भैया के पीछे से भाभी के नीचे से

हाय दोस्तों, Antarvasna मेरा नाम जगवीर है और मैं 27 साल का हूँ और मैं हरियाणा के करनाल का रहने वाला हूँ और मैं भी इस जबरदस्त वेबसाइट का एक पाठक हूँ इस वेबसाइट की कहानियाँ पढ़ते समय पूरे तन-बदन में अजीब सा करंट पैदा होता है इस वेबसाइट की कहानियों को पढ़कर मैनें भी अपने लिये एक चूत का जुगाड़ किया और वह चूत थी मेरी चचेरी भाभी की मेरी भाभी का नाम पूनम (बदला हुआ नाम) है और वह थोड़ी-थोड़ी एक फ़िल्मी हिरोइन के जैसी लगती है और मैं हमेशा उनको चोदने के सपने देखता रहता था वैसे तो मैं बहुत ही शर्मीला हूँ और किसी भी नये व्यक्ति से जल्दी घुल-मिल नहीं पाता हूँ लेकिन समय बीतते-बीतते मेरी और उनकी दोस्ती अच्छी हो गई थी और मैनें कई बार छुपकर उनके ब्रा और पैन्टी को सूंघा है और सूंघते हुए मूठ भी मारी थी।

मैं अपने बारे मैं आप सभी को थोड़ा और बता देता हूँ मेरी लम्बाई 5.9 फुट है और थोड़ा सा मोटा भी हूँ आज मैं आपको अपना पहला सेक्स अनुभव बताने जा रहा हूँ।

तो दोस्तों मेरी आज की कहानी कुछ इस प्रकार से है…

यह कहानी तब की है जब मैं 20 साल का था मैं पढाई में बहुत अच्छा था 10 वीं तक तो लेकिन जब मैं 11वीं में आया तब मुझे सेक्स की बहुत इच्छा होने लगी थी तब मैनें उस समय पोर्न फिल्में देखना शुरू किया और मूठ मारना भी।

मेरा ध्यान पढ़ाई की जगह बाकी सब चीजों में ज़्यादा था इसलिये मैं 12 वीं में फेल हो गया था और फिर मैं अपने पापा के साथ उनके काम में साथ देने लगा था हमारी 4 बड़ी बसें और 2 छोटी बसें थी मैं अपनी भाभी के घर काफ़ी आता जाता था क्योंकि मेरी माँ की मौत हो चुकी थी और हमारा खाना भाभी के घर से ही आता था पहले तो हम होटल से खाना लेकर आते थे मगर जब से भाई की शादी हुई थी तब से भाभी ही हमारे लिए खाना बनाती है।

मैं हमेशा से भाभी से अच्छी तरह से बात करता था इसलिए भाभी मुझे बहुत शरीफ़ समझती थी लेकिन मैं हूँ तो पूरा एक नंबर का हरामी भाभी को हमेशा से ही गलत नज़र से देखता था मेरी भाभी की शादी को अब 7 साल हो चुके है और उनके 2 बच्चे भी है एक दिन भाभी कपड़े सुखा रही थी और घर पर कोई भी नहीं था भाभी ने मुझे उनकी मदद करने के लिये बुलाया तो मैं उनकी मदद कर रहा था कपड़े सुखाने में इतने में मेरे हाथ में उनकी ब्रा और पैन्टी आ गई तो मैनें भाभी से अंजान बनते हुए पूछा कि “यह किसके है भाभी” तो भाभी ने मुझसे कहा कि “ चल हट बदमाश ला इधर दे यह मेरे है” मुझे सब पता था मगर मैं उनके मज़े ले रहा था फिर मैनें ब्रा दिखाते हुए पूछा कि यह क्या है तो उन्होंने कहा “यह मेरी ब्रा है तू पहनेगा क्या?” उनका यह जवाब सुनकर मुझे हँसी आ गई फिर उसके थोड़ी देर बाद भाभी बाथरूम में गई।

भाभी के बाथरूम के दरवाजे के नीचे थोड़ी जगह है तो मुझे जब उनके मूतने की आवाज़ सुनाई दी तो मैनें झुककर देखा तो उन्होनें लाल रंग की पैन्टी पहनी हुई थी और उनकी चूत पर हल्के-हल्के बाल थे उस हसीन नजारे को देखकर मेरा तो लंड ही खड़ा ही हो गया था और कुछ दिन तक ऐसा ही चलता रहा भाभी रोज़ कपड़े सुखाने के बहाने मुझसे सेक्सी बातें करती थी फिर एक दिन जब उन्होनें मेरा अंडरवियर देखा तो बोली कि जब मैं इसको धो रही थी तो इसमें से अजीब सी बदबू आ रही थी तू क्या अभी भी रात को इसमें ही सूसू कर देता है क्या?

