सुहागरात पर खूब जमकर चोदा 2

सुहागरात पर खूब जमकर चोदा 2

में चाहू तो उनके साथ भी डील कर सकता हूँ, लेकिन इससे मेरा बदला पूरा नहीं होगा, मुझे 2 बातें चाहिए, पहली ये कि समीर के साथ मेरी मारपीट हो चुकी थी और इस वजह से अजय पर केस था, उसकी वजह से उसे बाहर का वीजा होने के बावजूद उसे जॉब नहीं मिल पा रही थी, तो वो केस हटवाओ और दूसरी बात शादी करने के बाद सुहागरात तुम मेरे साथ मनाओगी, तो में चौक गयी। फिर मैंने कहा तुम ऐसा सोच भी कैसे सकते हो कि में मान जाउंगी? तो अजय ने कहा कि मुझे पता है तुम्हारे पास और कोई रास्ता भी नहीं है। तेरी बड़ी बहन जो अपने ससुराल से वापस आई है, उसकी भी तो अजय के घर में किसी बड़े इंसान से शादी हो रही है ना? तो शादी तो सिर्फ़ उसकी भी नहीं टूटेगी और वैसे तुम्हारी भी नहीं टूटेगी।

फिर मैंने अजय से कहा कि तुम्हारे ऊपर से केस हट जायेगा और तुम्हें क्या चाहिए? मेरी ज़िंदगी क्यों दाव पर लगा रहे हो? तो अजय ने कहा कि सही सवाल पूछा, तू खूबसूरत है, लेकिन बाज़ार में नई से लेकर पुरानी रंडीयों की कमी नहीं है, लेकिन समीर के वकील के कहने पर तलाक के केस में सुनैना ने मुझे नामर्द कहा था और लोग मुझ पर हँसते थे और 2 बच्चो के बाद भी मेरे बच्चे किसी और की औलाद की गालियाँ खा रहे थे। में जानता हूँ ये करके में सबका मुँह तो बंद नहीं कर सकता और मुझे परवाह भी नहीं है, मुझे तो बस इतना चाहिए कि कम से कम में जब शीशे में देखूं तो में खुद को नामर्द ना पाउँ और वो तभी होगा जब में बदला पूरा कर लूँ। मेरा वो बदला तब ही पूरा होगा, जब में समीर की बीवी यानी तुम्हें चोदूं और सुहागरात के दिन तुम्हारी चुदाई करूँ, तो मैंने कहा ये नामुमकिन है।

फिर अजय ने कहा कि ऐसा नहीं है, मैंने पता किया था कि तुम मेडिकल प्रोफेशन से जुड़ी हो और मुझे पता है कि उसे कैसे सुलाना है बाकी बातें तो तुम सोच ही सकती हो और नहीं सोचा तो ख़ैर जैल में जब उससे मिलने जाओ तब सोच लेना और मुझसे डील करनी हो तो मुझे बताना, मुझे कुछ भी ज़ोर जबरदस्ती नहीं चाहिए और में कुछ ज्यादा नहीं माँग रहा हूँ। उसकी बातों से अब में परेशान थी, क्या करूँ कुछ पता नहीं चल रहा था? घर पर बात करने से कोई फ़ायदा नहीं था, लेकिन मैंने शादी को टालने की एक कोशिश भी की, जो नाकाम ही रही, लेकिन कुछ भी तय करने से पहले मुझे सिक्यूरिटी चाहिए थी, फिर मैंने अजय को कॉल किया और हम उसी कॉफी शॉप में मिले।

