चुदाई का सफ़र भाग :- 6

हाय फ्रेंड्स Kamukta कामलीला के सभी पाठकों को यह बताते हुए हमको बहुत ख़ुशी हो रही है कि हमारे लोकप्रिय लेखक चोदूराजा की रचनाओं को आप सभी का बहुत-बहुत प्यार मिल रहा है और आपसे अनुरोध है कि आपका यह प्यार हमको ऐसे ही मिलता रहे जिससे हम आपके लिए और भी अच्छी-अच्छी कहानियाँ लाते रहें।

अब तक आपने इस कहानी में पढ़ा कि सीमा के फोन पर व्यस्त होने के कारण मैनें मीना को चोद डाला तभी वहाँ पर सीमा भी आ गई थी।

दोस्तों मैं मीना का परिचय तो आप सभी से करवाना तो भूल ही गया उसके लिए मैं आपसे माफ़ी चाहता हूँ तो दोस्तों मीना हमारे गाँव के जमीदार के छोटे भाई की लड़की है और रानी और सोनी की चचेरी बहिन भी है।

अब आगे..

रात काफ़ी ठंडी थी पर हमारे अन्दर कि गर्मी के कारण हमने कुछ भी नहीं पहन रखा था मीना की चूत फटी तो सही लेकिन उसमें से खून ज़्यादा नहीं निकला केवल मेरे और मीना के अंगों पर ही लग कर रह गया था रात के 12 बजे होंगे सीमा मैं और मीना एक ही रज़ाई में थे मीना ने सीमा से कहा कि देखो सीमा इसने यह क्या किया।

सीमा ने मुझसे कहा कि क्यों रे बदमाश तूने इसकी भी फाड़ दी और फिर मैं और सीमा दोनों हँसने लगे और मीना बुरा सा मुहँ बनाकर रह गई फिर मैनें रज़ाई के अंदर से ही मीना के बब्स को पकड़ा और तेजी से उसकी निप्पल को दबा दिया और वह ईईईई इसस्सस्स करके मुझे काटने लगी उसने मेरे बाजू पर बहुत तेज काटा।

मैनें भी बदले में उससे चिपक कर उसे किस कर रहा था हम फिर मस्ती करने लगे हम दोनों किस करने में मगन थे सीमा ने हमारी मदहोशी थोड़ी भंग कर दी और हम एकदम से अलग हो गए सीमा ने मुझसे पूछा कि यह फिल्म तू कहाँ से लाया कमीने?

मैनें कहा यह तो विशाल भैया की है और पक्का दूसरी वाली भी ऐसी ही होगी अब फिल्म में दूसरा सीन आ चुका था अब एक लड़की एक लडके को उत्तेजित कर रही थी और वह उम्र में उससे बहुत छोटा था।

तब सीमा भी हमारे साथ रज़ाई में आ गई और मेरे लंड को सहलाने लगी मेरी गोलियों को हल्की-हल्की चपत मारने लगी मीना और मैं किस करने में मशगूल थे सीमा ने अब एक-एक करके अपने सारे कपड़े उतार दिए और नंगी हो गई।

मैनें सीमा से पूछा कि जीजाजी से क्या बात हुई तो वह कहने लगी कि वह तो सारी रात चोदने और लंड चूत की ही बात कर रहा था चूत में ऊँगली करवाकर रखी थी साले चूतिये ने, दो बार तो उंगली से ही झड़ गई थी मैं और तुम यहाँ पर मज़े कर रहे थे काश मैं भी तुम्हारी चुदाई देख सकती।

मैनें कहा नेकी और पूछ-पूछ अभी लो लेकिन मीना मना करने लगी और कहने लगी कि अभी दर्द है और शॉल ओढ़कर बाथरूम में चली गई तब तक मैं और सीमा एक दूसरे को चूमा-चाटी करने लगे।

मैं उसके बब्स दबाने लगा और वह मेरे लंड को सहलाने लगी दो दिन के घस्से खा कर मेरे लंड में भी सूजन सी आ गई थी वह पहले से और मोटा महसूस हो रहा था मीना बाथरूम से होकर आई तो उसके हाथ में दूध का जग था वह उसे गरम करके लाई थी।

