वासना की कहानी बस से शुरू हुई 4

वासना की कहानी बस से शुरू हुई 4

लेकिन वोह मेरे पीछे किचन में आ गया और मुझे पीछे से अपनी बाँहों में जकड लिया. उसक लंड हमेशा कि तरह मेरे चूतरो से रगड़ खा रहा था. उसने मेरी गर्दन पर अपने ओठ रख दिए और मुझे वह चुम्बन देने लगा, उसके हाथ मेरे नीचे कि तरफ चलने अलगे और उसने मेरी दोनों चूंचियो को अपने दोनों हाथो में लेकर दबाने लगा. उसकी इस हरकत से मेरे मुँह से,’उम्म्म्म’. निकल गयी. मैंने कापती हुई आवाज में कहा, ‘थोडा इंतज़ार करो’.

उसने फुसफुसाते हुए मेरे कान में कहा,’बहुत इंतज़ार किया है मैंने’.

और मेरे कान को चूमने और चूसने लगा. उसकी गर्म साँसे मेरे कान में जारही थी और उस मादकता मै हिलोरे लेने लगी. मुझसे अब रहा नहीं गया और मै घूम गयी और उसकी गर्दन को अपनी बाँहों मै ले लिया और अपने ओठ उसके ओठों पर रख दिए. हमारे ओठ जैसे ही मिले हम दोनों एक दुसरे के ओठ पागलो कि तरह चूमने लगे.

मुझे उसके चूमने के तरीके से साफ लग गया कि यह पहली बार किसी को चूम रहा है , तब मैंने एकाधिकार से अपने ओठो से उसके ऊपर के ओठ को दबा लिया और उसको चूसने लगी

. मैंने अपनी जीभ उसके मुँह मै डाल दी और उसको देर तक चूमती रही.थोड़ी देर बाद उसके हाथ मेरे चूतरो पर रेंगने लगे और उसने उन्हें अपनी तरफ दबाते हुए मुझे अपने से चिपका लिया, उसका लंड मेरी झांघों पर रगड़ रहा था और मुझे अपनी चूत गीली होती हुयी महसूस होने लगी.

मैंने अपने आपको उसकी बाँहों से आज़ाद किया और उसे अपने पीछे बेडरूम आने को इशारा किया, वोह मेरे पीछे चल दिया और बेडरूम के अंदर जाने से पहले ही उसने अपनी टी शर्ट उतार दी. मै बिस्तर पर जाकर गिर गयी और उसकी तरफ देखने लगी, वो २० साल का बांका छोरा अपनी नंगी छाती लिए मेरे बेड के पास आरहा था.

उसकी शारीर कसा हुआ और कसरती लग रहा था. जब वोह मेरे पास आया तब मैंने उसके कैसे बदन को अपनी बाँहों मै ले लिया और हम दोनों एक दुसरे को चूमने लगे. उसने मेरी साडी का पल्लू मेरे सीने से हटा दिया और मेरी क्लीवेज को चूमने लगा. वोह बौरा रहा था,

वह कभी मेरी क्लीवेज को चूमता कभी मेरी नंगी बाँहों को चूमता और मै उसकी छाती और उसके निपल्स को चूमने लगी.जब वह मेरे ब्लाउस को खोलने कि कोशिश करने लगा तब मै उससे अलग हुई और मैंने ब्लाउस और ब्रा उतार कर किनारे रख दी. अब मै बिलकुल ऊपर से नंगी थी.

मेरी नंगी चूचियों को देखते ही उसने उनको अपने हाथो मे ले लिया और अपना मुँह उनपर लगा दिया.वोह मेरी चूंचियों को कसके चूसने लगा और मेरे मुँह से सिर्फ ‘उह! ओह!’ कि आवाज़ निकल रही थी. वह मेरी चूंचियां चूस रहा था और मै अपने हाथ से उसके चेहरे को सेहला रही थी. वोह मेरे पति से बिलकुल अलग तरह से उनको चूस रहा था.

मेरे पति मेरी चूंचियों को खूब सहलाते थे और फिर आइस क्रीम कोन कि तरह उसे चूसते थे , लेकिन यह जवान बांका लड़का उनको आइस क्रीम कि तरह खा रहा था. उसके अंदाज़ मे उतवलापन के साथ वहशीपन भी था जो मुझे और रोमांचित और उतेजित कर रहा था.

उसके बाद वोह मेरी चूचियों से हट गया और अपनी पैंट और अंडरवियर उतारने लगा. जैसे ही उसने अपने सहरी से कपडे हत्ये और नंगा खड़ा हुआ मेरी तो सांस रुक गयी! क्या मंजर था! मुझे बिलकुल ग्रीक गॉड लग रहा था. मेरे सामने एक छर छरे बदन का मालिक वह लड़का नंगा खड़ा था, उसका फ़ुफ़कारते हुआ टेढ़ा सा लंड उतेजना से अपने आप हिल रहा था.