मैनें भी उनसे पंगा लेते हुए कहा कि आप इसको क्यों सूंघ रही थी? तो वह हंसकर चुप हो गई और फिर एक दिन मेरा भाई बाहर अपनी दुकान का सामान लेने के लिए लुधियाना चला गया था कुछ दिनों के लिए अब भाभी घर में अकेली थी तो भाभी ने मुझे रात को अपने कमरे में सोने के लिये बुला लिया था और अगले दिन जब मैं उठा तो देखा कि भाभी बाथरूम में मूत रही थी और घर में कोई नहीं था तो उन्होनें दरवाजा भी बन्द नहीं किया था और मुझे यह पता भी था मगर मैं जानबूझकर बाथरूम में घुस गया और मुझे देखते ही भाभी घबराकर हडबडाहट में खड़ी हो गई और उनका सारा मूत उनकी नाईटी पर ही गिर गया और वह मुझसे कहने लगी कि तुम यहाँ क्या कर रहे हो दिखता नहीं है क्या मैं यहाँ मूत रही हूँ तो मैनें उनसे कहा कि आपको दरवाजा बन्द करके रखना चाहिए था ना मुझे कोई सपना थोड़े ही आया था कि आप अन्दर हो और फिर भाभी चली गई और दोस्तों यहाँ से हमारे रिश्ते में बदलाव आया और उधर भाई ने भी फ़ोन करके बोला कि उसको भी आने में अभी तीन-चार दिन और लगेगें तो अब मेरे मन मैं भाभी को चोदने का ख्याल आया और पापा ने भी मुझसे कह रखा था कि जब तक तेरा भाई ना आए तब तक तू अपनी भाभी के साथ रहेगा।

अब तो मेरी निकल पड़ी थी लेकिन मुझे क्या पता था कि मेरी भाभी के मन में भी यही सब चल रहा था दोपहर के खाने के बाद भाभी को पता नहीं क्या हो गया था और वह मेरे पास आकर लेट गई और कहने लगी चल कुछ खेलते है तो मैनें भी कहा कि ठीक है और हम पेन को नीचे रखकर घुमाना खेलने लगे जिसमें पेन जिसकी तरफ मुहँ करके रुकेगा उससे सामने वाला जो बोलेगा उसको वह करना होगा पहले तो हम सामान्य होकर ही खेलते रहे तभी भाभी ने कहा कि यार कुछ मज़ा नहीं आ रहा कुछ नया करते तो भाभी ने पेन को घुमा दिया तो पेन मेरे पास आ कर रुक गया तो मैनें देखा कि उनकी आँखो में शरारती चमक थी

और उन्होनें मुझसे कहा कि चल अब अपना अंडरवियर उतारकर नंगा बैठकर खेल और अगर नहीं करेगा तो मैं तेरे कूल्हों पर 10 थप्पड़ मारूँगी तो मैं उनकी बात सुनकर सोच में पड़ गया और फिर मुझे लगा कि शायद भाभी मेरा लंड देखना चाहती है और मैं नंगा होकर बैठ गया और उस समय मेरा लंड खड़ा था दोस्तों खेल में अब मेरा भाग्य भी अच्छा चलने लगा और अबकी बार पेन भाभी के पास जाकर रुक गया तो मैं सोचने लगा कि मैं भाभी से क्या करवा सकता हूँ तभी मैनें भाभी की तरफ देखा तो वह मेरे लंड की तरफ देख रही थी तो मैनें सोचा कि क्यों ना भाभी को अपना लंड ही चूसने को कह दूँ और फिर मैनें हिम्मत करके भाभी से कहा अब तुम मेरा लंड चूसो तो वह मेरे कहने के साथ ही मेरे लंड को चूसने लगी जैसे कि वह मेरे कहने का ही इन्तजार कर रही हो और फिर जब तक मेरा पानी नहीं निकला तब तक वह मेरे लंड को चूसती ही रही और फिर मेरा सारा पानी पी गई।

