विदेशी चुत चखने का मज्जा

विदेशी चुत चखने का मज्जा

Chudai Antarvasna Kamukta Hindi sex Indian Sex मैं शिवम आज अपने कुछ अनुभव आपके सामने रखने जा रहा हूँ | दोस्तों मैंने बचपन से ही कामुक फिल्में देखा करता हूँ और अंग्रेजी बेब को चोदने के लिए ना जाने कब से तरस रहा हूँ | दोस्तों मैंने अपने लंबे काले लंड के लिए एक लड़की को भी दूंध लिया था जिससे मेरी मुलाकात इन्टरनेट पर ही हुई थी और उसका नाम लिसा था | दोस्तों मैंने उससे दिलचस्प बातें करते हुए लगभग आधे से ज्यादा अपने काबू में कर ही लिया था और अब असली बारी उसकी चुत को चोदने की आ पड़ी थी | मैंने उससे एक दिन कुछ नंगे द्रश्यों की मांग की जिसपर उसने मुझे बेझिझक अपने कुछ नंगे फोटों भेज दिए और मैं देखकर अपने लंड को तनने से रोक ही नहीं पाया | मैंने उससे कहा की वो चाहे तो कभी मेरे शहर में मुझसे मिलने आ सकती है और मैं तभी उसे अपने लंड के दर्शन भी कराऊंगा | मेर बात तो उसने ऐसी मान ली की कुछ दिन के लिए वो विदेश से मेरे शहर में मुझसे मिलने को भी आ गयी और अचानक मुझे फोन करके एक होटल में बुलाया |

दोस्तों मैंने भी काफी अरसे से मुठ नहीं मार था और इस बार मैंने सीधा अपने लंड पर चिकना तेल लगाकर उसके पास पहुँच गया |मैंने देख की उसने कमरे में केवल गुलाबी बिकनी पहनी हुई थी और पैंटी पर नज़र पढ़ी तो उसमें से उसकी आधी गांड तो मुझे चमक ही रही थी |मुझे पहले से ही काम – क्रीडा का ज्ञान था तो बस शुरुआत करने के लिए मैंने कुछ इंगरेजी में बात करते हुए उसके गुलाबी होठों को चूसा और फिर उसके चुचों को चुचों को छूते हुए गरम करने लगा जैसा की मैंने कामुक फिल्म में देखा था | अब वो भी काम क्रीडा पर मदहोश होती चली गयी और मुझे भी उसके मुलायम चुचों के साथ खेलने में कुछ अलग ही मज़ा आ रहा था | दोस्तों वो अंग्रेजी में सिस्कारियां लेती हुई मुझे कुछ अलग ही अंदाज़ में गरमा रही थी और मैंने अब उसकी गुलाबी पैंटी को भी उतार दिया | मैंने अपनी ऊँगली को उसकी चुत की फांकों के बीच मलने लगा और कुछ देर में उसकी उसकी चुत में इतनी ज़बरदस्त ऊँगली की उसकी चुत का घी निकल गया और मैंने भी अपने लंड को भी निकला उसके हताह में थमा दिया |

उसने अब उत्तेजित होते हुए मेरे लंड को चूसना ज़ारी कर दिए और मैं दोस्तों अपने लंड को विदेशी होंठों से चुसवाते हुए कुछ अलग ही महसूस कर रहा था | मैंने कुछ पल बाद ही उसकी गांड को उठा दिया और उसकी चुत को छाते बगैर ही अपने लंड को उसके मुहाने पर अपने लंड को रख दिए और हिलाते हुए बस लंड को अंदर ही और धकेलने लग जिसपर उसने मुझे एक खाश तेल दिए और मैंने अपने लंड के सिरे पर मसल दिया | दोस्तों उस तेल को लगाते ही मेरा लंड फट से बड़ी ही तेज़ी में उसकी चुत को चीरते हुए आर – पार होने लगा और मज़े का तो जैसे कोई ठिकाना ही नहीं था | उसकी अंग्रेजी गांड मेरी हर रफ़्तार को आराम से लेटी हुई चुद रही थी और उसकी अंग्रेजी सिसकियाँ मेरे लंड को तेज़ी बढ़ाने एपर मजबूर कर रही थी | मैंने दोस्तों उस पूरा दिन उसे वैसे ही चोदकर गुज़ारा और उस दिन हिमात करके ५ पारियां खेली क्यूंकि यह मौका खुशकिस्मत वालों को ही मिलता है |

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