फिर मैंने उससे पूछा कि क्या गारंटी है कि तुम मुझे बाद में परेशान नहीं करोंगे? तो उसने कहा कि तुम्हें मुझ पर भरोसा तो करना ही होगा। में यहाँ बैरोजगार बैठा हूँ क्योंकि मुझ पर केस है, अगर में कुछ और ऐसा करता हूँ तो तुम और तुम्हारा परिवार तो मुझे छोड़ेगा ही नहीं, हमने कॉल पर बात की है, और यहाँ इस कॉफी शॉप के सीसी टीवी कैमरे में हम दोनों आ गए है। तुम अगर मुझ पर केस कर दोगी तो में तो बच्चो से भी हाथ धो बैठूँगा और मेरा करियर भी ख़राब हो जायेगा, तो तुम्हें कुछ नहीं खोना सिवाय एक रात के। फिर मैंने बहुत सोचा और उस सौदे के लिए हाँ कह दी। फिर मैंने कुछ और पेपर इंश्योरेंस माँगे, जो वो देने को तैयार हो गया था। कुछ पेपर्स उसने 2 दिन में मुझे दे भी दिए। फिर मैंने समीर को केस वापस लेने के लिए ये कह कर राजी कर लिया कि हमें भी तो भविष्य में बाहर जाकर सेट होना है और वो मान भी गया। अब सुहागरात की बात जो मेरी सपनों की रात थी, मुझे उसी के बारे में सोचना पड़ रहा था और अच्छे भविष्य के लिए ग़लत काम करना पड़ रहा था। फिर मैंने समीर को एक टूरिस्ट आइसलेंड पर एक फाईव स्टार होटल में हनिमून के लिए राजी कर लिया।

 

फिर हमारी शादी हुई और अब हम उसी शाम को फ्लाइट पकड़कर हनिमून और सुहागरात के सुनहरे सपनों के साथ निकल आए, हालाँकि में जानती थी कि ये कोई सुहावना सपना नहीं है, ये मेरे लिये हमेशा का दर्द बनने वाला था। समीर को शराब की बहुत बुरी आदत थी और वो जल्दी से उस पर चढ़ जाती थी और आज यही आदत मेरे काम में आने वाली थी। फिर मैंने फ्लाईट में भी उसे शराब पीने से 2 बार से ज्यादा नहीं रोका। फिर जब हम होटल में गये, तब भी उसने शराब मंगवाई और मैंने उसी शराब में नींद की गोलियां मिला दी थी ताकि वो कम से कम 24 घंटे तक गहरी नींद में सोता रहे, जिससे कि हमारे आने वाले कल पर इस काली रात की कोई छाया ना रहे। अब समीर पहले नशे में और बाद में गहरी नींद में था, अब अजय उसी शहर में था। फिर मेरे कॉल के बाद वो वहां आ गया।

ये फाईव स्टार होटल था, जिसमें 3 कमरे थे और एक बड़ा हॉल था। फिर मैंने दरवाजा खोला और अजय अन्दर आ गया, अब समीर विंडोवाले कमरे में था तो मैंने बाहर से दरवाजा बंद कर दिया और अब में डर रही थी, कि अब क्या होगा? अब अजय पहले तो मुझे सारे बाकी के पेपर्स और सी.डी और सब कुछ देने को तैयार था और फिर अजय ने कहा चलो अब मेरी दूसरी माँग पूरी करो। तो मैंने कहा हाँ तुम्हें जो करना हो कर लो, फिर अजय ने कहा ऐसे नहीं मैंने कहा था ना सुहागरात को तुझको चोदना है, पता नहीं तू वर्जिन है या फिर पहले ही किसी का ले चुकी है, लेकिन आज की रात तो तुझे मेरी दुल्हन बनना पड़ेगा और तुम तो नाईट ड्रेस में हो, पहले शादी का जोड़ा पहनो, तभी सारे पेपर और सीडी मिलेगी। अब में समीर की दुल्हन को चोदना चाहता हूँ, उसकी बीवी को नहीं, तो अब मेरे पास कोई रास्ता नहीं था।
फिर मैंने शादी का जोड़ा पहना और सारे पेपर्स और सी.डी को लॉकर में रख दिया। अब हम उस सुहागरात वाले सजाए हुए कमरे में थे। फिर अजय ने मुझे किस करना शुरू किया। मैंने पहली एक बार कॉलेज में ऐसा किया था और उसके बाद में कभी नहीं किया था, ये सच में बहुत अलग अनुभव था। अब अजय बहुत जोश मे जीभ से स्मूच कर रहा था। फिर उसने मेरे पास खड़े होकर कहा कि मेरी पेंट उतारो, अब में थोड़ी सहमी हुई तो पहले से थी। फिर अजय ने कहा अब कोई और नखरे मत करो दुल्हन से रंडी बनाकर चोदना है। फिर मैंने उसकी पेंट उतारी, उसने अन्दर बॉक्सर पहनी थी, तो मैंने उसे भी उतार दिया और मैंने पहली बार किसी मर्द के लंड को इतने पास से देखा था। में तो उसके काले नाग को देखकर ही डर गयी थी कि अभी इतना बड़ा है तो बाद में कितना बड़ा होगा। अब अजय ने कहा कि अब शरमाओ मत, आज रात यही तुम्हारी कहानी लिखेगा, इसे अपने मुँह में लो और अजय ने झट से उसे मेरे मुँह में डाल दिया।