और फिर मैनें उनसे कहा कि अब क्या और भी खेलना है तो भाभी बोली कि अब बच्चे स्कूल से आने वाले है तो हम बाकी का खेल रात को खेलेगें और फिर हमने शाम का खाना खाया और टी.वी. देखी तो रात के 10.30 बज चुके थे और बच्चे भी सो चुके थे तभी भाभी ने कहा मुझसे कहा कि तू कहाँ पर सोएगा तो मैनें कहा कि रोज सोता हूँ वहीं पर सो जाऊँगा तो वह बोली कि नहीं आज एक काम कर तू मेरे साथ ही सो जा और फिर हम दोनों ही सोने चले गये भाभी के दोनों बच्चे दूसरे कमरे में सो रहे थे तो भाभी ने कहा कि हम दोनों एक ही रज़ाई के अंदर सो जाते है और थोड़ी देर बाद भाभी करवट लेकर सो गई और उनकी गांड मेरे लंड के पास थी और वह सब मुझे भी अच्छा लग रहा था मेरा लंड भी अब बड़ा होता गया और उनकी गांड में चुभने लगा तो अब भाभी को भी मज़ा आ रहा था तो वह थोड़ी और पीछे आई और मुझसे हंसकर बोली कि तू तो सच में बहुत बड़ा हो गया है मुझे उनके मुहँ से यह शब्द सुनकर थोड़ी हैरानी हुई अब उन्होंने मेरा लंड मेरे पजामे के ऊपर से पकड़ लिया और उसको सहलाने लगी और धीरे से मेरे पजामे के अन्दर हाथ डाल दिया और मुझसे बोली कि नीचे के बाल नहीं काटे क्या अभी तक?

मैनें उनसे कहा कि 1 महिने से नहीं काटे है तो वह मेरे लंड को अब मेरे पजामे के अंदर से सहला रही थी और मैं उनके बब्स को ज़ोर-जोर से दबा रहा था मेरी भाभी ने अब मेरा पजामा पूरा ही उतार दिया था और अब मैं उनके सामने पूरा ही नंगा था वह मुझसे बोली कि तेरा लंड तो बहुत ही बड़ा है इतनी सी उम्र में इतना बड़ा कैसे किया तुमने भाभी ने मुझसे यह भी बोला कि तुझे मैनें मेरी ब्रा और पैन्टी में मूठ मारते हुए देखा था तभी से मैनें सोचा कि तेरा लंड 1 बार तो जरूर लेना पड़ेगा तभी तो मैनें दिन में तेरे साथ पेन वाला खेल खेलने के बारे में सोचा था और फिर मैनें भी भाभी से उनके फिगर के बारे में पूछा तो वह बोली 36-32-38 और उनकी कोमल ऊँगलियां मेरे लंड के ऊपर घूम रही थी और फिर उन्होंने मेरा लंड अपने मुहँ में ले लिया और उसको चूसने लगी सिर्फ़ 10-12 मिनट में ही मैनें अपना पानी उनके मुहँ में छोड़ दिया और वह मेरा सारा पानी पी गई थी मैनें उनसे कहा सॉरी तो वह बोली कि कोई बात नहीं पहली बार तो ऐसा ही होता है पानी निकलने के बाद भी मेरा लंड खड़ा था यह देखकर भाभी बहुत खुश हुई।

और बोली कि तू ऐसा क्या ख़ाता है तेरा भाई तो कुछ भी नहीं करता और उनका लंड भी बहुत कमज़ोर है तो मैनें पूछा कि कैसा है तो वह बोली कि बस 5 इंच का ही है और पतला भी है तेरी तरह 6.5-7 इंच वाला लंड ही मेरी प्यास को बुझा सकता है अब मैं उनके ऊपर आ गया और उनके होठों को अपने होठों में लेकर एक बहुत लम्बा किस किया उनके होंठ भी बहुत नरम और मोटे थे फिर उनके बब्स को चूसने लगा था मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे कोई तरबूज मेरे हाथ में हो वह इतने बड़े थे कि वह मेरे हाथों में पूरे भी नहीं आ रहे थे।