उसने तीन गिलास में दूध डाल दिया और हम तीनों ने अपना-अपना गिलास खत्म किया फिर मीना बर्तन किचन में ले गई वहाँ से बर्तन साफ करने की आवाज़ आने लगी और इधर मैं और सीमा फिर से चालू हो गए दूध पीने से और ताकत सी आने लगी थी।

हम दोनों एक दूसरे से गुथे हुए थे जैसे हम कोई नाग-नागिन हो लपट-झपट में मुझे यह भी पता नहीं चला कि मीना कब मेरे पीछे से आकर मुझसे चिपक गई थी।

सीमा को ऐसे देखकर अब वह भी खुलकर मज़े ले रही थी वह एक हाथ से मेरा लंड पकड़े हुई थी इधर मैं और सीमा किस कर रहे थे मैं कभी अपनी पूरी जीभ उसके मुहँ में घुसाता तो कभी उसकी गर्दन पर काट लेता सीमा ऐसा करने से मना करने लगी कि निशान पड़ जाएँगे।

फिर मैं आराम-आराम से करने लगा मीना के सहलाने से मेरा लंड अब पूरा तन चुका था हम तीनों भी पूरे गरम हो गए थे हमने अब अपने ऊपर से रज़ाई हटा दी और तीनों जिसको जहाँ जगह मिली चूमने लगा।

मैनें मीना को लंड चूसने को कहा तो वह नीचे होकर मेरे लंड को अपने मुहँ में भरने लगी उसके छोटे से मुहँ में मेरा लंड पूरा फँस सा जाता था लेकिन उसको मज़ा भी आ रहा था वो चप-चप की आवाज़ करके मेरे लंड को अपने मुहँ के अंदर-बाहर कर रही थी उसकी चूत की पोज़िशन सीमा की तरफ थी सीमा ने भी मौके का फायदा उठाया और उसकी चूत को चाटने लगी।

अब मेरी बारी थी मैनें भी सीमा की चूत को अपनी साइड में करके उसकी चूत को खाने लगा पहले मैं जीभ से चाट रहा था लेकिन मीना के मेरा लंड अपने मुहँ में लेकर चूसने से मैं पागल सा होने लगा जिससे मैं भी सीमा की चूत को काटने लगा सीमा आईईई कम्मीने काट क्यों रहहाअ है? मैनें उसकी पूरी चूत को ब्रेड पकोडे की तरह चूस डाला इससे सीमा और भी गरम हो गई जिससे वह और भी तेज-तेज मीना की चूत को चाटने लगी हम तीनों पूरे मज़े में थे।

तभी सीमा ने कहा बस अब चोद दो मुझे उसकी चूत पूरी गीली हो चुकी थी मीना ने भी मेरा माल निकाल दिया था और सीमा भी मीना का पानी चाट चुकी थी मैं वैसे ही लेट रहा था तो मैनें सीमा को अपने लंड पर बैठने को कहा।

सीमा ने अपनी चूत मेरे लंड पर सेट करी और लंड पर बैठ गई मेरा आधा लंड एक ही बार में घुस गया और सीमा उसको उफफफफ्फ़ करके धीरे-धीरे पूरा अपनी चूत में ले गई मुझे ऐसा लगा कि जैसे मेरा लंड किसी गरम भट्टी में चला गया हो इधर मीना मेरे मुहँ पर बैठकर अपनी चूत को रगड़ने लगी उसकी चूत में से पानी निकल रहा था और मैं उसको चाटने लगा।

मीना भी मजे में इसस्स्स उइईई इसस्सस्स करने लगी थी हमारी चुदाई की सरसराहट से सारा कमरा गूँज रहा था मीना अब कंपकंपाने लगी तो मैं समझ गया कि वह अब फिर से झड़ने वाली है तो मैनें उसको एक साइड में कर दिया और मीना हाँफ्ते-हाँफ्ते झड़ने लगी, मैनें उसकी चूत में ऊँगली डाली और चूतरस से भरी अपनी ऊँगली उसके मुहँ में दे दी दूसरे हाथ से मैनें सीमा के बब्स पकड़ लिए और उनको ज़ोर-ज़ोर से दबाने लगा।