उसके शारीर मे बिलकुल ही बल नहीं थे बिलकुल मेरे पति के विपरीत जिनके शारीर पर काफी बाल थे. मैंने गौर किया उसके लंड का सुपाड़ा खुला हुआ था, बिलकुल चिकना सा लाल सा. मैं ेउसको नंगा देख अपनी साडी और पेटीकोट उतार दी और बिस्तर पर नंगी लेट गयी और उसको अपने बगल मे लेटने को कहा. आप ये कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है।

उसके लेटते ही मै उसकी तरफ घूम गयी और उसके जवान टनटनाएँ लंड को अपने हाथ मे ले लिया और उसको अपने हाथो से सहलाने लगी. उफ्फ्फ उसके लंड को अपनी हथेली मे पाकर बिलकुल ही बेसुध हो गयी. जिसका लंड मै अपने हाथो मे खिला रही थी मै उसका नाम भी अभी तक नहीं जानती थी. मैंने उसको चूमा और पुछा,

‘तुम्हारा नाम क्या है?

‘उसने मेरे हाथो मे अपने लंड को धक्का मरते हुए कहा, ‘आर्यन. आपका?’

मैंने कहा, मै वंदना हूँ’.

उसने मुझे सहलाते हुए कहा, ‘ अच्छा नाम है वंदना आँटी!’ और खिलखिला कर हॅसने लगा.

.मैंने उसकी छाती पर एक चपत लगायी और बोली, ‘ तुम मुझे आँटी क्यों कह रहे हो?’

यह सुन कर उसने मुझे कस के जकड लिया और कहा, ‘ मुझे औंटी कहना अच्छा लगता है, मेरी सेक्सी आंटी! मुझे आपको चोदना है!’

उसकी बात सुनकर मै शर्मा गयी. अब मैंने उसको बिस्तर पर गिरा दिया और उस पर चढ़ गयी. उसके थरथराते हुये लंड को पकड़ा और अपनी चूत पर लगा दिया. उसके दमकते हुये सुपाड़े ने मेरी चूत को छुआ और मुझे उस लंड का एहसास अपने पति के लंड से बिलकुल जुदा और प्यारा लगा.

मै लंड पर चढ़ गयी और वोह सटाक से मेरी गीली चूत में घुस गया. मै धक्का माँरने लगी और खुद ही उसको चोदने लगी. बिना कंडोम के नंगा लंड मेरे अंदर पूरा समां गया और मेरे मुँह से सिसकारी निकल रही थी. उसके लंड मुझे अंदर तक मेरी चूत में समा गया था और मेरी चूत ने उस जवान लंड को जकड लिया था.

मै धक्के मार रही थी और अभी पूरी तरह चुदाई का मज़ा भी नहीं लिया था कि वोह झड़ गया. उसने मेरी चूत में अपना पानी फेक दिया. मुझे बहुत खीज हुयी और वोह भी ‘शिट शिट’ कहने लगा. हम दोनों हाफ रहे थे. उसका लंड सिकुड़ के मेरी चूत से बहार निकल आया और वोह मेरे नीचे से निकल के बाथरूम चला गया. मै बिस्तर पर ही पड़ी रही और उसका गरम पानी मेरी चूत से बहता हुआ मेरी जांघो पर आ गया.

थोड़ी देर में आर्यन बाथरूम से निकल के आया और झेंपता हुआ सौरी कहने लगा. मैंने उसको मुस्कराते हुए देखा और इशारे से उसको मेरे पास आने को कहा. उसका कड़ा तना हुआ लंड अब सिकुड़ के बिलकुल चूहा बना हुआ था. वो मेरे पास आ कर लेट गया और मैंने उसको बाँहों में ले कर पुछा, ‘क्यों, कुछ ज्यादा ही उतेजित हो गये थे?’

उसने शर्मायी आँखों से कहा, ‘मेरा पहली बार था न और मुझे यह भी मालूम है कि आँटी लोगो को संभालना असान नहीं होता’

उसके यह कहने पर मै हॅस दी और वह भी हॅसने लगा. मैंने फिर गर्म होने लगी थी. मै जानती थी कि समय कम है और इसके लंड को दोबारा खड़ा होने में थोडा वक्त लगेगा, इसलिए मैंने उससे कहा कि मेरी चूत में ऊँगली डाले.

उसने मेरे कहने पर पहले मेरी चूत को अपनी हथेली से ढ़ाप कर उसको सहलाने लगा और फिर मेरी चूत में उंगली डाल कर अंदर बाहर करने लगा. उसकी ऊँगली जब मेरी चूत में अंदर बाहर हो रही थी, तब मेरी आँखे आनंद में चढ़ने लगी और वोह मुझे देख कर समझ गया था कि उसकी ऊँगली मुझे मजा दे रही है.

उसने अपना मुँह नीचे कर अपने ओठो को मेरी चूंचियों पर रखा और उन्हें चूसने लगा था. मुझे अच्छा तो लग रहा था लेकिन मै अभी पूरी तरह उतेजित नहीं हो पायी थी. मैंने उसको हुकम देने के अंदाज़ में कहा, ‘मेरी चूत को चाटो’.

जल्दी झड़ने के कारण वोह पहले से ही हिला हुआ था और अब तो वोह सिर्फ मेरे हुक्म का गुलाम था. उसने नीचे आ कर मेरी चूत पर अपना मुँह रख दिया और नौसिखिये ऐसा मेरी चूत को चूसने लगा. मैंने उसके सर पर हाथ रख कर उसको अपनी क्लिट तरफ इशारा किया. उसकी जीभ जब मेरी क्लिट लगी तो मेरे अन्दर एक गुदगुदी सी दौड़ गयी थी और मैंने कहा, ‘उसको कायदे से चाटो’.

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