मैंने मेरी लाईफ में पहली बार लंड को चूसा था, उसका काफ़ी बुरा स्वाद था। फिर वो मेरे होंठो पर किस करने लगा। अब में सांस भी नहीं ले पा रही थी, लेकिन उसे दया भी नहीं आ रही थी। अब मेरी आँखो से पानी निकल रहा था और अब अजय का लंड तनकर 9 इंच का हो गया था, एकदम लम्बा मोटा 9 इंच का आयरन रोड, जिसे देखकर ही मुझे डर लगता था। अब अजय मेरे मुँह को अपने मुँह में दबाकर चोद रहा था और मेरी आँखो में से आँसू निकल रहे थे, क्योंकि उस समय में सांस भी नहीं ले पा रही थी और उस वक़्त में शादी के जोड़े में ही थी। अब अजय ने मेरे गहने उतार दिए, फिर मेरा लहंगा भी निकाल दिया और अब मेरा ब्लाउज भी उतार दिया, अब में ब्रा में थी। उस वक़्त लाईट भी चालू थी और अजय भी नहीं चाहता था कि लाईट बंद करके ये सब हो, अब अजय पूरा नंगा था और उसकी बॉडी बहुत कसी हुई और टाईट थी।

अब वो मुझे सहमा देखकर हंसने लगा और मुझे पलंग पर धक्का देकर गिरा दिया और खुद मेरे ऊपर चढ़कर उसका 9 इंच का काला नाग मेरे मुँह में घुसा दिया। फिर काफ़ी देर तक मैंने उसके लंड को चूसा, अब वो मेरी ब्रा को फाड़कर खींचने की कोशिश करने लगा। मैंने कहा कि अजय ऐसा मत करो, में अपने पति को क्या जवाब दूँगी? तो अजय ने कहा ठीक है, लेकिन एक ही शर्त पर तुम रंडी की तरह चुदवाओ, इस तरह से सब कुछ मुझे ही करना है तो में जैसा चाहूँगा वैसा ही करूँगा। फिर मैंने पूछा लेकिन कैसे? तो अजय ने मुझसे कहा कि बोलो में रंडी हूँ, मुझे तुम्हारा लंड चाहिए, मेरी प्यास बुझा दो, ऐसे ही कहो वरना में वही करूँगा और काटूंगा भी। अब मेरे पास और कोई रास्ता नहीं था, तो मैंने पहले कभी ऐसा नहीं बोला था, लेकिन उस रात बहुत कुछ पहली बार ही हो रहा था, तो मैंने वैसा ही किया और कहा कि अजय मुझे चोदो, में तुम्हारे लंड की प्यासी हूँ और मैंने खुद ब्रा निकाल दी और ब्लाउज भी और पेंटी भी निकाल दी।

अब अजय तो जैसे खुशी के मारे पागल हो गया था और वो मेरे बूब्स पर टूट ही पड़ा और उन्हें ऐसे मसलने लगा, जैसे वो कई सालों का प्यासा था। फिर मुझे भी अच्छा लगने लगा था। अब मेरे बूब्स के निप्पल टाईट होने लगे थे, फिर अजय ने कहा कि साली कुत्तिया आज में तेरी चूत को भोसड़ा बनाऊंगा, तेरे पति का लंड तेरी चूत की जगह भरने से कम पड़ जायेगा। अब वो मेरे पूरे बदन को चाटने लगा था और में भी उसका लंड बीच-बीच में चूस लेती थी। अब उसने मुझे सीधा लेटाया और मेरी चूत को चाटने लगा, अब में भी गर्म हो चुकी थी और मेरी चूत से पानी आने लगा था तो अजय बोला कि साली तू तो पक्की रंडी बनेगी, अपनी चूत गीली कर ली है, एकदम मुलायम चूत है, कभी लंड नहीं लिया क्या? तो मैंने कहा नहीं कभी नहीं लिया। तो अजय ख़ुशी से बोला क्या बात है? रानी अब देख में सिर्फ़ समीर की दुल्हन को ही नहीं चोद रहा हूँ, तुझे भी एक लड़की से औरत बना रहा हूँ। मेरे लंड को तू कभी नहीं भूलेगी और उसने उसका 9 इंच का सख्त लंड मेरी चूत के आस पास रगड़ना और पीटना शुरू कर दिया। अब वो बार बार अपने लंड को मेरी चूत पर रखता और रगड़कर वापस ले लेता।