मैनें फिर मीना की चूत में ऊँगली डाली और उस ऊँगली को सीमा को चटवाया सीमा थक चुकी थी और वह रुक गई उसकी चूत खुलने और बंद होने लगी ऐसा लग रहा था कि जैसे वह मेरे लंड को भींच रही हो वह उठकर एक साइड में हो गई मैनें अब अपना तना हुआ लंड पकड़ा और उसको कुतिया की पोज़िशन में किया और एक झटके ही में अपना पूरा लंड घुसा दिया।

वह एकदम घोड़ी की तरह लग रही थी मोटी-मोटी गांड और फूली हुई चूत मैनें अपने धक्के अब तेज स्पीड से मारना शुरू कर दिए थे मैं अपने लंड को पूरा बाहर निकालता और फिर पूरा ही अन्दर डालता।

मीना खड़ी होकर मेरे निपप्ल को चाटने लगी और मुझे किस भी करने लगी वह बहुत सेक्सी लग रही थी एकदम किसी अनुभवी की तरह मैं सीमा की चूत को चोदे जा रहा था मेरी स्पीड बढती ही जा रही थी ठप-ठप की आवाज़ पूरे कमरे में गूँज रही थी मैं पूरा ही पसीना-पसीना हो गया था।

फिर मैनें सीमा को बेड पर लेटाया और उसकी गांड के नीचे दो तकिये लगाए जिससे उसकी चूत ऊपर उभरकर आ गई और फिर मैनें फिर एक ही झटके में अपना पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया और वह स्सीईसस उउम्माह करने लगी।

अब मैं और जोरदार झटके देने लगा और मीना मुझे खा जाने वाली नज़रों से देखने लगी और मुझे किस करने लगी अब मैं झड़ने की कगार पर आने लगा हमको लगभग 25 मिनट हो गए थे अब मैनें अपनी और भी स्पीड बढ़ा दी सीमा तो इस बीच कई बार अकड़ चुकी थी उनकी चूत का पानी बिल्कुल सूख चुका था।

फिर 10-15 धक्के मारने के बाद मैनें सीमा से कहा कि जानू अब मैं झड़ने वाला हूँ और इसी के साथ मैं उसकी चूत में ही झड़ गया मैनें एक तेज पिचकारी से सीमा की चूत को भर दिया सीमा की चूत ने मेरे लंड को कस लिया और उसकी आख़री बूँद तक को निचोड़ लिया।

तभी मीना ने लपककर मेरा लंड बाहर निकाला और आधे खड़े लंड को चाट-चाटकर साफ़ कर दिया हम तीनों फिर एकदूसरे से चिपक कर लेट गए।

मेरा मुहँ मीना की तरफ था और मीना का टीवी की तरफ और सीमा मेरे पीछे थी हम सबको नींद आ गई थी रात के 2 बजे के लगभग हम सो गए थे।

अगला दिन सोमवार था लेकिन मेरी आँख खुली तो बाहर से फिर दूध वाले की आवाज़ आ रही थी मैनें अपना नेकर और टी-शर्ट पहनी और बर्तन लेकर दूध ले आया सुबह के 6 बजे थे सीमा और मीना दोनों एकदूसरे से चिपककर लेटी थी जैसे कोई दो परिया आपस में समलैंगिक सेक्स कर रही हो फिर मैं बाथरूम चला गया रात के सेक्स की खुमारी दिमाग़ से निकल ही नहीं रही थी।

बाथरूम से होकर मैनें ब्रश किया और वापस कमरे में आकर कैसेट निकालकर वापस विशाल की अलमारी में रख आया वह दोनों अभी भी चिपकी हुई थी और मैं भी रज़ाई में उनके साथ जाकर घुस गया अपना नेकर निकाल कर नीचे से नंगा हो गया और मीना के पीछे से चिपक गया आँखे बंद करते ही मुझे नींद आ गई और जब मैं उठा तो सुबह के 10 बज चुके थे सीमा घर का काम कर रही थी।