अब भाभी ने मुझे अपनी चूत चाटने को बोला और बोली उसे पूरा अपने मुहँ में लेकर चाटना उनकी चूत पर बाल थे तो मैनें भी उनसे पूछा कि आपने भी तो साफ़ नहीं कर रखी है तो वह बोली कि किसके लिए करूं तेरा भाई तो मुझ पर ध्यान ही नहीं देता है और दुकान से आकर बस सो जाता है सेक्स तो हमारे बीच में 2-3 महीनों में 1-2 बार ही होता होगा बस फिर मैनें उनकी चूत को साफ़ करने के बारे मैं पूछा तो वह बोली कि तू मेरे बाल साफ़ कर दे और मैं तेरे साफ़ कर देती हूँ।

तो मैनें कहा कि ठीक है और फिर हम दोनों ने एक दूसरे के बाल साफ़ कर दिये और उनकी चूत जब साफ़ हुई तो बहुत सुंदर लग रही थी और फिर मैनें अब उनकी चूत को चाटना शुरू किया वह ज़ोर-जोर से आहह… उह्ह्ह… इस्सस… की सिसकियां ले रही थी और उनकी चूत से पानी भी निकल रहा था 10 मिनट तक चाटने के बाद भी वह बोल रही थी कि और चाट इसको तब मुझे लगा कि भाभी सच में बहुत ज्यादा प्यासी है वह बोल रही थी कि अपने लंड को मेरी चूत के अन्दर डालो ना मुझसे अब और नहीं रहा जा रहा है मैनें जब भाभी की आँखों में देखा तो वह एकदम सेक्सी और नशीली हो रही थी।

अब मैनें जैसे ही अपने लंड को थोड़ा सा उसकी चूत के अन्दर डाला तो वह आह्ह्ह करके ज़ोरों से साँस लेने लगी थी उस समय उनकी आँखे बन्द थी और जैसे ही मैनें उनके बब्स को सहलाते हुए अपना पूरा लंड अंदर डाला तो भाभी एकदम छटपटाने लगी और बोलने लगी कि इसको बाहर निकाल नहीं तो मैं मर जाऊँगी भाभी इस बार जोर से चीखी नहीं क्योंकि उनके चीखने से बच्चे उठ जाते तो फिर मैं रुक गया और उनके होठों को चूमने लग गया और 5-7 मिनट के बाद जब भाभी का दर्द थोड़ा कम हुआ तो मैनें फिर से उनकी चूत में अपने लंड से धीरे-धीरे धक्के देने शुरू कर दिए।

अब थोड़ा और ज़ोर से धक्के देने लगा तो मेरी भाभी मेरी कमर और मेरे बालों में अपना हाथ घुमा रही थी 15-20 मिनट तक मैनें भाभी की खूब चूत मारी और इस दौरान भाभी एकबार पानी निकाल चुकी थी और फिर उनके साथ 5 मिनट बाद मैनें भी अपना पानी निकाल दिया और 10 मिनट तक ऐसे ही उनके ऊपर लेटा हुआ था और थोड़ी देर के बाद भाभी बोली कि चलो 69 करते है।

मैनें उनसे पूछा कि यह 69 क्या होता है? तो भाभी बोली कि तू नीचे सीधा होकर लेट जा और मैं तेरे ऊपर आती हूँ मेरी गांड तेरे मुहँ के ऊपर होगी और मेरा मुहँ तेरे लंड के ऊपर और हम 69 की पोजीशन में आ गए उनकी मोटी गांड मेरे मुहँ के ऊपर थी मैं उनकी चूत को चाट रहा था और वह मेरे लंड को चूस रही थी मैनें अब 1 ऊँगली उनकी गांड में डाली तो उनको भी बहुत मज़ा आया उनकी गांड का छेद एकदम मुलायम लग रहा था।

तभी मैनें सोचा कि क्यों ना अब भाभी की गांड भी मारी जाए और मैनें भाभी को गांड मरवाने के लिए बोला तो उन्होनें कहा कि पीछे तो बहुत दर्द होता है मैनें पूछा कि भाई ने कभी पीछे से किया है क्या? तो वह बोली कि एकबार कोशिश की थी पर अन्दर नहीं जा सका था और बहुत दर्द भी हो रहा था तो मैनें कहा कि मैं तो धीरे-धीरे डालूँगा।