अब मुझसे भी रहा नहीं जा रहा था तो मैंने कहा कि चोदो मुझे अजय, तड़पाओ मत, अगर असली मर्द हो तो चोदो मुझे और ये सुनकर निखल ने बिना कंडोम के ही सीधा उसका लंड मेरी चूत में डाल दिया ओहाआआआआआअहह मेरी तो चीख ही निकल गयी और चक्कर आ गये। अब मेरी आँखो के आगे अंधेरा छा गया था, फिर उसने सिर्फ़ एक ही शॉट में काफ़ी ज़ोर से उसका लंड मेरी चूत के अंदर घुसा दिया, तो थोड़ा खून भी बहा, लेकिन वो मुझे जानवरों की तरह ज़ोर-ज़ोर से धक्के लगाते हुए चोदता रहा तो में रो पड़ी, लेकिन उस जानवर को कोई फ़र्क नहीं पड़ रहा था। फिर कुछ देर तक ऐसे ही चोदने के बाद उसने मुझे वहां छोटी टेबल थी उस पर बैठाया और मेरी चूत में लंड डाल दिया ओहाआहह और फिर उसने मुझे उठा लिया और अब वो मुझे दिवार से चिपका कर खड़े खड़े ही चोद रहा था।

फिर अजय बोला कि साली रंडी, छिनाल, मादरचोद, तेरी चूत पर मेरे लंड के निशान हमेशा रहेंगे, अब मेरा बदला पूरा हुआ साली रंडी, तू सच में कमाल की है, तेरा पति अब तेरी भोसड़ी चोदेगा, आज में तेरी चूत का भोसड़ा बना दूँगा। अब उसने मुझे बेड पर उल्टा करके सुला दिया और उसका लंड मेरी गांड में डालने की कोशिश करने लगा, तो मैंने कहा नहीं अजय, तो अजय बीच में ही रुका और कहा कि में तेरे पति के लिए एक भी छेद वर्जिन नहीं छोड़ना चाहता हूँ। अब में कुछ बोल पाती उसके पहले ही उसने लंड दे दिया मईईईई में मर गयययययी, अब मेरा दर्द बर्दाश्त से बाहर था। अब वो मुझे काफ़ी देर तक चोदता रहा और बाद में सारा रस उसने मेरे मुँह में डाल दिया।

उस रात उसने मुझे 2 बार फिर से अलग-अलग तरह से चोदा। फिर वो सुबह निकल गया, लेकिन मेरे पति को होश नहीं आया, फिर मैंने अपने आपको संभाला और रूम सर्विस से डॉक्टर बुलाया और मैंने मेरे पति को जगाया। अब वो सोचते थे कि ये ज़्यादा पी लेने का असर था और में भी फूट फूट कर रो पड़ी और कहा तुम्हें पता है मुझे तुम्हारे कारण क्या महसूस हुआ? और वो भी सच मान गये और बार बार सॉरी कहने लगे। वैसे में सच में रो रही थी, लेकिन कारण वो नहीं था, जो मेरे पति समझते थे और उसके बाद अजय ने कभी मुझसे सम्पर्क नहीं किया। फिर कुछ दिन पहले ही एयरपोर्ट पर मैंने अजय को देखा, लेकिन में बिल्कुल नहीं डरी और ना ही मुँह फेरा, क्योंकि मैंने कुछ ग़लत नहीं किया था। लेकिन वो मुझसे नज़ारे चुरा रहा था और साफ था कि उसे भी पता है कि ग़लती किसकी थी, लेकिन अब में और मेरा परिवार सुरक्षित है और में अपने पति के साथ खुश भी हूँ। दोस्तों आपको मेरी इस सेक्स की स्टोरी कैसी लगी जरुर कमेंट कर के बताये।

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