मुझे जागा हुआ देखकर चाय के लिए पूछने लगी मैनें कहा मुझसे मेहनत तो करवाती हो पहलवानो सी और चाय पिलाकर मारोगी क्या? कुछ जानदार पिलाओ ताकि तुम्हारी और जमकर चुदाई कर सकूं फिर वह हँसते हुए मेरे गाल पर हल्की सी चपत मारकर बोली कि हाँ मेरे राजा जैसा तुम कहो अब तो मैं तुम्हारी ही रंडी हूँ तुम्हारी सब बात तो मानूँगी ही अब मैं भी हँसने लगा और सीमा को कमर से पकड़ कर अपने ऊपर गिरा लिया और उसके होठों को चूसते हुए उसके बब्स को दबाने लगा।

तभी फोन बजने लगा और सीमा ने फोन उठया तो वह ताईजी का फोन था उनसे सीमा ने पूछा कि भाई कब तक आएगा तब ताईजी ने बताया कि वह तो आज ही आ रहा था लेकिन किसी काम से पठानकोट गया हुआ है तुम्हारी मोसी के घर पर वह तो कल रात को ही चला गया था।

फिर सीमा ने खुश होते हुए पूछा कि फिर वहाँ से कब तक आएगा तो ताईजी ने कहा कि मुझे कुछ पता नहीं है अगर तुझे कोई दिक्कत है तो अखिल के साथ दिल्ली आजा।

सीमा ने ताईजी से मना कर दिया, तभी रेणु की माँ आ गई मैं बेड पर लेटा हुआ था आप भी सोचोगे वह अन्दर कैसे आई होगी हुआ ऐसे कि रेणु की छत और सीमा की छत आपस में मिली हुई थी।

तो दोनों परिवारों में से कोई भी इधर-उधर आराम से आ जा सकता था।

मुझे देखकर आंटी ने पूछा आज तू स्कूल नहीं गया क्या? मैं और रेणु एक ही स्कूल में पढ़ते थे मैनें उनसे कहा कि मेरी तबीयत थोड़ी खराब है इसलिए मैं नहीं गया आंटी ने कहा ठीक है और सीमा से कुछ बात करने लगी उनकी बातों से सीमा बहुत शरमा रही थी।

मैं बेड से उठा और नहाने चला गया नहाते समय मुझे ध्यान आया कि मेरे पास तो टावल ही नहीं है और नेकर टी-शर्ट तो मैनें पहले ही गीली कर दी है मैनें नहा कर सीमा को आवाज़ लगाई सीमा टावल दे दो प्लीज़ सीमा ने कहा आ रही हूँ।

मैं उसका इंतजार करने लगा जब बहुत देर हुई तो मैनें फिर से कहा कहाँ हो टावल दो तो फिर आंटी की आवाज़ आई ला रही हूँ तब तक थोड़ा और नहा ले मैनें कहा ठंड है गर्मी नहीं जल्दी टावल दो वह बाथरूम के बाहर खड़ी थी और बोली कि यह लो तुम्हारा टावल फिर मैनें हाथ बाहर निकाला तो आंटी ने कहा क्या हुआ शरमा रहा है क्या? तुझे तो मैनें अपने हाथों से नहलाया है।

मैनें कहा आंटी अब मैं छोटा बच्चा नहीं रहा अब मैं बड़ा हो गया हूँ और मैं टावल लेने लगा तो आंटी ने दरवाजा खोल दिया और बोली कि अच्छा ज़रा मैं भी तो देखूँ कि आखिर कितना बड़ा हो गया है तू मैं बिल्कुल नंगा उसके सामने था मेरा टावल आंटी ने खींच लिया और मैनें अपने लंड को छुपा लिया और दरवाजा बंद कर दिया और फिर आंटी हँसते हुए चली गई।

पढ़ते रहिए दोस्तों क्योंकि चोदूराजा की कहानी अभी जारी है…

धन्यवाद पाठकों !!

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