मेरे बहुत मनाने पर वह मान गई और फिर मैनें उनको घोड़ी बनाया और अपना लंड उनकी गांड में डालना चाहा पर मेरा लंड अन्दर जा ही नहीं रहा था तभी भाभी बोली कि क्रीम या तेल लगाकर डाल तभी जाएगा तभी मैं दूसरे कमरे से जाकर तेल ले आया और थोड़ा उनकी गांड पर लगाया और थोड़ा सा अपने लंड पर भी लगाया और फिर जैसे ही मैनें थोड़ा सा धक्का दिया तो अब मेरा आधा लंड उनकी गांड को फाड़ते हुए अन्दर चला गया था।

और भाभी भी ज़ोर से चिल्लाई आहह…ओहहह… और बोली कि बाहर निकाल तो मैनें कहा कि प्लीज़ बस 5 मिनट रहने दो मुझे उस समय इतना अच्छा लग रहा था कि अपने लंड को उनकी गांड से बाहर निकालने की इच्छा ही नहीं हो रही थी मैनें उनसे कहा कि बस थोड़ी देर ही दर्द होगा भाभी बाद में आपको भी मज़ा आएगा और धीरे-धीरे मैं उनकी गांड मारने लगा भाभी की गांड मैनें 5 मिनट ही मारी थी कि मेरा पानी निकल गया और मैं भाभी के ऊपर से हट गया।

भाभी मुझसे बोली कि तेरा लंड तो बहुत तगड़ा है और हम बाथरूम में एकदूसरे की सफाई करने गये और फिर वापस बेड पर आ गए अब भाभी ने मुझको घोड़ा बनने को कहा और फिर में घोड़ा बना और भाभी मेरी गांड को चाटने लगी उनके ऐसा करने में मुझको भी बहुत मज़ा आने लगा और 10 मिनट तक भाभी ने मेरी गांड को खूब चाटा और फिर उल्टा ही लेटा दिया और अब भाभी मेरी गांड के ऊपर उनके बब्स को रगड़ने लगी तो मैनें सोचा कि सेक्स में ऐसा सब भी होता है और फिर मैं उठकर भाभी की लिपस्टिक ले आया और फिर मैनें भाभी की चूत में फिर से अपना लंड डाला और भाभी के होठों पर लिपस्टिक लगाकर उनको चूसने लगा और फिर थोड़ी देर बाद भाभी ने नीचे से अपनी गांड हिलाई तो मैं भी ऊपर से धक्के मारने लगा भाभी आहह और तेज-तेज करो बहुत मज़ा आ रहा है वह नीचे से अपनी गांड उठा रही थी तो मैं रुक गया तो भाभी बोली कि क्या हुआ तो मैनें कहा कि आप खुद ही कर रही हो ना तो भाभी ने कहा तुम भी करो तो मैं फिर से शुरू हो गया।

भाभी आहह… उफ्फ्फ्फ़… करती हुई शांत हो गई पर मेरा अभी तक निकला नहीं था तो भाभी बोली कि मेरा तो हो गया है अब हटो लग रही है। लेकिन में धक्के दे रहा था और उनसे कहा कि आप का तो हो गया पर अभी मेरा नहीं हुआ और यह कहते हुए भाभी फिर से अपनी गांड उठाने लगी और थोड़ी ही देर बाद हम दोनों ही साथ मैं झड़ गए मैनें भाभी को उस रात को 2 बार चोदा और चुदाई करते-करते हुए सुबह के 4 बज गये थे और फिर मैं और भाभी थोड़ी देर तक ऐसे ही एकदूसरे के साथ चिपके रहे और मैनें उस रात भाभी को करीब पहली बार 15 मिनट और दूसरी बार 20-25 मिनट तक चोदा था अब भाभी ने कहा कि सुबह हो गई है और अब तुम सो जाओ नहीं तो सुबह तुम्हारे पापा पूछेगें कि रात में सोए नहीं तो क्या जवाब दोगे?

मैनें उनसे कहा कि आप उसकी चिन्ता मत करो। मुझे तो आप यह बताओ कि भाभी आपको कैसा लगा तो भाभी ने कहा कि आज तो मुझे एक अलग ही मज़ा आया और भाभी ने कहा ठीक है अब तुम सो जाओ और मैं भाभी को किस देकर सो गया।

धन्यवाद प्यारे पाठकों !!

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