब हवा मे उठ गये और वह अपनी कमर हिलाने लगा

स्त्री ने अपने हाथ की गति और बढ़ा दी. उसका दूसरा हाथ युवक के अंडकोषो को मसल ने लगा

परछाई ने अपना काला चोगा कमर तक उठाया.

उन अँधेरे कमरे में मानो एक दम उजाला हो गया.

उस स्त्री का बदन बिलकुल सांचे में ढला था. गोल गोल भरी भरी जांघे और जांघों के मिलान पर एक मांसल स्थान.

उस युवक का आँखे न चाहते हुए भी स्त्री की कमर के निचले हिस्से पर टिक गयी

उसकी सांसें तेज़ हो गयी

वह स्त्री दीवान पर चढ़ कर लेते युवक के पैरों के सामने खड़ी हो गयी. उसने अभी तक चोगा अपने दोनों हाथों में उठाया हुआ था.

एक झटके में उसने चोगे को उतार फेंका

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