मौसी की बेटी सेक्सी माल

मौसी की बेटी सेक्सी माल

एक दिन में और मेरी बहेन मेरी मोसी के यहाँ शादी में गए हुए थे मोसी की तीसरे नंबर की बेटी की शादी हो रही थी. अरे दोस्तों में तो अपना परिचय देना ही भूल गया चलो में अपने बारे में आप को बता दू.. मेरा नाम सतीश हे और में मुंबई में रहता हूँ मेरी एक छोटी बहेन हे सुरेखा मेरे माता पिता को गुजरे हुए ५ साल हो गए तब से मे ही घर की देख रेख रखता हूँ घर में में और मेरी बहेन हे. मैं चुदाई का बड़ा रसिया हूँ. मुझे लडकियों के बूब्स चूसना और चूत को चाटना बड़ा पसंद हैं. आज मैं आप को एक सेक्सी बूब्स वाली लड़की की कहानी बता रहा हूँ जो वैसे तो रिश्ते में मेरी मौसी की बेटी ही हैं.

मेरी मोसी गाऊ में रहती हे उसको ४ बेटियाँ और एक बेटा हे दो बेटियों की शादी हो चुकी हे और हम तीसरी की शादी में गए हुए थे और मोसी का लड़का जो अभी बहोत छोटा था जिसकी उम्र थी १० साल .

चलो दोस्तों अब में अपनी कहानी पे आता हूँ में और मेरी बहेन जब मोसी के यहाँ शादी में एक हफ्ता पहले गए थे यानी की शादी तो अभी ८ दिन बाद होनी थी.लेकिन मोसी की जिद की वजह से हमें जल्दी आना पड़ा. मोसी के यहाँ पहोंचते ही सब ने हमारा स्वागत किया लेकिन एक सख्स देर से आया और वो थी मेरी मोसी की सबसे छोटी बेटी आनंदी जो नहाने गयी हुई थी इस लिए वो देर से आई आहा में तो उसे गीले गिले बालो में देख कर देखता ही रह गया.

नहाकर निकली थी तो आनंदी का रूप और भी खिला था वो यु तो सुन्दर थी ही लेकिन नहाकर निकलने ने की वजह से और भी सुन्दर दिख रही थी उसके कपडे भी गले थे उसकी सुन्दरता को और बढ़ावा दे रहे थे. सबकी हाजरी होने की वजह से में चाहकर भी उसे जी भर के देख नहीं सका लेकिन एसा ही मोका मुझे दुसरे दिन मिल गया जब मोसी और घर के सारे लोग पडोसी की बेटी की गोद भराई में गए हुए थे घर में और कोई नहीं था में और आनंदी जो नहा रही थी में तो उसे नहाने जाते देख कर ही कही नहीं गया था और ऊपर से उसे जी भर के देखने का मोका जो मिला था में केसे जाने देता.

घर वाले अभी तो गए ही थे की दो ही मिनट में आनंदी नाहा कर बात रूम से निकली में तो बाथ रूम के सामने ही बता था जेसे वो अन्दर से निकली मेरी और उसकी नजर टकराई बदन में करंट हम दोनों को लगा वो शर्म के मारे नजर ज़ुकाए रूम की और भागी में भी उसके पीछे पीछे गया देखा तो वो आईने के सामने कड़ी थी में उसके पीछे जा खड़ा हुआ और उसके गले बालो को सूंघने लगा. वो सब देख रही थी और मन ही मन मुस्कुरा रही थी.

मेने बातो बातो में उससे पूछ लिया की घर के सारे लोग अब वापस कब आयेंगे तो उसने बताया की शाम हो जायेगी. में तो मन ही मन खुस हो गया क्यों की आनंदी को एसे गिले कपड़ो में देख कर में तो उसे चोदने का मन बना चूका था अब केसे भी करके उसे तैयार करना था बाथरूम से निकलने के बाद की उसकी ये हारकर मुझे शायद उसके करीब जाने की अनुमति दे रही थी जब मेने उसके बालो को सुंघा तब तो वो कुछ नहीं बोली ऊपर से मन ही मन मुस्कुरा रहि थी ये देख कर मेरी हिम्मत और बढ़ गयी और ऊपर से उसने बताया की सब लोगो को आने में शाम हो जाएगी तो मेरे पास पूरा दिन पड़ा था मज़ा लूट ने के लिए.

मेने एक पल खोये बिना उसेके पास जाके उसे कास के पकड़ लिया वो बोलती रही अरे अरे भैया आप ये क्या कर रहे हो…..??कोई देख लेगा तो मुसीबत टूट पड़ेगी ….अभी तो कोई देखने वाला घर में नहीं हे तो क्या मुसीबत आएगी….वो कुछ नहीं बोली तो में समज गया की मदम युही ना…ना… कर रही हे…

मेने उसे और भी दबोचा उसके मुह से आह्ह… निकल गया जो बड़ा सेक्सी था उसके मुह से और आःह्ह्ह.आह्ह्ह…उह्ह्ह्ह ऊउह्ह्ह्ह सुनना चाहता था में ….एसे ही उसे कसते हुए मेने उसके होठो पर किस किया फिर दूसरी बार भी होठो पर किस किया जो लगभग १० मिनट तक किया वो भी जेसे मेरा ही इन्तेजार कर रही हो एसे उसने भी अब मेरा साथ देना सुरु कर दिया.वो मेरे बालो को खिंच रही थी उसकी एसी हरकत से में और भी जोश में आ गया. मेने बिना कपडे उतारे ही उसको ऊपर से चूमने लगा उसके सारे बदन को मेने ऊपर से चूमा और उसके बूब्स को भी बाईट किया.

जब में उसके बूब्स को बाईट कर रहा था तो वो आह्ह्ह ऊउह्ह्ह्ह कर रही थी जो मुझे बहुत अच्छा लग रहा था और मेरे जोश में भी बढावा कर रहा था.

में तो उसे पागलो की तरह चूम रहा था वो भी अपने आप पर काबू नहीं रख पाई और खुद ही सारे कपडे उतार दिए उसको कपडे उतारते देख में भी जल्दी में आगया और फटाफट अपने सारे कपडे उतार दिए अब हम दोनों पुरे नंगे थे.मेने थोड़ी देर तक उसे ताका क्या थी वो दोस्तों कितनी खुबसूरत थी उसके बूब्स भी क्या कमाल के थे में तो देख कर पागल हो गया था और अब वही अमृत मुझे पीना था दोस्तों अंदाजा लगाओ क्या हाल होगा मेरा उस वक्त. वो भी तो मुजी को देख रही थी उसकी नजर तो सिर्फ मेरे ६ इंच के लंड पर थी हम दोनों खड़े खड़े पहले एक दुसरे को देखा और फिर अचानक ही एक दुसरे पर टूट पड़े वो आई और सीधे मेरे लंड को अपने मुह में लेके चूसने लगी और में खड़े खड़े अपना लंड चुसवा रहा था और उसके बूब्स को दबा रहा था एसा ३० मिनट तक चलता रहा.

फिर मेने उसे उठने को कहा वो मेरे सामने यानी की मुझे एक दम से चिपक के कड़ी हो गयी मेरे लंड को अपनी चूत के मुख पे लगाए. और अपने बूब्स को मेरे चेस्ट पे लगाए थे मेने उसे दिवार की तरफ घुमाया और दिवार से चिपका कर उसकी गांड को चाटने लगा फिर उसे चिपककर दिवार और मेरे बिच उसे कई देर तक उसे दबोचता रहा.फिर वो मेरी तरफ मोदी और हम एक दुसरे के बदन को चुमते रहे.एसे में ही वो दो बार तो अपना पानी छोड़ चुकी थी. वो मेरा लंड लेने को बहुत ही उतावली थी थोड़ी देर और मे उसे चूमता रहा तो वो पहले की तरह बेकाबू हो गयी और मेरे लंड को खीच कर अपनी चूत में घुसाने लगी अब में भी तो पुर झोश में था मेने उसकी चूत में अपना लंड घुसा दिया उसकी चूत ना टाइट थी और नाही ढीली थी शायद वो ऊँगली करती होगी. अपनी प्यास बजाने के लिए इसी लिए आज इतनी उतावली हो रही थी में तो अंदर लंड करके थोड़ी देर तक युही खड़ा रहा और फिर अन्दर बहार करके उसे चोदने लगा.

वो भी अपनी गांड हिला कर चोद रही थी बहोत मज़ा आ रहा था क्या बताऊ दोस्तों उस दिन मुझे कितनी खुसी मिली मेरे बदन और मेरे दिमाग को कितनी शांति मिली. कई सालो की भूक मेने आनंदी से मिटाई थी. हम दोनों एक दुसरे को चोद रहे थे वो आःह्ह्ह आह्ह्हह्ह ऊऊह्ह्ह्ह कर रही थी और मेरे मुह से भी ऊऊऊफ़्फ़्फ़ ऊऊउह्ह्ह्ह aaahhhhhh जेसे सेक्सी आवाज निकल रही थी जो हमारे मज़ा को और हमारे झोस को भी दुगना कर रही थी.

एसे ही चोदते चोदते में आनंदी की चूत में ही झड गया. थोड़ी देर तक उसकी चूत में ही लंड को रख कर हम लोग खड़े रहे खड़े कहदे चोदने में क्या मज़ा या था दोस्तों फिर थोड़ी देर बाद हम दोनों ने कपडे पहने और सब ठीक ठाक करके घर वालो के आने के समय तक तो नाहा धोकर रेडी हो गए. अगर आपकी भी कोई सेक्स स्टोरी हो तो हमें जरुर बताना.
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